गोण्डा लाइव न्यूज एक प्रोफेशनल वेब मीडिया है। जो समाज में घटित किसी भी घटना-दुघर्टना "✿" समसामायिक घटना"✿" राजनैतिक घटनाक्रम "✿" भ्रष्ट्राचार "✿" सामाजिक समस्या "✿" खोजी खबरे "✿" संपादकीय "✿" ब्लाग "✿" सामाजिक "✿" हास्य "✿" व्यंग "✿" लेख "✿" खेल "✿" मनोरंजन "✿" स्वास्थ्य "✿" शिक्षा एंव किसान जागरूकता सम्बन्धित लेख आदि से सम्बन्धित खबरे ही निःशुल्क प्रकाशित करती है। एवं राजनैतिक , समाजसेवी , निजी खबरे आदि जैसी खबरो का एक निश्चित शुल्क भुगतान के उपरान्त ही खबरो का प्रकाशन किया जाता है। पोर्टल हिंदी क्षेत्र के साथ-साथ विदेशों में हिंदी भाषी क्षेत्रों के लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है और भारत में उत्तर प्रदेश गोण्डा जनपद में स्थित है। पोर्टल का फोकस राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को उठाना है और आम लोगों की आवाज बनना है जो अपने अधिकारों से वंचित हैं। यदि आप अपना नाम पत्रकारिता के क्षेत्र में देश-दुनिया में विश्व स्तर पर ख्याति स्थापित करना चाहते है। अपने अन्दर की छुपी हुई प्रतिभा को उजागर कर एक नई पहचान देना चाहते है। तो ऐसे में आप आज से ही नही बल्कि अभी से ही बनिये गोण्डा लाइव न्यूज के एक सशक्त सहयोगी। अपने आस-पास घटित होने वाले किसी भी प्रकार की घटनाक्रम पर रखे पैनी नजर। और उसे झट लिख भेजिए गोण्डा लाइव न्यूज के Email-gondalivenews@gmail.com पर या दूरभाष-8303799009 -पर सम्पर्क करें।
Showing posts with label आहार. Show all posts
Showing posts with label आहार. Show all posts

विटामिन ई के फायदे ,स्रोत और स्वास्थ्य लाभ

Image SEO Friendly

शरीर की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखने के लिए कई तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है। विटामिन ई भी उन्हीं पोषक तत्वों में से एक है। शरीर में अगर विटामिन ई की कमी हो जाए, तो कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, इस लेख में हम न सिर्फ विटामिन ई के फायदे बताएंगे, बल्कि विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थ की भी जानकारी देंगे। ध्यान रहे कि विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थ बीमारियों से बचाने में मदद कर सकते हैं। साथ ही अगर कोई बीमार है, तो विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थ उसके लक्षणों को कुछ कम कर सकते हैं। वहीं, अगर किसी की अवस्था गंभीर है, तो मेडिकल ट्रीटमेंट जरूरी है।

विटामिन ई क्या है?
विटामिन-ई एक फैट सॉल्युबल विटामिन है। यह एक कारगर एंटीऑक्सीडेंट भी है। विटामिन-ई शरीर के टिश्यू को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है। फ्री रेडिकल्स कोशिकाओं, टिश्यू और अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। शरीर की इम्युनिटी के लिए भी विटामिन-ई की आवश्यकता होती है। यह शरीर को वायरस और बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण से भी बचा सकता है। 

विटामिन ई के लाभ – 
इससे पहले कि आप विटामिन-ई के स्रोत के बारे में जानें, आपका यह जानना जरूरी है कि विटामिन-ई के फायदे क्या-क्या हैं।

कैंसर : एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, विटामिन-ई में एंटी-कैंसर गुण मौजूद होते हैं। वहीं, कुछ शोध में यह भी पाया गया है कि विटामिन-ई कैंसर से बचाव करने में कोई भूमिका नहीं निभाता । इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि विटामिन-ई कैंसर से पूरी तरह बचाव कर सकता है या नहीं यह अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इस संबंध में अभी और शोध किए जाने की जरूरत है।

हृदय के लिए : विटामिन-ई हृदय रोग के लिए लाभकारी हो सकता है। कुछ शोध के अनुसार विटामिन-ई का सेवन हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम कम कर सकता है। इसके बावजूद, विटामिन-ई के इस लाभ को लेकर संशय बना हुआ है। सटीक वैज्ञानिक प्रमाण के अभाव में यह कहना थोड़ा मुश्किल होगा कि विटामिन-ई हृदय के लिए कितना फायदेमंद हो सकता है। हृदय के लिए विटामिन-ई सप्लीमेंट लेने से पहले अच्छा होगा कि एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।

आंखों के विकार के लिए : बढ़ती उम्र के साथ कुछ नेत्र संबंधी विकार जैसे एज रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन  और मोतियाबिंद अंधेपन का कारण बन सकते हैं। यहां विटामिन-ई के लाभ देखे जा सकते हैं। माना जाता है कि एंटीऑक्सीडेंट, जिंक और कॉपर के साथ विटामिन-ई के सप्लीमेंट एएमडी से पीड़ित व्यक्तियों में अंधेपन के जोखिम को कम कर सकते हैं । वहीं, दूसरी ओर एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में मोतियाबिंद पर विटामिन-ई के प्रभाव को संशयात्मक माना गया है (3)। ऐसे में आंखों के लिए किसी भी प्रकार के विटामिन-ई के सप्लीमेंट लेने से पहले संबंधित डॉक्टर से परामर्श लेना उचित विकल्प रहेगा।

त्वचा के लिए : विटामिन-ई त्वचा के लिए भी लाभकारी हो सकता है। कई कॉस्मेटिक प्रोडक्ट में विटामिन-ई का उपयोग किया जाता है। कुछ शोध के अनुसार, यह त्वचा की समस्या जैसे – जेरोसिस यानी त्वचा के रूखेपन की समस्या, एटॉपिक डर्मेटाइटिस यानी त्वचा पर खुजली व सूजन की समस्या और अल्सर जैसी परेशानियों से राहत दिला सकता है । फिलहाल, इस संबंध में अभी और शोध की आवश्यकता है । इसके लिए डॉक्टरी सलाह पर विटामिन-ई युक्त तेल या क्रीम का उपयोग किया जा सकता है।

