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मैच के लिए स्टेडियम जा रही स्विट्जरलैंड की टीम बस पुलिस की गाड़ी से टकराई, टला बड़ा हादसा

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फीफा वर्ल्ड कप 2022 में सोमवार को स्विट्जरलैंड का मुकाबला ब्राजील से था। इस मैच में ब्राजील ने स्विट्जरलैंड को 1-0 से हरा दिया था। इस मैच से पहले जब स्विट्जरलैंड की टीम स्टेडियम जा रही थी तो यह हादसा हुआ।

फीफा वर्ल्ड कप 2022 का रोमांच अपने चरम पर है। सोमवार को फुटबॉल विश्व कप में स्विटजरलैंड का मुकाबला ब्राजील से था। इस मैच में ब्राजील ने 1-0 से स्विट्जरलैंड को मात दे दी। आपको बता दें कि इस मैच से पहले स्विट्जरलैंड की टीम के खिलाड़ी एक बड़ी दुर्घटना का शिकार होते-होते बच गए थे। दरअसल, सोमवार शाम को जब स्विट्जरलैंड फुटबॉल टीम के खिलाड़ी मैच के लिए स्टेडियम जा रहे थे तो रास्ते में उनकी बस एक पुलिस जीप से टकार गई। हालांकि यह टक्कर ज्यादा जोरदार नहीं थी और गनीमत रही कि किसी खिलाड़ी को इस हादसे में चोट नहीं आई।

स्टेडियम जाने वाले रास्ते पर था जाम बताया जा रहा है कि जिस वक्त यह हादसा हुआ उस समय उस रास्ते पर भीषण जाम लगा हुआ था। ऐसे में सभी गाड़ियां धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थीं। इस हादसे के बाद सभी खिलाड़ी स्टेडियम पहुंचे और मैच भी खेला। जानकारी के मुताबिक, गेम के लिए स्टेडियम जाते वक्त स्विट्जरलैंड के खिलाड़ियों की बस 974 के रास्ते से जा रही थी कि तभी पुलिस की जीप से बस की टक्कर हो गई। बस की गति बहुत धीमी थी, इसीलिए इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई।

स्टेडियम जाने वाले रास्ते पर था जाम बताया जा रहा है कि जिस वक्त यह हादसा हुआ उस समय उस रास्ते पर भीषण जाम लगा हुआ था। ऐसे में सभी गाड़ियां धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थीं। इस हादसे के बाद सभी खिलाड़ी स्टेडियम पहुंचे और मैच भी खेला। जानकारी के मुताबिक, गेम के लिए स्टेडियम जाते वक्त स्विट्जरलैंड के खिलाड़ियों की बस 974 के रास्ते से जा रही थी कि तभी पुलिस की जीप से बस की टक्कर हो गई। बस की गति बहुत धीमी थी, इसीलिए इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई।

आपको बता दें कि अगर मैच की बात करें तो खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही ब्राजील ने स्विट्जरलैंड को 1-0 से हरा दिया। हालांकि ब्राजील को स्विट्जरलैंड ने कड़ी चुनौती पेश की। इस जीत के बाद पॉइंट टेबल में ब्राजील टॉप पर है, जबकि स्विट्जरलैंड 1 जीत और 1 हार के साथ पॉइंट टेबल में दूसरे स्थान पर है। स्विट्जरलैंड ने अपने पहले मैच में कैमरून को हराया था। वहीं ब्राजील ने अपने दोनों मैचों में जीत दर्ज की है। स्विट्जरलैंड को अंतिम 16 में जाने के लिए अभी एक जीत की दरकार है।

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'खुद की ही बेज्जती कर रहे हैं अकरम', सलीम मलिक ने पलटवार में बताया मसाज और कपड़े धुलवाने का 'सच'

 
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वसीम अकरम द्वारा ऑटो बायोग्राफी में किए दावों के चलते सलीम मलिक के अंदर खलबली मचनी तय है जो अपने समय में दाएं हाथ के बल्लेबाज थे और उन्होंने वसीम अकरम के आरोपों का जवाब दिया है।

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट कप्तान वसीम अकरम (Wasim Akram) ने अपनी ऑटो बायोग्राफी में सलीम मलिक के ऊपर ऐसे सनसनीखेज आरोप लगाए हैं कि सुनने वाला भी हैरान रह जाए। वसीम अकरम की बातें अगर सच है तो इससे पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का 90 के दशक का चेहरा दिखाई देता है जो काफी विवादापस्द लगता है। पाक टीम निश्चित तौर पर प्रतिभाओं की खान रही है लेकिन इसके खिलाड़ियों में विवाद होना बेहद आम बात रही। खिलाड़ी मैच फिक्सिंग के आरोपों में भी आए और विवाद तो पाक टीम का हिस्सा बने रहे। 

'मालिश करवाते थे, अपने कपड़े-जूते भी साफ करवाते थे' पाक के पूर्व कप्तान वसीम सलीम मलिक भी ऐसे ही खिलाड़ी रहे जो साल 2000 में मैच फिक्सिंग के आरोपों की जकड़ में आए थे। वसीम अकरम का कहना है कि जब वे सलीम मलिक की कप्तानी में पहली बार खेले थे तब यह कप्तान अपने सीनियर होने का फायदा उठाता था और वसीम अकरम के जूनियर स्टेटस के चलते उनसे फालतू के काम कराता था। अकरम ने तो यह भी कहा कि सलीम उनसे मालिश करवाते थे, अपने कपड़े-जूते भी साफ करवाते थे और उनको काफी बेज्जती महसूस होती थी। उन्होंने मलिका को सेल्फिश भी बताया।



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भारतीय पैरा एथलीटों से मिले पीएम मोदी, खिलाड़ियों ने साझा किए अपने अनुभव

 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के पैरालम्पिक दल को अपने आवास पर गुरूवार को सुबह के नाश्ते पर बुलाकर सम्मानित किया और खिलाड़ियों ने उन्हें अपने हस्ताक्षर वाला एक स्टोल भेंट किया। भारतीय पैरा एथलीट पांच स्वर्ण, आठ रजत और छह कांस्य समेत 19 पदक जीतकर तोक्यो से लौटे जो अब तक खेलों में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत पदक तालिका में 24वें स्थान पर रहा। सभी पदक विजेताओं ने अपने हस्ताक्षर वाला सफेद स्टोल प्रधानमंत्री को भेंट किया जो उन्होंने गले में पहन रखा था। पैरा एथलीटों को पदक जीतने के बाद सबसे पहले फोन पर बधाई देने वाले मोदी बैडमिंटन खिलाड़ियों रजत पदक विजेता नोएडा के जिला मजिस्ट्रेट सुहास यथिराज, स्वर्ण पदक विजेता कृष्णा नागर और युवा पलक कोहली से बात करते दिखे। पैरालम्पिक में पहली बार शामिल किये गए बैडमिंटन में भारतीयों ने चार पदक जीते जिनमें दो स्वर्ण भी थे। निशानेबाज अवनि लेखरा और सिंहराज अडाना भी प्रधानमंत्री से बात करते दिखे। दोनों ने दो दो पदक जीते हैं। एक हादसे के बाद कमर के नीचे के हिस्से के लकवाग्रस्त होने के बावजूद लेखरा ने पैरालम्पिक में एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा । वहीं बचपन में पोलियो के शिकार 39 वर्ष के अडाना ने एक रजत और एक कांस्य अपने नाम किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अनुभवी भालाफेंक खिलाड़ी देंवेंद्र झाझडिया और ऊंची कूद के खिलाड़ी मरियप्पन थंगावेलु से भी बात की । दोनों ने रजत पदक जीता । टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल और तीरंदाज हरविंदर सिंह भी तस्वीरों में नजर आये । पटेल ने रजत और सिंह ने कांस्य पदक जीता है।


