( वर्तिका श्रीवास्तव )
बुकनू चूरन भी है, मसाला भी है यह पूर्वी उत्तर प्रदेश, विशेष रूप से कानपुर में बहुत लोकप्रिय है। इसे परांठा रोटी के ऊपर बुरक कर, चाट के ऊपर बुरक कर या मसाले की तरह दाल सब्जी में टेस्ट बढाने के लिये डाल कर खा सकते है। इसे बनाने के लिये किचन में प्रयोग करने वाले मसालों के साथ कुछ आयुर्वेदिक इन्ग्रेडियेन्ट्स भी हैं जो हमारे पाचन को सही बनाये रखती है।
बुकनू मसाला बनाने की आवश्यक सामग्री -
| क्रम संख्या | नाम आवश्यक सामग्री | सामग्री मात्रा |
|---|---|---|
| 01 | सादा नमक | 250 ग्राम |
| 02 | काला नमक | 125 ग्राम |
| 03 | सेंधा नमक (लाहोरी व्रतका नमक ) | 50 ग्राम |
| 04 | मसाला नमक | 50 ग्राम |
| 05 | समुंद्री नमक | 50 ग्राम |
| 06 | हल्दी | 75 ग्राम |
| 07 | बड़ी हर्र | 50 ग्राम |
| 08 | छोटी हर्र | 50 ग्राम |
| 09 | बहेड़ा | 50 ग्राम |
| 10 | सूखा आंवला | 50 ग्राम |
| 11 | जीरा | 25 ग्राम |
| 12 | अजवायन | 25 ग्राम |
| 13 | सौफ | 25 ग्राम |
| 14 | काली मिर्च | 25 ग्राम |
| 15 | सोंठ | 25 ग्राम |
| 16 | पीपर | 20 ग्राम |
| 17 | बायविरंग | 20 ग्राम |
| 18 | मरोड़ फली | 20 ग्राम |
| 19 | छोटी इलाइची | 10 ग्राम |
| 20 | खाने वाला नौसादर | 10 ग्राम |
| 21 | अच्छी वैराइटी की हींग | 5 ग्राम |
| 22 | सरसों का तेल | 100 ग्राम |
बुकनू मसाला बनाने बनाने की विधि -
सबसे पहले आप दिए गए सभी मसालो को अच्छे से साफ कर ले।
इनमे से आप कुछ मसाले तल लीजिये - बड़ी हर्र, सोंठ, हल्दी, छोटी हर्र और बहेड़े
सरसों के तेल को कढ़ाई में डालकर हल्का गरम कर लीजिये। बड़ी हर्र को गरम तेल में डालिये और धीमी आग पर 2-3 मिनिट तक तल कर निकाल कर किसी प्लेट में रखस् लीजिये.सोंठ को गरम तेल में डालिये और धींमी आग पर 2-3 मिनिट कलर बदलने तक भून कर इसे भी उसी प्लेट में निकाल लीजिये। हल्दी को गरम तेल में डालिये और इन्हैं भी 2-3 मिनिट धीमी आग पर कलर बदलने तक तल कर उसी प्लेट में निकाल लीजिये। छोटी हर्र को गरम तेल में डालिये और 1 मिनिट तक धीमी आग पर तल कर उसी प्लेट में निकाल लीजिये। अब बहेड़ा तेल में डालिये और 2-3 मिनिट तक धीमी आग पर तल कर उसी प्लेट में निकाल कर रख लीजिये।
इनमे से आप कुछ मसाले सूखे भून लीजिये - सूखे आंवले, मरोड़ फली, बायविरंग, बड़ी इलाइची, पीपर, जीरा, अजवायन, सोंफ और हींग ।
भारी तले का पैन गरम कर लीजिये, सूखे आंवले को पैन में डालिये और धीमी गैस पर 2-3 मिनिट तक चलाते हुये भून लीजिये, इन्हैं दूसरी प्लेट में निकाल लीजिये। अब पैन में मरोड़ फली डालिये और चलाते हुये धीमी गैस पर भून लीजिये, और इसी प्लेट में निकाल लीजिये। अब पैन में बायविरंग डालिये और धीमी गैस पर 2 मिनिट भून लीजिये, और इसी प्लेट में निकाल लीजिये। अब बड़ी इलाइची और पीपर पैन में डालिये और लगातार चलाते हुये 2 मिनिट तक भून कर इसी प्लेट में निकाल लीजिये। अब पैन में जीरा, सोंफ और अजवायन डालिये और 1 मिनिट धीमी आग पर भून लीजिये, हींग भी इसी में डालकर और 1 मिनिट भून लीजिये, और इसी प्लेट में निकाल लीजिये।
बचे हुये मसाले बिना भूने ही मिलाने हैं- सादा नमक, काला नमक, मसाला नमक ,समुंद्री नमक ,सेंधा नमक, छोटी इलाइची, खाने वाला नौसादर और छोटी इलाइची।
बड़े मसाले खल्लड़ से कूट कर थोड़ा छोटा कर लीजिये, ताकि वे मिक्सर से आसानी से पीसे जा सके. बड़ी हर्र, हल्दी और सोंठ को टुकड़ो में तोड़ लीजिये। बहेड़े को तोड़कर उसकी गुठली हटा दीजिये। कुटे मसाले जार में डालिये और साथ में आधा सादा नमक डालिये और मसाले को बारीक पीस लीजिये। पिसे मसाले किसी बड़े बर्तन में निकाल लीजिये। अब रोस्टेड मसाले लीजिये और नमक मिलाकर बारीक पीस लीजिये और इन्हैं भी उसी प्याले में निकाल लीजिये, बिना भुने मसाले भी नमक के साथ में बारीक पीस लीजिये और इसी प्याले में निकाल लीजिये और सारे पिसे मसाले अच्छी तरह मिला लीजिये । अब आप मसाले को मोटी छलनी में छानिये, और छलनी के ऊपर अधिक मोटे बचे मसाले फिर से पीस कर बारीक करके मिक्स कर दीजिये। लीजिये बुकनू तैयार है. तैयार बुकनू को एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रख लीजिये और 6 माह तक खाते रहिये।
आवश्यक सुझाव-
अलग अलग लोग बुकनू को अलग अलग तरीके और इन्ग्रीडियेन्टस से बनाते हैं, कुछ लोग अधिक मसाले डालते हैं और कुछ लोग कम मसाले डालकर बुकनू बनाते है। आप बुकनू बना रहे हैं और अगर कोई इन्ग्रीडियेन्ट न मिले तो उसके बिन ही बुकनू बना सकते हैं। यदि आप बुकनू मसाला बनाने के लिए दिए गये तकनीकों को सीखते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी करें, या दूसरों की मदद करने के लिए इस लेख को साझा करें।