इम्युनिटी के लिए : विटामिन-ई रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में भी मदद कर सकता है। यह वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण से बचाव करने में मदद कर सकता है। खासकर, वृद्धों के लिए यह काफी लाभकारी हो सकता है। इम्युनिटी के लिए विटामिन-ई एक एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है।

विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थ – 
विटामिन ई के फायदे जानने के बाद इसे आहार में शामिल करना तो बनता है। वैसे तो विटामिन ई के कैप्सूल बाजार में उपलब्ध हैं, लेकिन बेहतर है कि विटामिन ई के स्रोत के लिए प्राकृतिक चीजों का उपयोग किया जाए। इसलिए, नीचे हम विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थ की जानकारी दे रहे हैं, जो प्राकृतिक रूप से विटामिन ई के स्रोत हैं।

1. गेहूं के बीज का तेल 
कुछ लोगों के लिए यह सामग्री नई हो सकती है। गेहूं के बीज के तेल में भी विटामिन-ई मौजूद होता है। आप सलाद, पास्ता और कई खाने के चीजों में इसे टॉपिंग की तरह उपयोग कर सकते हैं।
विटामिन ई की मात्रा प्रति 100 ग्राम – 149.40 मिलीग्राम।

2. बादाम
बादाम भी विटामिन-ई का अच्छा स्रोत है। बादाम को आहार में शामिल कर इसके फायदों का लुत्फ उठाया जा सकता है। इसके अलावा, बादाम तेल या दूध का भी सेवन किया जा सकता है। बालों और त्वचा के लिए बादाम तेल को लगा भी सकते हैं।
विटामिन ई की मात्रा प्रति 100 ग्राम – 25.63 मिलीग्राम ।

3. एवोकाडो
एवोकाडो में भी विटामिन-ई मौजूद होता है। एवोकाडो पोषक तत्वों से भरा फल होता है और इसे कई तरीकों से खाया जा सकता है। अपने आहार में विटामिन-ई को शामिल करने के लिए एवोकाडो का सेवन एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

सेवन का तरीका:
  • एवोकाडो को छीलकर और उसका बीज निकालकर सीधे खाया जा सकता है।
  • सैंडविच पर बटर के बदले एवोकाडो को मैश करके खा सकते हैं।
  • एवोकाडो की स्मूदी का सेवन भी किया जा सकता है।
  • विटामिन ई की मात्रा प्रति 100 ग्राम – 2.07 मिलीग्राम ।
4. सूरजमुखी के बीज
सूरजमुखी के बीज भी विटामिन-ई के अच्छे स्रोत हैं। सूरजमुखी के बीज के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, हालांकि ध्यान रहे कि छिलका पूरी तरह से हटा दें। छिलके के साथ सेवन करने से पेट दर्द और उल्टी की समस्या हो सकती है।

सेवन का तरीका:
  • बीज के छिलके हटाकर कच्चा सेवन किया जा सकता है।
  • इसे भूनकर स्नैक्स की तरह सेवन किया जा सकता है।
  • इसे सैंडविच, पास्ता और अन्य खाद्य पदार्थों के साथ भी खाया जा सकता है।
  • विटामिन की मात्रा प्रति 100 ग्राम – 35.17 मिलीग्राम  ।
5-पालक 
विटामिन-ई के लिए हरी सब्जियों का सेवन भी लाभकारी हो सकता है। कई हरी सब्जियों में विटामिन-ई होता है और पालक उन्हीं में से एक है। पालक न सिर्फ विटामिन-ई का बल्कि कई अन्य पोषक तत्व जैसे – प्रोटीन, मैग्नीशियम और कैल्शियम का भी स्रोत है। पालक स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है।

सेवन का तरीका:
  • आलू-पालक की सब्जी का सेवन किया जा सकता है।
  • पालक का सूप या जूस पी सकते हैं।
  • पनीर के साथ पालक की सब्जी बनाकर सेवन किया जा सकता है।
  • पालक का साग बनाकर खा सकते हैं।
  • पालक को दाल के साथ बनाकर सेवन किया जा सकता है।
  • पालक का पराठा भी खा सकते हैं।
  • विटामिन की मात्रा प्रति 100 ग्राम – 2.03 मिलीग्राम ।
6. पीनट बटर
अगर किसी को विटामिन-ई का सेवन बिना मेहनत किए करना है, तो पीनट बटर अच्छा विकल्प है। हालांकि, इसमें कैलोरी भी होती है, इसलिए इसका सीमित रूप से सेवन लाभकारी हो सकता है।

सेवन का तरीका:
  • पीनट बटर को ब्रेड में लगाकर सेवन किया जा सकता है।
  • पीनट बटर को रोटी के साथ भी खाया जा सकता है।
  • पीनट बटर को ऐसे भी खाया जा सकता है।
  • विटामिन ई की मात्रा प्रति 100 ग्राम – 9.1मिलीग्राम 
7. हेजलनट
विटामिन ई के लिए हेजलनट का भी सेवन किया जा सकता है। यह न सिर्फ विटामिन-ई बल्कि कई अन्य पोषक तत्व जैसे – प्रोटीन, फाइबर और कैल्शियम का भी अच्छा स्रोत है। हेजलनट शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार साबित हो सकता है।

सेवन का तरीका:
  • हेजलनट को ऐसे भी खाया जा सकता है।
  • इसे भूनकर भी खाया जा सकता है।
  • इसे स्मूदी या शेक में मिलाकर भी खाया जा सकता है।
  • विटामिन ई की मात्रा प्रति 100 ग्राम – 17.5 मिलीग्राम ।
8. पाइन नट्स
पाइन नट्स को चिलगोजा भी कहा जाता है। इसमें विटामिन-ई के साथ आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन जैसे जरूरी पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। अन्य नट्स की तरह ही यह भी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है।

