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आंवला का मुरब्बा कैसे बनाये

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आंवले का फल बहुत गुणकारी होता है, इसमें आयरन और विटामिन C प्रचुर मात्रा में पाया जाते है । आंवले का मुरब्बा बहुत ही स्वादिष्ट होता है। आंवला सर्दी के मौसम में ही बाजार में मिलता है और इसी मौसम में हम इससे अचार या मुरब्बा बना कर रख सकते हैं। आंवले (Indian gooseberries) का मुरब्बा यदि गरमी में रोजाना खायें तो यह बहुत तरावट देने वाला और दिमाग को ताकत देने वाला होता है।

आवला का मुरब्बा के लिए आवश्यक सामग्री -

आंवले - 1 किग्रा.( 25 -30)
चीनी - 1.5 किग्रा.(7.5 कप)
इलाइची - 8-10 ( छील कर पीस लें )
केसर - आधा छोटी चम्मच (यदि आप चाहें)
काली मिर्च -आधा छोटी चम्मच
काला नमक - 1 छोटी चम्मच
फिटकरी आधा चम्मच

 

आवला का मुरब्बा बनाने की विधि - 

मुरब्बा के लिये आंवले पके हुये, अच्छे फल लेने चाहिये। आंवलों को पानी 2 दिन के लिये भिगो दीजिये, आंवले पानी से निकालिये और इन्हैं कांटे से गोद लीजिये। गोदे हुये आंवले फिटकरी के पानी में डालकर 2 दिन तक भीगने दीजिये, आंवलों को फिटकरी के पानी से निकाल कर अच्छी तरह 2 बार धो लीजिये।

एक भगोने में एक लीटर पानी लेकर गरम कीजिये। पानी में उबाल आने पर गोदे हुये आंवले पानी में डालिये फिर से उबाल आने दीजिये, 2 मिनिट बाद गैस बन्द कर दीजिये, आंवलों को 10 मिनिट के लिये ढककर रख दीजिये।

आंवलों को पानी से निकाल कर चलनी में रखकर पानी निकल जाने दीजिये।

किसी स्टील के बर्तन में चीनी और 1/2 लीटर पानी डालकर चाशनी बनाइये।  आंवलों को चाशनी में डालकर पकाइये, जब आंवले अच्छी तरह गल जांय, और चाशनी शहद की तरह गाढ़ी हो जाय, मुरब्बा को ठंडा होने दीजिये और 1-2 दिन बाद चैक कीजिये कि चाशनी पतली तो नहीं हो गई है, अगर चाशनी पतली लग रही है तब मुरब्बा को फिर से चाशनी गाढ़ी होने तक पका लीजिये और अब ठंडा होने पर इसमें, इलाइची, काली मिर्च, काला नमक और केसर डाल कर मिला दीजिये।

आंवले का मुरब्बा दूसरी तरीके से इस तरह बनाइये। उबाले हुये आंवले को किसी बड़े बर्तन में डालकर चीनी ऊपर से डालकर भर कर ढक रख दीजिये।  4-5 घंटे बाद आंवले का जूस निकल कर चीनी को घोलकर चाशनी बनाने लगता है, और अब हम उसी चाशनी में आंवले को पका कर मुरब्बा बना लें।

आंवले का मुरब्बा तैयार है, आंवले का मुरब्बा यदि अच्छी तरह पक गया है तब यह मुरब्बा 2 साल तक भी खराब होने वाला नहीं है, कांच के सूखे कन्टेनर में ये मुरब्बा भरकर रख लीजिये और जब भी आपका मन हो कन्टेनर से मुरब्बा निकालिये और खाइये।

आवला का मुरब्बा बनाते समय बरती जाने वाली सावधानी-

पानी में आंवले देर तक न पकायें, वे टूट जायेंगे।
आंवले की चाशनी को अच्छी तरह पका लीजिये नहीं तो मुरब्बा जल्दी खराब हो सकता है, यदि कभी चाशनी पतली हो रही हो तो आप फिर से पका कर भी गाढी कर सकते हैं।
आंवले को फोर्क की सहायता से अच्छी तरह गोद लीजिये, मुरब्बा नरम बनेगा और चाशनी भी जल्दी ही उसके अन्दर चली जायेगी।


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मोरिंगा या सहजन का अचार कैसे बनाये

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 ( वर्तिका श्रीवास्तव )
मोरिंगा या सहजन मानव जाति के इतिहास में सबसे व्यापक रूप से इस्‍तेमाल होने वाले पौधों में से एक है। मोरिंगा की खासियत यही है कि इसे पानी की कमी होने की स्थिति‍ में भी उगाया जा सकता है। ये कई तरह के जरूरी पोषक तत्‍वों, खनिज पदार्थों और विटामिंस का बेहतरीन स्रोत है। यहां तक कि दुनियाभर में इसे सुपरफूड कहा जाता है। अध्‍ययनों में सामने आया है कि सहजन सेहत के लिए बहुत लाभकारी होती है और इस वजह से अब ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग इसका उपयोग करने लगे हैं।

खाद्य पदार्थ के अलावा मोरिंगा का इस्‍तेमाल ईंधन, पशु चारा, उर्वरक और सौंदर्य प्रसाधन एवं इत्र में भी किया जाता है। मोरिंगा के पौधे का इस्‍तेमाल कई वर्षों से किया जा रहा है। 150 ई.पू. भी मनुष्‍य द्वारा मोरिंगा के पौधे का प्रयोग किया जाता था। कुछ इतिहासकारों के अनुसार सिकंदर की सेना को हराने के लिए प्रसिद्ध मौर्य सेना प्रमुख सप्‍लीमेंट के रूप में मोरिंगा का सेवन किया करती थी। आयुर्वेद के अनुसार मोरिंगा में लगभग 300 बीमारियों का इलाज करने की क्षमता है। मोरिंगा की पत्तियों में ही बेहतरीन औषधीय गुण मौजूद होते हैं। सेहतवर्द्धक फायदों के कारण मोरिंगा को चमत्‍कारी वृक्ष कहा जाता है।


सहजन की फली का अचार बहुत स्वादिष्ट बनता है।  सहजन की फली जब एकदम नरम होती है, उनके अन्दर बीज नहीं बन पाते एकदम कच्ची नरम मुलायम सहजन की फली से ही अचार बनता है। 

मोरिंगा या सहजन का अचार बनाने की आवश्यक सामग्री-

क्रम संख्या नाम आवश्यक सामग्री सामग्री मात्रा
01 सहजन की फली 300 ग्राम
02 नमक 1 छोटी चम्मच
03 सरसों का तेल 1/3 कप
04 हींग 2-3 पिंच
05 हल्दी पाउडर 1 छोटी चम्मच
06 सोंफ पाउडर 1 छोटी चम्मच
07 लाल मिर्च पाउडर 1/4 छोटी चम्मच
08 काली मिर्च पाउडर 1/4 छोटी चम्मच
09 पीली सरसों दरदरी पिसी हुई 2 टेबल स्पून
10 सिरका 1 टेबल स्पून

मोरिंगा या सहजन का अचार बनाने की विधि -

अचार बनाने के लिये, सबसे पहले सहजन की फलियों को धोकर सुखाकर, 3/4 -1 इंच की लम्बाई में काट कर, एक छोटी चम्मच नमक मिला कर किसी डिब्बे में बन्द करके 3 दिन के लिये रख दीजिये।  रोजाना दिन में एक बार चम्मच से फलियों को चला कर ऊपर नीचे कर दीजिये

3 दिन बाद नमक में रखी हुई सहजन की फली का अचार बनाइये।

तेल को पैन में डाल कर, अच्छा गरम कीजिये, गैस बन्द कीजिये और पैन को गैस से नीचे उतार कर रख लीजिये, तेल को थोड़ा ठंडा होने पर, हींग , हल्दी पाउडर, सोंफ पाउडर डालकर, मिक्स कर दीजिये, सहजन की फली डाल दीजिये, नमक लाल मिर्च पाउडर, सरसों पाउडर और काली मिर्च पाउडर डालकर, सारी चीजों को अच्छी तरह मिक्स होने तक मिला दीजिये।  अचार में सिरका भी डालकर मिला दीजिये।

सहजन की फली का अचार तैयार है।  तैयार अचार को अच्छी तरह ठंडा होने के बाद कांच या प्लास्टिक कन्टेनर में भर कर रख लीजिये।  3 दिन में अचार खट्टा और बहुत स्वादिष्ट हो जाता है, सहजन की फली के अन्दर सारे मसाले जज्ब हो जाते हैं।

अचार को रोजाना दिन में एक बार चम्मच से ऊपर नीचे करते रहिये।
सहजन की फली के अचार को चपाती या परांठे के साथ परोसिये और खाइये।

सहजन की फली के अचार को 1 -2 माह तक रख कर खाया जा सकता है। अचार को और अधिक चलाने के लिये अचार में इतना सरसों का तेल गरम करके, ठंडा करके डाल दें कि अचार तेल में डूबा रहें।

आवश्यक सुझाव:-

  • अचार को जिस कन्टेनर में भर रहे हैं उसे उबलते पानी से धोइये और धूप में सुखा लीजिये।
  • अचार खाने के लिये जब भी निकालें सूखी और साफ चम्मच का यूज कीजिये, अचार निकालते समय, हाथ भी सूखे होने चाहिये। अचार निकालने के बाद अचार को उसी चम्मच से ऊपर नीचे कर दीजिये, अचार की सेल्फ लाइफ बढ़ जाती है। 
यदि आप मोरिंगा या सहजन का अचार  बनाने के लिए दिए गये तकनीकों को सीखते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी करें, या दूसरों की मदद करने के लिए इस लेख को साझा करें।