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युजवेंद्र चहल को टीम इंडिया में जगह ना मिलने पर छलका पत्नी धनश्री वर्मा का दर्द, इंस्टाग्राम पर लिखा इमोनशल पोस्ट

 
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आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2021 के लिए भारतीय टीम में लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल को जगह नहीं मिली है। वो पिछले लंबे समय से टीम इंडिया की तरफ से टी-20 इंटरनेशनल मैच खेल रहे थे। रविचंद्रन अश्विन की 4 साल बाद टी-20 में वापसी हुई है। चहल को टीम में जगह ना मिलने के बाद उनकी पत्नी धनश्री वर्मा ने इंस्टाग्राम पर एक इमोनशनल पोस्ट लिखी है। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी दिल की बात लिखी है। टी-20 वर्ल्डकप का आगाज 17 अक्टूबर से हो रहा है।

धनश्री वर्मा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा,' मां कहती है... कि ये वक्त भी गुजर जाना है। सिर उठाकर जियो क्योंकि हुनर और अच्छे कर्म हमेशा साथ देते हैं। तो जी बात ऐसी है कि ये वक्त भी गुजर जाना है। गॉड इस ग्रेट।' चहल के ना चुने जाने पर सोशल मीडिया में फैंस ने हैरानी जाहिर की थी। धनश्री की ये इंस्टाग्राम स्टोरी सोशल मीडिया में काफी वायरल हो रही है। चहल को टीम में शामिल करने पर चीफ सिलेक्टर चेतन शर्मा ने कहा कि हमें वो स्पिनर चाहिए थे जो थोड़ा तेज गेंद फेंकते हैं। इसलिए हमने राहुल चाहर को टीम में शामिल किया है।

गौरतलब है कि युजवेंद्र चहल टी-20 इंटरनेशनल में भारत की तरफ से सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उन्होंने 49 टी-20 मैच में 63 विकेट लिए हैं। चहल का बेस्ट प्रदर्शन 25 रन देकर 6 विकेट है। इस बार आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की मेजबानी में खेला जाना है। भारत अपना पहला मैच 24 अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा। ग्रुप-2 में भारत को रखा गया है, जिसमें उसके साथ अफगानिस्तान, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान भी हैं। इस बार टी-20 वर्ल्ड कप में कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं।


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टी20 विश्व कप - भारतीय टीम घोषित, धोनी होंगे मेंटर

 
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भारतीय क्रिकेट कं ट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अक्टूबर-नवंबर में यूएई ओमान में होने वाले आईसीसी टी20 विश्व कप के लिए बुधवार रात 18 सदस्यि भारतीय टीम घोषित की, जिसमें तीन स्टैंडबाई खिलाड़ी शामिल हैं।

भारतीय टीम कप्तान विराट कोहली उपकप्तान रोहित शर्मा ने नेतृत्व में अपना दूसरा टी20 विश्व कप खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी। भारत ने 2007 में पाकिस्तान को हराकर इस टूर्नामेंट का खिताब जीता था, हालांकि इसके बाद अब तक भारतीय टीम इस टूर्नामेंट का खिताब नहीं जीत सकी है।

इस बीच बीसीसीआई के सचीव जय साह ने बताया की पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी टी20 टीम के मेंटर होंगे। उल्लेखनीय है कि धोनी के नेतृत्व में ही भारत ने पहली आखरी बार टी20 विश्व कप का खिताब जीता है।

इस टूर्नामेंट का आयोजन 17 नवंबर से 14 नवंबर तक होगा। भारत टी20 विश्व कप में ग्रुप 2 में है, जिसमें पाकिस्तान की टीम भी शामिल है। भारत का पाकिस्तान के साथ 24 अक्टूबर को मुकाबला होना है।

टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम :

विराट कोहली (कप्तान) रोहित शर्मा (उपकप्तान), लोकेश रहुल, सूर्य कुमार यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर) ईशान किशन (विकेटकीपर) हार्दिक पांड्या, रवींद्र जडेजा, राहुल चाहर, रविचंद्रन अश्विन, अक्षर पटेल, वरुण चकरवर्ती, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार मोहम्मद शमी।
स्टैंडबाई खिलाड़ी : श्रेयस अय्यर, शार्दूल ठाकुर दीपक चाहर।

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तालिबान ने कहा, अफगानिस्तान में महिलाओं को क्रिकेट सहित कोई खेल खेलने की इजाजत नहीं

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तालिबान ने बुधवार को स्पष्ट किया है कि अफगानिस्तान में महिलाओं को क्रिकेट सहित कोई खेल खेलने की अनुमति नहीं है।

इसके बाद ऑस्ट्रेलिया अफगानिस्तान के बीच इस साल नवंबर में होबार्ट में होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच पर संशय के बादल छा गए हैं।

तालिबान कलचरल कमिशन के डिप्टी हेड अहमदुल्लाह वासिक ने एसबीएस न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा, मुझे नहीं लगता कि महिलाओं को क्रिकेट खेलने की इजाजत होगी क्योंकि यह जरूरी नहीं है कि महिलाएं क्रिकेट खेलें। क्रिकेट में उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है जहां उनका चेहरा शरीर ढका नहीं होगा। इस्लाम तों को इस तरह देखने की इजाजत नहीं देता। यह मीडिया का जमाना है, इसमें फोटो वीडियो होंगे फिर लोग इसे देखेंगे। इस्लाम इस्लामिक अमीरात महिलाओं को क्रिकेट खेलने या उस तरह के खेल खेलने की इजाजत नहीं देते।

नवंबर 2020 में, 25 महिला क्रिकेटरों को अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) द्वारा केंद्रीय अनुबंध में शामिल किया गया था। काबुल में 40 महिला क्रिकेटरों के लिए 21 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किया गया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के सभी 12 पूर्ण सदस्यों की राष्ट्रीय महिला टीम होना जरूरी है आईसीसी केवल पूर्ण सदस्यों को ही टेस्ट मैच खेलने की अनुमति है।

यह पूछे जाने पर कि महिला क्रिकेट नहीं होने का मतलब आईसीसी होबार्ट टेस्ट को रद्द कर सकता है। इस पर वासिक ने कहा कि तालिबान समझौता नहीं करेगा।

उन्होंने कहा, इसके लिए अगर हमें चुनौतियों समस्याओं का सामना करना पड़ा तो हमने अपने धर्म के लिए लड़ाई लड़ी है ताकि इस्लाम का पालन किया जा सके। हम इस्लामी मूल्यों को पार नहीं करेंगे, भले ही इसकी विपरीत प्रतिक्रिया हो। हम अपने इस्लामी नियमों को नहीं छोड़ेंगे।

वासिक ने कहा कि इस्लाम ने महिलाओं को खरीदारी जैसे जरूरतों के आधार पर बाहर जाने की इजाजत दी है खेल को जरूरी नहीं माना जाता है।

ऑस्ट्रेलिया के व्यापार मंत्री डैन तेहान ने तालिबान द्वारा महिला एथलीटों को खेल खेलने से प्रतिबंधित करने के फैसले को अविश्वसनीय रूप से निराशाजनक बताया।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.


