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मुंहासों के लिए एलोवेरा के फायदे और इस्तेमाल का तरीका

 
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एलोवेरा के एक नहीं, बल्कि कई आयुर्वेदिक गुण हैं। यही वजह है कि इसका इस्तेमाल सौंदर्य उत्पाद जैसे क्रीम, फेसवॉश व शैंपू आदि में किया जाता है। रंग साफ करने और मुंहासों के लिए एलोवेरा गुणकारी प्राकृतिक उपचार होता है। चेहरे, बाल और सेहत के लिए भी एलोवेरा गुणकारी होता है। इसका नियमित रूप से इस्तेमाल करने से चेहरे के मुंहासों और काले धब्बों को जड़ से खत्म करने में मदद मिलती है और त्वचा बेदाग व खूबसूरत होती है।

इसे त्वचा के कटने, छिलने या जलने पर भी लगाया जा सकता है। इसमें मौजूद जेल का इस्तेमाल अर्थराइटिस जैसी समस्याओं से राहत दिलवाने के लिए भी किया जा सकता है ।  इस लेख में हम जानेंगे कि पिम्पल के लिए एलोवेरा किस तरह रामबाण इलाज है।

क्या एलोवेरा कील-मुंहासे दूर करने में मददगार है? विज्ञान क्या कहता है?
  • पिम्पल के लिए एलोवेरा को आज से नहीं, बल्कि वर्षों से औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। एलोवेरा को सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों, जैसे – चीन, इजिप्ट, ग्रीस व जापान में प्राकृतिक उपचार के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। आइए, जानते हैं कि मुंहासों के लिए एलोवेरा के फायदे क्या-क्या हैं और ये कैसे काम करता है।
  • एलोवेरा में विटामिन-ए होता है जो एंटी-ऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। एंटी-ऑक्सीडेंट शरीर से फ्री-रेडिकल्स को खत्म करने का काम करता है। इस प्रकार पिम्पल्स के लिए एलोवेरा मददगार साबित हो सकता है ।
  • पिम्पल्स के लिए एलोवेरा की बात की जाए, तो इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करते हैं और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मुंहासों से होने वाले सूजन व जलन से राहत दिलाते हैं।
  • मुहासों का एक कारण कब्ज भी हो सकता है। एलोवेरा का सेवन शरीर को डिटॉक्सिफाई करके पेट को साफ रखने में मदद करता है। साथ ही यह खून की भी साफ करता है ।
  • एलोवेरा में एंटीऑक्सीडेंट गुण होता है, जिस कारण से एलोवेरा त्वचा को सूरज की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाता है ।
  • एलोवेरा त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाकर नई परत बनाने में मदद करता है। इस गुण के कारण पिम्पल्स के लिए एलोवेरा आपके पुराने मुंहासों के दाग से छुटकारा पाने में सहायक हो सकता है।
  • आगे हम जानेंगे कि आप मुंहासों के लिए एलोवेरा का उपयोग किस-किस तरह से कर सकते हैं।
मुंहासों के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल कैसे करें –
मुंहासों के लिए एलोवेरा का उपयोग कई तरह से किया जा सकता है। आप इसे सीधे अपनी त्वचा पर लगा सकते हैं और इसका पैक भी बना सकते हैं। अलग-अलग प्रकार की स्किन और पिम्पल के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल भी अलग-अलग तरह से होता है। यहां हम बाजार में मिलने वाले एलोवरा जेल या क्रीम की बात नहीं कर रहे, बल्कि प्राकृतिक एलोवेरा के पत्ते की बात कर रहे हैं। नीचे दिए गए विभिन्न तरीकों से आप पिम्पल्स के लिए एलोवेरा को उपयोग में ला सकते हैं।

1. मुंहासों के लिए एलोवेरा
सामग्री:
  • 1 चम्मच एलोवेरा का जेल
विधि:
  • एलोवेरा के पत्ते को बीच में से काट कर, चम्मच की मदद से उसका जेल निकाल लें।
  • अब जेल को चेहरे पर प्रभावित जगह पर लगाएं।
  • इसे रात भर लगा रहने दें।
  • सुबह अपने चेहरे को ठंडे पानी से धो लें।
  • इसे प्रतिदिन करने से जल्द ही मुंहासों से छुटकारा मिल सकता है ।
2. एलोवेरा, शहद और दालचीनी
सामग्री:
  • 2 चम्मच एलोवेरा जेल
  • 4 चम्मच शहद
  • आधा चम्मच दालचीनी पाउडर (आवश्यकतानुसार)
विधि:
  • सारी सामग्रियों को एक बाउल में डालकर अच्छी तरह मिला लें।
  • अच्छी तरह मिल जाने पर आप इसे अपने पूरे चेहरे पर या सिर्फ प्रभावित जगह पर लगा सकते हैं।
  • इसे 5-10 मिनट तक अपने चेहरे पर लगा रहने दें।
  • सूख जाने के बाद इसे ठंडे पानी से धो लें और सूखे तौलिये से थपथपा कर पोंछ लें।
नोट: दालचीनी पाउडर से जलन हो सकती है, तो इसे अपनी त्वचा की सहनशीलता के अनुसार ही मिलाएं। अगर इस पैक से हल्की-सी भी जलन हो, तो तुरंत धो लें। साथ ही इसे लगाने से पहले आप पैच टेस्ट भी कर सकते हैं।

3. एलोवेरा जेल और नींबू
सामग्री:
  • 2 चम्मच एलोवेरा जेल
  • एक चौथाई चम्मच नींबू का रस
विधि:
  • एक बाउल में एलोवेरा जेल और नींबू के रस को अच्छी तरह से मिला लें।
  • इसे प्रभावित जगह पर लगा कर 5-10 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • सूख जाने पर ठंडे पानी से धो लें ।
  • 4. एलोवेरा जेल और टी ट्री ऑयल :
सामग्री:
  • 2 चम्मच एलोवेरा जेल
  • 2-3 बूंदें टी-ट्री ऑइल
  • 1 चम्मच साफ पानी
विधि:
  • एक बाउल में एलोवेरा जेल, टी-ट्री ऑयल और साफ पानी मिलाकर उसका मिश्रण तैयार कर लें।
  • इस मिश्रण को 1 मिनट (उससे ज्यादा नहीं) के लिए चेहरे पर लगाए और फिर धो लें।
  • इसे प्रतिदिन दोहराएं ।
5. एलोवेरा स्प्रे या फेस मिस्ट
सामग्री:
  • डेढ़ कप साफ पानी
  • 1 चम्मच एलोवेरा जेल
  • किसी भी एसेंशियल ऑयल की 2 बूंदें
विधि:
  • 1 स्प्रे बोतल में एलोवेरा जेल और साफ पानी का मिश्रण तैयार कर लें।
  • चाहें तो इसमें एसेंशियल ऑयल की 2 बूंदें मिला लें।
  • फिर बोतल को हिलाकर इस मिश्रण को अच्छी तरह मिक्स कर लें।
  • इस मिश्रण को दिन में 3-4 बार अपने चेहरे या प्रभावित स्थान पर लगाएं।
  • याद रखें कि इस्तेमाल से पहले बोतल को जरूर हिलाएं।
  • ध्यान रहे कि इसे छिड़कते समय अपनी आंखें बंद रखें 
6. एलोवेरा, शक्कर और ऑयल स्क्रब
सामग्री:
  • आधा कप जोजोबा तेल
  • आधा कप दरदरी पिसी हुई शक्कर
  • एक चौथाई कप एलोवेरा जेल
विधि:
  • एक बाउल में जोजोबा ऑयल और शक्कर को अच्छी तरह मिला लें।
  • अब इसमें एलोवेरा जेल को मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें।
  • इस स्क्रब को अपनी हथेली में लेकर पूरे चेहरे पर या प्रभावित स्थान पर लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें।
  • फिर कुछ देर बाद ठंडे पानी से धो कर, सूखे तौलिये से थपथपा कर पोंछ लें।
नोट: पिम्पल पर कभी स्क्रब न करें। इससे वो फूट सकते हैं और उनके दाग पड़ सकते हैं।

7. एलोवेरा और सेब का सिरका
सामग्री:
  • 1 चम्मच एलोवेरा जेल
  • डेढ़ चम्मच सेब का सिरका
  • डेढ़ चम्मच साफ पानी
1 कॉटन बॉल
विधि:
  • एक बाउल में सेब का सिरका और साफ पानी मिला लें।
  • फिर इसमें एलोवेरा जेल मिला लें।
  • अब इस मिश्रण को कॉटन बॉल की मदद से प्रभावित जगह पर लगा कर 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • आखिर में ठंडे पानी से धोकर, साफ तौलिये से पोंछ लें।
नोट : सेब के सिरके में लैक्टिक एसिड मौजूद होता है, जो मुंहासों को दूर करने में मदद करता है ।

8. एलोवेरा और बेबी ऑयल
सामग्री:
  • 1 चम्मच एलोवेरा जेल
  • 2-3 बूंदें बेबी ऑयल
विधि:
  • एक बाउल में एलोवेरा जेल और बेबी ऑयल मिला लें।
  • इससे अपने चेहरे पर या सिर्फ प्रभावित जगह पर लगाकर हल्के-हल्के हाथों से मसाज करें।
  • फिर एक घंटे के बाद गुनगुने पानी से धो लें ।
9. एलोवेरा और गुलाब जल
सामग्री:
  • 1 चम्मच गुलाब जल
  • 2 चम्मच एलोवेरा जेल
  • आधा खीरा (कद्दूकस किया हुआ)
विधि:
  • गुलाब जल, खीरा और एलोवेरा जेल को एक बाउल में मिला लें।
  • इस मिश्रण को अपने हाथों से चेहरे पर लगाएं।
  • सूख जाने पर गुनगुन पानी से धोएं और फिर सूखे तौलिये से थपथपा कर पोंछ लें ।
कील-मुंहासे में एलोवेरा लगाने के कुछ दुष्प्रभाव
वैसे तो एलोवेरा के कोई दुष्प्रभाव नहीं है और मुंहासों के लिए एलोवेरा सबसे बेहतरीन आयुर्वेदिक औषधि है, लेकिन फिर भी सावधानी बरतना जरूरी है।
  • अगर आपने पहले कभी एलोवेरा का उपयोग नहीं किया है, तो इसे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट कर लें। आप थोड़े-से एलोवेरा जेल को हाथ पर लगा लें। अगर जलन या खुजली हो, तो इसका इस्तेमाल न करें।
  • वहीं, अगर आप इस लेख में बताए गए घरेलू उपचार का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो ध्यान दें कि इनमें इस्तेमाल होने वाली किसी सामग्री से आपको एलर्जी तो नहीं होती। अगर होती है, उसका इस्तेमाल न करें।
  • अगर आप एलोवेरा का सेवन करना चाहते हैं, तो पहले डॉक्टर से पूछ लें। संभव है कि किसी को इसका सेवन करने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं ।
एलोवेरा को लगाकर धूप में निकलने से पिम्पल के लिए एलोवेरा का उल्टा असर हो सकता है। साथ ही आपका रंग भी गहरा हो सकता है।