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जिमीकंद का अचार कैसे बनाये

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(वर्तिका श्रीवास्तव )
जिमीकन्द या सूरन के शेल्फ लाइफ भले ही कम होती है लेकिन गुण और स्वाद में इसका कोई मुकाबला नहीं. आप चाहे तो इसे तुरन्त बना कर भी प्रयोग कर सकते है। अचार हमारे खाने का स्‍वाद दोगुना कर देते है। आप घर पर आम का अचार, नींबू का अचार, लाल मिर्च का अचार, कटहल का अचार तो बनाती ही होंगी। लेकिन क्‍या आपने  घर पर सूरन का आचार बनाया है। वैसे तो सूरन का अचार आपको मार्केट में भी मिल जाएगा लेकिन जो स्‍वाद घर के अचार का होता है वो स्‍वाद पैकेट बंद अचार में नहीं होता। वैसे भी इस अचार को आप घर पर बड़ी आसानी से बना भी सकती हैं। इस अचार को बनाने में ज्‍यादा मेहनत नहीं लगती है। तो आइए जानें इसे बनाने का तरीका।

जिमीकंद का अचार बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्यानाम आवश्यक सामग्रीसामग्री मात्रा
01जिमीकंद 250 ग्राम
02नमक 1.5 छोटी चम्मच
03मेथी दाना 2 टेबल स्पून (दरदरी पिसी हुई)
04पीली सरसों 2 टेबल स्पून (दरदरी पिसी हुई)
05हींग 2-3 पिंच
06हल्दी 1 छोटी चम्मच
07अजवायन 1/2 छोटी चम्मच
08लाल मिर्च पाउडर 1 छोटी चम्मच
09सिरका 3 टेबल स्पून
10सरसों का तेल ¼ कप (4-5 टेबल स्पून)
11काली मिर्च ½ छोटी चम्मच
12जीरा 2 टेबल स्‍पून
13अदरक 25 ग्राम
14लहसुन 25 ग्राम

जिमीकंद का अचार  बनाने की विधि -

  • सूरन का अचार बनाने के लिए सबसे पहले सूरन को छीलकर इसका छिलका निकाल लें और इसे बड़े-बड़े टुकड़ों में काट लें। अब इन टुकड़ों को 2-3 बार पानी से अच्छी तरह रगड़-रगड़ कर धोएं और धुले हुए सूरन को किसी साफ कपड़े से पौंछ कर सुखा लें। सूरन चूंकि जमीन के अंदर पाई जाने वाली सब्‍जी है इसलिए इसमें मिट्टी लगी होती है। इसलिए जब भी इसकी सब्‍जी या चटनी बनाएं तो इसे पहले अच्‍छे से साफ जरूर करें।
  • सूरन को साफ करने के लिए सीधे हाथों का इस्‍तेमाल न करें क्‍योंकि सुरन स्‍कीन से टच होने पर स्‍कीन में खुजली होने लगती है, इसलिए इसे काटने या धोने से पहले हाथों में दस्ताने या फिर पोलिथीन से कवर जरूर लगाएं।
  • वहीं, अदरक को कद्दूकस कर लें। लहसुन को छीलकर दरदरा कूट लें। हरी मिर्च को बारीक-बारीक काट लें।
  • अब सूरन के सभी टुकड़ो को कद्दूकस कर लें और कद्दूकस किये हुए जिमीकंद को दोनों हाथों से दबाकर अच्छी तरह से निचोड़ लें, ताकि उसका अतिरिक्त पानी निकल जाए।
  • अब इस कद्दूकस किये हुए सूरन में कद्दूकस किया हुआ अदरक, और ऊपर  सामग्री एवं सरसों का तेल डालकर सभी सामग्रियों को स्‍पून की मदद से अच्छी तरह से मिला लें। अब इस अचार को एक कांच के जार में भरकर रखें।
  • सूरन का अचार बनकर तैयार है। इस अचार को आप 7-8 महीने तक रखकर इस्तेमाल कर सकती हैं।

आवश्यक  सुझाव-

यदि आप  जिमीकंद का अचार बनाने के लिए दिए गये तकनीकों को सीखते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी करें, या दूसरों की मदद करने के लिए इस लेख को साझा करें।



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करेले का अचार कैसे बनाये

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( वर्तिका श्रीवास्तव )
करेले का भरवां और कटे हुये करेले दोनों तरह के अचार बनाये जाते हैं।  भरवा करेले का अचार बनाने के लिये छोटी किस्म के करेले लेने होंगे और कटे हुये करेले बनाने के लिये छोटे या लम्बे किस्म कोई भी करेले लिये जा सकते हैं आज हम लम्बे करेले से पतले पतले टुकड़े काट कर अचार बनायेंगे, क्यों कि इसे खाने में बड़ी आसानी होती है, कम अचार खाने वालों के लिये एक या दो टुकड़े करेले के लेकर अचार खाया जा सकता है, तो आइये शुरू करते हैं करेले का अचार  बनाना। 

करेले का अचार बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्या नाम आवश्यक सामग्री सामग्री मात्रा
01 करेले 500 ग्राम
02 सरसों का तेल 1/2 कप (100 ग्राम)
03 राई या पीली सरसों 4 छोटी चम्मच
04 जीरा 2 छोटी चम्मच
05 मैथी दाना 2 छोटी चम्मच
06 हींग पाउडर 1/4 छोटी चम्मच
07 अजवायन 1 छोटी चम्मच
08 नमक 3 छोटी चम्मच
09 काला नमक 1 छोटी चम्मच
10 हींग 1/4 छोटी चम्मच
11 हल्दी पाउडर 1 छोटी चम्मच
12 सौंफ पाउडर 2 छोटी चम्मच
13 लाल मिर्च पाउडर 1/2 छोटी चम्मच
14 गरम मसाला 1/2 छोटी चम्मच
15 सिरका 1/4 कप

करेले का अचार बनाने की विधि -

  • करेलों को साफ पानी से 2 बार धोकर पानी को सुखाइये। इसके बाद, इनके दोनों ओर से  डंठल काटकर अलग कर दीजिये. करेलों को पतले पतले गोल 1/2 से.मी. के टुकड़ों में काट लीजिए। 
  • इन गोल कतरे करेलों में 1 छोटी चम्मच नमक मिला दीजिए और 1/2 घंटे के लिये रख दीजिये।  इस तरह करेले से कड़वा पानी निकल कर अलग हो जाता है। 
  • आधा घंटे बाद, करेलों को अच्छी तरह 2 बार धो लीजिये और सूती कपड़े पर रखकर धूप में 1 घंटे के लिए सूखने दीजिये।  बाद में, इन्हें कपड़े से ही अच्छे से पौंछ लीजिए। 
  • अचार के लिए मसाला भूनने के लिए कढ़ाही गरम कीजिए।  इसमें जीरा, मैथी दाने और अजवायन डालकर हल्के ब्राउन होने तक भून लीजिए।  इन्हें थोड़ा ठंडा होने दीजिए इसके बाद, इन्हें सरसों के साथ मिक्सर जार में डालकर दरदरा पीस लीजिये। 
  • अचार बनाने के लिए कढ़ाही में तेल डालकर गरम कीजिए. तेल में हींग और करेले डाल दीजिए।  इसके बाद, हल्दी पाउडर डालकर मिलाइए और करेलों को 3 से 4 मिनिट थोड़ा सा नरम होने तक भून लीजिए। 
  • 4 मिनिट बाद, गैस बंद करके सारे भुने मसाले, सौंफ पाउडर, नमक, काला नमक, गरम मसाला और लाल मिर्च पाउडर करेलों में डालकर अच्छे से मिला दीजिए।  इसके बाद, करेलों को 5 मिनिट ढककर रख दीजिए ताकि सारे मसाले इसमें ज़ज़्ब हो जाएं. बाद में, अचार में सिरका डालकर मिला दीजिए। 
  • करेले का अचार तैयार है।  आप इसे अभी भी खा सकते हैं लेकिन अचार का असली स्वाद 3 दिन बाद आता है जब सारे मसाले अचार में अच्छे से ज़ज़्ब हो जाते हैं। अचार को प्लास्टिक या कांच के साफ और सूखे कन्टेनर में भरकर धूप में भी रख सकते हैं, 3 दिन तक रोजाना अचार को सूखे चम्मच से चला कर ऊपर नीचे कीजिये, करेले के अचार को अपने लन्च या डिनर के साथ या नाश्ते में गरमागरम परांठे, पूरी, चावल के साथ खाइये और परोसिये। 
  • यह करेले का अचार 1 महीने तक खाया जा सकता है, अधिक दिन तक अचार खाने के लिये इस अचार में इतना सरसों का तेल डाल दीजिये कि अचार तेल में डूबा रहे। 

आवश्यक  सुझाव-

  • अगर धूप ना हो तो करेलों को सुखाने के लिए हवा में ही रखें और  2 से 3 घंटे बाद, अचार बना लें।
  • अचार को धूप में रखने से अचार के स्वाद के साथ उसकी लाइफ भी बढ़ जाती है।
  • अचार बनाते समय सावधानी बरतें।अचार में किसी भी प्रकार की गंदगी नही जानी चाहिए. अचार में गीले प्याले या गीले चमचे का प्रयोग ना करें। जिस कंटेनर में आप अचार डालना चाहते हैं उसे पानी में उबालकर, धूप में सूखा लीजिए अगर धूप नहीं है तो कंटेनर को ओवन या माइक्रोवेव में भी सुखा सकते हैं।  जब भी अचार को खाने के लिए निकालें तो चम्मच साफ और सूखा होना चाहिए. अचार बहुत दिन तक चलते हैं।
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कमरख का अचार कैसे बनाये

 
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( वर्तिका श्रीवास्तव )
कमरख यानी या  सर्दियों के मौसम में कमरख बाजार में आराम से मिल जाती है। इसका अचार आपको बहुत पसंद आयेगा।  तो आईये आज बनाते हैं कमरख का आचार। 

कमरख का अचार बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्या नाम आवश्यक सामग्री सामग्री मात्रा
01 कमरख 250 ग्राम
02 सरसों का तेल 100 ग्राम
03 हींग 2-3 पिंच
04 हल्दी पाउडर 2 छोटी चम्मच
05 सौंफ एक छोटी चम्मच
06 sawan 9999999999
07 मेथी दाना एक छोटी चम्मच
08 कलौंजी 2 छोटी चम्मच
09 लाल मिर्च पाउडर एक छोटी चम्मच
10 नमक स्वादानुसार
11 पीली सरसों एक बड़ा चम्मच (मोटी पिसी हुई )