सेवन का तरीका:
  • इसे कच्चा खाया जा सकता है।
  • इसे भूनकर भी सेवन किया जा सकता है।
  • सलाद या स्मूदी में डालकर भी इसका सेवन किया जा सकता है।
  • विटामिन ई की मात्रा प्रति 100 ग्राम – 9.33 मिलीग्राम 
9. सूखे खुबानी 
सूखे खुबानी में फाइबर के साथ-साथ कई आवश्यक विटामिन होते हैं, जिनमें विटामिन-ई भी शामिल है । जहां फाइबर पाचन में मदद कर सकता है। वहीं, विटामिन-ई सेहत के साथ-साथ त्वचा के लिए भी लाभकारी हो सकता है ।

सेवन का तरीका:
  • सूखे खुबानी का सेवन सीधे किया जा सकता है।
  • इसे सलाद के साथ भी खाया जा सकता है।
  • विटामिन ई की मात्रा प्रति 100 ग्राम – 4.33 मिलीग्राम।
10. कीवी
कीवी में विटामिन-ई तो होता ही है, साथ ही यह विटामिन-सी का भी अच्छा स्रोत है। कीवी में मौजूद विटामिन-सी इम्युनिटी के लिए भी लाभकारी हो सकता है।

सेवन का तरीका:
  • कीवी को ऐसे ही छीलकर खाया जा सकता है।
  • कीवी के जूस का भी सेवन किया जा सकता है।
  • फ्रूट सलाद में कीवी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • कीवी की स्मूदी का भी सेवन कर सकते हैं।
  • कीवी की आइसक्रीम भी खा सकते हैं।
  • विटामिन ई की मात्रा प्रति 100 ग्राम – 1.46 मिलीग्राम ।
11. ब्रोकली
सब्जियों की बात करें, तो ब्रोकली भी स्वास्थ्यप्रद खाद्य पदार्थों में से एक है। हालांकि, अन्य खाद्य पदार्थों की तुलना में ब्रोकली में विटामिन-ई की मात्रा कम होती है, लेकिन इसमें विटामिन-सी, फाइबर और पोटैशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं ।

सेवन का तरीका:
  • ब्रोकली की सब्जी बनाकर खाई जा सकती है।
  • ब्रोकली का सेवन सूप में डालकर भी किया जा सकता है।
  • ब्रोकली को फ्राई करके भी खाया जा सकता है।
  • विटामिन ई की मात्रा प्रति 100 ग्राम – 0.78 मिलीग्राम ।
12. टमाटर
टमाटर किसी भी सब्जी का स्वाद बढ़ा सकता है। स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ यह सेहत के लिए भी फायदेमंद है। टमाटर में विटामिन-ए और विटामिन-सी के साथ-साथ लायसोपीन  नामक एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होता है । साथ ही इसमें विटामिन-ई भी मौजूद है, लेकिन काफी कम मात्रा में।

सेवन का तरीका:
  • टमाटर को सब्जी में डालकर सेवन किया जा सकता है।
  • टमाटर का इस्तेमाल सलाद और सैंडविच में किया जा सकता है।
  • टमाटर की चटनी का भी सेवन किया जा सकता है।
  • टमाटर का सूप भी पी सकते हैं।
  • विटामिन ई की मात्रा प्रति 100 ग्राम – 0.54 मिलीग्राम।
13. अजमोद/ अजवायन
अजमोद में भी विटामिन-ई मौजूद होता है, लेकिन अन्य खाद्य पदार्थों की तुलना में कम। इसके अलावा, इसमें विटामिन ए, सी, के और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं ।

सेवन का तरीका:
  • अजमोद को सलाद के साथ खाया जा सकता है।
  • अजमोद का सेवन पीनट बटर, चीज़ डिप या सॉस के साथ किया जा सकता है।
  • विटामिन ई की मात्रा प्रति 100 ग्राम – 0.75 मिलीग्राम।
14. ओर्गेनो
विटामिन-ई के लिए ओर्गेनो का सेवन भी किया जा सकता है। खाने में विटामिन ई को शामिल करने के आसान विकल्पों में से एक आसान विकल्प ये भी हो सकता है।

सेवन का तरीका:
  • इसे सलाद और सैंडविच के साथ सेवन किया जा सकता है।
  • विटामिन की मात्रा प्रति 100 ग्राम – 18.26 मिलीग्राम ।
15. ऑलिव या जैतून
जैतून के तेल के साथ जैतून भी लाभकारी हो सकता है। इसमें विटामिन-ई मौजूद होता है, इसलिए यह सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।

सेवन का तरीका:
  • इसे सैंडविच या पिज्जा के साथ खाया जा सकता है।
  • जैतून के तेल को खाना बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है।
  • जैतून के अचार का सेवन किया जा सकता है।
  • जैतून के तेल को त्वचा और बालों के लिए भी उपयोग किया जा सकता है।
विटामिन की मात्रा प्रति 100 ग्राम – 3.81 मिलीग्राम ।

नोट : ऊपर बताए गए किसी भी खाद्य पदार्थ से अगर किसी को एलर्जी हो, तो उस खाद्य पदार्थ का सेवन न करें। अगर किसी को विटामिन-ई युक्त खाद्य पदार्थ के सेवन के बाद असहजता महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अगर कोई व्यक्ति किसी विशेष प्रकार की दवाई का सेवन कर रहा है, तो विटामिन ई के कैप्सूल या विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थ के सेवन से पहले भी डॉक्टर की राय लें।