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मीराबाई चानू का ब्रांड वैल्यू 10 गुना बढ़ा, कमाई के मामले क्रिकेटरों को दे रही टक्कर

 
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मीराबाई चानू का ब्रांड वैल्यू 10 गुना बढ़ा टोक्यो ओलंपिक में वेटलिफ्टिंग में भारत को सिल्वर मेडल दिलाने वाली मीराबाई चानू (Saikhom Mirabai Chanu) के ब्रांड वैल्यू में अचानक बढ़ोतरी हुई है.

टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेने से पहले उनकी फीस करीब 10 लाख हुआ करती थी, जो मेडल जीतने के बाद अचानक बढ़कर 1 करोड़ रुपये से भी अधिक हो गयी है.

टोक्यो ओलंपिक में मीराबाई चानू ने 21 साल बाद भारत को मेडल दिलाया. 49 किग्रा वर्ग में उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया. 26 साल की चानू ने कुल 202 किग्रा (87 किग्रा + 115 किग्रा) से कर्णम मल्लेश्वरी (Karnam Malleswari ) के 2000 सिडनी ओलंपिक में कांस्य पदक के रिकॉर्ड को तोड़ा.

टोक्यो में इतिहास रचने वाली मीराबाई चानू के पास कई ब्रांड्स के ऑफर आ रहे हैं. चानू को मैनेज करने वाली कंपनी के अनुसार मेडल जीतने के बाद चानू की ब्रांड वैल्यू अचानक बढ़ गयी है.

कंपनी के अनुसार चानू की एंडोर्समेंट फीस बढ़कर 1 करोड़ रुपये से भी अधिक हो गयी है. जबकि मेडल जीतने से पहले उनकी फीस केवल 10 लाख रुपये हुआ करती थी.

चानू की कुल कमाई करीब 5 करोड़ रुपये है. उन्हें महीने में 4 लाख रुपये से अधिक की सैलरी मिलती है. उनकी सलाना कमाई करीब 50 लाख रुपये है.

टोक्यो में सिल्वर मेडल जीतने के बाद उन्हें मणिपुर सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपये इनाम दिये गये. रेलवे ने दो करोड़ रुपये का इनाम दिया. जबकि बीसीसीआई ने 50 लाख, ओलंपिक एसोसिएशन की ओर से 25 लाख इनाम के तौर पर दिया गया है.



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टोक्यो पैरा ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले दिग्गज शटलर प्रमोद भगत को मिलेंगे इतने करोड़ रुपए

 
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नई दिल्ली। ओडिशा सरकार टोक्यो पैरा ओलंपिक 2020 में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाले दिग्गज शटलर प्रमोद भगत को 6 करोड़ रुपये और ग्रुप ए का पद प्रदान करेगी। खेल और युवा सेवा विभाग ने बुधवार को एक बयान में कहा, टोक्यो पैरा ओलंपिक में पैरा-बैडमिंटन स्वर्ण पदक विजेता प्रमोद भगत 6 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार के लिए पात्र हैं। भुवनेश्वर आने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा चेक सौंपा जाएगा। वह ग्रुप ए स्तर की सरकारी नौकरी के लिए भी पात्र होंगे।

राज्य सरकार खिलाडिय़ों और पैरा-खिलाडिय़ों को उनकी क्षमता हासिल करने के लिए समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पहले मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ओडिशा ओलंपियन और पैरा-ओलंपियन के साथ बातचीत की थी, जिन्होंने 8 जुलाई, 2021 को टोक्यो ओलंपिक और पैरा ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था और उनके अच्छे भाग्य की कामना की थी। उन्हें प्रेरित करने के लिए, उन्होंने पदक जीतने के लिए नकद पुरस्कारों की भी घोषणा की - स्वर्ण पदक के लिए 6 करोड़ रुपये, रजत के लिए 4 करोड़ रुपये और कांस्य पदक के लिए 2.5 करोड़ रुपये। सरकार ने टोक्यो ओलंपिक और पैरा ओलंपिक के लिए उनकी तैयारी के लिए सहायता के रूप में 15 लाख रुपये का अनुदान भी प्रदान किया।

राज्य ने पहले ही कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम - बीरेंद्र लाकड़ा और अमित रोहिदास में ओडिशा के खिलाडिय़ों को 2.5 करोड़ रुपये के चेक सौंपे हैं। विभाग ने कहा, राज्य सरकार को हमारे ओलंपियन और पैरा-ओलंपियन की उपलब्धियों पर गर्व है और भविष्य की चैंपियनशिप के लिए उनका समर्थन करना जारी रखेगी।

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शैफाली वर्मा टॉप पर बरकरार, देखें स्मृति मंधाना और अन्य खिलाड़ियों की रैंकिंग

 
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आईसीसी की ताजा रैंकिंग में टीम इंडिया की सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा टॉप पर मौजूद हैं. जबकि उप कप्तान स्मृति मंधाना तीसरे स्थान पर पहुंच गयी हैं. शेफाली 759 अंक लेकर टॉप पर बनी हुई हैं, तो मंधाना 716 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंची हैं.

इधर न्यूजीलैंड की सोफी डिवाइन ऑलराउंडरों की सूची में संयुक्त रूप से टॉप पर पहुंच गई हैं. ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी (744) दूसरे स्थान पर पहुंच गये हैं. जबकि भारतीय टी20 टीम की उप कप्तान स्मृति मंधाना (716) तीसरे स्थान पर हैं. ऑस्ट्रेलिया की मेग लेनिंग 709 अंक के साथ चौथे जबकि सोफी एक स्थान के फायदे से 689 अंक के साथ पांचवें स्थान पर हैं.

गेंदबाजी रैंकिंग में टॉप 10 में भारत के केवल दो गेंदबाज ही हैं. जिसमें 6ठे स्थान पर दीप्ति शर्मा 703 अंकों के साथ 6ठे स्थान पर पहुंच गयी हैं, जबकि पूनम यादव 670 अंकों के साथ 8वें स्थान पर बनी हुई हैं.

सोफी ने होव में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में 50 रन बनाने के अलावा 26 रन देकर दो विकेट भी चटकाए. इस प्रदर्शन की बदौलत वह ऑलराउंडरों की सूची में भी एक स्थान के फायदे से इंग्लैंड की नताली स्किवर के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर पहुंच गई हैं.

ऑलराउंडरों की सूची में भारत की दीप्ति शर्मा, ऑस्ट्रेलिया की एलिस पैरी और वेस्टइंडीज की हेली मैथ्यूज को भी एक-एक स्थान का फायदा हुआ है और ये क्रमश: चौथे, पांचवें और छठे स्थान पर हैं.