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कील-मुंहासों के दाग से छुटकारा पाने के उपाय

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कोई युवती नहीं चाहती कि उसके चेहरे पर कील-मुंहासे नजर आएं। पिंपल न केवल दर्दनाक होते हैं, बल्कि पिंपल्स के दाग पर वक्त रहते ध्यान नहीं दिया जाए, तो ये उम्र भर चेहरे पर बने रहते हैं। पिंपल किसी भी तरह की त्वचा पर हो सकतें हैं, लेकिन ऑयली यानी तैलीय त्वचा वाले लोगों को इसकी परेशानी सबसे ज्यादा होती है। ऐसे में पिंपल्स के दाग होने की आशंका भी बढ़ जाती है। इस लेख में हम इसे मुद्दे पर चर्चा करेंगे और बताएंगे कि किसी तरह से कील-मुंहासों के दाग से छुटकारा पाया जा सकता है

कील-मुंहासों के दाग होने के कारण –
यहां हम इसी बारे में आपको थोड़ी जानकारी दे रहे हैं। मुंहासे दो प्रकार के होते हैं – नॉन-इंफ्लेमेटरी और इंफ्लेमेटरी।

वाइटहेड और ब्लैकहेड नॉन-इंफ्लेमेटरी मुंहासे होते हैं, वहीं इंफ्लेमेटरी में पैप्युल्स, पस्ट्यूल, नोड्यूल और सिस्ट जैसे मुंहासे आते हैं। इनमें से इंफ्लेमेटरी यानी सूजन वाले मुहांसों से दाग होने का डर होता है। सूजन वाले मुंहासे तब होते हैं, जब आपकी त्वचा के रोम छिद्र अत्यधिक तेल, मृत कोशिकाओं और गंदगी से बंद होने लगते हैं। इससे त्वचा के रोम छिद्र सूजने लगते हैं। यही कारण होता है, जब फॉलिकल वॉल फैलकर टूट जाती है और छिद्रों में सूजन का कारण बनती है।

अगर यह क्षति आपकी त्वचा की सतह के करीब होती है, तो यह जल्दी ठीक हो जाती है, लेकिन अगर यही घाव गहरा हुआ, तो अधिक गंभीर हो सकता है। इस कारण संक्रमण होकर यह डर्मिस (त्वचा की दूसरी सतह) तक पहुंच सकता है और त्वचा की स्वस्थ कोशिकाओं को क्षति पहुंचा सकता है।

मुंहासों के दाग के प्रकार –
अब वक्त है मुंहासों के दाग के प्रकार जानने का। अगर आपको अपने पिंपल्स के दाग हटाने हैं, तो उसके प्रकार जानना भी जरूरी है। मुंहासे के दाग कई प्रकार के होते हैं, जिनमें से कुछ के नाम हम नीचे आपको बता रहे हैं।

आइस-पिक स्कार्स – यह छोटे, गहरे और गाढ़े या धब्बेदार निशान होते हैं।

रोलिंग स्कार्स – यह दाग गड्ढे जैसे होते हैं।

बॉक्सकार स्कार्स – यह सूजन वाले मुंहासों के बाद होते हैं। ये छोटे होते हैं, लेकिन दिखने में ऐसे लगते हैं, जैसे आपकी त्वचा पर किसी ने नाखून गढ़ा दिए हों।

एट्रोफिक स्कार्स – यह बहुत सामान्य है। यह दाग समतल, पतले और गड्डे वाले होते हैं। यह निशान ज्यादातर गंभीर मुंहासे या चिकनपॉक्स के बाद हो सकते हैं।

हाइपरट्रोफिक स्कार्स – यह त्वचा की सतह से निकलता है और गांठ जैसा मोटा होता है।
मुंहासे के दाग के प्रकार जानने के बाद अब बारी है मुंहासे के दाग हटाने के उपाय के बारे में जानने की। नीचे हम कुछ घरेलू उपाय आपको बता रहे हैं, जिसे अपनाकर आप काफी हद तक पिंपल्स के दाग से छुटकारा पा सकते हैं।

पिंपल्स के दाग को मिटाने के घरेलू उपाय – 
अब जब कील-मुंहासों के बारे में इतना कुछ आप जान ही गए हैं, तो अब सवाल उठता है कि पिंपल के दाग कैसे मिटाएं? इसके लिए हम यहां कुछ घरेलू उपायों के बारे में बता रहे हैं। एक बात का ध्यान रखें कि ये घरेलू इलाज मुंहासों के दाग की गहराई और गंभीरता पर निर्भर करते हैं। अगर दाग गंभीर, पुराने और गहरे हैं, तो उन्हें हटाने के लिए किसी विशेषज्ञ की सलाह की जरूरत होगी।

1. संतरे के छिल्के का पाउडर
सामग्री
  • एक चम्मच संतरे के छिल्के का पाउडर (आप चाहें तो संतरे के छिल्कों को धूप में सुखाकर उसका पाउडर बना सकते हैं या बाजार से भी खरीद सकते हैं )
  • एक चम्मच शहद
बनाने और लगाने की विधि
  • एक कटोरी में संतरे के छिल्के का पाउडर और शहद मिलाकर पेस्ट बना लें।
  • अब इस पेस्ट को पिंपल के दाग पर लगाएं।
  • इसे लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें फिर पानी से धो लें।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • आप इसे हर एक दिन छोड़कर लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
संतरे की तरह ही संतरे के छिल्के में भी कई गुण होते हैं। संतरे के छिल्के में रंग को हल्का करने के गुण होते हैं, जिस कारण यह मुंहासों के दाग और पिगमेंटेशन को कम कर सकता है ।

2. नारियल तेल
सामग्री
  • एक चम्मच नारियल तेल
उपयोग करने की विधि
  • एक चम्मच नारियल तेल को अपने हथेलियों पर लगा लें।
  • अब इस तेल को अपने चेहरे पर लगाएं, खासकर मुंहासों के कारण हुए दाग पर।
  • इसे रात को लगाएं और रातभर लगा रहने दें।
  • फिर अगली सुबह पानी से धो लें।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • आप इसे हर रोज लगा सकते हैं या फिर हर एक दिन छोड़कर।
कैसे फायदेमंद है?
जब बात त्वचा की हो तो नारियल तेल के कई फायदे हैं। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन-ई होता है, जो आपकी त्वचा में स्वस्थ टिश्यू को बनने में मदद करता है। साथ ही त्वचा में एक नई जान डालकर उसे निखारता है। नारियल तेल के एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-मायक्रोबियल गुण नए कील-मुंहासों से भी त्वचा को क्षति पहुंचाने से बचाते हैं । हालांकि, कुछ लोगों को इसे लगाने से व्हाइट हेड हो सकते हैं, क्योंकि यह आपके छिद्रों को बंद कर सकता है। इसलिए, बेहतर होगा कि आप पहले पैच टेस्ट या त्वचा के थोड़े से हिस्से में लगाकर एक बार परीक्षण कर लें कि आपकी त्वचा में इससे कोई एलर्जी या रिएक्शन तो नहीं हो रहा है।

3. बेसन
सामग्री
  • एक चम्मच बेसन
  • गुलाब जल या नींबू का रस (आवश्यकतानुसार)
बनाने और लगाने की विधि
  • एक चम्मच या अपनी आवश्यकतानुसार बेसन लें और उसमें गुलाब जल मिलाकर थोड़ा गाढ़ा पेस्ट बना लें।
  • अब इस पेस्ट को अपने चेहरे, गर्दन और मुंहासे के दाग पर लगाएं।
  • फिर इसे थोड़ी देर सूखने दें और जब सूख जाए, तो पानी से धो लें।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं
  • आप इसे एक दिन छोड़कर लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए बेसन का वर्षों से उपयोग किया जाता आ रहा है। बेसन त्वचा की परेशानियों जैसे मुंहासे और मुंहासे के दाग को कम करने का एक अच्छा उपाय है। इसमें मौजूद, एक्सफोलिएटिंग (मृत त्वचा को हटाना) और रंगत को निखारने के गुण त्वचा के दाग-धब्बों को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

4. टी ट्री ऑइल
सामग्री
  • तीन से चार बूंद टी ट्री ऑइल
  • एक चम्मच नारियल तेल
बनाने और लगाने की विधि
  • नारियल तेल में तीन से चार बूंद टी ट्री ऑइल मिलाएं।
  • तेल के इस मिश्रण को दाग पर रातभर लगा रहने दें या फिर सुबह नहाने से एक या दो घंटे पहले लगाएं।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • आप इसे हर रोज लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
टी ट्री ऑइल कील-मुंहासों वाली त्वचा के लिए फायदेमंद है। यह न सिर्फ मुंहासों को कम करता है, बल्कि इसमें मौजूद एंटी-मायक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण दाग को भी कम कर सकते हैं । यह बिल्कुल बेंजॉल पेरोक्साइड की तरह काम करता है, लेकिन इसका असर होने में थोड़ा वक्त लगता है।

5. सेब का सिरका
सामग्री
  • एक चम्मच सेब का सिरका
  • दो चम्मच शहद
  • पानी
बनाने और लगाने की विधि
  • एक चम्मच सेब के सिरके को दो चम्मच शहद के साथ मिलाएं।
  • इस मिश्रण में थोड़ा पानी मिला लें, ताकि ये अच्छे से घुल जाए।
  • अब इस मिश्रण को रूई की मदद से अपने चेहरे और मुंहासे के दाग पर लगाएं।
  • उसके बाद 10 से 15 मिनट के लिए इसे लगा रहने दें और फिर बाद में पानी से धो लें।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • आप इसे हर रोज या हर दूसरे दिन लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
सेब के सिरके में एंटी-माइक्रोबियल गुण है, जो मुंहासों को दूर करता है । वहीं, इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण न सिर्फ मुंहासों की सूजन को कम करते हैं, बल्कि उसके लालपन को कम करके दाग को भी हल्का करते हैं। हालांकि, इससे आपकी त्वचा रूखी हो सकती है, इसलिए इसके इस्तेमाल के बाद मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं।

6. एलोवेरा
सामग्री
  • एलोवेरा जेल
कैसे लगाएं?
  • एलोवेरा के पत्ते से एलोवेरा जेल निकाल लें (आप एलोवेरा जेल बाजार से भी खरीद सकते हैं)।
  • रात को सोने से पहले जेल को अपने दाग पर लगाएं।
  • रातभर के लिए लगा रहने दें।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • आप इसे हर रोज लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
एलोवेरा में पॉलीसैकराइड और जिबरेलिंस  मौजूद हैं, जो त्वचा के दाग को कम कर सकते हैं। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा को स्वस्थ बनाते हैं। साथ ही धूल-मिट्टी, प्रदूषण, सूरज की हानिकारक किरणों और अन्य कारणों से त्वचा को हुए नुकसान को कम कर सकते हैं ।