ये थे कुछ विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थ। अब बारी आती है यह जानने की कि शरीर में अगर विटामिन ई की कमी हो, तो क्या बीमारियां हो सकती हैं।
  • विटामिन ई की कमी से होने वाले रोग
  • नीचे पढ़ें विटामिन ई की कमी से होने वाले रोगों के बारे में ।
क्रोन रोग – इसमें पाचन तंत्र में सूजन की समस्या हो सकती है। इसके लक्षणों में दस्त, बुखार और वजन घटना शामिल है।

सिस्टिक फाइब्रोसिस – यह फेफड़ों की बीमारी होती है। यह वंशानुगत है और अगर परिवार के किसी सदस्य को यह समस्या है, तो उसी परिवार के किसी दूसरे व्यक्ति को भी यह हो सकती है। इसमें विटामिन (ए, ई, के और डी) के सप्लीमेंट दिए जा सकते हैं।
  • तंत्रिका और मांसपेशियों की समस्या भी हो सकती है।
  • देखने की क्षमता में कमी आ सकती है।
  • विटामिन ई की कमी से प्रतिरक्षा प्रणाली भी कमजोर हो सकती है।
विटामिन ई की कमी से बचने के उपाय -
विटामिन-ई की कमी से बचाव के लिए विटामिन-ई युक्त खाद्य पदार्थों जैसे – सब्जियों और फलों का सेवन करें।
  • विटामिन-ई युक्त ड्राई फ्रूट्स का सेवन करें।
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार विटामिन ई के कैप्सूल का सेवन भी कर सकते हैं।
विटामिन ई के फायदे शरीर को बीमारियों से बचाने के लिए हो सकते हैं। साथ ही ध्यान रहे कि जरूरत से ज्यादा सेवन करने से नुकसान भी हो सकते हैं। इसलिए, सही तरीके से और डॉक्टर की सलाह के अनुसार विटामिन ई का सेवन करें। अगर किसी भी विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थ से किसी व्यक्ति को एलर्जी हो, तो उस विशेष खाद्य पदार्थ का सेवन न करें। ध्यान रहे विटामिन ई कुछ बीमारियों से बचाव कर सकता है, न कि उन्हें ठीक कर सकता है। किसी भी गंभीर बीमारी के लिए डॉक्टरी इलाज आवश्यक है।

[ Read More ]»

उबले अंडे की डाइट क्या वजन घटाने में मदद करती है?

Image SEO Friendly

वजन को नियंत्रित रखना सबसे बड़ी चुनौती है। अगर वजन कम हुआ, तो कमजोरी का सामना करना पड़ता है। वहीं, अगर वजन ज्यादा हुआ, तो मोटापा घेर लेता है और मोटापा अपने साथ लाता है, बीपी, शुगर व हृदय रोग। इन तमाम बीमारियों से बचने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करना जरूरी है। साथ ही पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। खान-पान के संबंध में संतुलित डाइट प्लान को फॉलो किया जा सकता है। इस आर्टिकल में हम वजन घटाने में उबले अंडे के डाइट पर चर्चा करेंगे। हम वैज्ञानिक प्रमाण सहित बताएंगे कि वजन घटाने में बॉयल्ड एग का डाइट प्लान कैसे काम करता है। साथ ही आपको पता चलेगा कि यह डाइट क्या है, इसके लाभ क्या हैं, इसे किस तरह अपनाना है आदि। साथ ही, अगर उबले अंडे के डाइट प्लान के नुकसान हैं, तो उस बारे में भी बताएंगे।

उबले अंडे की डाइट कैसे वजन कम करने में मदद करती है?
उबले हुए अंडे खाने के लाभ यह है कि इसे खाने के बाद देर तक पेट के भरे रहने का एहसास रहता है। इस वजह से व्यक्ति बार-बार नहीं खाता और वजन कम करने में मदद मिल सकती है । इसके अलावा, अंडे में भरपूर मात्रा में प्रोटीन भी पाया जाता है, जो भूख को नियंत्रित करके वजन कम करने में मदद कर सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर ऑफ बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में यह पाया गया है कि आहार में उचित मात्रा में अंडा शामिल करने से वजन कम करने में मदद मिल सकती है। ध्यान रहे कि सिर्फ अंडा खाने से वजन कम करने में मदद मिले, यह जरूरी नहीं है, लेकिन अंडे के साथ आहार में सही और उचित मात्रा में अन्य जरूरी खाद्य पदार्थ शामिल करना वजन नियंत्रण में फायदेमंद हो सकता है ।

उबले अंडे की डाइट क्यों फायदेमंद है?
उबले अंडे की डाइट के फायदे वजन कम करने के अलावा, स्वास्थ से जुड़ी अन्य समस्याओं में भी लाभदायक हो सकते हैं, जैसे :

1. उच्च रक्तचाप नियंत्रित करे
तनाव को उच्च रक्तचाप के पीछे बड़ा कारण माना गया है। ऐसे में उबले हुए अंडे के लाभ तनाव के कारण होने वाले उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं । साथ ही अंडे में एंटीहाइपरटेंसिव गुण भी होता है, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है । इन दोनों तथ्यों की पुष्टि एनसीबीआई की ओर से प्रकाशित रिसर्च पेपर्स से होती है।

2. ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस करे कम
ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस शरीर में कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए, आहार में प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट को शामिल करना जरूरी है। इस काम के लिए उबले अंडे को आहार में शामिल करने से फायदा हो सकता है। अंडे में ओवलब्यूमिन व ओवोट्रांसफेरिन जैसे प्रोटीन पाए जाते हैं, जो प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम कर सकते हैं। साथ ही, अंडे में मौजूद अन्य खनिज जैसे विटामिन-ए, विटामिन-ई व सिलेनियम भी एंटीऑक्सीडेंट गुण से समृद्ध होते हैं, जो शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में सहायक साबित हो सकते हैं ।

