गोण्डा लाइव न्यूज एक प्रोफेशनल वेब मीडिया है। जो समाज में घटित किसी भी घटना-दुघर्टना "✿" समसामायिक घटना"✿" राजनैतिक घटनाक्रम "✿" भ्रष्ट्राचार "✿" सामाजिक समस्या "✿" खोजी खबरे "✿" संपादकीय "✿" ब्लाग "✿" सामाजिक "✿" हास्य "✿" व्यंग "✿" लेख "✿" खेल "✿" मनोरंजन "✿" स्वास्थ्य "✿" शिक्षा एंव किसान जागरूकता सम्बन्धित लेख आदि से सम्बन्धित खबरे ही निःशुल्क प्रकाशित करती है। एवं राजनैतिक , समाजसेवी , निजी खबरे आदि जैसी खबरो का एक निश्चित शुल्क भुगतान के उपरान्त ही खबरो का प्रकाशन किया जाता है। पोर्टल हिंदी क्षेत्र के साथ-साथ विदेशों में हिंदी भाषी क्षेत्रों के लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है और भारत में उत्तर प्रदेश गोण्डा जनपद में स्थित है। पोर्टल का फोकस राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को उठाना है और आम लोगों की आवाज बनना है जो अपने अधिकारों से वंचित हैं। यदि आप अपना नाम पत्रकारिता के क्षेत्र में देश-दुनिया में विश्व स्तर पर ख्याति स्थापित करना चाहते है। अपने अन्दर की छुपी हुई प्रतिभा को उजागर कर एक नई पहचान देना चाहते है। तो ऐसे में आप आज से ही नही बल्कि अभी से ही बनिये गोण्डा लाइव न्यूज के एक सशक्त सहयोगी। अपने आस-पास घटित होने वाले किसी भी प्रकार की घटनाक्रम पर रखे पैनी नजर। और उसे झट लिख भेजिए गोण्डा लाइव न्यूज के Email-gondalivenews@gmail.com पर या दूरभाष-8303799009 -पर सम्पर्क करें।

गोण्डा-पुरानी रंजिश में चली गोली, युवक की आंख में लगी गोली; तीन घायल, एंबुलेंस कर्मियों की तत्परता से समय पर मिला इलाज

 


गोण्डा। धानेपुर थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर करीब 12 बजे पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि फायरिंग और मारपीट हो गई। घटना गोंडा-उतरौला मार्ग स्थित ठाकुरदास पुरवा गांव के पास हुई, जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया गया।

        घटना में 22 वर्षीय राहुल ओझा की दाहिनी आंख में गोली लगने से उनकी हालत गंभीर हो गई। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहीं, दूसरे पक्ष के अमित और सुनील पासवान भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों का इलाज गोंडा मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।

      घटना की सूचना मिलते ही 102 एंबुलेंस मुजेहना के पायलट शुभम श्रीवास्तव एवं इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन सीमा वर्मा, साथ ही 108 एंबुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन राजू जायसवाल और पायलट फूलचंद यादव तत्काल मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार देते हुए सुरक्षित गोंडा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। गंभीर घायल राहुल ओझा को समय पर अस्पताल पहुंचाने और उपचार शुरू कराने में एंबुलेंस टीम की अहम भूमिका रही।

        राहुल ओझा ने आरोप लगाया कि वह डीजल लेकर जा रहे थे, तभी विवाद के दौरान उन पर गोली चलाई गई। वहीं, दूसरे पक्ष के सुनील पासवान का आरोप है कि पहले उनका पीछा किया गया, जिसके बाद फायरिंग और लाठी-डंडों से मारपीट हुई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।

      घटना की सूचना पर सीओ सदर अभिषेक दावच्या और धानेपुर थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

       सीओ सदर अभिषेक दावच्या ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पुरानी रंजिश और आपसी कहासुनी का है। सभी बिंदुओं पर गहन जांच की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

[ Read More ]»

गोण्डा-विकास की कीमत या विस्थापन की त्रासदी? मसकनवां ओवरब्रिज ने उजाड़ दिए दशकों के सपने

 


गोण्डा । मसकनवां बाजार में प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण को प्रशासन जहां विकास की बड़ी उपलब्धि बता रहा है, वहीं दूसरी ओर यह परियोजना सैकड़ों परिवारों के लिए जीवनभर की कमाई और दशकों पुराने आशियाने के उजड़ने की कहानी बन गई है। जिस परियोजना का उद्देश्य जाम से मुक्ति और बेहतर आवागमन बताया जा रहा है, उसी के कारण आज अनेक व्यापारी अपने ही हाथों से अपनी दुकानों और मकानों पर हथौड़े चलाने को विवश हैं।

