-सीसीटीवी में कैद है बर्बरता, मेडिकल में 3 जगह चोट के निशान: एसपी से एफआईआर व निलंबन की मांग।
गोण्डा । थाना परसपुर की शाहपुर पुलिस चौकी में दरोगा और सहयोगी पुलिसकर्मी का कहर और मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। चौकी प्रभारी अंकित सिंह पर 65 वर्षीय वृद्ध किसान राधेश्याम सिंह और उसके 21 साल के नाती अभय प्रताप सिंह को चौकी में बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। बताया जाता है कि पुलिस के बर्बरता का यह पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी में कैद है,वहीं पीड़ित के मेडिकल में 3 जगह चोट के निशान पाये गये हैं। पीड़ित ने एसपी गोंडा विनीत जायसवाल को शिकायती पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने, दरोगा को निलंबित करने और चौकी की सीसीटीवी फुटेज जब्त करने की मांग की है।
पीड़ित राधेश्याम सिंह निवासी पूरे अजब कलपपुरवा ने बताया कि 16 जून 2026 को सुबह 7 बजे वह सरकारी चकमार्ग से पशुओं के लिए घास काटकर लाया था। गांव के कौशल कुमार ने रंजिश में चकमार्ग कब्जे की झूठी शिकायत चौकी में कर दी। शाहपुर पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की वीडियो बनाया। जांच में कोई अवैध कब्जा नहीं मिला। इसकी रिपोर्ट चौकी में जमा कर दी गई।इसके बावजूद सिपाही अजीत सिंह ने मोबाइल नंबर 8765762778 से फोन कर राधेश्याम को चौकी बुलाया। आरोप है कि चौकी प्रभारी अंकित सिंह ने बुजुर्ग किसान को कालर पकड़कर कई बार जमीन पर पटका, मुक्कों-घूसों से पीटा और हवालात में बंद कर दिया। चौकी के बाहर खड़े पीड़ित के नाती अभय प्रताप सिंह को जबरन अंदर खींच लिया गया। उसे बेल्ट से पीटा गया और धमकी दी गई कि पूरे परिवार को गांव से उजाड़ दूंगा तथा झूठे मुकदमे में फंसाकर जिन्दगी बर्बाद कर दूंगा। पीड़ित का आरोप है कि चौकी प्रभारी ने धमकाते हुए कहा मेरे खिलाफ एसपी विनीत जायसवाल के पास जाकर शिकायत कर लेना, मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा। मेरी ऊपर तक पहुंच है। एसपी भी मेरा कुछ नहीं उखाड़ पाएंगे। 19 जून को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय गोंडा में अभय प्रताप सिंह का मेडिकल कराया गया। रिपोर्ट में पीठ और जांघ पर लाठी/बेल्ट से मारने के 3 गहरे निशान मिले हैं। डॉक्टर ने चोट को एक दिन पुराना बताया है। पीड़ित ने मांग की है कि चौकी प्रभारी अंकित सिंह व सिपाही अजीत सिंह पर एफआईआर दर्ज की जाय, 18.06.2026 की चौकी की सीसीटीवी फुटेज तुरंत जब्त की जाए। जांच तक दरोगा को निलंबित किया जाए। परिवार को सुरक्षा दी जाए। पीड़ित ने शिकायती पत्र की प्रतिलिपि डीआईजी देवीपाटन, आईजी गोरखपुर जोन और प्रमुख सचिव गृह को भी भेजी है।