7. बेकिंग सोडा
सामग्री
  • दो चम्मच बेकिंग सोडा
  • एक चम्मच पानी
बनाने और लगाने की विधि
  • दो चम्मच बेकिंग सोडा को एक चम्मच पानी में मिलाएं।
  • अब इस मिश्रण को पिंपल्स के दाग पर लगाएं।
  • फिर सूखने के बाद इसे धो लें।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • आप इसे हर रोज या एक दिन छोड़कर लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
बेकिंग सोडा में एक्सफोलिएटिंग गुण है, जो त्वचा की मृत कोशिकाओं को निकालता है। बेकिंग सोडे में थोड़ा खारापन होता है, जो त्वचा के पीएच स्तर को संतुलित करता है। इससे मुंहासे और मुंहासे के निशान से छुटकारा पाया जा सकता है ।

8. नींबू का रस
सामग्री
  • आधा नींबू
  • रूई
कैसे उपयोग करें?
  • एक कटोरी में आधे नींबू का रस निकाल लें।
  • अब इसमें रूई डुबोकर रस को अपने दाग पर लगाएं।
  • 10 मिनट तक लगा रहने दें धो लें।
हफ्ते में कितने बार लगाएं?
  • आप इसे हर एक दिन छोड़कर लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
नींबू में मौजूद विटामिन-सी के वजह से नींबू में त्वचा के रंग को साफ करने और निखारने के गुण होते हैं। इसलिए, यह मुंहासोंं के दाग-धब्बों को कम कर सकता है।

9. अरंडी का तेल
सामग्री
  • अरंडी का तेल (आवश्यकतानुसार)
लगाने की विधि
  • रात को अपने अंगुलियों पर अरंडी के तेल की कुछ बूंदें लेकर उसे अपने दाग पर लगा लें।
  • इसे सोने से पहले लगाएं और रातभर लगा रहने दें।
  • अगली सुबह पानी से धो लें। आप फेसवॉश या साबुन से भी चेहरे को साफ कर सकते हैं।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • आप इसे हर रोज लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
अरंडी के तेल में विटामिन-ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो दाग-धब्बों और क्षतिग्रस्त टिशू को ठीक करता है। इसके अलावा, यह पिगमेंटेशन और दाग को कम भी कर सकता है।

10. हल्दी
सामग्री
  • एक या दो चम्मच हल्दी पाउडर
  • आधा नींबू
बनाने और लगाने की विधि
  • नींबू के रस में एक या दो चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं।
  • अब इस पेस्ट को अपने पूरे चेहरे पर लगाएं।
  • फिर इसे 30 मिनट के लिए लगा रहने दें और फिर पानी से धो लें।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं
  • आप इसे हर दूसरे दिन लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
हल्दी के कई फायदे हैं और जब बात आए त्वचा की, तो हल्दी को वर्षों से त्वचा पर निखार लाने के लिए उपयोग किया जा रहा है। यह दाग-धब्बों को हल्का कर त्वचा की रंगत को निखारता है। इसमें मौजूद, एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा की गुणवत्ता को बढ़ाकर त्वचा को स्वस्थ बनाते हैं।

11. विटामिन
विटामिन-सी, ई, और ए आपकी त्वचा के लिए बहुत अच्छे हैं। सूरज की हानिकारक किरणें आपकी त्वचा से विटामिन-ए को खत्म कर सकती हैं, जिस कारण आपको झुर्रियों और दाग-धब्बों की शिकायत हो सकती है । वहीं, विटामिन-ई आपकी त्वचा को स्वस्थ बनाता है  । विटामिन-सी की एंटी-ऑक्सीडेंट क्षमता आपकी त्वचा के उत्तकों  को रिपेयर करती है। साथ ही कोलेजन के निर्माण में सहयोग करती है, ताकि दाग-धब्बे कम हो सकें। आप हर रोज सिट्रस फल, पत्तेदार सब्जियां, गाजर, मछली, पनीर और पालक का सेवन करके इन विटामिंस को प्राप्त कर सकते हैं।

12. आलू
सामग्री
  • कुचला हुआ कच्चा आलू
  • रूई
बनाने और लगाने की विधि
  • कच्चे आलू को कुचलकर उसका रस निकाल लें।
  • फिर इस रस में रूई डुबाकर अपने पूरे चेहरे या सिर्फ पिंपल्स से हुए गाद पर लगाएं।
  • इसे 20 से 30 मिनट के लिए लगा रहने दें और फिर पानी से धो लें।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • आप इसे हर रोज एक बार लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
आलू को त्वचा में निखार लाने और दाग-धब्बों को कम करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसका श्रेय आलू के खारेपन और बनावट को जाता है।

13. कोको बटर
सामग्री
  • कोको बटर (आवश्यकतानुसार, यह बाजार में आसानी से उपलब्ध है)
लगाने की विधि
  • रात को सोने से पहले थोड़ा सा कोको बटर लेकर अपने चेहरे पर लगा लें।
  • आप चाहें तो इसे सिर्फ अपने पिंपल्स के दाग पर भी लगा सकते हैं।
  • इसे रातभर चेहरे पर लगा रहने दें और अगली सुबह पानी से चेहरा धो लें।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • इसे आप हर रोज लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
कोको बटर त्वचा को मॉश्चराइजिंग प्रदान करता है और दाग वाले टिशू को मुलायम या हल्का कर सकता है । यह आपकी त्वचा की रंगत को भी निखारता है और दाग-धब्बों को कम भी करता है।

14. शहद का मास्क
सामग्री
  • एक चम्मच शहद
  • आधा नींबू (यह ऑप्शनल है)
बनाने और लगाने की विधि
  • एक चम्मच शहद को आधे नींबू के रस के साथ मिलाएं।
  • अब इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाकर 20 से 30 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • फिर पानी से धो लें।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • यह आप हर रोज या हर दूसरे दिन लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
नींबू और शहद के सेवन से वजन कम होता है, यह तो आपको पता ही है, लेकिन यह आपके दाग-धब्बों को भी मिटाता है। शहद में एंटीसेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो क्षतिग्रस्त त्वचा को भरते हैं और मुंहासों को निकलने से रोकते हैं। इसके अलावा, शहद में मौजूद मॉइश्चराइजिंग गुण दाग-धब्बों के टिशू को नर्म कर त्वचा को रिपेयर करता है।

15. गुलाब जल
सामग्री
  • गुलाब जल
  • रूई
लगाने की विधि
  • रूई को गुलाबजल में डुबोकर उससे पूरे चेहरे को साफ करें।
  • उसके बाद चेहरे को धोए नहीं।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • आप हर रोज इससे चेहरा साफ कर सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
गुलाब जल त्वचा को मॉइश्चराइज करता है और दाग के टिशू को मुलायम करता है। इसके अलावा, मुंहासों के दाग को कम करता है और त्वचा की नई कोशिकाओं को बनने में मदद करता है ।

16. लहसुन
सामग्री
  • एक या दो लहसुन की कलियां
लगाने की विधि
  • लहसुन छिली हुईं एक या दो कलियां लें।
  • कली को तोड़कर अपने दाग पर रगड़ें, ताकि उसका रस आपके दाग पर लग जाए।
  • यह आप रात को सोने से पहले लगाएं और रातभर लगा रहने दें।
  • अगली सुबह पानी या फेसवॉश से चेहरा धो लें।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • आप हर दूसरे दिन इसे लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
जब लहसुन की कली को पीसा या तोड़ा जाता है, तो इसमें से एलिसिन नामक एक यौगिक निकलता है, जिसमें बहुत ही शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-माइक्रोबियल और एंटीऑक्सीडेंट के गुण मौजूद हैं । लहसुन के ये गुण मुंहासे के निशान से छुटकारा पाने और आगे मुंहासों को होने से रोकने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, आपको थोड़ी सावधानी भी बरतनी हैं, क्योंकि लहसुन कभी-कभी त्वचा पर एलर्जी, खुजली या जलन का कारण बन सकता है। इसलिए, आप इसका पहले पैच टेस्ट कर लें और अगर आपको जलन या खुजली महसूस हो, तो उपयोग न करें, क्योंकि जरूरी नहीं कि लहसुन सभी की त्वचा को सूट करे।

17. बादाम तेल
सामग्री
  • कुछ बूंद बादाम तेल
लगाने की विधि
  • रात को सोने से पहले अपने हाथ में थोड़ा बादाम तेल लेकर अपने चेहरे पर लगा लें।
  • उसे रातभर लगा रहने दें।
  • अगले दिन चेहरा धो लें।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • आप हर रोज रात को बादाम तेल लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
त्वचा के लिए बादाम तेल के कई फायदे हैं। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन-ई और फैटी एसिड मौजूद होता है, जो दाग-धब्बों को हल्का करता है और त्वचा को नर्म व मुलायम बनाकर निखार लाता है। बादाम तेल लगाने से सनबर्न, एलर्जी, मुंहासे और अन्य कई त्वचा संबंधी समस्याओं से राहत मिलती है ।

18. दलिया का मास्क
सामग्री
  • दो चम्मच दलिया
  • एक चम्मच शहद
  • एक चम्मच नींबू का रस
बनाने और लगाने की विधि
  • दो चम्मच दलिया को एक चम्मच नींबू के रस और एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर पेस्ट बनाएं।
  • इस मिश्रण को अपने चेहरे, गर्दन और मुंहासों के दाग पर लगाएं।
  • इसे 30 मिनट तक लगा रहने दें फिर पानी से धो लें।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • आप हफ्ते में दो से तीन बार इस पैक को लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
जिन्हें बार-बार कील-मुंहासों की परेशानी होती है, उनके लिए दलिया का फेस पैक बहुत फायदेमंद है। यह त्वचा से अधिक तेल को सोख लेता है और इसका एक्सफोलिएटिंग गुण त्वचा के क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को ठीक करता है साथ ही यह त्वचा के रोम छिद्रों को बिना बंद किए ही त्वचा को हाइड्रेट रखता है।

19. अदरक
सामग्री
  • कुचला हुआ अदरक
लगाने की विधि
  • थोड़ा-सा अदरक लेकर, उसे अच्छे से कुचल लें।
  • फिर इसे दाग पर लगाएं और 30 मिनट तक ऐसे ही रहने दें।
  • इसके बाद चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • आप इसे हर रोज लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
अदरक में ऐसे यौगिक होते हैं, जिनमें प्रचुर मात्रा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं । यह न सिर्फ मुंहासों के घाव को कम कर सकता है, बल्कि मुंहासों के दाग को भी कम कर सकता है।

20. अंडे का सफेद हिस्सा
सामग्री
  • एक या दो अंडे
  • एक चम्मच नींबू का रस
बनाने और लगाने की विधि
  • एक या दो कच्चे अंडे लेकर, उसके सफेद हिस्से को अलग कटोरी में निकाल लें।
  • अब इसमें एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर अच्छे से फेंट लें।
  • फिर इस मिश्रण को अपने चेहरे और दाग पर लगाएं।
  • इसे 30 मिनट तक लगाकर रखें और फिर पानी से धो लें। आप फेसवॉश या साबुन भी चेहरे को धो सकती हैं।
हफ्ते में कितनी लगाएं?
  • आप हर दूसरे दिन इस मिश्रण का प्रयोग कर सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
अंडे की सफेदी में त्वचा को कसने और त्वचा को स्वस्थ रखने के गुण मौजूद होते हैं। अगर आप इस पैक का नियमित रूप से उपयोग करेंगे, तो आपके मुंहासों के दाग हल्के होने लगेंगे ।