         कभी ग्राहकों की चहल-पहल से गुलजार रहने वाला मसकनवां बाजार अब मलबे के ढेर में तब्दील होता दिखाई दे रहा है। जिन मकानों और प्रतिष्ठानों को लोगों ने वर्षों की मेहनत, संघर्ष और उम्मीदों से खड़ा किया था, वे अब विकास की कीमत बनते नजर आ रहे हैं। प्रभावित परिवारों का सवाल है कि यदि विकास किसी पूरे बाजार के अस्तित्व को ही मिटा दे, तो आखिर उसे किस दृष्टि से विकास कहा जाए?

          स्थानीय लोगों का दावा है कि ओवरब्रिज का वैकल्पिक डिजाइन तैयार कर या उसे कस्बे के बाहरी हिस्से से गोंडा-बभनान मुख्य मार्ग तक जोड़ते हुए बाईपास के माध्यम से मसकनवां-गौरा चौकी मार्ग से जोड़ा जा सकता था। उनका कहना है कि ऐसा होने पर जाम की समस्या का समाधान भी हो जाता और दशकों पुरानी बाजार तथा सैकड़ों परिवारों का आशियाना भी सुरक्षित रहता।

        प्रभावित व्यापारियों ने अपनी पीड़ा लेकर सांसद एवं केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह 'राजा भैया' से भी मुलाकात की। व्यापारियों के अनुसार उन्हें जवाब मिला कि यह केंद्र सरकार से जुड़ा विषय है और इस मामले में वे कुछ नहीं कर सकते। वहीं क्षेत्रीय विधायक से मिलने पर उन्हें मुख्यमंत्री से वार्ता का आश्वासन मिला। हालांकि अब तक प्रभावित परिवारों को कोई ठोस राहत या समाधान नहीं मिल सका है।

        स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि लाखों लोगों की सुविधा के लिए सैकड़ों परिवारों का विस्थापन अपरिहार्य माना जा रहा है, तो कम से कम उन्हें सम्मानजनक पुनर्वास और उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त राहत दिए लोगों को अपने ही घर और दुकानें तोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

          सबसे बड़ा विवाद लोक निर्माण विभाग द्वारा कई दशक पुराने मकानों और दुकानों को अतिक्रमण की श्रेणी में मानते हुए नोटिस जारी करने को लेकर है। प्रभावित लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब वर्षों तक इन्हीं भवनों के सामने से सड़क संचालित होती रही, तब वे वैध थे, लेकिन अब सड़क का मानक बदलते ही वही मकान अचानक अतिक्रमण कैसे हो गए।

          मसकनवां के लोगों का दर्द केवल ईंट-पत्थरों के टूटने का नहीं, बल्कि पीढ़ियों की मेहनत, पहचान और आजीविका के बिखरने का है। उनका मानना है कि यह विस्थापन आने वाले वर्षों तक उनकी स्मृतियों में जिंदा रहेगा। अब सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि क्या विकास और जनहित के बीच ऐसा संतुलन नहीं बनाया जा सकता था, जिससे आवागमन भी सुगम होता और दशकों पुरानी बाजार का अस्तित्व भी सुरक्षित रहता।

[ Read More ]»

गोण्डा-अज्ञात वाहन की टक्कर से साइकिल सवार बुजुर्ग की मौत, लखनऊ में तोड़ा दम

 


गोण्डा। मोतीगंज-कहोबा मार्ग पर मंगलवार शाम एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की टक्कर से 60 वर्षीय साइकिल सवार बुजुर्ग की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया। मिली जानकारी के अनुसार सुमेरीपुर गांव निवासी सत्यनारायण तिवारी 60 वर्ष मंगलवार शाम करीब 4 बजे साइकिल से कहोबा जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि सत्यनारायण गंभीर रूप से घायल हो गए।स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद नाजुक हालत को देखते हुए लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अज्ञात वाहन और चालक की तलाश में जुटी है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

[ Read More ]»

गोण्डा-लखनीपुर में शटरिंग खोलते समय छज्जा और दीवार गिरी, मजदूर बजरंगी की दर्दनाक मौत

 


धानेपुर-गोण्डा। थाना धानेपुर क्षेत्र के ग्राम लखनीपुर में बुधवार को शटरिंग खोलने के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