कमरख का अचार बनाने की विधि -

  • कमरख को अच्छी तरह धो लीजिये, पानी सुखाइये और लम्बाई में काट लीजिये । 
  • एक कढ़ाई में आधा तेल डाल कर गरम कीजिये.  तेल गरम होने के बाद गैस बन्द कर दीजिये.  गरम तेल में सबसे पहले हींग इसके बाद हल्दी पाउडर डाल दीजिये.  अब कटे हुये कमरख, नमक, लाल मिर्च और पीली सरसों सहित ऊपर दिया गया सामान भी डाल कर अच्छी तरह मिला दीजिये। 
  • कमरख का अचार तैयार है ।   ठंडा करिये, कांच या चीनी मिट्टी के कन्टेनर में भर दीजिये।   आप इस अचार को अभी भी खा सकते हैं ।  3-4 दिन तक रोजाना एक बार अचार ऊपर नीचे चला दें।   अब अचार के कमरख नरम हो गये हैं।  बचा हुआ तेल अचार में डाल दें।  अधिक दिनों तक अचार को अच्छा रखने के लिये अचार का तेल में डुबा रहना आवश्यक है।  6 महिने तक जब भी आपकी इच्छा हो अचार निकालिये और खाइये। 

आवश्यक  सुझाव-

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नीबू का सादा और मसालेदार अचार कैसे बनाये

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 ( वर्तिका श्रीवास्तव )
नीबू का अचार कई तरीके से बनाया जाता है,नीबू का सादा अचार, नीबू का मसाले का अचार, मीठा नीबू का अचार, साबुत नीबू का अचार, तेल का नीबू का अचार और भी कई तरीके है।  दिसम्बर और जनवरी के महिने में नीबू का अचार बनाना चाहिये ।  इस समय पतले छिलके वाला नीबू बाजार में मिल जाता है, इसका अचार काफी दिन चलता है और स्वादिष्ट भी होता है।  आइये आज हम नीबू का सादा और मसालेदार अचार बनायें । 

नीबू का सादा अचार बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्या नाम आवश्यक सामग्री सामग्री मात्रा
01 नीबू 1 किग्रा. (30-32 नीबू )
02 नमक 200 ग्राम
03 काला नमक 2 टेबल स्पून
04 हल्दी 1 छोटी चम्मच (यदि आप चाहें तो)

नींबू का अचार बनाने की विधि -

  • नीबू के अचार बनाने के लिये, बाजार से अच्छे किस्म के पतले छिलके वाले, बिना धब्बों वाले नीबू ले आइये। 
  • नीबू को साफ पानी से धोइये, पीने वाले पानी में 6 घंटे के लिये डुबा कर रख दीजिये। 
  • नीबुयों को पानी से निलालिये, सूखे साफ कपड़े से पोछिये, एक नीबू को 4 या 8 टुकड़े करते हुये जैसे आपको पसन्द हों काट लीजिये, उनके अन्दर के सारे बीज चाकू की सहायता से निकाल दीजिये। 
  • किसी काच, चिनी मिट्टी या प्लास्टिक के साफ और सूखे कन्टेनर में नीबू के टुकड़ों को भरदें, नमक और हल्दी भी मिला दीजिये।  कन्टेनर के ढक्कन को बन्द करके 25 दिन के लिये धूप में रख दीजिये, 2-3 दिन में एक बार कन्टेनर को हिला कर नीबुयों के रस और मसाले को ऊपर नीचे कर दीजिये । नीबू का छिलका नरम हो जायेगा और नीबू का अचार भी तैयार हो गया है । यह अचार काफी दिन चल जाता है, अचार को हमेशा सूखे चमचे से निकालिये। 

नीबू का मसालेदार अचार बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्या नाम आवश्यक सामग्री सामग्री मात्रा
01 नीबू 1 किग्रा. (30-32 नीबू )
02 नमक 200 ग्राम
03 जीरा 2 छोटी चम्मच
04 अजवायन 1 छोटी चम्मच
05 मैथी 1 छोटी चम्मच
06 काली मिर्च 2 छोटी चम्मच
07 लौंग 1छोटी चम्मच
08 बड़ी इलाइची (छिली हुई) 1 छोटी चम्मच

नीबू का मसालेदार अचार बनाने की विधि -

जिस तरह आप सामान्य अचार बनाते हैं उसी तरह नीबू का सादा अचार बनाईये। जब नीबूं छिलका नरम हो जाय तो जीरा, अजवायन, मैथी को हल्का ब्राउन होने तक भून लीजिये, कालीमिर्च, लौंग, बड़ी इलाइची और 2 छोटी चम्मच काला नमक मिला दीजिये, सभी मसालों को पीस कर, इन नीबू के अचार में मिलाइये, 6-7 नीबू का रस निचोड़ कर इस अचार में और मिला दीजिये ताकि नीबू सूखे न रहे। 

दो तीन दिन के अन्दर सारा मसाला नीबू के अन्दर अच्छी तरह पहुंच जाता है, लीजिये आपका मसाले वाला नीबू का अचार तैयार हैं।  अचार को हमेशा सूखे और साफ चमचे से निकालिये, यह अचार 1-2 साल तक चलता है। 

आवश्यक  सुझाव-
यदि आप नीबू का सादा और मसालेदार अचार बनाने के लिए दिए गये तकनीकों को सीखते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी करें, या दूसरों की मदद करने के लिए इस लेख को साझा करें।


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नींबू का खट्टा-मीठा आचार कैसे बनाये

 
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(वर्तिका श्रीवास्तव )
आज हम आपके लिए निम्बू का अचार रेसिपी  लाए हैं। नींबू का मीठा अचार  खाने में बहुत टेस्‍टी होता है। निम्‍बू का अचार  बच्‍चे भी बहुत पसंद करते है। इसीलिए लोग हमसे अक्‍सर पूछते रहते हैं। आप भी नींबू का अचार बनाने की विधि नोट करें और इस वीकेंड में जरूर ट्राई करें। हमें उम्‍मीद है कि निम्बू का अचार रेसिपी  आपको जरूर पसंद आएगी।

नींबू का खट्टा-मीठा आचार बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्या नाम आवश्यक सामग्री सामग्री मात्रा
01 कागजी नींबू 12 नग
02 गुड 600 ग्राम
03 गरम मसाला पाउडर 01 छोटा चम्मच
04 काला नमक 02 छोटा चम्मच
05 अदरक पाउडर 01 छोटा चम्मच
06 लाल मिर्च पाउडर 1/2 छोटा चम्मच
07 इलायची पाउडर 1/4 छोटा चम्मच
08 नमक स्वादानुसार

नींबू का अचार बनाने की विधि -

  • निम्बू का अचार रेसिपी के लिये हमेशा प‍तले छिलके वाले और बिना दाग-धब्बे वाले नींबुओं का इस्तेमाल करे। इन नींबुओं को सबसे पहले धो लें फिर उन्हें अच्छी तरह से सुखा लें। 
  • अब एक तेज चाकू लें और सभी नींबुओं के 8 टुकड़े कर लें। साथ ही चाकू की मदद से नींबू के बीज निकाल दें।
  • ​कटे हुए नींबू को एक जार में भर दे और उसमें नमक डाल कर अच्छी तरह से मिला लें। इसके बाद जार का ढ़क्कन बंद कर दें ओर उसे 15 दिनों के लिये धूप में रख दें।
  • लगभग 15 दिनों में नींबुओं का छिलका मुलायम हो जाएगा। नींबुओं का छिलका मुलायम होने पर एक पैन में गुड़ और 1/2 कप पानी डालकर पकायें।
  • जब गुड़ की चाशनी बन जाये, इसमें नींबू, अदरक पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, काला नमक, गरम मसाला पाउडर डाल दें और अच्छी तरह से मिक्स कर लें।
  • अब पैन को गैस पर रख कर मीडियम आंच पर पकाएं। यह का अहम पार्ट है, इसलिए इसे ध्यान से करें।
  • इस मिश्रण को तब तक पकायें, जब तक चाशनी गाढ़ी न हो जाये। चाशनी गाढ़ी होने पर गैस बंद कर दें।
  • लीजिये, आपकी नींबू का अचार बनाने की विधि कम्‍प्‍लीट हुई। अब आपका नींबू का मीठा अचारतैयार है। इसे ठंडा करके एयरटाइट जार में रख दें और 1 साल तक उपयोग करें।

आवश्यक  सुझाव-

यदि आप नींबू का खट्टा-मीठा आचार बनाने के लिए दिए गये तकनीकों को सीखते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी करें, या दूसरों की मदद करने के लिए इस लेख को साझा करें।


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आमड़ा ( अम्बार ) का अचार कैसे बनाये

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( वर्तिका श्रीवास्तव )
भारतीय खाने में अचार और चटनी का विशेष स्थान है, अगर अचार खाने के साथ परोसे गये हैं, तो खाने वालों की भूख बढ़ जाती है।  इसलिये हम तरह तरह के अचार बना कर रख लेते है।  आमरा एक खट्टा फल है, जिसकी चटनी और अचार बनाया जाता है, यह फल गर्मियों में बाजार में मिलता है, तो आइये आमरा का अचार बनाये। 

करोंदे का खट्टा-मीठा आचार बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्यानाम आवश्यक सामग्रीसामग्री मात्रा
01आमरा फल 500 ग्राम
02सरसों का तेल आधा कप
03नमक 4 टेबल स्पून
04सोंफ 4 छोटी चम्मच
05मेथी दाने 2 छोटी चम्मच
06अजवायन 1 छोटी चम्मच
07हल्दी पाउडर 1 छोटी चम्मच
08लाल मिर्च पाउडर 1 छोटी चम्मच
09पीली या काली सरसों का पाउडर 4 छोटी चम्मच

