-भिखारीपुर-सकरौर बांध पर काम के दौरान मगरमच्छ का हमला, खून से लाल हुई नदी
-दहशत में मजदूर, ग्रामीण बोले- ‘वन विभाग की लापरवाही से हो रहे हमले।
गोण्डा । जिले में घाघरा नदी के किनारे भिखारीपुर-सकरौर बांध पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब निर्माण कार्य में जुटे एक मजदूर को मगरमच्छ ने जबड़े में दबोच लिया। साथी मजदूर की बहादुरी से उसकी जान तो बच गई, लेकिन हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में दहशत फैल गई है।
हथौड़े के वार से भागा मगरमच्छ
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सोनौली मोहम्मदपुर के पास मजदूर नदी किनारे बांध पर काम कर रहा था। तभी घात लगाए मगरमच्छ ने अचानक हमला कर उसे जबड़े में जकड़ लिया। चीख-पुकार सुनṛकर पास काम कर रहा साथी मजदूर दौड़ा और हथौड़े से मगरमच्छ पर ताबड़तोड़ वार करने लगा। अचानक हुए हमले से घबराकर मगरमच्छ ने मजदूर को छोड़ा और नदी में चला गया। अन्य श्रमिकों ने लहूलुहान मजदूर को बाहर निकाला।
अस्पताल में जिंदगी-मौत से जूझ रहा श्रमिक
मगरमच्छ के हमले में मजदूर के शरीर पर गहरे जख्म हैं। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम इलाज में जुटी है। चिकित्सकों के अनुसार घायल की हालत गंभीर बनी हुई है और लगातार निगरानी की जा रही है।
वीडियो वायरल, इलाके में खौफ
हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मगरमच्छ के चंगुल से मजदूर को छुड़ाने की जद्दोजहद और मौके पर मची भगदड़ साफ दिख रही है। वीडियो सामने आने के बाद बांध पर काम कर रहे मजदूरों और आसपास के गांवों में दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि घाघरा में मगरमच्छ पहले भी दिखते रहे हैं, लेकिन इस तरह इंसान पर हमला पहली बार हुआ है।
‘चेतावनी बोर्ड लगाओ, गश्त बढ़ाओ’-ग्रामीणों की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि बांध निर्माण जैसे संवेदनशील क्षेत्र में न तो चेतावनी बोर्ड हैं और न ही वन विभाग की गश्त। मजदूरों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि नदी किनारे सुरक्षा बढ़ाई जाए, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और बचाव दल तैनात किया जाए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।