3. शरीर के सूजन को दूर करे
शरीर में सूजन के कई कारण हो सकते हैं, जैसे संक्रमण व टिश्यू इंजरी आदि। हृदय रोग व टाइप 2 डायबिटीज के कारण भी शरीर में सूजन आ सकती है। ऐसे कई मामलों में उबले हुए अंडे के लाभ इस सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसमें पाए जाने वाले ल्यूटिन और जेक्सैंथिन (एक तरह के विटामिन-ए कंपाउंड) प्रभावी एंटीइंफ्लेमेटरी एजेंट की तरह काम करते हैं। साथ ही अंडे में मौजूद प्रोटीन में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की सूजन कम करने में मदद कर सकते है।

ध्यान रहे कि अंडे में कुछ प्रोइंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं, जो सूजन बढ़ा सकते हैं। इसलिए, इंफ्लेमेशन कम करने के लिए इनका सेवन करने के बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर करें ।

4. मुंहासे कम करे
अगर उबले हुए अंडे का सेवन करते समय आप उसकी जर्दी हटा देते हैं, तो हम बता दें कि यह जर्दी त्वचा को साफ व स्वस्थ रखने और मुंहासों की समस्या से आराम दिलाने में मदद कर सकती है। अंडे की जर्दी में पॉलीक्लोनल हाइपरिम्यून एंटीबॉडीज (polyclonal hyperimmune antibodies) यानी एक तरह का प्रोटीन पाया जाता है, जिसमें एंटी-एक्ने गुण होते हैं। यह गुण मुंहासों का कारण बनने वाले बैक्टीरिया को खत्म करके मुंहासों से राहत दिलाने में मदद कर सकता है ।

5. बालों के लिए फायदेमंद
बालों के लिए कुछ पोषक तत्वों की जरूरत होती है, जो उन्हें झड़ने से बचाते हैं और सेहतमंद बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। ऐसे में बालों के लिए अंडे का उपयोग किया जा सकता है। अंडे में एमिनो एसिड पाया जाता है, जो बालों को घना बनाने में मदद कर सकता है। अंडे में विटामिन-डी3, फोलेट, पैंटोथैनिक एसिड (विटामिन-बी5) और सिलेनियम जैसे मिनरल पाए जाते हैं, जो झड़ते बालों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। साथ ही उन्हें स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं ।

6. प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए लाभकारी
अंडे में लाइसोजाइम जैसे प्रोटीन पाए जाते हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। ये इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं, जिससे आंत से जुड़ी कई समस्याओं जैसे इंफ्लेमेटरी बाउल रोग व कोलाइटिस आदि से राहत पाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, अंडे के सफेद भाग का सेवन प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (किसी भी टॉक्सिन के प्रति प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया) को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है ।

7. हड्डियों के लिए लाभकारी
हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए व्यायाम के साथ-साथ कुछ पोषक तत्व भी जरूरी होते हैं। अंडे में विभिन्न प्रकार के मिनरल पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर ऑफ बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, अंडे में मौजूद एमिनो एसिड, प्रोटीन, विटामिन-डी और जिंक हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक हो सकते हैं। शोध के अनुसार, एक पूरे अंडे का सेवन बच्चों की हड्डियों को मजबूत बनाकर, उन्हें फ्रैक्चर से बचा सकता है । साथ ही अंडे का सेवन महिलाओं की बोन डेंसिटी बढ़ाने में भी मदद कर सकता है । इस तरह हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए उबले हुए अंडे के लाभ काम आ सकते हैं।

उबले अंडे की डाइट में दो हफ्ते का नमूना प्लान –
उबले अंडे के डाइट प्लान के फायदे सिर्फ अंडे के कारण काम नहीं करते, बल्कि इसमें अन्य स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों को भी शामिल किया जाता है। इनके कारण वजन घटाने में उबले अंडे की डाइट सकारात्मक रूप से काम करती है । संदर्भ के लिए नीचे डाइट प्लान का नमूना दिया गया है, जिसे डाइटीशियन से परामर्श करके अपनाया जा सकता है। इस डाइट को अपनाते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि सबका शरीर और सबकी पसंद एक सामान नहीं होती। इस कारण उबले अंडे के डाइट प्लान में बदलाव संभव हैं। ये बदलाव डाइट का अनुसरण करने वाले व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और खाने की पसंद (वेज या नॉन-वेज) के अनुसार हो सकते हैं।

वजन घटाने में उबले अंडे का डाइट प्लान – पहला सप्ताह
सोमवार :
समयक्या खाएं
नाश्ता (8:00 – 8:30 बजे)2 उबले अंडे + 2 बादाम + 1 कप स्किम दूध/सोया दूध + आधा सेब
दोपहर का भोजन (12:30 बजे)टूना सलाद/एक बाउल लीगम अंकुरित सलाद + 1 कप छाछ
रात का खाना (7:00 बजे)ग्रील्ड चिकन/टोफू + 1 कप उबली हुई सब्जियां
कैसे काम करता है :
बादाम में समृद्ध मात्रा में फाइबर, प्रोटीन, अनसचुरैटेड फैटी एसिड और अन्य फाइटोकेमिकल्स (एक तरह के केमिकल कंपाउंड) पाए जाते हैं। इनका सेवन करने से अधिक समय तक पेट के भरे रहने का एहसास रहता है और जल्दी भूख नहीं लगती । डेयरी उत्पाद जैसे स्किम मिल्क या सोया मिल्क में कैल्शियम पाया जाता है, जो वजन कम करने में मदद कर सकता है । सेब खाने के फायदे ये हैं कि इनमें फाइबर व कई तरह के पॉलीफेनोल्स पाए जाते हैं, जिनमें एंटीओबेसिटी गुण होता है । मछलियां प्रोटीन का अच्छा स्रोत होती हैं और टूना मछली के फायदे से शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन मिल सकता है, जिससे हृदय को सेहतमंद बनाए रखने में मदद मिल सकती है। साथ ही यह वजन कम करने में मदद कर सकती है। । लीगम में पाया जाने वाला प्रोटीन, फाइबर और धीरे-धीरे पचने वाले कार्बोहाइड्रेट्स के कारण यह लंबे समय तक पेट भरे रहने का एहसास बनाए रखता है । पूरा दिन सादा खाने के बाद, आप रात के खाने में ग्रिल्ड चिकन या टोफू खा सकते हैं। चिकन लीन प्रोटीन का अच्छा स्रोत होता है और फ्राइड या फास्ट फूड की जगह ग्रिल्ड चिकन या टोफू को खाने में हेल्दी विकल्प माना जाता है ।