         मृतक के पिता नकछेद ने बताया कि उनका पुत्र बजरंगी गांव के ही संजय के यहां शटरिंग का कार्य करता था। बुधवार को वह ननकून तेली के मकान पर बने छज्जे की शटरिंग खोल रहा था। इसी दौरान अचानक छज्जा और उससे जुड़ी दीवार भरभराकर गिर गई। मलबे की चपेट में आने से बजरंगी गंभीर रूप से दब गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।

      हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मृतक बजरंगी अपने चार भाइयों में सबसे बड़ा था और परिवार का मुख्य कमाऊ सदस्य था। वह अपने पीछे पत्नी शिवानी, पुत्र रितेश (10 वर्ष) तथा तीन बेटियां अचला (9 वर्ष), कजला (7 वर्ष) और रिद्धि (5 वर्ष) को छोड़ गया है। परिवार के सामने अब आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

       घटना की सूचना मिलने पर थाना धानेपुर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक अरविंद यादव ने बताया कि शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता और प्रशासन से उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

[ Read More ]»

गोण्डा-डूबते मंदबुद्धि युवक की जान बचाकर हेड कांस्टेबल पवन यादव बने मिसाल, क्षेत्र में पुलिस की हो रही सराहना

 


धानेपुर-गोण्डा। थाना धानेपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवरिया अलावल स्थित बग्गी रोड के पास सरयू नहर खंड-4 में उत्तर प्रदेश पुलिस की बहादुरी और मानवता का सराहनीय उदाहरण देखने को मिला। यहां एक मंदबुद्धि अज्ञात युवक नहर के तेज बहाव में बहता हुआ मौत से जूझ रहा था। युवक लगातार डूबता-उतराता जा रहा था और उसकी जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था। घटना को देखकर स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद इसकी सूचना तत्काल थाना धानेपुर के प्रभारी निरीक्षक अरविंद यादव को दी गई।

सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक अरविंद यादव ने बिना किसी देरी के हल्का क्षेत्र में तैनात हेड कांस्टेबल पवन यादव को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया। मौके पर पहुंचकर हेड कांस्टेबल पवन यादव ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना तेज बहाव वाली सरयू नहर में छलांग लगा दी। काफी संघर्ष और जोखिम उठाने के बाद उन्होंने बहते हुए युवक तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस दौरान सबसे दुखद पहलू यह रहा कि मौके पर मौजूद कई ग्रामीण तमाशबीन बने रहे और डूबते युवक को बचाने के लिए कोई भी नहर में उतरने का साहस नहीं जुटा सका।

       नहर से बाहर निकालने के बाद युवक की हालत गंभीर थी, जिसके चलते उसे तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि पुलिस कुछ मिनट और देर से पहुंचती, तो युवक को बचा पाना संभव नहीं होता। हेड कांस्टेबल पवन यादव की सूझबूझ, साहस और त्वरित कार्रवाई ने एक अनमोल जीवन बचा लिया।

घटना के बाद क्षेत्र में हेड कांस्टेबल पवन यादव और थाना धानेपुर पुलिस की कार्यशैली की व्यापक सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रभारी निरीक्षक अरविंद यादव के त्वरित निर्देश और हेड कांस्टेबल पवन यादव की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे पुलिसकर्मी वर्दी की गरिमा और पुलिस विभाग की प्रतिष्ठा को बढ़ाते हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की घड़ी में मानव जीवन की रक्षा के लिए भी पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और साहस के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करती है।

[ Read More ]»

गोण्डा-थाने में न्याय न मिलने से आहत महिला ने एसपी ऑफिस में खुद पर छिड़का पेट्रोल, मचा हड़कंप

 


-महिला का आरोप- "बेटी को एक्सपायरी खून चढ़ाकर डाक्टरों ने मार डाला"- नवंबर 2025 में आशादेव अस्पताल में हुई थी 9 साल की सिद्धि की मौत।

गोण्डा । बेटी की मौत के मामले में पुलिस-प्रशासन की लापरवाही से आहत होकर थाना मनकापुर क्षेत्र निवासिनी एक महिला ने बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे एसपी कार्यालय में आत्मदाह का प्रयास किया। महिला ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया था। समय रहते महिला पुलिसकर्मियों ने बोतल छीनकर एक बड़ी घटना टाल दी। इसके बाद महिला को हिरासत में ले लिया गया। इस घटना से एसपी आफिस में अफरा तफरी मच गई।