वेस्टइंडीज की स्टेफनी टेलर तीन स्थान के नुकसान से सातवें स्थान पर खिसक गई हैं. बल्लेबाजी रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका की लिजेल ली तीन स्थान के फायदे से आठवें स्थान पर पहुंच गई है. गेंदबाजी रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया की मेगान शुट दो स्थान चढ़कर दूसरे स्थान पर हैं.

ऑस्ट्रेलिया की ही जेस योनासेन भी एक स्थान के फायदे के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गई हैं. भारत की दीप्ति शर्मा भी छठे स्थान पर पहुंच गई हैं जबकि पूनम यादव आठवें स्थान पर बरकरार हैं.

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय शृंखला में संयुक्त रूप से सर्वाधिक विकेट चटकाने वाली हेली मैथ्यूज सात स्थान की छलांग के साथ गेंदबाजों की रैंकिंग में शीर्ष 15 में पहुंच गई हैं.


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हम भले हीं पदक से चूक गए लेकिन महिला हॉकी का भविष्य उज्जवल है: टेटे

 
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टोक्यो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की मिडफील्डर सलीमा टेटे में मंगलवार को कहा कि उनकी टीम भले ही पदक से चूक गई पर आने वाले समय में महिला हॉकी का भविष्य उज्जवल है।

भारत ने ओलंपिक में दुनिया की कुछ शीर्ष टीमों को कड़ी टक्कर दी इतिहास बनाया। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में तीन बार के ओलंपिक चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराया अर्जेंटीना के खिलाफ अपना पहला ओलंपिक सेमीफाइनल खेला।

19 वर्षीय ने टेटे ने कहा, टोक्यो में जब हम कांस्य पदक के मैच में ग्रेट ब्रिटेन से हार गए थे, तो हम वास्तव में निराश थे। भले ही हमने पदक नहीं जीता, लेकिन हम जिस तरह टोक्यो में खेले, उससे निश्चित रूप से काफी आत्मविश्वास मिला है भविष्य में यह हमें बेहतर परिणाम देने में मदद करने वाला है।

टेटे ने कहा कि वह बहुत कम उम्र में ओलंपिक खेलों में खेलने का मौका पाकर खुद को भाग्यशाली महसूस करती हैं।

उन्होंने कहा, ओलंपिक खेल किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ा टूर्नामेंट है मैं अपने देश के लिए सबसे बड़े स्तर में प्रदर्शन करने का अवसर पाकर बहुत धन्य महसूस कर रही हूं।

टेटे ने कहा, मैंने उच्च दबाव वाली परिस्थितियों में खेलकर बहुत कुछ सीखा है मैं निश्चित रूप से आगामी प्रतियोगिताओं में मेरी सीख का उपयोग करुं गी। जब आप सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ खेलते हो तो बहुत कुछ सीखने को मिलता है जिस तरह से हमने अपने प्रत्येक प्रतिद्वंद्वियों को टोक्यो में नॉक-आउट चरण में कड़ी टक्कर दी, उससे हम बहुत खुश हैं।

वह सबसे महत्वपूर्ण बात क्या थी जिसने भारत को ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करने में मदद की यह पूछे जाने पर टेटे ने कहा, हमने विरोधियों पर हमला करने का एक तरीका खोजा। हमने कई गोल-स्कोरिंग अवसर बनाए सुनिश्चित किया कि हम अपने पेनल्टी कॉर्नर अच्छी तरह से करें हमने मैदान पर अपना सब कुछ दिया, चाहे कोई भी स्थिति हो हमने कभी हार नहीं मानी।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.


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कहानी कोच गौरव खन्ना की, जिनकी वजह से टोक्यो पैरालंपिक्स में भारत ने जीते 4 मेडल्स

 
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‘शहर के अंधेरे को इक चराग़ काफी है,
सौ चराग़ जलते हैं इक चराग़ जलाने से’

एहतिशाम अख्तर का लिखा ये शेर पैरा बैडमिंटन कोच गौरव खन्ना पर फिट बैठता है. गौरव खन्ना वो चराग़ हैं. जिनकी लौ से कई चराग़ रौशन हुए. द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित गौरव खन्ना ने देश को कई चैंपियन खिलाड़ी दिए हैं. और इन चैंपियंस में नए नाम जुड़े हाल ही में खत्म हुए टोक्यो पैरालंपिक्स से.

इस बार पैरालंपिक्स में पहली बार बैडमिंटन को शामिल किया गया था. भारत ने टोक्यो पैरालंपिक्स में कुल 19 मेडल्स जीते. और इनमें से चार मेडल्स बैडमिंटन से आए. दो गोल्ड, एक सिल्वर मेडल और एक ब्रॉन्ज. प्रमोद भगत और कृष्णा नागर ने गोल्ड मेडल जीता. सुहास यतिराज ने सिल्वर और मनोज सरकार ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता.

-भगत अपने कोच गौरव के बारे में कहते हैं,
‘हमलोग परिवार की तरह हैं. सालों से ट्रेनिंग कर रहे हैं. वे मेरे लिए पिता, बड़े भाई और दोस्त की तरह हैं. मैं जीत का जश्न गौरव सर के साथ मनाना चाहता था.’

-वहीं मनोज सरकार कहते हैं,
‘वो गौरव सर ही थे, जिन्होंने मुझे पैरा गेम्स के बारे में बताया. उससे पहले मुझे पता तक नहीं था कि ऐसा भी कुछ होता है.’

-कौन हैं Gaurav Khanna?
गौरव खन्ना की ज़िंदगी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है. गौरव पहले नेशनल बैडमिंटन प्लेयर थे. बाद में उन्होंने फिजिकल डिसएबिलिटी वाले खिलाड़ियों को सपने देखने और उसे पूरा करने की राह दिखाई. सबसे पहले गौरव खन्ना ने उन युवाओं को चुना, जो सुन नहीं सकते थे. और उन्हें बैडमिंटन खेलने के लिए प्रेरित किया.

हालांकि, गौरव के लिए डीफ प्लेयर्स को इशारों में समझाना बड़ी चुनौती थी. लेकिन वे इससे जल्द ही पार पा गए. इसके बाद गौरव को डीफ बैडमिंटन टीम का कोच बनाया गया. और फिर उन्हें कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप के लिए एशियन टीम के कोच पद के लिए नॉमिनेट भी किया गया था. साल 2015 में गौरव खन्ना को पैरा बैडमिंटन टीम का कोच बनने के लिए ऑफर किया गया. और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

जानने लायक है कि जब गौरव कोच बने. तो उनके पास नेशनल कैंप में एक भी खिलाड़ी नहीं था. और न ही कोई स्पॉन्सर. पिछले साल टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान गौरव ने कहा था,

‘2015 वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले SAI गांधीनगर में हमने एक कैंप आयोजित किया. उस साल हमने 13 मेडल्स जीते थे. नेशनल के लिए सिर्फ 40-50 ही खिलाड़ी मिले थे. लेकिन 2017 में हमारे पास 150 खिलाड़ी थे. और 2019 में 235 खिलाड़ियों ने नेशनल कैंप में हिस्सा लिया. धीरे-धीरे खिलाड़ियों की संख्या बढ़ी.’

