चोरों ने प्रधान समेत तीन घरों में 8 ताले तोड़कर करीब 70 लाख से अधिक के जेवरात और पार की नकदी
डिटेक्टर मशीन से खोजा सोना, फ्रिज से मिठाई खाकर पी सिगरेट
गोण्डा। कोतवाली कर्नलगंज पुलिस लाखों की बड़ी चोरी की वारदात के 10 दिन बाद भी खुलासा करने में नाकाम साबित हो रही है। प्राप्त जानकारी ग्राम पंचायत हीरापुर कमियार के चौहान पुरवा में 11 अगस्त की रात बेखौब चोरों ने प्रधान समेत तीन घरों में 8 ताले तोड़कर करीब 70 लाख से अधिक के जेवरात और नकदी पार कर दी। सीसीटीवी में कैद होने के बावजूद चोर पुलिस की पहुंच से दूर हैं,जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दहशत है। ग्राम प्रधान पंकज सिंह के अनुसार उनके घर से 6 हजार नकद, 35 तोला सोना और 2.6 किलो चांदी सहित करीब 60 लाख का नुकसान। पूर्व प्रधान पुत्र देवपाल सिंह के घर से 2.50 लाख नकद और भारी मात्रा में जेवरात। पीड़ित ने 50 लाख की चोरी की तहरीर दी है। लेखपाल बलजीत सिंह के घर से 1.40 लाख नकद और कीमती गहने। कुल मिलाकर एक ही गांव में एक ही रात में करीब एक 70 लाख से अधिक की चोरी की बड़ी वारदात से हड़कंप मचा है।
रात 1:30 बजे मशीन की बीप सुनी, इनवर्टर समझकर सो गए प्रधान
ग्राम प्रधान पंकज सिंह ने बताया कि घटना वाली रात 1:30 बजे उन्हें मशीन की बीप जैसी आवाज सुनाई दी थी, जिसे उन्होंने इनवर्टर की आवाज समझकर अनदेखा कर दिया। आशंका है कि चोर सोना-चांदी खोजने के लिए मेटल डिटेक्टर मशीन लाए थे। बगल के घर के सीसीटीवी में 3 से 4 संदिग्ध एक-दूसरे के कंधे पर चढ़कर छत से उतरते हुए कैद हुए हैं।
फ्रिज से मिठाई-सेब खाए, पानी पीकर सिगरेट पीते हुए भागे
चोरों के हौंसले इतने बुलंद थे कि देवपाल सिंह के घर में चोरी के बाद उन्होंने फ्रिज से मिठाई, केला, सेब निकालकर खाया, पानी पिया और सिगरेट पीकर आराम से फरार हो गए।
एसपी की फटकार के बाद भी नहीं हुआ खुलासा
पीड़ितों ने सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर एसपी को शिकायती पत्र दिया था। तत्कालीन एसपी विनीत जायसवाल ने प्रभारी निरीक्षक करनैलगंज को कड़ी फटकार लगाते हुए शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए थे। पुलिस 5 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ और एसओजी- सर्विलांस की टीमें छापेमारी की बात कह रही है, लेकिन 10 दिन बाद भी बरामदगी शून्य है। कर्नलगंज के सीओ ने बताया कि घटना के खुलासे के पुलिस टीमें लगी हुई हैं,जो काम कर रही हैं। शीघ्र ही खुलासा किया जायेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि गश्त न होने से चोर बेखौफ हैं और लोग रात भर लाठी-डंडा लेकर पहरा देने को मजबूर हैं। अब पूरे गांव की उम्मीद नवागत तेजतर्रार एसपी अभिषेक झा पर टिकी है।