करोंदे का अचार बनाने की विधि-

आमरा  को अच्छी तरह धोइये और पानी सूखने तक सुखा लीजिये,  दोनों तरफ से डंठल हटाते हुये, गोल गोल पतले टुकड़े में काट लीजिये। 

कढ़ाई में सरसों का तेल डाल कर गरम कीजिये।   गैस धीमी कर दीजिये,  तेल में मेथी के दाने, अजवायन और हींग डालिये, और हल्का सा भून लीजिये, अब आमरा के टुकड़े  डाल कर 2 मिनिट धीमी गैस पर चमचे से चलाते हुये आमड़ों को भून लीजिये, गैस बन्द कर दीजिये, सारे मसाले, सरसों पाउडर, सोंफ पाउडर, हल्दी पाउडर, लालमिर्च पाउडर और नमक  डाल कर चमचे से चलाकर अच्छी तरह मिला दीजिये, आमड़ों के टुकड़ों पर सारे मसाले की कोटिंग आ जाय. आमड़ा का अचार बन कर तैयार है। 

अचार को ठंडा होने के बाद एअर टाइट कन्टेनर में भर दीजिये, 3-4 दिन तक अचार को दिन में एक बार, साफ और सूखे चमचे से अवश्य चलाइये। 

आपका आमरा  का अचार बन कर तैयार हो गया है। आमरा का खट्टा और स्वादिष्ट अचार अपने मन पसन्द खाने के साथ निकालिये और खाइये। 

अचार को अधिक दिनों तक अच्छा रखने के लिये, अचार को तेल में डुबा कर रखिये। 

आवश्यक  सुझाव-

यदि आप आमड़ा का अचार बनाने के लिए दिए गये तकनीकों को सीखते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी करें, या दूसरों की मदद करने के लिए इस लेख को साझा करें।


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करोंदे का आचार कैसे बनाये

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 ( वर्तिका श्रीवास्तव )
अचार खाने के स्वाद भूख दोंनों को बढ़ा देते हैं, और यदि घर में कई प्रकार के अचार हो, तब तो बहुत ही अच्छा है। इस समय करोंदे बाजार में आ रहे हैं. करोंदे का अचार बहुत ही स्वादिष्ट बनता है, करोंदे का अचार 2 प्रकार से बनाया जाता है, साबुत करोंदे का अचार और करोंदे काट कर अचार, दोनों ही तरीके से अचार बनाने के लिये मसाले तो एक ही होंगे. दोंनो ही तरीके से अचार स्वादिष्ट बनता है।  आइये करोंदे का अचार  बनाना शुरू करते है। 

करोंदे का आचार बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्या नाम आवश्यक सामग्री सामग्री मात्रा
01 करोंदे 250 ग्राम
02 सरसों का तेल 1/3 कप
03 हींग 1/4 छोटी चम्मच से आधा
04 हल्दी पाउडर 1 छोटी चम्मच
05 सोंफ 2 टेबल स्पून
06 जीरा 1 छोटी चम्मच
07 अजवायन 1 छोटी चम्मच
08 मेथी दाना 2 छोटी चम्मच
09 नमक 2 छोटी चम्मच< /td>
10 लाल मिर्च 1 छोटी चम्मच

करोंदे का अचार बनाने की विधि-

करोंदे को पानी से 2 बार धोकर साफ कर लीजिये।  थाली या चलनी में रखकर पानी सुखा दीजिये. अब इन करोंदों को दो भागों मे काट लीजिये, किसी करोंदे में यदि काला बीज हो तो उसे चाकू की सहायता से निकाल दीजिये। 

पीली सरसों, मेथी, अजवायन, जीरा और सोंफ को कढ़ाई में डालकर हल्का सा 1 - 2 मिनिट चमचे से लगातार चलाते हुये हल्का सा रोस्ट कर लीजिये, इससे मसालों की नमी निकल जाती है और वह आसानी से पिस जाते हैं, अब मसालों को दरादरा पीस लीजिये। 

कढ़ाई में तेल डाल कर, अच्छा धूंआ उठने तक गरम कर लीजिये।  गैस बन्द कर दीजिये. गरम तेल में कटे हुये करोंदे, हींग, हल्दी पाउडर डाल कर मिला दीजिये, अब इन करोंदों में दरदरे पिसे मसाले, नमक और लाल मिर्च डालकर अच्छी तरह मिला दीजिये। ये करोंदे का अचार बन गया है. करोंदे का अचार को ठंडा होने के बाद, किसी कांच या प्लास्टिक के कन्टेनर में भर कर रख दीजिये। 

यदि आप अचार को धूप में रख सकें तो, अचार के डिब्बे को 4-5 दिनों तक धूप में रखिये और रोजाना अचार को दिन में एक बार चमचे की सहायता
से ऊपर नीचे कर दीजिये।   यदि आप धूप में नहीं रख सकते हैं,तो भी अचार को रोजाना ऊपर नीचे करते रहैं और  3-4 दिन बाद, करोंदे के टुकड़े मुलायम हो जायेंगे और करोंदे में सारे मसाले जब्ज हो जायेंगे। 

साबुत करोंदे का अचार बनाइये:

साबुत करोंदे का अचार बनाने के लिये करोंदे को काटना नहीं है, करोंदे अच्छी तरह धो कर पानी सुखा लीजियेकिसी बर्तन में इतना पानी भर कर उबलने रख दीजिये कि करोंदे पानी में अच्छी तरह डूब जायं, पानी में उबाल आने के बाद, करोंदे पानी में डालिये और करोंदों को ढककर 3 मिनिट तक उबलने दीजिये. करोंदों को छलनी में निकाल लीजिये, ताकि अतिरिक्त पानी करोंदों से नीचे निकल जाय। 

कढ़ाई में तेल डालकर गरम कीजिये, तेल को धूआं उठने तक अच्छा गरम कर लीजिये, गैस बन्द कर दीजिये और तेल ​को थोड़ा ठंडा होने दीजिये।  अब तेल में हींग और हल्दी पाउडर डालिये, करोंदे भी डाल दीजिये, पिसे मसाले और लाल मिर्च डालकर मिला दीजिये। करोंदे का अचार तैयार है, करोंदे का अचार 3-4 दिन बाद खाने के लिये तैयार हो जायेगा, तब तक करोंदे में सारे मसाले जज्ब हो जायेंगे, तब तक रोजाना चम्मच से अचार को ऊपर नीचे करते रहें, ताकि अचार में सारे मसाले अच्छी तरह मिलते रहें, अगर धूप है तो अचार को धूप में भी रखा जा सकता है. अचार को 1 माह तक रख कर खाया जा सकता है। 

अचार को साल भर तक रखने के लिये अचार में इतना सरसों का तेल गरम करके ठंडा करके डाल दें कि अचार तेल में डूबा रहे। 

करोंदे के अचार को आप जब चाहें निकालें और खायें. अचार निकालते समय हमेशा साफ और सूखे चम्मच का प्रयोग कीजिये। 

आवश्यक  सुझाव-
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करोंदे का खट्टा-मीठा आचार कैसे बनाये

 
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( वर्तिका श्रीवास्तव )
आज हम आकपे लिए करोंदे का अचार रेसिपी लाए हैं। करोंदा खाने में बेहद खट्टा होता है। लेकिन करोंदे का मीठा आचार =भी बनता है। ये खाने में बेहद टेस्‍टी होता है। और हां, करोंदे का मीठा आचार बनाना बेहद आसान भी है। तो फिर आप भी करोंदे का अचार बनाने की विधि ट्राई करके देखें। हमें आशा है कि करोंदे का अचार रेसिपी आपको जरूर पसंद आएगी।

करोंदे का खट्टा-मीठा आचार बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्या नाम आवश्यक सामग्री सामग्री मात्रा
01 करौदा 500 ग्राम
02 गुड 400 ग्राम
03 तेल 01 छोटा चम्मच
04 अजवाइन 01 छोटा चम्मच
05 सौंफ 01 छोटा चम्मच
06 लाल मिर्च पाउडर 01 छोटा चम्मच
07 मेथी 01 छोटा चम्मच
08 कलौंजी 01 छोटा चम्मच
09 हल्दी पाउडर 1/2 छोटा चम्मच
10 नमक स्वादानुसार

करोंदे का अचार बनाने की विधि-

  • करोंदे का अचार रेसिपी के लिए सबसे पहले करोंदे को धो लें। उसके बाद उन्हें बीच से काट कर उसके दो पीस कर लें और उसके बीज निकाल दें।
  • अब एक कढ़ाई में तेल डाल कर उसे गर्म करें। तेल गर्म होने पर अजवाइन, मेथी, सौंफ, कलौंजी डालें और चलाकर हल्का सा भूनें।
  • इसके बाद कटे हुए करोंदे कढ़ाई में डाल दें और चला दें। इसके बाद मिर्च पाउडर और हल्दी को कढ़ाई में डालें और चला दें।
  • अब कढ़ाई में 1/2 कप पानी और गुड डालें और मध्यम आंच पर पकाएं। बीच-बीच में इसे चलाते भी रहें, जिससे गुड़ जल्दी से घुल जाए। जब गुड़ की चाशनी गाढ़ी (एक तार जैसी) हो जाए, तो गैस बंद कर दें।
  • लीजिए, करोंदे का अचार बनाने की विधि कम्‍प्‍लीट हुई। अब आपका स्वादिष्ट करोंदे का मीठा आचार  तैयार है। बस इसे ठंडा कर लें और फिर इसे कांच के जार में रख कर 1 महीने तक उपयोग करें।

आवश्यक  सुझाव-

यदि आपकरोंदे का खट्टा-मीठा आचार बनाने के लिए दिए गये तकनीकों को सीखते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी करें, या दूसरों की मदद करने के लिए इस लेख को साझा करें।