पैरा टीम के लिए स्पॉन्सर मिलना बड़ी चुनौती थी. क्योंकि हमारे देश में पैरा बैडमिंटन टीम को लेकर वैसे भी क्रेज नहीं है. और फिर गौरव खन्ना इन खिलाड़ियों के लिए खुद स्पॉन्सर लेकर आए. साथ ही सरकार की भी मदद मिली. पैरा बैडमिंटन कोच के इस सफर के बारे में गौरव कहते हैं,

‘सरकार अब हमारी मदद कर रही है. व्यक्तिगत तौर पर भी स्पॉन्सर मिल रहे हैं. go स्पोर्ट्स फाउंडेशन ने काफी मदद की है. जबकि हमारे 75 खिलाड़ी खेलो इंडिया प्रोग्राम का हिस्सा हैं.’

जब देश भर में लॉकडाउन लगा था, तो गौरव खन्ना के पास सबसे बड़ी चुनौती खिलाड़ियों की ट्रेनिंग की थी. ऐसे में उन्होंने लखनऊ शहर से थोड़ी दूरी पर 2500 स्क्वायर फ़ीट की जमीन खरीदी. इसके लिए एक करोड़ का लोन लिया. जब गौरव को द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. तो उन्होंने प्राइज मनी में मिले 10 लाख रुपये अकैडमी बनाने में लगा दिए. जहां खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दी गयी.

और उसी का नतीजा है कि देश को टोक्यो पैरालंपिक्स में बैडमिंटन से चार मेडल्स मिले. प्रमोद भगत, कृष्णा नागर, पलक कोहली, मनोज सरकार जैसे कई खिलाड़ी अब देश का नाम रोशन कर रहे हैं. और उस रोशनी के पीछे गौरव खन्ना हैं. जो आज कई फिजिकल डिसएबिलिटी वाले युवाओं को सपने पूरे करने की हिम्मत दे रहे हैं.


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T20 वर्ल्ड कप के लिए इन खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका

 
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई आईसीसी टी 20 वर्ल्ड कप 2021 के लिए टीम का मंगलवार को एलान हो सकता है. इसके लिए बीसीसीआई 15 सदस्यीय टीम की घोषणा करने वाली है. वर्चुअल कांन्फ्रेंस के जरिए चयनकर्ताओं की समिति, भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री कप्तान विराट कोहली के अलावा उपकप्तान रोहित शर्मा भी बैठक करने वाले हैं, जिसके बाद भारतीय टीम की घोषणा होगी. हालांकि इस बात की जानकारी पहले से थी कि अगस्त महीने के आखिरी में ही ये बात सामने आ गई थी कि चयनकर्ता इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट मैच के समाप्त होने के बाद टीम का चयन करने के लिए मीटिंग करेंगे. बीसीसीआई सूत्र के मुताबिक, चौथे टेस्ट के परिणाम के आधार पर टीम की घोषणा की जाएगी. कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए बीसीसीआइ 3 या फिर 5 खिलाड़ियों को रिजर्व के तौर पर भी टीम के साथ जोड़ सकती है, क्योंकि आइसीसी ने सिर्फ 15 खिलाड़ियों को ही चुनने के लिए कहा है, जिनकी देखभाल का जिम्मा क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था का होगा। हालांकि, आइसीसी ने ये भी कहा था कि टीम अन्य खिलाड़ियों को अपने साथ रखना चाहती है तो उनकी पूरी जिम्मेदारी उसी बोर्ड को उठानी होगी. टी20 विश्व कप यूएई ओमान में खेला जाएगा.

इन्हें मिल सकता है मौका

7 सितंबर को होने वाले टीम सलेक्शन से पहले जान लीजिए कि वे कौन से खिलाड़ी हैं, जिनको टीम में जगह मिल सकती है। हम उन खिलाड़ियों के बारे में बात करेंगे कि जिनको टीम में जगह मिल सकती है. ये खिलाड़ी हैं, केएल राहुल, रोहित शर्मा (उपकप्तान), विराट कोहली (कप्तान), सूर्यकुमार यादव, श्रेयस अय्यर, रिषभ पंत (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या, रवींद्र जडेजा, युजवेंद्रा चहल, जसप्रीत बुमराह, मुहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, दीपक चाहर, शार्दुल ठाकुर आर अश्विन। वहीं रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर मोहम्मद सिराज, वरुण चक्रवर्ती, इशान किशन, शिखर धवन राहुल चाहर को शामिल किया जा सकता है.

17 अक्तूबर से होगी विश्व कप की शुरुआत

विश्व कप की शुरुआत 17 अक्टूबर से होगी इसका फाइनल मुकाबला 14 नवंबर को खेला जाएगा. इस टूर्नामेंट की मेजबानी बीसीसीआई करेगा. आईसीसी के मुताबिक T20 वर्ल्ड कप के सभी मुकाबलों का आयोजन यूएई ओमान के 4 स्टेडियम में किया जाएगा. इसमें दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम, अबू धाबी का शेख जायद स्टेडियम, शारजाह स्टेडियम ओमान क्रिकेट एकेडमी ग्राउंड शामिल है. एक बार फिर से टी ट्वेंटी देखने के लिए दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है. फिलहाल सभी टीम 14 नवंबर को होने वाले फाइनल में पहुंचने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं.


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भारतीय कोच रवि शास्त्री आरटी-पीसीआर टेस्ट में भी पॉजिटिव पाए गए

 
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भारत के मुख्य कोच रवि शास्त्री आरटी-पीसीआर परीक्षण में भी कोविड​​​​-19 पॉजिटिव पाए गए हैं और उन्हें कम से कम अगले 10 दिनों के लिए क्वारंटाइन रहना होगा। अब वह इस सप्ताह मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम टेस्ट में टीम के साथ नहीं होंगे। शास्त्री को रविवार को लेटरल फ्लो टेस्ट (रैपिड एंटीजन टेस्ट) में पॉजिटिव पाया गया था और सोमवार को उनकी आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई। पांचवां और अंतिम टेस्ट 10 सितंबर से शुरू होना है।

बीसीसीआई के एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर एक न्यूज एजेंसी से कहा कि दो रैपिड एंटीजन टेस्ट परीक्षण में पॉजिटिव पाए जाने के बाद शास्त्री का आरटी-पीसीआर परीक्षण भी पॉजिटिव आया है। उनके गले में खराश जैसे हल्के लक्षण हैं। वह 10 दिनों के क्वारंटाइन से गुजरेंगे। उसने करीबी संपर्क में आने के बाद तीन सपोर्ट स्टाफ सदस्यों को भी आइसोलेट कर दिया गया जिनमें गेंदबाजी कोच भरत अरुण, फील्डिंग कोच आर श्रीधर और फिजियोथेरेपिस्ट नितिन पटेल शामिल हैं।

खेलने वाले सदस्यों ने शनिवार शाम और रविवार की सुबह आयोजित दो रैपिड एंटीजन टेस्ट में नकारात्मक परीक्षण किया था। सभी खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ का पूरा टीकाकरण किया गया है। शास्त्री को टीम होटल में अपनी पुस्तक के विमोचन में शामिल होने के बाद लक्षण सामने आने की संभावना है जहां बाहरी मेहमानों को भी अनुमति दी गई थी। उस समारोह में अरुण, पटेल और श्रीधर ने व्यक्तिगत रूप से भाग लिया था।