21. ग्रीन-टी
सामग्री
  • उपयोग किया हुआ ग्रीन-टी बैग
लगाने की विधि
  • ग्रीन-टी पीने के बाद, जो ग्रीन-टी बैग बच जाता है उसे अपने दाग पर लगाएं।
  • आप ग्रीन-टी के पत्तों को निकालकर उसका फेस पैक बना सकते हैं।
  • इसके साथ ही आप हर रोज ग्रीन-टी का सेवन भी करें।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • आप इसे हर रोज एक बार लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
ग्रीन-टी का सेवन स्वास्थ्य के लिए तो अच्छा है ही, साथ ही त्वचा के लिए भी बहुत अच्छा है। ग्रीन-टी में कैटेकिन होता है, जो न सिर्फ मुंहासे के सूजन को कम करता है, बल्कि मुंहासे के दाग को भी कम करता है । यह उपाय तब और फायदेमंद होगा, जब ग्रीन-टी का रोज सेवन करेंगे और दिन में एक बार मुंहासे के दाग पर इसे नियमित रूप से लगाएंगे।

22. सेंधा नमक
सामग्री
  • आधा कप सेंधा नमक
  • पानी (आवश्यकतानुसार)
बनाने और लगाने की विधि
  • आधा कप सेंधा नमक को थोड़े पानी में मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें।
  • अब इस मिश्रण को अपने चेहरे और गर्दन पर लगाकर थोड़ी देर मालिश करें।
  • फिर 15 से 20 मिनट के लिए इसे लगा रहने दें।
  • उसके बाद पानी से धो लें।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • आप इसे हफ्ते में तीन बार लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
सेंधा नमक में मैग्नीशियम होता है, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है । यह गुण मुंहासे के दाग को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

23. नीम
सामग्री
  • नीम के पत्ते (आवश्यकतानुसार)
  • पानी (आवश्यकतानुसार)
बनाने और लगाने की विधि
  • अपनी जरूरत के अनुसार नीम के पत्ते लें और थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें।
  • अब इस पेस्ट को चेहरे के दाग-धब्बों पर लगाएं।
  • फिर इसे 20 से 30 मिनट तक लगा रहने दें और उसके बाद पानी से धो लें।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • आप चाहें तो इसे हर रोज लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
नीम को कई सालों से औषधि के रूप में उपयोग किया जाता आ रहा है। आजकल तो बाजार में कई साबुन, क्रीम और फेसवॉश में भी नीम के गुण मौजूद होते हैं। नीम के पत्तों में एंटीसेप्टिक, घाव को भरने और ठंडक प्रदान करने के गुण मौजूद हैं, जो पिंपल्स को ठीक करते हैं और दाग को कम कर सकते हैं ।

24. एवोकाडो फेस मास्क
सामग्री
  • एक पका हुआ एवोकाडो
  • एक चम्मच शहद
  • आधा नींबू
बनाने और लगाने की विधि
  • एक पके हुए एवोकाडो को अच्छे से कुचल लें।
  • अब इसमें एक चम्मच शहद और आधा नींबू का रस मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें।
  • आप इस मिश्रण को अपने पिंपल्स के दाग पर या पूरे चेहरे पर भी लगा सकते हैं।
  • इसे 20 से 30 मिनट के लिए लगा रहने दें और फिर पानी से धो लें।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
  • आप इस मास्क को हर दूसरे दिन लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?
यह मुंहासों के दाग के लिए बहुत ही लाभकारी घरेलू नुस्खा है। एवोकाडो आपके त्वचा के रोम छिद्रों को साफ रखकर आपको मुंहासों से बचाता है । इसमें मौजूद, विटामिन पिम्पल्स के दाग-धब्बों को भी कम करता है।

नोट: ऊपर दी गई किसी भी सामग्री से अगर आपको एलर्जी है, तो उसे उपयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह करें। इसके अलावा, जो भी घरेलू उपाय करें, उससे पहले उसका पैच टेस्ट कर लें। अगर पैच टेस्ट के दौरान आपको खुजली या जलन जैसी समस्या होती है, तो तुरंत उसे धो लें।

भले ही यह घरेलू उपाय मुंहासों के दाग पर जादू की तरह काम करें, लेकिन इसी के साथ आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि आगे चलकर आपको मुंहासे न निकले। इसके लिए आपको कुछ सावधानियां भी बरतनी होगी जिसके बारे में हम आपको नीचे बता रहे हैं।

पिंपल के दाग से बचाव के कुछ उपाय – 
  • हर रोज कम से कम दो बार अपना चेहरा धोएं।
  • सोने से पहले अपना मेकअप हटाएं।
  • अगर पिंपल निकले, तो उसे दबाएं या हाथ न लगाएं।
  • सूरज की हानिकारक किरणों से बचे और जब भी बाहर जाएं, तो न सिर्फ सनस्क्रीन लगाएं, बल्कि चेहरे को स्कार्फ से ढकें।
  • स्वस्थ आहार लें, फल, हरी सब्जियों व ड्राई फ्रूट्स का सेवन करें।
  • खूब पानी पिएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मुंहासे के दाग से बचाव के लिए कौन सा तेल सबसे अच्छा है?

नारियल तेल, जैतून का तेल और अरंडी का तेल आपकी त्वचा को रिपेयर करेगा और आपके मुंहासे के दाग को भी कुछ हद तक कम कर सकता है।

मुंहासों के मार्क और स्कार्स में क्या अंतर है?
मुंहासोंं के स्कार्स गहरे व गड्ढे जैसे और कभी पूरी तरह से ठीक नहीं होने वाले होते हैं। वहीं, मुंहासों के मार्क शुरू में काले होते हैं, लेकिन कुछ दिन और हफ्तों में हल्के होने लगते हैं।

इन घरेलू नुस्खों से कुछ हद तक पिंपल्स के दाग कम हो सकते हैं, लेकिन जैसा कि ऊपर इस लेख में हमने लिखा है कि यह पिंपल के दाग की गहराई पर निर्भर करता है कि उसका घरेलू इलाज होगा या आपको किसी विशेषज्ञ की जरूरत है। कई बार कुछ मुंहासों के दाग के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है। यह जरूरी है कि आप पिंपल्स के दाग पर वक्त रहते ध्यान देकर उसका इलाज शुरू करवाएं और जरूरत पड़े तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लें। इस लेख में दिए गए घरेलू उपाय को अपनाने के बाद अपना अनुभव नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर शेयर करें।




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मुंहासों के लिए अरंडी के तेल के फायदे और उपयोग

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मुंहासे ऐसे बिन बुलाए मेहमान होते हैं, जिन्हें भगाना किसी जंग से कम नहीं। ये किसी एक वजह से नहीं होते और इनसे छुटकारा पाने के लिए लोग न जाने कितने तरह के आधुनिक उपाय करते हैं। कई बार ये उपाय त्वचा पर नकारात्मक प्रभाव भी डाल देते हैं। ऐसे में प्राकृतिक उत्पाद जैसे अरंडी के तेल से बने फेस पैक का उपयोग करने से इन जिद्दी मुंहासों से आराम मिल सकता है।  इस लेख में जानिए मुंहासों के लिए अरंडी के तेल के लाभ क्या हैं। इसके साथ ही आपको मुंहासों के लिए अरंडी के तेल के उपयोग से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी जाएगी। इस लेख में बताए गए फेस पैक का उपयोग करते समय इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी है कि अरंडी का तेल मुंहासों का इलाज नहीं है, लेकिन ये पिंपल से निजात पाने में एक सहायक भूमिका जरूर निभा सकता है।

मुंहासे के लिए अरंडी का तेल क्यों फायदेमंद है?
मुंहासों के लिए अरंडी के तेल का उपयोग इसमें मौजूद गुणों की वजह से किया जा सकता है। इस तेल में रिकिनोलेइक नामक एसिड पाया जाता है और इस एसिड में एंटीमाइक्रोबियल और एंटीबैक्टीरियल प्रभाव मौजूद होते हैं। ये गुण मुंहासे फैलाने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने के साथ उनसे बचाव का काम कर सकते हैं। बैक्टीरिया त्वचा के पोर्स को ब्लॉक करने का काम करते हैं, जिससे मुंहासों की समस्या खड़ी होती है । इसके साथ ही, इस तेल में एंटीइन्फ्लामेट्री गुण भी पाए जाते हैं, जो मुंहासों की वजह से हुई सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं । अरंडी का तेल त्वचा को पर्यावरण के दुष्प्रभावों से बचाता है और उसे कोमल बनाए रखता है। इसके अलावा, इस तेल में मॉइस्चराइजिंग गुण भी होते हैं, जो त्वचा को रूखेपन से बचाने में मदद कर सकता है ।

मुंहासे के लिए अरंडी के तेल का उपयोग –
मुंहासों के लिए अरंडी के तेल का प्रयोग करने के विभिन्न तरीके हैं। इन सभी तरीकों को सामग्री और विधि सहित बताया गया है।

1. अरंडी का तेल
सामग्री : 
  • अरंडी का तेल
  • एक पतीला गर्म पानी
  • एक तौलिया
विधि : 
  • रात में सोने से पहले एक पतीले पानी को गर्म कर लें और अपने सिर को तौलिए से ढककर चेहरे पर भाप (स्टीम) लें।
  • लगभग पांच से आठ मिनट स्टीम लेने के बाद चेहरे को तौलिए की मदद से थपथपा कर पोंछ लें।
  • अब हाथों में दो से तीन बूंद अरंडी का तेल लेकर उंगलियों की मदद से चेहरे की मसाज करें।
  • कुछ देर चेहरे की मसाज करने के बाद अरंडी के तेल को चेहरे पर लगा कर ही सो जाएं।
  • सुबह उठकर तौलिया को गीला कर चेहरे को साफ करें और अंत में चेहरे को ठंडे पानी से धो लें।
  • कितनी बार उपयोग करें : 
  • इस विधि को हफ्ते में दो बार दोहराया जा सकता है।
कैसे काम करता है :
जैसा कि हमने ऊपर बताया कि मुंहासे के लिए अरंडी के तेल के लाभ इसमें मौजूद एंटीमाइक्रोबियल और एंटीबैक्टीरियल गुणों की वजह से प्राप्त किए जा सकते हैं। ये गुण त्वचा को मुंहासों से बचाने में मदद कर सकते हैं । इसके साथ, इसके मॉइस्चराइजिंग गुण त्वचा को कोमल और मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकते हैं । मुंहासों के लिए अरंडी के तेल का प्रयोग करने से पहले चेहरे पर स्टीम लेने से त्वचा के रोमछिद्र खुल जाते हैं । ऐसा करने से अरंडी का तेल त्वचा में आसानी से अवशोषित होकर काम कर सकता है।