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आंवले का अचार कैसे बनाये

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 (वर्तिका श्रीवास्तव ) 
आज हम आपके लिए आंवले का अचार रेसिपी लेकर आए हैं। आंवला हमारी सेहत के लिये बेहद फायदेमंद होता है। इसे अमृत फल भी कहा जाता है। आंवले का अचार खाने में भी स्‍वादिष्‍ट होता है। इसीलिए लोग हमसे अक्सर आंवला का अचार बनाने की रेसिपी पूछते रहते हैं। आप भी आंवले का अचार बनाने की विधि नोट करें और इस वीकेंड में इसे जरूर ट्राई करें। हमें यकीन है यह आंवले का अचार रेसिपी इन हिंदी आपको अवश्य पसंद आएगी।

आंवले का अचार बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्या नाम आवश्यक सामग्री सामग्री मात्रा
01 आंवला 500 ग्राम
02 सरसों का तेल 200 ग्राम
03 पीली सरसों 05 छोटे चम्मच (दरदरी पिसी हुई)
04 मेथी के दाने 02 छोटी चम्मच
05 सौंफ पाउडर 02 छोटे चम्मच
06 हल्दी पाउडर 02 छोटे चम्मच
07 लाल मिर्च पाउडर 01 छोटा चम्मच
08 अजवायन 01 छोटा चम्मच
09 हींग 1/4 छोटा चम्मच (पिसी हुई)
10 नमक स्वादानुसार

आंवले का अचार बनाने की विधि-

  • आंवला अचार रेसिपी के लिये सबसे पहले आंवलों को पानी से अच्छी तरह से धो लें। इसके बाद इन्हें एक बर्तन में रख कर 1 लीटर पानी डालें और धीमी आंच पर नरम होने तक उबालें। जब आंवले इतने नरम हो जायें, कि इनकी फांकों को आसानी से अलग किया जा सके, गैस बंद कर दें।
  • अब आंवलों को ठंडा हो जाने दें। ठंडा होने पर आंवलों का पानी अलग कर दें और उसकी फांकों को अलग-अलग करके गुठली निकाल दें।
  • अब कढ़ाई में तेल डाल कर गरम करें। तेल गरम होने पर गैस बन्द कर दें। इसके बाद तेल में हींग, मेथी दाने और अजवायन डाल दें और चला कर हल्का सा भून लें।
  • इसके बाद सौंफ पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, पीली सरसों और नमक डाल कर मिश्रण को अच्छी तरह से मिला लें। इसके बाद आंवलों को भी मिश्रण में डाल दें और अच्छी तरह से मिला लें। इसके बाद आंवलों को ठंडा होने दें।
  • अब आपकी आंवला अचार बनाने की विधि कम्‍प्‍लीट हुई। ठंडा होने पर आंवले का अचार Amla Achar कांच के सूखे और साफ जार/कंटेनर में भर कर रख लें और 4-5 दिनों तक इसे दिन में दो बार ऊपर-नीचे करके चला लें। इससे मसाले आंवलों के भीतर अच्छी तरह से जज्ब हो जायेंगे और अचार बेहद स्वादिष्ट हो जायेगा।

आवशयक सुझाव-

  • अचार के लिये कन्टेनर कांच या प्लास्टिक को हो, कन्टेनर को उबलते पानी से धोइये और धूप में अच्छी तरह सुखा लीजिये. कन्टेनर को ओवन में भी सुखाया जा सकता है।
  • जब भी अचार कन्टेनर से निकालें, साफ और सूखे चम्मच का प्रयोग कीजिये. हफ्ते में 1 बार अचार को चमचे से चलाकर ऊपर नीचे कर दीजिये।
  • अगर धूप है, तब अचार को 3 महिने में 1 दिन के लिये धूप में रख दीजिये, अचार बहुत दिन तक चलते हैं और स्वादिष्ट भी रहते हैं ।
यदि आप आंवले का अचार बनाने के लिए दिए गये तकनीकों को सीखते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी करें, या दूसरों की मदद करने के लिए इस लेख को साझा करें।


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लहसुन का अचार कैसे बनाये

 
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( वर्तिका श्रीवास्तव )
लहसुन (Garlic) में वैसे तो बहुत सारे गुण है लेकिन हम सभी गुणों का बखान नहीं कर सकते क्यूंकि लहसुन को अमरत्व प्राप्त है और ये बात बहुत ही कम लोग जानते हैं लहसुन खाने में जितना स्वादिष्ट होता है, उतना ही यह पौष्टिक भी है। लहसुन की एक छोटी सी कलि भी हजारो सालों से पूरे शरीर के स्वास्थ में काफी लाभकारी मानी जाती है। 

कच्चे लहसुन का तेल कीटाणुरोधी, जीवाणुरोधी, एंटीसेप्टिक और जंतुनाशक के रूप में कार्य करने के लिए मदद करता है कच्चे लहसुन का तेल एंटीऑक्सीडेंट भी है। लहसुन में गुणकारी सल्फ़र होता है, जिसकी वजह से यह थोड़ा कसैला होता है और इसकी महक भी तीखी होती है।

और इसके अलावा लहसुन में एलिसिन होता है, जो की एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल,एंटी-फंगल और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। लहसुन आपके पेट और डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए बहुत अच्छा है। ब्लड प्रेशर, हीलिंग और डिटॉक्सिफिकेशन जैसी दिक्कतों में लहसुन बहुत ही उपयोगी और लाभदायक है।

लहसुन विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालता है और मूल्यवान मूत्रवर्धक के रूप में माना जाता है। हर दिन आप दही या डेयली उत्पादों में कीमा बनाया हुआ या फिर कटा हुआ लहसुन डालकर खा सकते हैं। इसका उपयोग भोजन में डालने में भी किया जा सकता है। और लहसुन का अचार भी खा सकते हैं लहसुन से बना हुआ चटपटा और टेस्टी अचार भी खाने के स्वाद में चार चाँद लगा देता हैं तो फिर देखते हैं लहसुन के आचार की ये रेसिपी।

लहसुन का अचार बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्या नाम आवश्यक सामग्री सामग्री मात्रा
01 लहसुन आधा किलो कलियां छिली हुई
02 राई 25 ग्राम, दरदरी पिसी हुई
03 मेथी 25 ग्राम, दरदरी पिसी हुई
04 हल्‍दी पाडउर 15 ग्राम
05 नमक 25 ग्राम
06 कलौंजी 25 ग्राम
07 सौंफ 25 ग्राम
08 लाल मिर्च पाउडर 25 ग्राम
09 अजवायन ½ चम्‍मच
10 सरसों का तेल एक कप

लहसुन का अचार बनाने की विधि-

सबसे पहले लहसुन को साफ पानी से धोकर एक घंटे के लिए धूप में सूखने के लिए फैला दें और फिर इसे मर्तबान में भर कर रख दें।

अब तेल को एक कड़ाही में तेज़ गर्म कर लें गरम तेल में राई, मेथी, सौंफ, कलौंजी व अजवायन डाल दें और इसके बाद जब तेल हल्का गुनगुना हो जाए तो फिर इसमें बाकी मसाले मिलाकर लहसुन वाले मर्तबान में
डाल दें।

और अब इस मर्तबान को अच्छी तरह से हिलाएं ताकि लहसुन मसाले में खूब अच्छी तरह ये मिक्स हो जाए अचार के मर्तबान को सूती कपड़े से ढककर एक हफ्ते तक रोज़ धूप में रखें और इसे दिन में एक बार जरुर हिलाएं ताकि अचार अच्छी तरह से मिक्स होता रहे।

एक हफ्ते के बाद अचार को चेक करें अगर ये गल गया तो फिर इसका इस्तेमाल करना शुरू कर सकते हैं लहसुन का चटपटा अचार तैयार है।

आवशयक सुझाव-

यदि आप लहसुन का अचार बनाने के लिए दिए गये तकनीकों को सीखते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी करें, या दूसरों की मदद करने के लिए इस लेख को साझा करें।


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मिक्स अचार कैसे बनाये

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 ( वर्तिका श्रीवास्तव )
आज हम आपके लिए मिक्स अचार रेसिपी लाए हैं। इंडियन अचार रेसिपी में मिक्स वेजिटेबल अचार  बेहद पॉपुलर है। इसे पचरंगा अचार  भी कहते हैं। मिक्स वेजिटेबल अचार बनाने में भी आसान है। इसे आप घर पर आसानी से बना सकते हैं। लीजिए आप भी मिक्स अचार बनाने की विधि नोट करिए और आज ही इसे ट्राई करिए। हमें उम्‍मीद है कि मिक्स अचार रेसिपी आपको जरूर पसंद आएगी।

मिक्स अचार बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्या नाम आवश्यक सामग्री सामग्री मात्रा
01 कच्चे आम 01 कटोरी (कटी हुई)
02 फूल गोभी 01 कटोरी (कटी हुई)
03 गाजर 01 कटोरी (कटी हुई)
04 नींबू 01 कटोरी (कटे हुए)
01 हरी मिर्च 01 कटोरी (बारीक कतरी हुई)
02 लाल मिर्च पाउडर 10 पीस
03 हल्दी पाउडर 2 चम्मच
04 सौंफ 2 चम्मच
05 ज़ीरा 1 चम्मच
06 तेल 250 ग्राम
07 राई 2 चम्मच
08 सूखा धनिया 2 चम्मच
09 मेथी दाना 1 चम्मच
10 अजवायन 1 चम्मच
11 हींग 1 चम्मच
12 कालीमिर्च (10 ग्राम)
13 मगरैल 1 चम्मच
14 कलौंजी 1 चम्मच
15 लहसुन का पेस्ट 2 चम्मच
16 नमक स्वादानुसार