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बैडमिंटन में कांस्य पदक जीतने वाले मनोज सरकार को ग्राफिक एरा देगा 11 लाख

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उत्तराखंड के खिलाड़ी मनोज सरकार द्वारा पैरालंपिक में शानदार प्रदर्शन के लिए ग्राफिक एरा विवि ने उन्हें 11 लाख रुपये देने की घोषणा की है। रुद्रपुर के मनोज सरकार को पैरालंपिक में कांस्य मैडल जीतने पर ग्राफिक एरा ने यह घोषणा की है। भारतीय महिला हॉकी टीम के टोक्यो ओलंपिक में बेहतरीन प्रदर्शन पर टीम की महत्वपूर्ण खिलाड़ी उत्तराखंड की वंदना कटारिया को 11 लाख रुपये देने के बाद ये दूसरा मौका है जब ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी ने टोक्यो में देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी को यह सम्मान राशि देने का निर्णय किया है।

ग्राफिक एरा एजुकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला ने कहा कि वंदना कटारिया और मनोज सरकार ने पूरे विश्व में उत्तराखंड और भारत का नाम रोशन किया है। हम सबको इन पर नाज है। उन्होंने कहा कि ओलंपिक और पैरालंपिक में उत्तराखंड के युवाओं का एतिहासिक प्रदर्शन इसका गवाह है कि राज्य में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। युवाओं को खेलों का अच्छा प्रशिक्षण देकर उत्तराखंड को सबसे ज्यादा पदक जीतने वाला राज्य बनाया जा सकता है।

जापान के देयसुख को हराकर कांस्य पदक हासिल किया टोक्यो पैरालंपिक में उत्तराखंड के अर्जुन अवार्डी मनोज सरकार ने जापान के देयसुख को हराकर कांस्य पदक हासिल किया है। जिसके बाद से उनके घर-परिवार में जश्न और खुशी का माहौल है। उनके घर के बाहर बधाई देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी है। वहीं मनोज सरकार की पत्नी रेवा सरकार ने बताया है कि रुद्रपुर आने से पहले मनोज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रमोद भगत को गोल्ड और मनोज सरकार को कांस्य मेडल जीतने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। पैरा ओलंपिक में भारतीय खिलाडियों के अभूतपूर्व प्रदर्शन से सम्पूर्ण देश गौरवान्वित है।

मां को याद करके भावुक हुए मनोज

मैच जीतने के बाद अमर उजाला से हुई बातचीत में मनोज सरकार अपनी मां को याद करके भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आज अगर मां होती तो वह बेहद खुश होतीं। मनोज को जब राष्ट्रपति ने अर्जुन अवार्ड दिया था तब वह मां और कोच गौरव खन्ना के साथ राष्ट्रपति भवन गए थे। मां को जब उन्होंने अवार्ड थमाया तो वह भावुक हो गईं थीं। मनोज ने वीडियो कॉल के जरिये अमर उजाला को भी बधाई, जिसने खबरों के जरिये उन्हें और उनके खेल को लोगों के दिलों तक पहुंचाया।

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बैडमिंटन मैच का उद्घाटन करने गए तो खेलने भी लगे, जीत लिया पैरालंपिक सिल्वर

 
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यूं तो टोक्यो पैरालंपिक (Tokyo paralympic 2021) में मेडल लाने वाला भारत का हर खिलाड़ी अद्भुत है लेकिन पैलांपिक के अंतिम दिन बैडमिंटन में भारत को सिल्वर मेडल दिलाने वाले डीएम सुहास एलवाई (DM Suhas LY) की कहानी कुछ ज्यादा ही रोमांचक है. डीएम सुहास एलवाई भारत के पहले ऐसे व्यक्ति हैं, जो आईएएस अधिकारी भी हैं पैरालंपिक में पदक भी जीता है. कमाल की बात ये है कि गौतमबुद्ध नगर के डीएम सुहास को बचपन में क्रिकेट से बहुत प्रेम था. उन्होंने कभी बैडमिंटन पर बहुत ध्यान नहीं दिया. डीएम बनने के बाद उनकी पोस्टिंग आजमगढ़ में थी. इस दौरान उन्हें एक बैडमिंटन टूर्नामेंट में उद्घाटन के लिए बुलाया गया. उद्घाटन के बाद खेलप्रेमी सुहास का मन हुआ कि वह भी खेलें तो उन्होंने आयोजनकर्ताओं से अनुमति मांगी. अनुमति मिलते ही उन्होंने खेलना शुरू किया तो कई खिलाड़ियों को हरा दिया. यहां पर बैडमिंटन कोच गौरव खन्ना ने उन्हें देखा आगे खेलने के लिए प्रेरित किया. इसके बाद तो सुहास ने सफलता की झड़ी लगा दी. न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक बटोरने लगे. 2016 में चीन में एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता. इस चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाले वह पहले नॉन रैंक्ड खिलाड़ी थे. इसके बाद तुर्की ब्राजील में अलग-अलग प्रतियोगिताओं में उन्होंने पदक जीते. अब टोक्यो पैरालंपिक (Tokyo paralympic 2021) में सिल्वर मेडल जीतकर सफलता का डंका बजा दिया है.

आपको बता दें कि डीएम सुहास का जीवन कभी आसान नहीं रहा. उनका जन्म कर्नाटक के शिमोगा में हुआ. पैदा होते ही उनके पैर खराब हो गए. शुरुआती पढ़ाई गांव में ही हुई. उनके पिता की नौकरी ट्रांसफर वाली थी इसलिए विभिन्न शहरों में रहकर पढ़ाई पूरी की. बिना पैरों के जीवन में आगे बढ़ रहे थे कि वर्ष 2005 में उनके पिताजी का देहांत हो गया. पिता की मौत की बाद अकेले दम पर ही यूपीएससी की तैयारी की आईएएस बने. डीएम सुहास एलवाई (DM Suhas LY) उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, सोनभद्र, जौनपुर, हाथरस, प्रयागराज जैसे जिलों में तैनात रह चुके हैं. पिछले साल मार्च में उन्हें गौतमबुद्ध नगर में डीएम की जिम्मेदारी दी गई.

डीएम सुहास एलवाई (DM Suhas LY) की सफलता के बाद पीएम मोदी ने उनका फोटो ट्वीट करते हुए उन्हें बधाई दी है. पीएम ने लिखा कि सेवा खेल का अद्भुत संगम! सुहास यथिराज ने अपने असाधारण खेल की बदौलत हमारे पूरे देश को खुश कर दिया. बैडमिंटन में सिल्वर जीतने पर उन्हें बधाई. उन्हें उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं. वहीं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ट्वीट करके उन्हें बधाई दी है.