"बेटी को गलत खून चढ़ाकर मार डाला"

मिली जानकारी के मुताबिक पीड़ित महिला का नाम रूपाली है। नवंबर 2025 में उसकी 9 साल की बेटी सिद्धि की तबीयत खराब हुई थी। 13 नवंबर को उसे शहर के आशा देव मेमोरियल सर्जिकल एवं मैटरनिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। बच्ची को प्लेटलेट्स की कमी और शरीर में पानी बढ़ने की शिकायत थी।

रूपाली का आरोप है कि अस्पताल वालों ने पहले 50 हजार रुपए मांगे। 6 दिन भर्ती रहने के दौरान डॉक्टरों ने बच्ची को 3-4 यूनिट खून चढ़ाने को कहा। इसके लिए 11 हजार 500 रुपए जमा कराए। अगले दिन फिर 50 हजार रुपए मांगे गए। पैसे न होने पर डॉक्टरों ने बच्ची को कहीं और ले जाने की बात कही।

एक्सपायरी खून और 1 लाख में शव देने का आरोप

रूपाली का सबसे गंभीर आरोप है कि उसकी बेटी को एक्सपायरी खून चढ़ाया गया। वह पढ़ी-लिखी नहीं है इसलिए खून की थैली नहीं पढ़ सकी, लेकिन उसने पैकेट की फोटो खींच ली थी। खून चढ़ाने के बाद बच्ची की हालत और बिगड़ गई। 19 नवंबर 2025 को डॉक्टरों ने सिद्धि को मृत घोषित कर दिया।

         रूपाली ने यह भी आरोप लगाया कि शव सौंपने से पहले अस्पताल प्रशासन ने 1 लाख रुपए की मांग की। किसी तरह रुपए जुटाकर देने के बाद ही उसे बेटी का शव मिला।

एएसपी ने जांच सीएमओ को सौंपी

कार्रवाई न होने से नाराज रूपाली बुधवार को एसपी कार्यालय पहुंची और पेट्रोल छिड़क लिया। महिला पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़कर एक कमरे में ले जाकर शांत कराया। एएसपी राधेश्याम राय ने पूरे मामले की जांच सीएमओ को सौंप दी है।

इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि जब थाने में सुनवाई नहीं होती तो पीड़ित को इंसाफ के लिए जान तक देनी पड़ती है।

[ Read More ]»

गोण्डा-कर्नलगंज में खुदाई के दौरान निकले 22 कोबरा के बच्चे और 1 विशाल नाग, गांव में दहशत

 


-सर्प मित्र ने सभी सांपों का किया रेस्क्यू, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस।

फोटो सहित- खुदाई के दौरान निकले 22 कोबरा के बच्चे व जानकारी देती एक महिला।

गोण्डा । करनैलगंज तहसील क्षेत्र अंतर्गत डैनियागंज गांव में बुधवार को जमीन की खुदाई के दौरान 1 विशाल इंडियन स्पेक्टिकल कोबरा और 22 कोबरा के बच्चे निकलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। एक साथ इतनी संख्या में सांपों को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई।

खुदाई के दौरान खुला नाग का बिल

स्थानीय लोगों के अनुसार डैनियागंज में जमीन की खुदाई का काम चल रहा था। काफी गहराई तक खुदाई करने पर पहले एक बड़ा साइज का इंडियन स्पेक्टिकल कोबरा बाहर निकला। इसके कुछ देर बाद उसी जगह से 22 कोबरा के बच्चे भी बाहर आ गए। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह नागों का बिल था। सांपों को देखकर वहां मौजूद मजदूर और ग्रामीण डर के मारे इधर-उधर भागने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई।

सर्प मित्र ने किया रेस्क्यू, जंगल में छोड़े जाएंगे

सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे सर्प मित्र अरुण कुमार बाबा ने काफी प्रयास के बाद सभी 23 सांपों को पकड़कर रेस्क्यू कर लिया। उन्होंने बताया कि सभी सांपों को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा।

विशेषज्ञों की अपील

वन्य जीव विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात से पहले सांप बिल बनाकर अंडे देते हैं। गर्मी बढ़ने पर बच्चे बिल से बाहर निकलते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और सांप दिखने पर उसे मारने के बजाय तुरंत वन विभाग या सर्प मित्र को सूचना दें। इस घटना के बाद डैनियागंज और आसपास के गांवों में लोगों में दहशत का माहौल है।

[ Read More ]»
”go"