मिक्स अचार बनाने की विधि-

  • मिक्स अचार रेसिपी के लिए पानी गरम में 1 छोटा चम्मच नमक मिलाकर उसमें गोभी के टुकड़े डाल दें और 10-15 मिनट के लिये ढक कर रख दें। साथ ही सभी सब्जियों को अच्‍छी तरह से धो लें। 
  • अब एक बर्तन में इतना पानी गरम करें कि उसमें सारी सब्जियां डूब सकें। पानी में उबाल आने पर, उसमें सारी कटी हुई सब्जियां डाल दें और 3-4 मिनिट उबाल लें। इसके बाद गैस बंद कर दें और सब्जियों को पांच मिनट तक ढकी हुई रखी रहने दें।
  • इसके बाद सब्जियों का सारा पानी निकाल दें। फिर मोटे कपडे के सारी सब्जियों को धूप में फैला दें और 5-6 घंटे सुखा लें, जिससे उनका सारा पानी निकल जाए।
  • अब सब्जियों को बर्तन में पलट लें और उसमें सौंफ, धनिया, हल्दी, लाल मिर्च और हींग आदि ऊपर दी गई सामग्री और  सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह से मिला लें। इसके साथ ही सिरका भी डालें और मिक्‍स कर लें।
  • अब एक फ्राई पैन में बचा हुआ सरसों का तेल गरम करें। तेल गरम होने पर उसमें राई, करी पत्ता, और साबुत लाल मिर्च को तोड़ कर डालें और हल्‍का सा भून लें। इसके बाद गैस बंद कर दें और तेल को ठंडा हो जाने दें। फिर उसे सब्जियों में मिला दें।
  • लीजिए, मिक्स अचार बनाने की विधि कम्‍प्‍लीट हुई। अब आपका स्‍वादिष्‍ट मिक्स वेजिटेबल अचार  लगभग तैयार है। इसे सूखे कांच या प्लास्टिक कन्टेनर में भर कर रख लें और हर दूसरे दिन सूखे चम्‍मच से अचार को ऊपर नीचे कर लें। 3-4 दिनों में अचार खट्टा और स्वादिष्ट हो जाता है।

आवशयक सुझाव-

यदि आप मिक्स अचार बनाने के लिए दिए गये तकनीकों को सीखते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी करें, या दूसरों की मदद करने के लिए इस लेख को साझा करें।


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कटहल का अचार कैसे बनाये

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( वर्तिका श्रीवास्तव )
आज हम आपके लिए कटहल का अचार बनाने की रेसिपी लाए हैं। कटहल का अचार खाने में बहुत टेस्‍टी होता है। इसी लिए लोग हमसे कटहल का अचार कैसे बनाएं, कटहल का अचार बनाने का तरीका पूछते रहते हैं। कटहल का अचार बनाने में बेहद आसान है। आप भी कटहल का अचार बनाने की विधि नोट करें और इसे जरूर ट्राई करें। हमें पूरा यकीन है कि आपको हमारी कटहल का अचार बनाने की रेसिपी पसंद आएगी।

कटहल का अचार बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्या नाम आवश्यक सामग्री सामग्री मात्रा
01 लाल मिर्च पाउडर 10 पीस
02 हल्दी पाउडर 2 चम्मच
03 सौंफ 2 चम्मच
04 ज़ीरा 1 चम्मच
05 तेल 250 ग्राम
06 राई 2 चम्मच
07 सूखा धनिया 2 चम्मच
08 मेथी दाना 1 चम्मच
09 अजवायन 1 चम्मच
10 हींग 1 चम्मच
11 कालीमिर्च (10 ग्राम)
12 मगरैल 1 चम्मच
13 कलौंजी 1 चम्मच
14 कटहल 500 ग्राम
15 लहसुन का पेस्ट 2 चम्मच
16 नमक स्वादानुसार

कटहल का अचार बनाने की विधि -

कटहल कच्चा और सफेद वैराइटी का लीजिये, इसको दुकानदार से ही छिलवा कर लाइये। कटहल को काटने के लिए हाथों पर तेल चुपड़ कर कटहल के बीजों से छिलके हटाते हुये 1-1 इंच के टुकड़ों में काट लीजिये।

कटहल भाप में पकाइए-

  • कटहल के टुकड़ों को कुकर में भाप में उबाल लीजिये. इसके लिए एक बड़े बर्तन में एक गिलास पानी डालिये और इसके अंदर एक स्टेन्ड रखिए और बर्तन को ढककर गैस ऑन  कर दीजिए और पानी में उबाल आने दीजिए।  अब एक ऎसा बर्तन ले लीजिए जोकि इस बड़े बर्तन में आ जाए. इस बर्तन में कटहल के टुकड़े भर लीजिए। 
  • पानी में भाप बनते ही, कटहल भरे बर्तन को स्टेन्ड के ऊपर रखिए और बर्तन को ढककर कटहल के नरम होने तक पकने दीजिए. बीच-बीच में इसे चैक कर लीजिए।
  • इसी बीच साबुत मसालों को पीसकर तैयार कर लीजिए।
  • 12 मिनिट बाद में. कटहल को चैक कीजिए, कटहल हल्के नर हो गए हैं। इन्हें 3 से 4 मिनिट और भाप में पकने दीजिए. इसके बाद, इन्हें फिर से चैक करके, गैस बंद कर दीजिए और बड़े बरतन से कटहल वाला बरतन बाहर निकाल कर रख दीजिए।

अचार बनाइए-
पैन में तेल डालकर अच्छे से गरम कीजिये. तेल के गरम होने पर गैस को धीमा कर दीजिए और पैन में हल्दी पाउडर, हींग और कटहल डालकर अच्छी तरह 2 मिनिट लगातार चलाते हुए मिक्स कर लीजिए।
गैस बंद कर दीजिए और कटहल में पिसे हुए मसाले, लाल मिर्च पाउडर, सौंफ पाउडर, नमक, अदरक पाउडर और काला नमक डाल दीजिए. सारी चीजों को अच्छे से मिलने तक मिक्स कर दीजिए. कटहल का अचार बनकर तैयार है, इसे प्याले में निकाल लीजिए।

आप चाहें तो अचार को अभी खा सकते हैं लेकिन अचार का असली स्वाद 4 दिन बाद मिलेगा जब अचार में सारे मसाले अच्छे से ज़ज़्ब हो जाएंगे और अचार अच्छे से खट्टा भी हो जाएगा।

कटहल के स्वादिष्ट अचार को आप चपाती, परांठे, पूरी, चावल, खिचडी़ या जिसके साथ भी खाना चाहें खा सकते हैं। अचार के पूरी तरह से ठंडा होने पर इसे किसी कांच के कन्टेनर मे भर कर रख लीजिये और 1  माह तक इसके स्वाद का मज़ा लीजिए। अगर आप इसे ज्यादा दिन तक उपयोग करना चाहें तो कन्टेनर में इतना तेल डाल दें कि अचार तेल में डूबा रहे. तेल में पूरी तरह से डूबे रखे इस अचार का सेवन 6 महीने तक किया जा सकता है।

आवशयक सुझाव-
आप चाहें तो कटहल को नमक वाले पानी में डाल कर उबाल कर भी बना सकते हैं। कटहल को उबाल लेने के बाद इसका पानी निकाल लें. बाद में,  इसे सूखे कपड़े पर डालकर धूप में 2-3 घंटे सूखने के लिए रख दीजिए और अचार तैयार कर लीजिए।

अचार में किसी भी प्रकार की नमी नहीं आनी चाहिए. अचार बनाने के लिए जो भी बरतनों का उपयोग कर रहे हों उसे पहले उबलते पानी से धोएं और धूप में अच्छी तरह सुखा लें। इसमें किसी भी तरह की नमी ना हो. अचार को हमेशा सूखे और साफ चमचे से निकालिये ।

यदि आप कटहल का अचार बनाने के लिए दिए गये तकनीकों को सीखते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी करें, या दूसरों की मदद करने के लिए इस लेख को साझा करें।


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आम का अचार कैसे बनाये

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( वर्तिका श्रीवास्तव )
सर्दियों के जाते जाते ही कच्चे आम बाजार में मिलने लगते हैं और ये समय है आम का अचार डालने का. आसानी से बनने वाला बिना तेल का आम का अचार स्वाद में तो अच्छा बनता ही है, इसे लम्बे समय तक रखा जा सकता है। 

अचार मसाला बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्या नाम आवश्यक सामग्री सामग्री मात्रा
01 लाल मिर्च पाउडर 10 पीस
02 हल्दी पाउडर 2 चम्मच
03 सौंफ 2 चम्मच
04 ज़ीरा 1 चम्मच
05 तेल 250 ग्राम
06 राई 2 चम्मच
07 सूखा धनिया 2 चम्मच
08 मेथी दाना 1 चम्मच
09 अजवायन 1 चम्मच
10 हींग 1 चम्मच
11 कालीमिर्च (10 ग्राम)
12 मगरैल 1 चम्मच
13 कलौंजी 1 चम्मच
14 कच्चे आम 1 किग्रा
15 लहसुन का पेस्ट 2 चम्मच

अचार मसाला बनाने की विधि -

  • आम को अच्छी तरह धो लीजिये, आम का पानी सूखने पर आम का डंठल काट कर हटा दीजिये और आम के गूदे को बिना छीले ही छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लीजिये।
  • यदि धूप अच्छी है तो  आम के टुकड़ो को एक बर्तन में रख कर उसमे हल्दी और नमक को मिक्स करके धूप में करीब दो घंटे के लिए रख दे। 
  • परन्तु यदि धूप नहीं है तो कच्चा लहसुन , हल्दीऔर लालमिर्च  पीस ले।  इसके बाद आम के टुकड़ो को एक बर्तन में रख कर और उसमे पिसा हुआ कच्चा लहसुन , हल्दी और लालमिर्च को मिक्स कर दे। 
  • पैन को गैस पर रख कर गरम कीजिए, मेथी दाना और सौंफ डालकर हल्का सा भून लीजिए ताकि इनकी नमी ख़त्म  हो जाये। मसाले भून जाने पर गैस बंद कर दीजिए और मसालों को प्लेट में निकाल लीजिए। मसाले को ठंडा होने दीजिए।
  • मसाले के ठंडा होने के बाद दरदरा पिस लीजिए। अब कटे हुए आम के टुकडों में पिसा दरदरा मसाला, नमक, हींग, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और सिरका डालकर सभी चीजों  को अच्छे से मिक्स होने तक मिलाएं। आम का अचार बनकर तैयार है।  
  • यह अचार लगभग 1 सप्ताह के बाद खाने के लिए बिल्कुल तैयार हो जायेगा।  इस अचार को हर सप्ताह  में एक बार चम्मच की मदद से ऊपर नीचे करते हुए अच्छी तरह से मिला दीजिए, ऎसा करने से अचार के सारे मसाले आपस में अच्छी से मिल जाएंगे।