मंगलवार :
समयक्या खाएं
नाश्ता (8:00 – 8:30 बजे)2 उबले अंडे + ½ मध्यम कटोरी दलिया (ओटमील)
दोपहर का भोजन (12:30 बजे)सब्जी क्विनोआ + बेक्ड मछली/ग्रिल्ड मशरूम + 1 कप दही
डिनर (7:00 बजे)सब्जियों के साथ मिश्रित दाल का पानी
कैसे काम करता है :
वजन कम करने में बॉयल्ड एग की डाइट में दलिया शामिल करने से भी फायदा मिल सकता है। यह अधिक समय तक पेट भरे रहने का एहसास देकर, भूख कम करने में मदद करता है। इस कारण व्यक्ति बार-बार नहीं खाता । वहीं, क्विनोआ में प्रोटीन, पोटैशियम, फाइबर व आयरन जैसे खनिज होते हैं, जो सेहत के लिए लाभकारी हो सकते हैं। साथ ही ये अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं, जिससे हृदय स्वस्थ रहता है । आहार में लीन फिश (जिसमे फैट कम हो) शामिल करने से वजन कम करने में मदद मिल सकती है । रात के खाने में सब्जियों के साथ मिश्रित दाल का सूप पीने का फायदा यह है कि इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट जल्दी नहीं पचता है। साथ ही इसमें पाए जाने वाले फाइबर और प्रोटीन के कारण इसे खाने के बाद व्यक्ति को जल्दी भूख नहीं लगती है ।

बुधवार :
समयक्या खाएं
नाश्ता (8:00 – 8:30 बजे)2 उबले अंडे + 1 गेहूं का टोस्ट + 1 कप ग्रीन टी
दोपहर का भोजन (12:30 बजे)उबले हुए काबुली चने की सलाद + 1 कप छाछ
रात का खाना (7:00 बजे)मिक्स्ड वेजिटेबल करी + 2 मीडियम आकार के फ्लैटब्रेड + बहुत कम तेल में फ्राई आधा कप मशरूम + आधा कप दही
कैसे काम करता है :
वजन कम करने और सेहतमंद डाइट में नाश्ते में एक स्लाइस होल वीट टोस्ट खाने की सलाह दी जाती है । ग्रीन टी के फायदे की बात करें तो इसमें एपिगैलोकैटेचिन-3-गैलेट (एक तरह का कैटेचिन) पाया जाता है, जो वजन नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। वजन घटाने में उबले अंडे की डाइट में चने शामिल करने का फायदा इसमें मौजूद उच्च फाइबर और कम ग्लाइसेमिक लोड की वजह से होता है। यह वजन कम करने में लाभदायक हो सकता है । वजन नियंत्रित रखने के लिए एक स्वस्थ और संतुलित आहार में भरपूर रूप से सब्जियां, होल ग्रेन से बनी ब्रेड (रोटियां) व सलाद में मशरुम खाने की सलाह दी जाती है । दही भूख को नियंत्रित करके वजन को नियंत्रण करने में भी मदद कर सकता है।

गुरुवार :
समयक्या खाएं
नाश्ता (8:00 – 8:30 बजे)2 उबले अंडे + 2 बनाना पेनकेक्स (मेपल सिरप के बिना) + 1 कप ताजा संतरा
दोपहर का भोजन (12:30 बजे)ग्रिल्ड चिकन/मशरूम + उबली हुई सब्जियां + 1 कप नारियल पानी
डिनर (7:00 बजे)योगर्ट ड्रेसिंग में उबली सब्जियां/टोफू + 1 कप छाछ
कैसे काम करता है :
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, नाश्ते के लिए पैनकेक स्वस्थ विकल्प है । फ्रूट जूस की जगह आप साबुत फल खा सकते हैं। इसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो पेट भरने में मदद करता है । वजन घटाने के लिए बॉयल्ड एग की डाइट में ग्रिल्ड चिकन और सब्जियां खाने के फायदे हम आपको लेख में ऊपर बता चुके हैं। वहीं, नारियल पानी भी वजन कम करने में मदद कर सकता है । डिनर को हल्का रखते हुए उबली सब्जियां या टोफू को खाया जा सकता है। टोफू एक तरह का सोया प्रोटीन होता है और सोया प्रोटीन शरीर में फैट को जमा होने से बचाता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिल सकती है ।