2. अरंडी और जैतून का तेल
सामग्री :
  • दो चम्मच जैतून का तेल
  • एक चम्मच अरंडी का तेल
विधि :
  • एक बाउल में जैतून और अरंडी का तेल मिला लें।
  • रात में सोने से पहले एक बर्तन में पानी उबाल लें और अपने सिर को तौलिए से ढककर चेहरे पर भाप (स्टीम) लें।
  • लगभग पांच से आठ मिनट स्टीम लेने के बाद चेहरे को तौलिए की मदद से थपथपा कर पोंछ लें।
  • अब उंगलियों की मदद से बाउल में मौजूद तेल के मिश्रण से चेहरे पर मसाज करें।
  • कुछ देर चेहरे पर मसाज करने के बाद, तेल को चेहरे पर लगा कर ही सो जाएं।
  • सुबह उठ कर चेहरे को गीले तौलिए से साफ करें।
  • अंत में चेहरे को ठंडे पानी से धो लें।
कितनी बार उपयोग करें :
इस प्रयोग को हफ्ते में दो बार दोहराया जा सकता है।

कैसे काम करता है :  
मुंहासों के लिए अरंडी के तेल के फायदे बढ़ाने के लिए उसमें जैतून का तेल मिलाया जा सकता है। जैतून का तेल भी त्वचा के लिए लाभदायक माना जाता है। इसमें एंटीइन्फ्लामेट्री गुण होते हैं, जो मुहांसों की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसमें मौजूद पॉलीफेनल्स त्वचा को फ्री रेडिकल्स के प्रभाव से बचाने में मदद कर सकते हैं और एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को यूवी किरणों के हानिकारक प्रभाव से सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं । बता दें कि यूवी किरणों के दुष्प्रभाव मुंहासों को और जटिल बना सकते हैं । इस तरह अरंडी के तेल के साथ जैतून के तेल के गुण मुहांसों पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ सकते हैं।

3. अरंडी का तेल और बेकिंग सोडा
सामग्री :
  • एक चम्मच बेकिंग सोडा
  • एक चम्मच अरंडी का तेल
विधि :
  • मुंहासे के लिए अरंडी के तेल का लाभ उठाने के लिए उसे एक बाउल में बेकिंग सोडा के साथ मिला लें।
  • चेहरे को पानी से अच्छी तरह साफ करें और तौलिए से थपथपा कर पोंछ लें।
  • अब बेकिंग सोडा और अरंडी के तेल के मिश्रण को प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
  • लगभग पांच से आठ मिनट रखने के बाद, उसे ठंडे पानी से धो लें।
कितनी बार उपयोग करें :
  • इसका उपयोग हफ्ते में तीन बार किया जा सकता है।
कैसे काम करता है :
मुंहासों के लिए अरंडी के तेल के फायदों के बारे में हम लेख में ऊपर बता चुके हैं। इसमें पाए जाने वाले एंटीमाइक्रोबियल गुण और एंटीबैक्टीरियल गुण मुंहासे फैलाने वाले बैक्टीरिया को खत्म करके त्वचा को एक्ने-फ्री रखने में मदद कर सकते हैं । इसके साथ ही, इस पैक में बेकिंग सोडा का उपयोग करने से त्वचा को अन्य लाभ भी हो सकते हैं। बेकिंग सोडा त्वचा से अतिरिक्त तेल निकालने और त्वचा को मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकता है ।

4. अरंडी का तेल और हल्दी
सामग्री :
  • एक चम्मच हल्दी
  • आधा चम्मच अरंडी का तेल
विधि :
  • मुंहासे के लिए अरंडी के तेल का उपयोग करने के लिए उसे एक बाउल में हल्दी के  साथ अच्छी तरह मिलाकर पेस्ट बना लें।
  • इसके बाद चेहरे को साफ पानी से धोकर, तौलिए से थपथपा कर पोंछ लें।
  • अब अरंडी के तेल और हल्दी से बने पेस्ट को एक्ने से प्रभावित त्वचा पर लगाएं।
  • कुछ देर रखने के बाद चेहरे को साफ पानी से धो लें।
कितनी बार उपयोग करें :
  • इस विधि का उपयोग हर रोज किया जा सकता है।
कैसे काम करता है : 
मुंहासे के लिए अरंडी के तेल के फायदे तो आप जान गए हैं। इसके साथ हल्दी मिलाने से यह पैक और प्रभावी हो सकता है। दरअसल, अरंडी के तेल के साथ हल्दी भी मुंहासों की समस्या से आराम दिलाने में मदद कर सकती है। हल्दी में मौजूद एंटी माइक्रोबियल गुण मुंहासों का कारण बनने वाले बैक्टीरिया से लड़ने का काम कर सकते हैं और साथ ही इसमें मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा पर पिम्पल की वजह से हुई सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, हल्दी सोरायसिस (त्वचा पर खुजली और लाल चकत्ते) एजिंग जैसी त्वचा समस्याओं पर भी प्रभावी असर दिखा सकती है । इस तरह मुंहासे के लिए अरंडी के तेल के लाभ हल्दी के उपयोग के साथ बढ़ सकते हैं।

5. अरंडी का तेल और जिंक ऑक्साइड
सामग्री :
  • आठ बड़े चम्मच अरंडी का तेल
  • दो बड़े चम्मच बीसवैक्स
  • एक बड़ा चम्मच जिंक ऑक्साइड
  • आपकी पसंद अनुसार किसी भी एसेंशियल ऑयल की 10 बूंदें
  • डबल बॉयलर
  • एक जार
विधि :
  • डबल बॉयलर में अरंडी का तेल लें और उसमें बीसवैक्स डाल कर पिघला लें।
  • वैक्स के पिघल जाने के बाद, डबल बॉयलर को गैस से उतार लें और उसमें जिंक ऑक्साइड मिला लें।
  • अच्छी तरह मिला लेने के बाद इस घोल में एसेंशियल ऑयल की 10 बूंदे मिला लें और अच्छी तरह मिक्स कर लें।
  • अंत में इसे एक जार में भर कर रख दें।
  • इस घोल का उपयोग प्रभावित क्षेत्र पर ऑइंटमेंट की तरह किया जा सकता है।
  • प्रभावित क्षेत्र पर इसे लगाकर रात भर के लिए छोड़ दें और सुबह ठंडे पानी से धो लें।
कितनी बार उपयोग करें :
  • मुंहासों के लिए अरंडी के तेल से बने इस ऑइंटमेंट का उपयोग रोज किया जा सकता है। 
कैसे काम करता है : 
जिंक के साथ मुंहासों के लिए अरंडी के तेल के लाभ दोगुना हो सकता है। जिंक, पिम्पल के कारण बनने वाले बैक्टीरिया को खत्म कर सकता है और उन्हें फिर से पनपने से रोक सकता है, जिससे मुंहासों की समस्या से आराम मिल सकता है। इसके साथ, जिंक में एंटीइन्फ्लामेट्री गुण होते हैं, जो मुंहासों की सूजन को कम कर सकते हैं। जिंक के एंटी एंड्रोजेनिक गुण (एण्ड्रोजन नामक हार्मोन का प्रभाव कम करने वाले) त्वचा में अत्यधिक सीबम का उत्पादन नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। दरअसल, मुंहासों का एक कारण त्वचा में मौजूद सिबेशॅस (ऑयल ग्लैंड्स) से अत्यधिक सीबम का निकलना भी होता है । ऐसे में सीबम का उत्पादन नियंत्रित करने से एक्ने की समस्या से कुछ हद तक आराम मिल सकता है।

मुंहासों को साफ करने में अरंडी के तेल को कितना समय लगता है?
जैसा कि हमने लेख के शुरुआत में बताया कि मुंहासे होने की कोई एक वजह नहीं होती। ये कई अलग अलग वजहों से हो सकते हैं, जैसे हॉर्मोनल बदलाव, आनुवंशिक कारण, प्रदूषण, मेकअप, तनाव आदि । इसके अलावा, सभी की त्वचा एक समान नहीं होती, जिस कारण किसी भी ट्रीटमेंट को काम करने में कम या ज्यादा समय लग सकता है। इन विभिन्न कारणों के वजह से यह कहना मुश्किल होगा कि मुंहासे के लिए अरंडी के तेल के फायदे कितने समय में कारगर साबित होंगे। आप चाहें तो इस विषय पर एक बार त्वचा विशेषज्ञ से बात कर सकते हैं।

बचाव –
किसी भी उपचार के दौरान कुछ बातों को ध्यान में रखने से वह उपचार ज्यादा प्रभावी तरीके से काम करता है। उसी प्रकार मुंहासे के लिए अरंडी के तेल का उपयोग करते समय नीचे बताई गई बातों को ध्यान में रखने से फायदा मिल सकता है।
  • मुंहासो के लिए अरंडी के तेल से बने किसी भी फेस पैक का उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट कर लें।
  • इन फेस पैक का उपयोग करने से पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ कर लें। त्वचा पर  किसी भी प्रकार की गंदगी रहने से फेस पैक का प्रभाव कम हो सकता है।
  • इन फेस पैक को चेहरे पर लगाने के बाद घर से बाहर न निकलें। ऐसा करने से चेहरे पर धूप और प्रदूषण का प्रभाव पड़ सकता है और मुंहासे कम होने की जगह बढ़ सकते हैं।
  • चेहरे को धोने के बाद थपथपा कर पोंछ लें। रगड़ कर पोंछने से चेहरे पर रैशेज पड़ सकते हैं।
  • चेहरे को धोने के बाद मॉइस्चराइजर लगाएं। ऐसा न करने से त्वचा रूखी और खींची हुई महसूस हो सकती है।
  • अगर आप किसी खास समस्या जैसे सोरायसिस या डर्मेटाइटिस (त्वचा पर लाल खुजलीदार चकत्ते की समस्या) से ग्रसित हैं तो मुंहासो के लिए अरंडी के तेल का प्रयोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य कर लें।
  • अगर ऊपर बताए गए फेस पैक की किसी सामग्री से आपको एलर्जी है, तो उस फेस पैक का उपयोग न करें।
  • मुंहासे के लिए अरंडी के तेल का उपयोग के बाद अगर आपको चेहरे पर जलन, खुजली या कोई अन्य समस्या होती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
मुंहासे के लिए अरंडी के तेल के फायदे के बारे में तो अब आप अच्छी तरह समझ गए होंगे। लेख में बताए गए उपचार मुंहासों से बचाव व इनके प्रभाव को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं। खास बात यह है कि मुंहासे के लिए अरंडी के तेल से बने ये घरेलू फेस पैक बाजार में मिलने वाले एंटी एक्ने उत्पादों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित हैं। हम आशा करते हैं कि इन उपायों की मदद से आपको मुंहासों से आराम मिलेगा। 


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पीठ के मुंहासे के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय

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मुंहासों से निपटना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है। ये चेहरे के साथ ही शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित कर सकते हैं, जिसमें से एक पीठ भी है। पीठ पर होने वाले बैक एक्ने महिला और पुरुष दोनों को हो सकते हैं। खासकर, इससे महिलाएं परेशान होती हैं, क्योंकि वह अपना मनपसंद बैकलेस गाउन व अन्य ट्रेंडी ड्रेस नहीं पहन पाती हैं। शादियों में बैक डिपकट ब्लाउज पहनना भी पीठ के मुंहासों की वजह से ख्वाब ही बनकर रह जाता है। ऐसे में पीठ के मुंहासे के लिए घरेलू उपाय और इसके कारण जानने के लिए आप यह लेख पढ़ सकते हैं। पीठ के मुंहासे के कारण और इसे कम करने के तरीके जानने के लिए आर्टिकल को स्क्रॉल करके पढ़ें।

पीठ के मुंहासे क्या हैं – 
चेहरे की तरह ही पीठ पर मुंहासे होना भी आम है। इन्हें बैक एक्ने व पीठ के मुंहासे के नाम से भी जाना जाता है। स्किन में अधिक तेल, बैक्टीरिया, तरह-तरह के कॉस्मेटिक्स और बालों के उत्पादों की वजह से मुंहासे व एक्ने की समस्या हो सकती है । मुंहासे त्वचा की तेल ग्रंथियों और बालों के रोम (फॉलिकल्स) को प्रभावित करते हैं। त्वचा में मौजूद छिद्र (Pores) फॉलिकल्स के माध्यम से ग्रंथियों से जुड़े होते हैं। फॉलिकल्स से एक पतला सा बाल भी उग जाता है, जो त्वचा के अंदर से बाहर की ओर बढ़ता है। कई बार बाल, सीबम और स्किन सेल्स एक साथ समूह बना लेते हैं, जिसे प्लग कहते हैं। प्लग में बैक्टीरिया के कारण सूजन होती है और फिर पिंंपल बनने लग जाते हैं ।

पीठ के मुंहासे के प्रकार –
पीठ के मुंहासों के प्रकार अन्य मुंहासों जैसे ही होते हैं, जिनके बारे में हम विस्तार से आगे बता रहे हैं ।

कॉमेडोनिका  – माइल्ड मुंहासों को कॉमेडोनिका कहा जाता है। इस दौरान पीठ पर ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स होते हैं। ब्लैड और व्हाइट हेड्स त्वचा के छिद्र को बंद कर देते हैं। त्वचा में जितना तेल जमा होता है, उतने बैक्टीरिया का बढ़ना शुरू होता है, जिसकी वजह से इंफ्लामेटरी एक्ने बनने लगते हैं, अर्थात हल्के एक्ने मध्यम बन जाते हैं।

पेपुलर-पुस्टुल्स (Papular-Pustules) –  यह मध्यम प्रकार के मुंहासे होते हैं। इस दौरान मुंहासों में पस जमने लगता है और एक्ने पीले रंग के दिखने लगते हैं। इसी पीले रंग के पस वाले मुंहासों को पुस्टुल्स कहा जाता है। वहीं, सूजन वाले मुंहासों को पेपुलर कहते हैं।

नोड्यूल्स (Nodules) सिवियर – नोड्यूल्स मुंहासों का गंभीर प्रकार है। इसमें सूजन और पस बहुत ज्यादा होने लगता है। इन गंभीर मुंहासों की वजह से चेहरा लाल और सूजा हुआ लगता है। पिंपल की इस स्टेज में पहुंचने से पहले ही एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

पीठ के मुंहासे  के कारण –
पीठ पर होने वाले मुंहासों का कारण हम नीचे बता रहे हैं। इनको अगर ध्यान में रखा जाए, तो मुंहासों से बचा जा सकता है। 

हार्मोन्स – युवाओं में मुंहासे होने का मुख्य कारण एण्ड्रोजन हार्मोन का अधिक होना है। जैसे ही हार्मोन का स्तर नॉर्मल हो जाता है, तो एक्ने ठीक हो जाते हैं ।
डाइट – एक अध्ययन में इस बात का जिक्र है कि हाई ग्लाइसेमिक खाद्य पदार्थ, जैसे – कैंडी या सोडा के सेवन से भी मुंहासे बढ़ जाते हैं। इसके अलावा, फैट, मिल्क और मछली से भी एक्ने बढ़ सकते हैं ।
इम्यून सिस्टम – माना जाता है कि प्रतिरक्षा के कमजोर होने पर भी मुंहासे हो सकते हैं। जब इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, तो यह मुंहासों का कारण बनने वाले बैक्टीरिया से ठीक प्रकार लड़ नहीं पाता है। हालांकि, इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।
आनुवांशिकता – मुंहासे होने का एक कारण आनुवंशिक भी हो सकता है। परिवार वालों को अगर एक्ने होते रहते हैं, तो यह जीन में आ सकते हैं। इससे परिवार के अन्य सदस्यों में भी समय के साथ एक्ने की आशंका बढ़ जाती है 
इंफ्लामेशन – पिंपल एक इंफ्लामेटरी त्वचा संबंधी समस्या है । इसी वजह से इंफ्लामेशन भी पीठ के मुंहासे की एक वजह है। इंफ्लामेशन की वजह से एक्ने और गंभीर हो सकते हैं।
अधिक पसीना आना – ज्यादा पसीना आने की वजह से भी पीठ के मुंहासे हो सकते हैं। माना जाता है कि पसीने की वजह से रोमछिद्रों में गंदगी जमने के साथ ही बैक्टीरिया पनपने लग सकते हैं।
कॉस्मेटिक्स का ज्यादा इस्तेमाल – सौंदर्य प्रसाधन भी एक्ने का कारण बन सकते हैं। खराब क्वालिटी के कॉस्मेटिक्स और लंबे समय तक मेकअप के लगे रहने से रोमछिद्र ब्लॉक हो सकते हैं ।
दवाएं – कई बार मुंहासे दवाओं के साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं। कुछ दवाएं, जैसे कि मिर्गी और अवसाद के दवा की वजह से भी एक्ने हो सकते हैं ।
तनाव – स्ट्रेस लेने वाले लोगों को भी एक्ने हो सकते हैं। तनाव एक्ने की वजह बनने के साथ ही इस स्थिति को गंभीर करने के लिए भी जिम्मेदार माना जाता है ।

पीठ के मुंहासे के लिए घरेलू उपाय – 
पीठ के मुंहासे के लिए घरेलू उपाय के बारे में हम विस्तार से नीचे बता रहे हैं। इन्हें पढ़ने से पहले एक बात जान लें कि ये घरेलू उपाय गंभीर मुंहासों का इलाज नहीं हैं बल्कि ये इन्हें कुछ हद तक कम करने में मददगार हो सकते हैं। चलिए जानते हैं मुंहासों के घरेलू उपाय के बारे में  —

1. टी ट्री ऑयल
सामग्री:
  • टी ट्री ऑयल की 7 बूंदें
  • आधा चम्मच नारियल का तेल
उपयोग का तरीका:
  • टी ट्री ऑयल में नारियल तेल मिलाएं।
  • अब इस मिश्रण को पीठ पर लगा लें।
  • रात भर के लिए इसे छोड़ दें।
  • अगली सुबह नहाते समय पीठ को अच्छी तरह धो लें।
  • असहजता महसूस होने पर एक घंटे बाद तेल को धो सकते हैं।
  • हफ्ते में एक बार इसे दोहरा सकते हैं।
कैसे लाभदायक है:
एक शोध में टी-ट्री ऑयल और इससे बने जेल को हल्के से मध्यम एक्ने के उपचार में लाभदायक माना गया है । दरअसल, टी-ट्री ऑयल में एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जो एक्ने से राहत दिला सकते हैं। वहीं, नारियल के तेल में विटामिन-ई और एंटीबैक्टीरियल यौगिक पाए जाते हैं, इसलिए इसका उपयोग मुंहासों को रोकने और इसके धब्बों के उपचार के लिए किया जा सकता है ।

2. एलोवेरा 
सामग्री:
  • 1 चम्मच एलोवेरा जेल
उपयोग का तरीका:
  • एलोवेरा का ताजा पत्ता लेकर उससे जेल निकाल लें।
  • घर में या आसपास एलोवेरा न हो, तो बाजार में मौजूद एलोवेरा जेल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
  • अब एक चम्मच एलोवेरा जेल को प्रभावित हिस्सों पर लगाएं।
  • पीठ पर करीब आधे घंटे तक एलोवेरा जेल लगा रहने दें।
  • समय पूरा होने के बाद पीठ को साफ कपड़े से पोंछ लें।
  • ऐसा रोजाना 2 से 3 बार किया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:
एलोवेरा का इस्तेमाल लंबे समय से त्वचा के लिए किया जाता रहा है। माना जाता है कि इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक गुण त्वचा पर जीवाणुओं को पनपने नहीं देता है। इसके अलावा, एलोवेरा में एंटी-एक्ने प्रभाव भी होता है, जो मुंहासों से बचाव करने में लाभदायक हो सकता है। साथ ही एलोवेरा मे एंटी-इंफ्लामेटरी गुण भी पाया जाता है, जो इंफ्लामेटरी मुंहासों से लड़ने में मददगार साबित हो सकता है। इतना ही नहीं, एलोवेरा को एंटी-एजिंग और मॉइस्चराइजिंग गुण के लिए भी जाना जाता है ।

3. सेंधा नमक 
सामग्री:
  • एक कप सेंधा नमक व एप्सम सॉल्ट
  • एक टब या एक बाल्टी पानी
उपयोग का तरीका:
  • पानी से भरे टब में सेंधा नमक डाल लें।
  • करीब 10 मिनट बाद टब में बैठकर एक्ने प्रभावित हिस्से को पानी में भिगोएं।
  • टब न हो, तो बाल्टी में सेंधा नमक डालकर उस पानी से करीब 20 मिनट तक नहा लें।
  • 20 से 30 मिनट तक प्रभावित हिस्से को सेंधा नमक में भिगोने के बाद तौलिए से पोंछ लें।
  • इस उपाय को एक दिन छोड़कर किया जा सकता है।  
कैसे लाभदायक है:
पीठ के मुंहासे के लिए सेंधा नमक का उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, सेंधा नमक में मैग्नीशियम नामक केमिकल होता है। यह शरीर में हार्मोन्स बैलेंस करके मुंहासे से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। दरअसल, हार्मोन के असंतुलन की वजह से भी एक्ने होता है। इसी वजह से सेंधा नमक को पीठ के मुंहासे कम करने के लिए लाभदायक माना जा सकता है। हार्मोन्स को नियंत्रित करने के साथ ही सेंधा नमक त्वचा की मृत कोशिकाओं को भी साफ करके स्किन को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकता है ।