आवश्यक सुझाव-

  • अचार बनाते समय यह ध्यान दें कि जिस कंटेनर में आप अचार डालना चाहते हैं उसे पानी में उबालकर, धूप में सूखा लीजिए अगर धूप नहीं है तो कंटेनर को ओवन या माइक्रोवेव में भी सुखा सकते हैं. ध्यान रखें कि इसमें किसी भी तरह की नमी बिल्कुल भी नहीं होनी चाहिए।
  • जब भी अचार को खाने के लिए निकालें तो चम्मच साफ और सूखा होना चाहिए।
  • अचार में किसी भी तरह की गंदगी या नमी बिल्कुल भी नहीं जानी चाहिए. अचार बहुत दिन तक चलते है। 

आम का अचार ख़राब होने से बचाने के उपाय -
  • यदि आप का अचार जल्दी खराब हो जाता है तो आप उसमें सोडियम बेंजोएट डाल दीजिए।
  • या फिर अचार का सिरका डाल दीजिए।
  • या फिर अचार को ऊपर तक तेल से भर दीजिए और उसमें एक चम्मच नमक और एक चम्मच हल्दी डालकर धुप में १ दिन के लिए रख दीजिए।
  • उसे भी अचार खराब नहीं होता।
  • इस तरह अचार बनाने की रेसिपी आप एक बार जरूर से ट्राई करें।
यदि आप आम का अचार बनाने के लिए दिए गये तकनीकों को सीखते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी करें, या दूसरों की मदद करने के लिए इस लेख को साझा करें।


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लाल मिर्ची के अचार कैसे बनाये

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 ( वर्तिका श्रीवास्तव )
लाल मिर्च वैसे तीखी नहीं होती इसलिए आप इसमें जैसा मसाला डालते हैं उसका स्वाद इसमें आ जाता है। इस लिए  का अचार डालते समय आपके इसमें डाले जाने वाले मसालों का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। अचार खट्टा, मीठा, तीखा, चटपटा हर तरह का होता है। आपके ज़ायका का स्वाद बढ़ाने वाला लाल मिर्ची का अचार कैसे बनता है क्या आप जानती हैं? हर अचार को स्वाद बनाता है उसमें डलने वाला मसाला और ये मसाला अगर परफेक्ट नहीं होता तो अचार का स्वाद खराब हो सकता है। तीखी लाल मिर्ची वाले अचार में कौन से मसाले डाले जाते हैं, कितने मसाले डाले जाते हैं और आप इसे कैसे बना सकती हैं इसे जानने के लिए आप लाल मिर्च के अचार की रेसिपी जान लीजिए।   लाल मिर्च वैसे तीखी नहीं होती इसलिए आप इसमें जैसा मसाला डालते हैं उसका स्वाद इसमें आ जाता है। इस लिए का अचार डालते समय आपके इसमें डाले जाने वाले मसालों का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। 

अचार मसाला बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्या नाम आवश्यक सामग्री सामग्री मात्रा
01 लाल मिर्च 250 ग्राम
02 सरसों का तेल 1 कप
03 नींबू 2 पीस
04 अचार के मसाले आवश्यकता के अनुसार
05 काली सरसों के दाने 40 ग्राम
06 सौंफ 30 ग्राम
07 मेथी दाने 20 ग्राम
08 जीरा 15 ग्राम
09 काली मिर्च 8 ग्राम
10 अजवायन 5 ग्राम
11 काला नमक 1 चम्मच या स्वादानुसार
12 हल्दी पाउडर 1 चम्मच
13 हींग 2 चुटकी
14 सिरका 2-3 टेबल स्पून
15 नमक स्वादानुसार
नोट: लाल मिर्ची का अचार डालने से पहले आप मिर्ची को पानी के धोकर धूप में 2-3 घंटे के लिए अच्छे से सुखा लें। 

लाल मिर्ची का अचार बनाने की सामग्री विधि-

लाल मिर्ची का अचार डालने के लिए आपको सबसे पहले इसका मसाला तैयार करना है। ऊपर सामग्री में लिखे सारे मसालों को आप एक जगह रख लीजिए।
एक पैन में इन सभी सूखे मसालों को रखे और पैन गर्म कर इसे भून लीजिए। इसमें सौंफ, मेथी दाने, जीरा, अजवायन और काली मिर्च डालें मसालों को लगातार चलाते हुए 2 मिनिट भूनें। इससे इनकी नमी दूर हो जाती है और मसालों का स्वाद भी अच्छा आता है. भुने मसाले प्लेट में निकालकर इसे थोड़ी देर ठंडा होने दें। 
जब मसाले ठंडे हो जाएं तो आप इन्हें दरदरा पीस लें। ध्यान रखें की मसालों को पीसते समय आप इसमें नमक भी साथ मे ही मिला लें इससे नमक मसालों के साथ अच्छी तरह से मिक्स हो जाएगा। जब सारे मसाले पीस लें तो उन्हें एक प्याले में निकाल कर आप इसमें हल्दी पाउडर, काला नमक और हींग मिला लें। 
अब आप एक पैन में सरसों का तेल डालकर इसे अच्छी तरह से गर्म कर लें। जब तेल से धुआं आने शुरू हो जाए तब आप गैस बंद कर दें और इसे भी ठंडा होने के लिए एक तरफ रख दें। 
अब आपने जो मसाला पीस कर एक तरफ रखा है उसमें 2 चम्मच तेल डालकर मसाले में अच्छी तरह से मिक्स कर लें। 
अचार का मसाला तैयार है। 

ऐसे काटें अचार की मिर्ची-

मिर्च के डंठल से थोड़ा निचे काटकर हटा दें जिससे कि इसके अंदर से थोड़ा सा पल्प और बीज निकालकर मिर्च को खाली कर लीजिए ताकि इसमें मसाला ऊपर तक अच्छे से भर जाए। ऐसा करने से मिर्च जल्दी से खराब नही होती। सारी मिर्च को इसी तरीके से तैयार करके रख लीजिए।मिर्च से निकाले हुए पल्प और बीज को मसाले में मिक्स कर लीजिए।

ऐसे लाल मिर्ची में भरें मसाला-
  • हर लाल मिर्च को उठाकर इसे खोलकर इसमें चम्मच से मसाला पूरी तरह से भरकर अच्छे से दबा दे इस तरह से एक एक करके आप सभी मिर्ची में मसाला भर लें। 
  • तेल में एक-एक मिर्च को पूरी तरह डुबोकर दूसरे प्याले में रखते जाइए. अचार तैयार है। मिर्च के अचार को कन्टेनर में भर लें। आधी मिर्चें कन्टेनर में भरने के बाद प्लेट में बचे हुए मसाले को इन मिर्च पर डाल दें। ऊपर से बाकी मिर्चें भर लीजिए और ऊपर से तेल भी डाल दीजिए।
आवश्यक सुझाव-
अब आप इस अचार वाले कंटेनर को धूप में 3-4 दिनों तक रखिए इससे पहले मिर्ची के अचार में स्वाद नहीं आएगा। 

अचार को महीनेभर तक रखने के लिए आप एक बात ध्यान रखें कि कन्टेनर एयरटाइट होना चाहिए और अचार डालते समय एक दम सूखा होना चाहिए। मिर्च तेल में पूरी तरह डूबी रहेगी तो आप इस अचार को पूरे साल भर तक रखकर खा सकती हैं।

साबुत मसालों को भूनने की जगह आप इन्हें धूप में 3 से 4 घंटे सुखाकर भी इन्हें पीसकर अचार में इस्तेमाल कर सकती हैं इससे स्वाद में थोड़ा और अलग टेस्ट आएगा।

यदि आप लाल मिर्ची के अचार बनाने के लिए दिए गये तकनीकों को सीखते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी करें, या दूसरों की मदद करने के लिए इस लेख को साझा करें।


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अचार मसाला कैसे बनाये

 
masaala

(वर्तिका श्रीवास्तव )
खाने के साथ अगर अचार मिल जाए तो कोई भी सब्‍जी अच्‍छी लगने लगती है। जी हां आम, करोंदे, हरी मिर्च, नींबू, कटहल या मिक्स अचार आदि खाने के साथ खाने से भोजन का स्वाद और ज्यादा बढ़ जाता है। और अगर अचार घर के बने मसाले से तैयार किया हो, तब तो क्‍या कहना। इस मसाले का इस्तेमाल आप आचार बनाने के साथ-साथ सूखी या भरवां सब्जियों को बनाने में भी कर सकती है। इस लिए आज हम आपको अचार का मसाला बनाने की रेसिपी बताने जा रहे हैं।

अचार मसाला बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्या नाम आवश्यक सामग्री सामग्री मात्रा
01 लाल मिर्च पाउडर 2 चम्मच
02 हल्दी पाउडर 2 चम्मच
03 सौंफ 2 चम्मच
04 ज़ीरा 1 चम्मच
05 तेल 1 चम्मच
06 राई 2 चम्मच
07 सूखा धनिया 2 चम्मच
08 मेथी दाना 1 चम्मच
09 अजवायन 1 चम्मच
10 हींग 1 चम्मच
11 कालीमिर्च (10 ग्राम)
12 मगरैल 1 चम्मच
13 कलौंजी 1 चम्मच

अचार मसाला बनाने की विधि -

  • सभी मसालों की तरह इसमें भी सबसे पहले आपको सभी मसालों को भूनना होगा। 
  • फिर ठंडा होने के बाद सभी मसालों के साथ हल्दी पाउडर और लाल मिर्च पाउडर डालकर दरदरा मसाला पीस लें।
  • अचार के मसाले को आप दरदरा ही पीसे ज्यादा बारीक न करें। क्योंकि अचार में मोटे मसाले से ही ज्‍यादा स्वाद आता है।
  • आपका मसाला तैयार है। आप इसे एयर टाइट डिब्बे में भर कर रख दें।   
  • आप इस मसाले को 1 महीने तक स्टोर भी कर सकती हैं।