शुक्रवार :
समयक्या खाएं
नाश्ता (8:00 – 8:30 बजे)2 उबले अंडे + 1 कप ग्रीन टी + 1 केला मफिन
दोपहर का भोजन (12:30 बजे)2 होल वीट रोटी/रागी फ्लैटब्रेड + मिश्रित सब्जी करी + 1 कप दाल का पानी + आधा कप दही
रात का खाना (7:00 बजे)ग्रील्ड मछली/मशरूम + उबली हुई सब्जी + सोने से पहले 1 कप गुनगुना दूध
कैसे काम करता है :
जैसा कि हम पहले भी बता चुके हैं कि उबले अंडे की डाइट के फायदे बढ़ाने के लिए उसके साथ अन्य आवश्यक खाद्य और पेय पदार्थों का सेवन भी जरूरी है। इसलिए, नाश्ते में अंडे के साथ वजन कम के लिए ग्रीन टी को लिया जा सकता है। इसमें मौजूद कैटेचिन की मदद से वजन नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है । वहीं, हफ्ते में एक बार कम शक्कर से बना मफिन खाना भी फायदेमंद हो सकता है। इससे मीठा खाने की इच्छा शांत होगी और कम शक्कर होने के कारण यह सेहतमंद विकल्प भी है । दिन के खाने में होल ग्रेन या रागी से बनी रोटी, सब्जियां और दाल का पानी लिया जा सकता है। ये तीनों ही ज्यादा देर तक पेट भरे रहने के एहसास को बनाए रखते हैं । इसके साथ ही रात के खाने में ग्रिल्ड मछली/मशरूम और उबली हुई सब्जियां खाई जा सकती हैं, जो वजन घटाने में उबले अंडे के डाइट के फायदे को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं । भरपूर नींद न लेना भी वजन बढ़ने की एक वजह हो सकता है । ऐसे में लोगों का मानना है कि सोने से पहले गुनगुना दूध पीने से बेहतर नींद लेने में मदद मिल सकती है ।
शनिवार :
समयक्या खाएं
नाश्ता (8:00 – 8:30 a.m.)2 उबले अंडे + थोड़े से जामुन के साथ 2 अलसी पेनकेक्स + 1 कप ग्रीन टी
दोपहर का भोजन (12:30 बजे)केल, किडनी बीन्स और शकरकंद सलाद + दही के साथ 1 छोटा कप फल
रात का खाना (7:00 बजे)1 कटोरी सीफूड/वेजिटेबल टोफू + 80% या उससे अधिक डार्क चॉकलेट का 1 टुकड़ा
कैसे काम करता है :
वजन घटाने में बॉयल्ड एग की डाइट में नाश्ते में अंडों के साथ पेनकेक्स और ग्रीन टी ली जा सकती है। ये तो हम आपको बता ही चुके हैं कि पेनकेक्स जितने स्वादिष्ट होते हैं, उतने ही स्वास्थवर्धक भी होते हैं और नाश्ते में इनका सेवन करने की सलाह दी जाती है। जामुन खाने का फायदा यह है कि इससे शरीर में फैट ऑक्सीडेशन (शरीर में मौजूद फैट को ऊर्जा में बदलना) को बढ़ावा मिलता है, जिससे मोटापा नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है । शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए केल, किडनी बीन्स और शकरकंद को आहार में शामिल करने की सलाह दी जाती है। जहां केल शरीर के लिए कैल्शियम का अच्छा स्रोत हो सकता है, वहीं बीन्स और शकरकंद फाइबर का अच्छा स्रोत हो सकते हैं । एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) द्वारा प्रकाशित एक शोध में यह पाया गया है कि आहार में संतुलित मात्रा में सीफूड (खासकर सालमन मछली) शामिल करने से वजन कम करने में फायदा मिल सकता है । वहीं, सोया प्रोटीन से भरपूर टोफू शरीर में फैट को जमा होने से रोककर, वजन नियंत्रित करने में मदद कर सकता है । रात को छोटी-सी ट्रीट के रूप में 80 या उससे अधिक प्रतिशत वाली डार्क चॉकलेट का एक टुकड़ा लिया जा सकता है। डार्क चॉकलेट खाने का फायदा यह है वजन नहीं बढ़ाएगा, बल्कि मीठा खाने की इच्छा को शांत करेगा और पेट भरे रहने का एहसास बनाए रखेगा ।

रविवार :
समयक्या खाएं
सुबह का नाश्ता (8:00 – 8:30 बजे)2 उबले अंडे + 1 होल वीट टोस्ट + आधा कप बेक्ड बीन्स + 1 कप ग्रीन टी
लंच (12:30 बजे)अनानास ड्रेसिंग के साथ पेन-ग्रील्ड चिकन सलाद
रात का खाना (7:00 बजे)वेगन पिज्जा के 2 स्लाइस (फूलगोभी के साथ बनाया गया पिज्जा बेस) + 1 कप नारियल पानी
कैसे काम करता है :
उबले हुए अंडे के लाभ पूरी तरह से लेने के लिए उससे जुड़ी डाइट में अन्य जरूरी खाद्य पदार्थों को शामिल करना जरूरी है, जो वजन घटाने में मदद कर सकते हैं, जैसे नाश्ते में होल वीट ब्रेड/टोस्ट, बीन्स और ग्रीन टी । वजन घटाने में बॉयल्ड एग की डाइट के तहत लंच में ग्रिल्ड चिकन खाया जा सकता है । हफ्ते के आखिरी दिन डिनर पर घर में बने वेगन पिज्जा से खुद को छोटी-सी ट्रीट दी जा सकती है। घर पर बने इस पिज्जा का बेस मैदे का नहीं, बल्कि फूलगोभी की मदद से बनाया जाएगा। तेल की बहुत कम मात्रा और टॉपिंग में हेल्दी सब्जियों का उपयोग करके इस पिज्जा को आसानी से घर में बनाया जा सकता है। साथ ही एक कप नारियल पानी लिया जा सकता है। नारियल पानी के गुण शरीर को हाइड्रेट करेंगे और वजन घटाने में भी सहायक हो सकता है ।

एक हफ्ते के बाद कैसा महसूस होता है :
शुरुआत में आपको खाने के बाद भी भूख लग सकती है, क्योंकि आप अपनी सामान्य डाइट से कम खाएंगे। ऐसा आपको कुछ दिनों तक महसूस हो सकता है। ऐसा लगना सामान्य है और इससे घबराने की कोई बात नहीं है। सबका शरीर और स्वास्थ्य एक समान नहीं होता, इसलिए जरूरी नहीं है कि ऐसा सभी को लगे। हालांकि, कुछ लोग डाइट को लेकर काफी उत्साहित होते हैं और उन्हें अधिक कमजोरी महसूस नहीं होती। इसलिए, कुछ लोगों को वजन घटाने में उबले अंडे की डाइट का असर पहले हफ्ते में ही नजर आना मुश्किल है।

उबले अंडे के डाइट प्लान के फायदे के बेहतर परिणाम के लिए आगे जानिए कि वजन घटाने में उबले अंडे के डाइट प्लान को दूसरे हफ्ते में कैसे फॉलो करना है।