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पदक जीतने वाले देश के पहले IAS अधिकारी बने DM सुहास, पत्नी ने बताया गर्व करने वाला पल

  
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गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के जिलाधिकारी (डीएम) और बैडमिंटन खिलाड़ी सुहास यथिराज ने पैरालंपिक खेलों के आखिरी दिन रविवार रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया जिसे उनकी पत्नी ने गर्व करने वाला पल बताया। सुहास पैरालंपिक खेलों में पदक जीतने वाले देश के पहले आईएएस अधिकारी है। उनकी इस उपलब्धि पर आईएएस संघ और आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारियों ने भी खुशी जतायी जिसमें उनके साथ काम करने वाले नोएडा के अधिकारी भी शामिल है। यथिराज रविवार को तोक्यो में पुरुष एकल एसएल4 वर्ग बैडमिंटन स्पर्धा के फाइनल में शीर्ष वरीय फ्रांस के लुकास माजूर से करीबी मुकाबले में हार गये। उन्हें दो बार के विश्व चैम्पियन माजूर ने 62 मिनट तक चले फाइनल में 21-15 17-21 15-21 से हराया। सुहास की पत्नी ऋतु सुहास ने एक प्रेस वार्ता में बोलीं कि उन्हें स्वर्ण पदक की उम्मीद थी लेकिन रजत पदक हासिल करना भी गर्व की बात है।

उन्होंने कहा, '' मुझे स्वर्ण पदक की उम्मीद थी,, लेकिन देश के लिए रजत पदक जीतना भी गर्व की बात है। देश के लिए पदक जीतने पर मुझे तथा पूरे परिवार को सुहास पर गर्व है।'' गौतम बुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त आलोक कुमार सिंह, अपर पुलिस आयुक्त लव कुमार, नोएडा प्राधिकरण के कई अधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई दी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) नरेंद्र भूषण ने कहा कि सुहास ने खेल के साथ सेवा के 'अभूतपूर्व' संयोजन के साथ पूरी बिरादरी को गौरवान्वित किया है। इस वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने कहा, ''हर आईएएस अधिकारी सार्वजनिक सेवा में उत्कृष्टता प्राप्त करने की कोशिश करता है लेकिन सुहास ने उस बाधा को तोड़ दिया है और खेल में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, वह भी पैरालंपिक में।''

उन्होंने कहा, '' सुहास ने साबित कर दिया है कि मानसिक दृढ़ता सभी बाधाओं को तोड़ने में मदद करती है और आप शीर्ष पर पहुंच सकते हैं। सुहास लाखों भारतीयों, खिलाड़ियों और विशेष रूप से दिव्यांग लोगों के लिए आदर्श हैं।'' नोएडा पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने ट्विटर पर लिखा, '' सुहास एल वाई, आपने एक चैम्पियन की तरह संघर्ष किया, हम सभी को आपकी काबिलियत पर गर्व है।'' वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और गौतम बुद्ध नगर के पूर्व डीएम ब्रजेश नारायण सिंह ने ट्विटर पर सुहास के लिए अपने बधाई संदेश में कहा, ''देश, राज्य, सेवाओं (प्रशासनिक) और गौतम बुद्ध नगर के लिए एक शानदार उपलब्धि।''

कर्नाटक के 38 वर्ष के सुहास के टखनों में विकार है। कोर्ट के भीतर और बाहर कई उपलब्धियां हासिल कर चुके सुहास कम्प्यूटर इंजीनियर है और प्रशासनिक अधिकारी भी। वह 2020 से नोएडा के जिलाधिकारी हैं और कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में मोर्चे से अगुवाई कर चुके हैं। सेवारत और सेवानिवृत्त केंद्रीय प्रशासनिक अधिकारियों के समूह आईएएस संघ ने कहा, '' सुहास एल वाई, आईएएस, डीएम गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) को तोक्यो पैरालंपिक में पुरुष एकल एसएल4 पैरा बैडमिंटन में रजत पदक जीतने के लिए बधाई। हमें और पूरे देश को आप पर गर्व है।''

आईएसएस संघ के ट्वीट में #चीयर4इंडिया के साथ हैशटैग #चीयर4सुहास का भी इस्तेमाल किया गया था। गौतम बुद्ध नगर में उनके साथ अभ्यास करने वाले सार्थक अवस्थी, आदित्य वर्मा तथा उत्कर्ष चौधरी ने उनकी जीत पर खुशी जाहिर की। ये तीनों खिलाड़ी पैरालंपिक की तैयारी के दौरान अभ्यास में उनके साथी रहे हैं। इन तीनों खिलाड़ियों ने उनके साथ देर रात तक उनके अभ्यास में सहयोग किया।


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नोएडा के DM का बड़ा कारनामा, बैडमिंटन के फाइनल में पहुंचे, गोल्ड पर रहेगा निशाना

 
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टोक्यो पैरालंपिक में भारतीय शटलर और नोएडा के डीएम सुहास एलवाई ने बड़ा कारनामा किया है. उन्होंने सेतिवान फ्रेडी को हरा बैडमिंटन के फाइनल में प्रवेश कर लिया है. सुहास एलवाई ने इसके साथ ही सिल्वर मेडल पक्का कर लिया है. अगर वह फाइनल मुकाबला नहीं जीत पाते हैं तो सिल्वर मेडल तो जीत ही जाएंगे.

सुहास एल यथिराज ने टोक्यो पैरालंपिक के अपने पहले बैडमिंटन मुकाबले की शुरुआत जीत के साथ की थी. उन्होंने जर्मनी के खिलाड़ी को हराकर ग्रुप मैच के लिए क्वॉलिफाई किया था. उनका पहला मुकाबला जर्मनी के निकलास जे पोटे से था. वहीं एसएल4 क्लास में नोएडा के डीएम ने इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को हराकर फाइनल में प्रवेश किया.

एसएल4 क्लास में सुहास एलवाई ने मात्र 31 मिनट में फ्रेडी सेतियावान को 21-9, 21-15 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया. उनका सामना अब शीर्ष वरीयता प्राप्त फ्रांस के लुकास माजूर से होगा. बता दें कि पैरालम्पिक में इस साल पहली बार बैडमिंटन खेला जा रहा है.

बता दें कि भारत के तीन खिलाड़ी प्रमोद भगत, कृष्णा नागर और सुहास यथिराज टोक्यो पैरालम्पिक पुरुष एकल बैडमिंटन के अपने अपने वर्ग के फाइनल में पहुंचे हैं. वहीं मनोज सरकार और तरुण ढिल्लों को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा.


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असम सरकार ने बॉक्सर जमुना बोरा को दी सौगात, आबकारी निरीक्षक की दी नियुक्ति

 
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 असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य खेल नीति के तहत आर्चर संजय बोरो और बॉक्सर जमुना बोरो को आबकारी निरीक्षकों के रूप में नियुक्ति पत्र को औपचारिक रूप दिया है। इस अवसर पर गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए, मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य में एक उपयुक्त खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए, असम सरकार संशोधित राज्य खेल नीति के तहत खिलाड़ियों के लिए राज्य सरकार की नौकरियों का एक निश्चित प्रतिशत आरक्षित करेगी।


पत्र को स्वीकार करते हुए बॉक्सर जमुना बोरो ने खुशी जताई है। जमुना ने ट्वीट कर कहा कि 'मैं वास्तव में एक आबकारी निरीक्षक के रूप में हमारे माननीय मुख्यमंत्री @himantabiswa सर द्वारा नियुक्त किए जाने के लिए सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं अपनी क्षमता के अनुसार इस पद पर सेवा करने का वादा करती हूं, '। बता दें कि सरमा ने 13 प्राप्तकर्ताओं को पेंशन स्वीकृति पत्र भी सौंपे हैं।