4. नींबू 
सामग्री:
  • आधा नींबू
उपयोग का तरीका:
  • आधे नींबू का रस निचोड़कर एक कटोरी में निकाल लें।
  • अब नींबू के रस में रूई डुबोकर एक्ने प्रभावित हिस्से पर लगाएं।
  • करीब 30 मिनट तक प्रभावित हिस्से पर नींबू का रस लगा रहने दें।
  • नींबू के रस के सूखने के बाद एक कपड़े से पीठ को धो लें।
  • ध्यान रखें कि पीठ के मुंहासों के लिए घरेलू उपाय नहाने से पहले करेंगे, तो पीठ को धोने में आसानी होगी।
  • ऐसा हफ्ते में एक से दो बार कर सकते हैं।
कैसे लाभदायक है:
पीठ के मुंहासे का इलाज घर पर करने के लिए नींबू का इस्तेमाल भी काफी प्रचलित है ।  इसकी वजह कुछ और नहीं बल्कि नींबू में पाया जाने वाला फ्लेवोनोइड है। यह केमिकल कंपाउंड त्वचा पर एंटीबैक्टीरियल की तरह काम कर सकता है। यही गतिविधि त्वचा में जीवाणु को खत्म करने में मदद कर सकती है, जिससे मुंहासे कम हो सकते हैं। इतना ही नहीं, मुंहासे के बैक्टिरिया प्रोपिओनी बैक्टीरियम को बढ़ने से रोकने में भी नींबू मदद कर सकता है। एक रिसर्च में कहा गया है कि इसमें मौजूद एस्कॉर्बिक और सिट्रस एसिड इस बैक्टीरिया को पनपने से रोक सकते हैं ।

5. विटामिन डी 
सामग्री:
  • विटामिन डी 1000 IU
उपयोग का तरीका:
  • विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
  • विटामिन डी युक्त पदार्थों में बादाम, दूध, बादाम, मांस, अंडा, मछली आदि शामिल हैं।
  • चिकित्सक से परामर्श लेकर विटामिन डी के सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।
  • ध्यान रखें कि विटामिन-डी के सप्लीमेंट सिर्फ वही लोग लें, जिन्हें बैक एक्ने इसकी कमी की वजह से हो।
कैसे लाभदायक है:
माना जाता है कि शरीर में विटामिन-डी की कमी होने की वजह से भी एक्ने हो सकते हैं (। ऐसे में विटामिन-डी युक्त खाद्य पदार्थ लाभदायक साबित हो सकते हैं। एनसीबीआई  की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में कहा गया है कि एक्ने प्रभावित लोगों में विटामिन-डी की मात्रा कम पाए जाने पर जब उन्हें इसका सप्लीमेंट दिया गया, तो उनके मुंहासों पर सुधार पाया गया (18)।

6. सेब का सिरका 
सामग्री:
  • आधा चम्मच सेब का सिरका
  • पानी की कुछ बूंदें
  • एक चम्मच शहद
उपयोग का तरीका:
  • त्वचा को थोड़ा नम करके एक्ने प्रभावित हिस्से पर शहद लगाएं।
  • शहद को लगाने के करीब पांच मिनट बाद एक्ने प्रभावित हिस्से की मालिश करें।
  • मालिश के 30 से 40 मिनट बाद गुनगुने पानी से त्वचा को धो लें।
  • उसके बाद सेब के सिरके में पानी डालकर मिश्रण तैयार करें।
  • फिर इसे टोनर की तरह रूई की मदद से एक्ने प्रभावित हिस्सों पर लगाएं। 
कैसे लाभदायक है:
सेब का सिरका और शहद, दोनों ही पीठ के मुंहासों पर प्रभावशाली एंटी-एक्ने की तरह काम कर सकते हैं। दरअसल, शहद में पाए जाने वाले एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मुंहासों को कम करने में लाभदायक हो सकते हैं । वहीं, सेब का सिरका त्वचा के पीएच लेवल को संतुलित करके एक्ने से बचाव का काम कर सकता है । दरअसल, स्किन का पीएच लेवल बढ़ना भी एक्ने का कारण होता है । ऐसे में कहा जा सकता है कि सेब का सिरका मुंहासों को दूर करने में मदद कर सकता है।

7. नारियल का तेल 
सामग्री:
  • एक चम्मच नारियल का तेल
उपयोग का तरीका:
  • हथेलियों में नारियल तेल लेकर पीठ की मालिश कर लें।
  • अगर खुद का हाथ न पहुंचे, तो परिवार के किसी सदस्य को ऐसा करने के लिए कह सकते हैं।
  • करीब 10 मिनट तक तेल से मालिश करें।
  • मालिश करने के 30 मिनट बाद पीठ को धो लें।
  • नहाने से पहले ऐसा कर सकते हैं, जिससे की पीठ चिपचिपी न बनी रहे।
  • हफ्ते में दो बार ऐसा कर सकते हैं।
कैसे लाभदायक है:
नारियल के तेल में विटामिन-ई और एंटीबैक्टीरियल यौगिक पाए जाते हैं, इसलिए इसका उपयोग मुंहासों को रोकने और इसके धब्बों को कम करने के लिए किया जा सकता है ।  इसके अलावा, नारियल के तेल में लौरिक एसिड भी पाया जाता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल गुण प्रदर्शित करता है। यह दोनों गुण मुंहासों के बैक्टीरिया से लड़ने का काम कर सकते हैं। इसी वजह से नारियल के तेल का इस्तेमाल पीठ के मुंहासों को ठीक करने में लाभदायक माना जा सकता है ।

8. ओटमील बाथ 
सामग्री:
  • दो कप ओटमील व दलिया
  • पानी
उपयोग का तरीका:
  • पानी से भरे टब में एक या दो कप दलिया डालें।
  • लगभग 20 से 30 मिनट के लिए दलिया वाले पानी में लेट जाएं।
  • ओट्स से एक्ने प्रभावित हिस्से को हल्का स्क्रब भी कर सकते हैं।
  • अगर टब न हो, तो बाल्टी में ओट्स डाल दें।
  • फिर थोड़ी देर बाद उस पानी से नहाएं।
कैसे लाभदायक है:
प्रभावी एंटी-इंफ्लामेटरी गुण के कारण ओट्स इंफ्लामेशन की वजह से होने वाले पीठ के मुंहासे के इलाज में मददगार हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद एक रिसर्च के मुताबिक ओट्स का एंटी-इंफ्लामेटरी गुण मुंहासे से राहत दिलाने के साथ ही इसकी वजह से होने वाली खुजली को भी कम करने में मदद कर सकता है। इसमें एंटीइंफ्लामेशन ही नहीं बल्कि सूदिंग एजेंट और क्लिनंजिंग गुण भी होते हैं। ये पीठ की गहराई से सफाई कर मुंहासे की वजह से होने वाली सूजन से राहत दिला सकते हैं।

9. विक्स वेपोरब
सामग्री:
  • आवश्यकतानुसार विक्स वेपोरब
उपयोग का तरीका:
  • विक्स वेपोरब को सीधे पीठ के मुंहासों पर लगाएं।
  • इसे लगाने के बाद ऐसे ही छोड़ दें।
  • हफ्ते में दो से तीन बार इस प्रक्रिया को दोहरा सकते हैं।
कैसे लाभदायक है:
विक्स वेपोरब को भी एक्ने ट्रीटमेंट के लिए लाभदायक माना जाता है। हालांकि, इससे संबंधित कोई शोध उपलब्ध नहीं है। रिसर्च न होने के बावजूद इसका इस्तेमाल प्रचलित है। दरअसल, विक्स वेपोरब का अधिकतर हिस्सा कैम्फर से बना होता है और कैम्फर को एंटी-एक्ने माना जाता है। यह तेल को सोखने के साथ ही इंफ्लामेशन को भी कम करने का काम कर सकता है । फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

10. दही 
सामग्री:
  • एक कटोरी दही
उपयोग का तरीका:
  • एक कटोरी सादा दही खाएं।
  • वैकल्पिक रूप से पीठ के मुंहासे पर दही लगाया भी जा सकता है।
  • दही लगाने के 30 से 40 मिनट बाद पीठ को धो लें या एक कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें।
  • दैनिक आहार में रोजाना दही को शामिल किया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:
दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स को एक्ने से राहत पाने के लिए लाभदायक माना जाता है। इसके अलावा, दही में लैक्टिक एसिड पाया जाता है। इसे भी एक्ने से बचाव के लिए भी जाना जाता है। यह मृत कोशिकाओं को हटाकर रोम छिद्रों को बंद होने से रोक सकता है। इसके साथ ही यह मुंहासे की वजह से पड़ने वाले निशान को भी ठीक करने में मदद कर सकता है। इसी वजह से मुंहासों की समस्या को कम करने के लिए दही को उपयोगी माना जाता है ।

11. लहसुन 
सामग्री:
  • लहसुन की कुछ कलियां
उपयोग का तरीका:
  • लहसुन का पेस्ट तैयार कर लें।
  • अब पेस्ट को निचोड़ कर इसका रस निकाल लें।
  • रस निकालने के बाद इसे अपनी पीठ पर लगाएं।
कैसे लाभदायक है:
लहसुन में एलिसिन नामक एंटीबैक्टीरियल यौगिक होता है। यह त्वचा को एक्ने के बैक्टीरिया से बचाने और इन्हें पनपने से रोकने में मदद कर सकता है । एक शोध में जिक्र है कि इसके हाइड्रोक्लोरिक अर्क से एंटी-एक्ने जेल भी बनाया जाता है। इसके पीछे की वजह है लहसुन में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव। इन सभी गुणों की वजह से माना जाता है कि लहसुन मुंहासों को कम करने में सहायक हो सकता है ।

12. ग्रीन टी 
सामग्री:
  • 1 चम्मच ग्रीन टी
  • 1 कप पानी
उपयोग का तरीका:
  • एक कप गर्म पानी में एक चम्मच ग्रीन टी मिलाएं।
  • 5 से 7 मिनट बाद ग्रीन टी को छान लें।
  • जैसे ही ग्रीन टी ठंडी हो जाए, उसमें कॉटन बॉल को डुबोएं।
  • रूई व कॉटन बॉल की मदद से अच्छी तरह ग्रीन टी को मुंहासों पर लगाएं।
  • पीठ के मुंहासे पर इसे करीब 20 मिनट तक लगा रहने दें।
  • 20 मिनट बाद पीठ को गीले कपड़े से पोंछ लें या नहा लें।
  • ग्रीन टी को नियमित रूप से दिन में एक से दो बार पी भी सकते हैं।
कैसे लाभदायक है:
पीठ के मुंहासे के लिए घरेलू उपाय के रूप में ग्रीन टी को इस्तेमाल में लाया जा सकता है। इसमें पॉलीफेनोल्स होते हैं, जो त्वचा में सीबम (तैलीय पदार्थ) के उत्पादन को कम कर सकता है। जैसा कि हम ऊपर लेख में बता ही चुके हैं कि त्वचा के तैलीय होने से मुंहासे हो सकते हैं। यह इसके स्राव को रोकर मुंहासों को कम करने का काम कर सकता है । साथ ही ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल प्रभाव भी होते हैं, जो एक्ने से लड़ने में मदद कर सकते हैं ।