आवश्यक सुझाव-

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चाय का मसाला कैसे बनाये

 
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(वर्तिका श्रीवास्तव )
अगर आप चाय की शौकीन हैं तो घर में ही चाय का मसाला बनाकर टेस्‍टी चाय का लुफ्त खुद भी उठाए और फैमिली को भी पिलाएं। यह चाय का मसाला आपकी इम्‍यूनिटी को बूस्‍ट करके आपको छोटी-छोटी बीमारियों से बचाकर रखता है। 

चाय का मसाला बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्या नाम आवश्यक सामग्री सामग्री मात्रा
01 छोटी इलाइची 15 पीस
02 लौंग 15पीस
03 काली मिर्च 2 बड़ा चम्मच
04 सोंठ पाउडर 2 बड़ा चम्मच
05 तुलसी की पत्ती ½ कप सुखी हुई
06 दालचीनी 1 टुकड़ा

चाय का मसाला बनाने की विधि -

  • सारी चीजों को मिलाकर ड्राई रोस्‍ट करके बारीक पीस लें और इसे एयर टाइट कंटेनर में भरकर रख दें।
  • जब भी आपको चाय बनानी हो तो 2 कप पानी में ½ छोटा चम्मच चाय का मसाला, ½ छोटा चम्मच चाय पत्ती, 1 कप दूध और स्वादानुसार चीनी मिलाकर चाय बनाएं।

आवश्यक सुझाव-

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कचालू चाट मसाला कैसे बनाये

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( वर्तिका श्रीवास्तव )
आज हम आपको कचालू चाट मसाला  बनाना बताएंगे। जब भी आपको कचालू चाट मसाला बनानी हो तो आप इस मसाले का इस्‍तेमाल कर सकती है। इस मसाले की सबसे अच्‍छी बात यह है कि इसे आप कम समय और कम बजट में घर पर ही आसानी से बना सकती है। कचालू मसाला आमतौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश  अधिक प्रयोग होता है । कचालू चाट मसाला आलू को उबाल कर उसका छिलका निकाल लेते है और आलू को चाकू से पतले सेव में गोल -गोल काट लेते है और उस पर कचालू मसाला छिड़क कर बड़े चाव से खाते है। मसाले को आप 5 महीने तक बनाकर स्‍टोर कर सकती हैं। लेकिन इस मसाले को एयर टाइड कंटेनर में ही स्‍टोर करें, नहीं तो यह सील सकता है।

कचालू चाट मसाला बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्या नाम आवश्यक सामग्री सामग्री मात्रा
01 धनिया 25 ग्राम
02 जीरा 25 ग्राम
03 सौप 25 ग्राम 70 ग्राम
04 सूखा मिर्च ग्राम 10
05 नमक स्वाद अनुसार
06 नींबू स्वाद अनुसार

कचालू मसाला बनाने की विधि -

  • कचालू चाट मसाला बनाने के लिए सबसे पहले सभीधनिया ,जीरा ,सौफ ,सुखामिर्च को कड़ाही में डालकर भून लें। 
  • फिर गैस को बंद करके मसालों को ठंडा होने के लिए रख दें। 
  • जब मसाले ठंडे हो जाए तो इसे मिक्सी में डालकर पीस लें। 
  • आपका फ्रेश कचालू चाट मसाला बनकर तैयार है अब इसे किसी एयर टाइट डिब्बे में भरकर रख लें। 
  • जब भी आपको कचालू बनाने में इस्‍तेमाल करना हो इसमें से निकाल लें।  

आवश्यक सुझाव-

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बुकनू मसाला कैसे बनाये

 
masaala

( वर्तिका श्रीवास्तव )
बुकनू चूरन भी है, मसाला भी है  यह पूर्वी उत्तर प्रदेश, विशेष रूप से कानपुर में बहुत लोकप्रिय है।  इसे परांठा रोटी के ऊपर बुरक कर, चाट के ऊपर बुरक कर या मसाले की तरह दाल सब्जी में टेस्ट बढाने के लिये डाल कर खा सकते है।  इसे बनाने के लिये किचन में प्रयोग करने वाले मसालों के साथ कुछ आयुर्वेदिक इन्ग्रेडियेन्ट्स भी हैं जो हमारे पाचन को सही बनाये रखती है। 

बुकनू मसाला बनाने की आवश्यक सामग्री -

क्रम संख्या नाम आवश्यक सामग्री सामग्री मात्रा
01 सादा नमक 250 ग्राम
02 काला नमक 125 ग्राम
03 सेंधा नमक (लाहोरी व्रतका नमक ) 50 ग्राम
04 मसाला नमक 50 ग्राम
05 समुंद्री नमक 50 ग्राम
06 हल्दी 75 ग्राम
07 बड़ी हर्र 50 ग्राम
08 छोटी हर्र 50 ग्राम
09 बहेड़ा 50 ग्राम
10 सूखा आंवला 50 ग्राम
11 जीरा 25 ग्राम
12 अजवायन 25 ग्राम
13 सौफ 25 ग्राम
14 काली मिर्च 25 ग्राम
15 सोंठ 25 ग्राम
16 पीपर 20 ग्राम
17 बायविरंग 20 ग्राम
18 मरोड़ फली 20 ग्राम
19 छोटी इलाइची 10 ग्राम
20 खाने वाला नौसादर 10 ग्राम
21 अच्छी वैराइटी की हींग 5 ग्राम
22 सरसों का तेल 100 ग्राम

बुकनू मसाला बनाने बनाने की विधि -

सबसे पहले आप दिए गए सभी  मसालो को अच्छे से साफ कर ले।  

इनमे से आप कुछ मसाले तल लीजिये - बड़ी हर्र, सोंठ, हल्दी, छोटी हर्र और बहेड़े
सरसों के तेल को कढ़ाई में डालकर हल्का गरम कर लीजिये। बड़ी हर्र को गरम तेल में डालिये और धीमी आग पर 2-3 मिनिट तक तल कर निकाल कर किसी प्लेट में रखस् लीजिये.सोंठ को गरम तेल में डालिये और धींमी आग पर 2-3 मिनिट कलर बदलने तक भून कर इसे भी उसी प्लेट में निकाल लीजिये। हल्दी को गरम तेल में डालिये और इन्हैं भी 2-3 मिनिट धीमी आग पर कलर बदलने तक तल कर उसी प्लेट में निकाल लीजिये। छोटी हर्र को गरम तेल में डालिये और 1 मिनिट तक धीमी आग पर तल कर उसी प्लेट में निकाल लीजिये। अब बहेड़ा तेल में डालिये और 2-3 मिनिट तक धीमी आग पर तल कर उसी प्लेट में निकाल कर रख लीजिये।

इनमे से आप कुछ मसाले सूखे भून लीजिये - सूखे आंवले, मरोड़ फली, बायविरंग, बड़ी इलाइची, पीपर, जीरा, अजवायन, सोंफ और हींग ।
भारी तले का पैन गरम कर लीजिये, सूखे आंवले को पैन में डालिये और धीमी गैस पर 2-3 मिनिट तक चलाते हुये भून लीजिये, इन्हैं दूसरी प्लेट में निकाल लीजिये। अब पैन में मरोड़ फली डालिये और चलाते हुये धीमी गैस पर भून लीजिये, और इसी प्लेट में निकाल लीजिये। अब पैन में बायविरंग डालिये और धीमी गैस पर 2 मिनिट भून लीजिये, और इसी प्लेट में निकाल लीजिये। अब बड़ी इलाइची और पीपर पैन में डालिये और लगातार चलाते हुये 2 मिनिट तक भून कर इसी प्लेट में निकाल लीजिये। अब पैन में जीरा, सोंफ और अजवायन डालिये और 1 मिनिट धीमी आग पर भून लीजिये, हींग भी इसी में डालकर और 1 मिनिट भून लीजिये, और इसी प्लेट में निकाल लीजिये।

बचे हुये मसाले बिना भूने ही मिलाने हैं- सादा नमक, काला नमक, मसाला नमक ,समुंद्री नमक ,सेंधा नमक, छोटी इलाइची, खाने वाला नौसादर और छोटी इलाइची।

बड़े मसाले खल्लड़ से कूट कर थोड़ा छोटा कर लीजिये, ताकि वे मिक्सर से आसानी से पीसे जा सके. बड़ी हर्र, हल्दी और सोंठ को टुकड़ो में तोड़ लीजिये। बहेड़े को तोड़कर उसकी गुठली हटा दीजिये। कुटे मसाले जार में डालिये और साथ में आधा सादा नमक डालिये और मसाले को बारीक पीस लीजिये। पिसे मसाले किसी बड़े बर्तन में निकाल लीजिये। अब रोस्टेड मसाले लीजिये और नमक मिलाकर बारीक पीस लीजिये और इन्हैं भी उसी प्याले में निकाल लीजिये, बिना भुने मसाले भी नमक के साथ में बारीक पीस लीजिये और इसी प्याले में निकाल लीजिये और  सारे पिसे मसाले अच्छी तरह मिला लीजिये । अब आप मसाले को मोटी छलनी में छानिये, और छलनी के ऊपर अधिक मोटे बचे मसाले फिर से पीस कर बारीक करके मिक्स कर दीजिये। लीजिये बुकनू तैयार है. तैयार बुकनू को एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रख लीजिये और 6 माह तक खाते रहिये।

आवश्यक सुझाव-

अलग अलग लोग बुकनू को अलग अलग तरीके और इन्ग्रीडियेन्टस से बनाते हैं, कुछ लोग अधिक मसाले डालते हैं और कुछ लोग कम मसाले डालकर बुकनू बनाते है। आप बुकनू बना रहे हैं और अगर कोई इन्ग्रीडियेन्ट न मिले तो उसके बिन ही बुकनू बना सकते हैं। यदि आप बुकनू मसाला बनाने के लिए दिए गये तकनीकों को सीखते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी करें, या दूसरों की मदद करने के लिए इस लेख को साझा करें।

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