इस साल, असम सरकार ने रुपये की नियमित खेल पेंशन प्रदान की है। 99 खिलाड़ियों को 10,000 रुपये प्रति माह और रुपये का एकमुश्त वित्तीय पुरस्कार। सरमा ने कहा कि इस साल से केवल खिलाड़ियों को खेल पेंशन दी जाएगी, जबकि खेल आयोजकों को अलग से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तत्कालीन चंद्रपुर ताप विद्युत संयंत्र परिसर में नया अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाया जाएगा और इसके लिए इस उद्देश्य के लिए इस वित्तीय वर्ष के दौरान ही 100 करोड़ पहले ही निर्धारित किए जा चुके हैं।


मुख्यमंत्री ने बताया कि 52 एलएसी में 12 करोड़ रुपये के खेल परिसर के निर्माण के अलावा 40 अतिरिक्त एलएसी में ऐसे परिसरों के निर्माण के लिए लिया जाएगा, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक खेल परिसर में एक खेल अनुशासन पढ़ाया जाएगा जहां सरकार द्वारा कोच नियुक्त किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि गैर लाभकारी राज्य स्तरीय खेल अकादमियों को सरकार की ओर से वित्तीय अनुदान प्रदान किया जाएगा।


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बचपन में गवाएं हाथ...अब तैरकर जीते चार स्वर्ण पदक

 
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विकलांगता एक अभिशाप माना जाता है. बहुत से लोग कहता हैं कि विकलांगता के कारण हम कुछ कर नहीं सकते लेकिन एक शख्स ने बिना हाथों के चार स्वर्ण पदक जीत लिए कमाल की बात वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया. बचपन में करंट लगने से दोनों हाथ गंवाए लेकिन हार नहीं मानी आज पूरी दुनिया के सामने अपनी क्षमता का लोहा मनवा लिया. बात हो रही है चीन के पैरा तैराक झेंग ताओ की. उन्होंने टोक्यो में चल रहे पैरालंपिक्स में अपना चौथा स्वर्ण पदक जीत लिया है. झेन ताओ का जन्म चीन में 25 दिसंबर 1990 को हुआ था. वह स्वस्थ पैदा हुए थे लेकिन एक हादसे में उनके दोनों हाथ चले गए. उनके दोनों हाथों में करंट लग गया दोनों हाथ गंवाने पड़े. परिवार के लिेए यह दुख का समय था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने तैराकी में भविष्य आजमाना शुरू किया. 13 वर्ष की उम्र में उन्होने पैरा तैराक के रूप में तैराकी सीखनी शुरू की. उन्होंने अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया.


जिस ताओ को लोग कभी दर्द भरी नजर से देखते थे, उसने पदकों की झड़ी लगाना शुरू कर दिया. साल 2012 में हुए लंदन पैरालंपिक में 100 मीटर बैक स्ट्रोक स्विमिंग में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता. इसके अलावा 50 मीटर फ्रीस्टाइल 200 मीटर मिडले स्विमिंग में कांस्य पदक जीते. इसके बाद साल 2016 में हुए रियो ओलंपिक में 100 मीटर बैकस्ट्रोक में फिर से स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इसके अलावा 50 मीटर बटरफ्लाई तैराकी में रजत पदक अपने नाम किया.

अब टोक्यो ओलंपिक में तो उन्होंने सफलता का ऐसा डंका बजाया कि चीन ही नहीं, हर देश में उनके लिए तालियां बजने लगी हैं. उन्होंने टोक्यो में 50 मीटर बटरफ्लाई, 50 मीटर बैकस्ट्रोक, 50 मीटर फ्रीस्टाइल 4x20 मिक्स्ड बटरफ्लाई, चार इवेंट में स्वर्ण पदक जीत लिए. कमाल की बात सभी स्वर्ण पदक उन्होंने विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए जीते. इसके बात सोशल मीडिया पर उनकी तारीफों की झड़ी लगी है. अपने देश चीन में तो वह हीरो बन गए हैं. कमाल की बात है कि जब उन्होंने 50 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी में स्वर्ण पदक जीता तो चीन ने भी पैरालंपिक में अपने 500 पदक पूरे कर लिए. मीडिया रिपोर्ट्स में यहां तक दावा किया गया है कि टोक्यो पैरालंपिक की तैयारी के लिए वह रोज प्रैक्टिस में 10 किलोमीटर से ज्यादा तैराते थे. हालांकि उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा है कि यह टोक्यो पैरालंपिक में उनकी अंतिम रेस थी लेकिन आज तक जितनी भी रेस उन्होंने की हैं, यह उनमें सर्वश्रेष्ठ थी. अब सोशल मीडिया पर उनकी तारीफों की झड़ी लगी है. कोई उन्हें ट्रू इंस्पिरेशन बता रहा है तो कोई सोर्स आफ प्राइड बता रहा है.


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एथलीट दुती चंद पर अश्लील कमेंट करने वाला कथित पत्रकार गिरफ्तार

 
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ओडिशा पुलिस ने एक स्थानीय समाचार पोर्टल के संपादक को कथित तौर पर 'अपमानजनक अश्लील कंटेंट' प्रकाशित करके एथलीट दुती चंद को बदनाम करने के आरोप में हिरासत में लिया है. भुवनेश्वर के डीसीपी उमाशंकर दास ने कहा, भुवनेश्वर की महिला पुलिस थाने ने शुक्रवार को संपादक सुधांशु राउत को दुती की शिकायत के बाद हिरासत में लिया.' उन्होंने कहा, 'दुती चंद की शिकायत के आधार पर राउत के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. हमने मामले के संबंध में पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में लिया है.' उन्होंने कहा कि दुती ने राउत के खिलाफ धमकी, मानहानि, चरित्र हनन करने संबंधित अन्य गंभीर आरोप लगाए हैं. दास ने कहा कि उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.

5 करोड़ की मानहानि का केस भी

डीसीपी ने कहा कि महिला थाने के अधिकारियों ने समाचार पोर्टल कार्यालय की भी तलाशी ली है समाचार प्रकाशित करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे अन्य तत्वों के साथ कंप्यूटर जब्त किए हैं, इस मामले में पुलिस जांच अभी भी जारी है. स्प्रिंटर दुती ने दो पत्रकार राउत उनकी रिपोर्टर स्मृति रंजन बेहरा एक सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप प्रधान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने टोक्यो ओलंपिक से पहले उनके खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट प्रकाशित किए थे, जिसका उनके प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा. उन्होंने इस संबंध में भुवनेश्वर की सिविल कोर्ट में 5 करोड़ रुपये का मानहानि का मामला भी दायर किया था.

दुती ने जताया आभार

दुती ने इस मामले पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए पुलिस का धन्यवाद किया उम्मीद जताई कि जिन दो लोगों के खिलाफ उन्होंने आरोप लगाए थे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. 'मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया चरित्र हनन का सामना करना पड़ा था. इससे टोक्यो ओलंपिक के दौरान मेरे प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा. उन्होंने मेरे चरित्र जेंडर को मुद्दा बनाया जो बहुत अरुचिकर था. व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है मुझे विश्वास है कि मुझे न्याय मिलेगा.'

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