13. शहद 
सामग्री:
  • आवश्यकतानुसार कच्चा शहद
उपयोग का तरीका:
  • शहद को मुंहासे प्रभावित हिस्सों पर लगाएं।
  • इसे 20 से 30 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें।
  • इसके बाद पीठ साफ करने के लिए गिले कपड़े से पोंछ लें या फिर नहा लें।
  • रोजाना 2 बार इस प्रक्रिया को दोहरा सकते हैं।
कैसे लाभदायक है:
शहद में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण एक्ने के बैक्टीरिया को खत्म करने और एक्ने को ठीक करने में मददगार हो सकते हैं। इसी वजह से कॉस्मेटिक्स में भी शहद का इस्तेमाल किया जाता है । एनसीबीआई  की वेबसाइट पर भी एक रिसर्च में इस बात का जिक्र है, जिसमें शहद को मुंहासे के लिए लाभदायक पाया गया है। इस अध्ययन में 12 हफ्ते तक शहद का इस्तेमाल करने वालों में सुधार पाया गया ।

दरअसल, शहद में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण मुंहासों के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया को खत्म करने का काम कर सकता है। वहीं, शहद में पाए जाने वाला एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण एक्ने में होने वाली सूजन को ठीक करने में लाभदायक हो सकता है।

14. हल्दी
सामग्री:
  • 2 चम्मच हल्दी पाउडर
  • पानी (आवश्यकतानुसार)
उपयोग का तरीका:
  • हल्दी में आवश्यकतानुसार पानी डालकर गाढ़ा पेस्ट बना लें।
  • अब इस पेस्ट को समान रूप से पीठ के मुंहासों पर लगाएं।
  • पेस्ट लगाने के बाद करीब 20 से 30 मिनट तक इसे छोड़ दें।
  • जब पेस्ट सूख जाए, तो पीठ को धो लें।
  • यह पेस्ट लगाने के बाद नहाना बेहतर होगा, वरना पीठ में पीले निशान रह जाएंगे।
  • रोजाना हल्दी पेस्ट को पीठ के मुंहासों पर लगा सकते हैं।
कैसे लाभदायक है:
घर पर पीठ के मुंहासे का इलाज करने के लिए हल्दी का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। सदियों से आयुर्वेद में हल्दी को इसके एंटीसेप्टिक और हीलिंग गुण की वजह एक औषधि की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है । हल्दी में मौजूद करक्यूमिन में एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए होते हैं। ये दोनों गुण एक्ने को ठीक करने में लाभदायक माना जाते हैं । 

नोट: हल्के से मध्यम पीठ के मुंहासे के लिए घरेलू उपाय किया जा सकता हैं। जैसे ही एक्ने गंभीर होने लगें, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इसके अलावा, मुंहासे के पैक में मौजूद किसी सामग्री से एलर्जी हो, तो उसका उपयोग न करें।

पीठ के मुंहासे का इलाज – 
एक्ने अगर घरेलू उपचार से कम नहीं होते हैं या फिर बढ़ते ही जाते हैं, तो इसका इलाज भी जरूरी है। इसी वजह से आगे हम पीठ के मुंहासे के इलाज के बारे में बता रहे हैं। डॉक्टर की सलाह के बिना इनमें से किसी को भी न अपनाएं। हम यहां सिर्फ वो ट्रीटमेंट बता रहे हैं, जिनका सुझाव डॉक्टर दे सकते हैं, परंतु नीचे बताई गई किसी भी दवा को डॉक्टर के परामर्श के बिना न लें ।

मुंहासों से पीड़ित लोगों को एंटीबायोटिक्स दवा दी जा सकती है। सबसे पहले मुंह से ली जाने वाली एंटीबायोटिक्स दवा के बारे में बता करते हैं –
  • टेट्रासाइक्लिन
  • डॉक्सीसाइक्लिन
  • मिनोसाइक्लिन
  • एरिथ्रोमाइसिन
  • ट्राइमेथोप्रिम-सल्फामेथोक्साजोल
  • एमोक्सिसिलिन
त्वचा पर लगाने के लिए एंटीबायोटिक्स –
  • क्लिंडामाइसिन
  • एरिथ्रोमाइसिन
  • डैपसोन
त्वचा पर क्रीम या जैल लगाया जा सकता है –
  • विटामिन ए के तत्व जैसे कि रेटिनोइक एसिड क्रीम या जेल (ट्रेटिनॉइन या रेटिन-ए)
  • बेंजोयल पेरोक्साइड, सल्फर, रेसोरिसिनॉल या सैलिसिलिक एसिड
  • एजेलिक (Azelaic) एसिड
महिलाओं में हार्मोन के कारण होने वाले एक्ने के लिए –
  • स्पिरोनोलैक्टोन नामक एक गोली मदद कर सकती है।
मामूली प्रक्रिया या उपचार भी सहायक हो सकते हैं –
  • एक्ने से छुटकारा पाने के लिए फोटोडायनेमिक थेरेपी का उपयोग भी किया जा सकता है। यह एक ऐसा उपचार है, जिसमें त्वचा पर नीली लाइट की मदद से एक रसायन को सक्रिय किया जाता है।
  • स्किन पीलिंग की भी डॉक्टर सलाह दे सकते हैं। इसके अलावा, डर्माब्रेशन द्वारा निशान हटाने के साथ ही कोर्टिसोन के साथ सिस्ट इंजेक्शन लगाने का परामर्श भी डॉक्टर दे सकते हैं।
  • सिस्टिक मुंहासे और दाग-धब्बे वालों को डॉक्टर आइसोट्रेटिनॉइन दवा दे सकते हैं। इस दवा के दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। खासकर, गर्भवती महिलाओं को यह दवा नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि यह गंभीर जन्म दोष का कारण बन सकती है।
पीठ के मुंहासे से बचाव  – 
पीठ के मुंहासों से बचाव के लिए कुछ टिप्स को अपनाना और दिनचर्या में हल्के बदलाव करना जरूरी है। ऐसा करने से बार-बार एक्ने होने की समस्या से बचा जा सकता है। नीचे हम विस्तार से बता रहे हैं टिप्स। 

क्या करें:
  • अपनी त्वचा को हमेशा माइल्ड साबुन से धीरे-धीरे साफ करें।
  • सौंदर्य प्रसाधन और त्वचा की क्रीम खरीदते समय वॉटर बेस्ड या नॉन-कॉमेडोजेनिक उत्पाद ही खरीदें। यह रोम छिद्रों को ब्लॉक नहीं करते।
  • कभी किसी पार्टी या कॉन्सर्ट में जाने के लिए पीठ पर मेकअप का इस्तेमाल किया हो, तो उसे जरूर साफ करें।
  • एक्सरसाइज करने के बाद रोजाना पीठ साफ करें या नहा लें। इससे शरीर पर पसीने की वजह से गंदगी और बैक्टीरिया नहीं पनपेंगे।
  • बाल अगर तैलीय हों, तो रोजाना शैम्पू करें।
  • धूप में थोड़ी देर बैठने से भी मुंहासों में हल्का सुधार हो सकता है।
क्या न करें:
  • एक्ने को दबाने, खरोंचने या रगड़ने की कोशिश न करें। इससे त्वचा पर संक्रमण फैल सकता है और एक्ने के निशान पीठ पर पड़ सकते हैं।
  • उंगलियों से एक्ने को छूने से बचें।
  • बॉडी मॉइस्चराइज करते समय चिपचिपी क्रीम से बचें।
  • पीठ को ज्यादा रगड़ने से बचें।
  • मेकअप को रातभर के लिए त्वचा पर न छोड़ें।
सावधानियां – 
मुंहासे से छुटकारा पाने के लिए घरेलू उपाय का इस्तेमाल करने से पहले कुछ सावधानियां बरतने की भी जरूरत है। सावधानी से घरेलू उपाय का इस्तेमाल न करने पर मुंहासे बढ़ भी सकते हैं। इसी वजह से हम नीचे पीठ के मुंहासे के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बता रहे हैं।
  • त्वचा को अगर स्क्रब कर रहे हैं, तो हल्के हाथों से करें। ऐसा इसलिए, क्योंकि एक्ने की वजह से त्वचा में सूजन हो सकती है।
  • हल्दी का उपयोग करते समय ख्याल रखें कि इसे ज्यादा मात्रा में न लगाएं। ऐसा करने पर त्वचा पर हल्दी के पीले दाग रह सकते हैं।
  • लहसुन या अन्य कोई ऐसा पदार्थ, जिससे एलर्जी हो, उसका उपयोग न करें।
  • एप्पल साइडर विनेगर एसेडिक होता है, इसलिए हमेशा पानी डालकर ही इसका इस्तेमाल करें।
  • मुंहासे से छुटकारा पाने के लिए मास्‍क का उपयोग करने के बाद त्वचा को मॉइस्चराइज करना न भूलें।
  • पिंपल हटाने के लिए मास्‍क लगाते समय ब्रश या हल्के हाथों का ही इस्तेमाल करें। त्वचा पर किसी तरह का दबाव न बनाएं।
  • नारियल तेल युक्त मास्क का इस्तेमाल हर प्रकार की त्वचा के अनुरूप नहीं होता। अगर पैक लगाने वाले व्यक्ति की त्वचा बहुत तैलीय है, तो इसके इस्तेमाल से मुंहासे बढ़ भी सकते हैं। ऐसे में अपनी त्वचा के अनुरूप ही पीठ के मुंहासे के लिए घरेलू उपाय का चुनाव करें।
  • लहसुन का इस्तेमाल करते वक्त त्वचा पर जलन हो सकती है। इसलिए, लहसुन की ज्यादा मात्रा का इस्तेमाल न करें।
  • त्वचा पर किसी तरह का कट या घाव हो, तो नींबू और लहसुन का उपयोग न करें।
  • साथ ही पिंपल हटाने के लिए घरेलू उपाय का इस्तेमाल करने से पहले पहले पैच टेस्ट कर लें। परीक्षण बांह या हाथों पर किया जा सकता है। 
पीठ के मुंहासे के लिए घरेलू उपाय कितना कारगर है, यह हम रिसर्च पर आधारित जानकारी के रूप में आपको बता चुके हैं। बस ख्याल रखें कि अगर मुंहासे अधिक हो रहे हैं या किसी भी तरह से कम नहीं हो रहे हैं, तो एक बार स्किन एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। हल्के से मध्यम मुंहासों को कम करने के लिए पीठ के मुंहासे के इलाज के रूप में बताए गए घरेलू उपचार किए जा सकते हैं। वहीं, बैक एक्ने को ठीक करने के उपाय में इस्तेमाल की जाने वाली किसी भी सामग्री से अगर आपको एलर्जी हो, तो उसके उपयोग से बचें। यह लेख अपने साथियों तक पहुंचाने के लिए इसे शेयर करना न भूलें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मुझे कब तक मुंहासे होंगे?
मुंहासे अक्सर 20 साल की उम्र तक अपने आप साफ हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों को 30 साल की उम्र के बाद भी मुंहासे हो सकते हैं ।

पीठ के मुंहासों के लिए सबसे अच्छे साबुन कौन से हैं?
न्यूट्रोजेना, डव, सेटेफिल और सेरा वी जैसे माइल्ड साबून को अच्छा माना जाता है ।


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