चलिए दूसरे हफ्ते की डाइट की शुरुआत करते हैं।
वजन घटाने में उबले अंडे का डाइट प्लान – दूसरा हफ्ता
वजन घटाने में उबले अंडे की डाइट के तहत दूसरे हफ्ते में भी लगभग पहले हफ्ते के आहार का ही सेवन करना है। ये सभी आहार पहले हफ्ते की ही तरह काम करेंगे। इन्हें सेवन करने के समय में जरूर परिवर्तन आ सकता है, लेकिन इनकी वजन कम करने की कार्यप्रणाली में कोई बदलाव नहीं आएगा। नीचे जानिए दूसरे हफ्ते के सातों दिन की डाइट के बारे में :

सोमवार :
समयक्या खाएं
नाश्ता (8:00 – 8:30 बजे)वेजिटेबल क्विनोआ + 1 कप ग्रीन टी + 4 बादाम
दोपहर का भोजन (12:30 बजे)विभिन्न सब्जियों के जैसे सलाद पत्ता (lettuce), चेरी, टमाटर, केल, जैतून का तेल, हेर्ब्स और मसालों के साथ उबला हुआ अंडे का सलाद
रात का खाना (7:00 बजे)ककड़ी का सूप + ग्रिल्ड फिश/टोफू
मंगलवार :
समयक्या खाएं
नाश्ता (8:00 – 8:30 बजे)2 उबले अंडे + 1 केला + 1 कप दूध
दोपहर का भोजन (12:30 बजे)सब्जियों के साथ पके हुए 3 लेट्यूस टूना/टोफू और कुछ पिस्ता + 1 कप ठंडा नारियल पानी
रात का खाना (7:00 बजे)सब्जी/चिकन शोरबा + सब्जियों के साथ पकाया गया बाजरा + 80% या अधिक डार्क चॉकलेट का 1 टुकड़ा
बुधवार :
समयक्या खाएं
नाश्ता (8:00 – 8:30 बजे)दो उबले अंडे, टमाटर, एवोकाडो और काले तिल के बीज के साथ बनाए गए दो सैंडविच + 1 कप ग्रीन टी
दोपहर का भोजन (12:30 बजे)फेट चीज़, नींबू का रस, पुदीने की पत्तियां और थोड़ी-सी काली मिर्च के साथ फलों का सलाद
रात का खाना (7:00 बजे)उबले हुए किडनी बीन्स (थोड़े से मसाले के साथ) + आधा पीटा ब्रेड + ककड़ी, गाजर और चुकंदर का सलाद
गुरुवार :
समयक्या खाएं
नाश्ता (8:00 – 8:30 बजे)2 उबले अंडे + दो होल वीट टोस्ट + पके हुए बीन्स + 1 कप ग्रीन टी
दोपहर का भोजन (12:30 बजे) गोभी का सूप + आधा कप सब्जियों के साथ ग्रील्ड मछली/टोफू
रात का खाना (7:00 बजे)चाईनीज गोभी, लाल गोभी, पीले और लाल शिमला मिर्च, खीरे और गाजर से बना सलाद + आधा कप हर्ब्स के साथ ग्रिल्ड चिकन/मशरुम + 1 कप दूध में एक चुटकी हल्दी
शुक्रवार :
समयक्या खाएं
नाश्ता (8:00 – 8:30 बजे)एक गिलास बनाना स्मूथी
दोपहर का भोजन (12:30 बजे)½ कप ब्राउन राइस + 2 उबले अंडे की करी + बहुत कम तेल में फ्राई 1 छोटा कप सब्जियां + 1 कप दही
रात का खाना (7:00 बजे)पास्ता और मीटबॉल/सोयाबॉल + 1 कप छाछ
शनिवार :
समयक्या खाएं
नाश्ता (8:00 – 8:30 बजे)2 उबले अंडे + 1 संतरा + 4 बादाम
दोपहर का भोजन (12:30 बजे)1 कटोरी फलों का सलाद (आम और अंगूर का सेवन न करें)
रात का खाना (7:00 बजे)1 बाउल चिकन/वेजिटेबल सूप
रविवार :
समयक्या खाएं
नाश्ता (8:00 – 8:30 बजे)1 छोटा कटोरी दलिया + 1 कप ग्रीन टी + 2 बादाम
दोपहर का भोजन (12:30 बजे)दो उबले अंडे के साथ 1 बाउल उबली हुई सब्जियां
रात का खाना (7:00 बजे)उबली हुई किडनी बीन्स (थोड़े से मसालों के साथ) + ककड़ी स्लाइस + 1 कप नारियल पानी
दूसरे हफ्ते के बाद कैसा महसूस होता है :
उबले अंडे का डाइट प्लान के 2 हफ्ते खत्म होने के बाद आप इस डाइट के आदी होने लगेंगे और आपकी भूख व डाइट पहले से बहुत कम हो चुकी होगी। आपको हल्का, अधिक फिट, अधिक सकारात्मक और सात्विक महसूस होने लगेगा। संतुलित आहार लेने के कारण, आपका वजन नियंत्रण में आने लगेगा और आप अधिक स्वस्थ महसूस करने लगेंगे। जरूरी नहीं कि यह एहसास सभी के लिए एक समान हो, इसलिए अगर आप इससे कुछ अलग, लेकिन सकारात्मक महसूस करें, तो बधाई हो। आपकी डाइटिंग सफल हुई।

उबले अंडे के डाइट प्लान के फायदे और खाद्य पदार्थों के बारे में बताने के बाद, आइए आपको देते हैं कि वजन घटाने में उबले अंडे की डाइट से जुड़े अन्य खाद्य पदार्थों की जानकारी।

उबले अंडे की डाइट में खाए जाने वाले खाद्य पदार्थ –
माना जाता है कि उबले हुए अंडे के लाभ अच्छी तरह उठाने के लिए इस डाइट के दौरान तीनों समय के भोजन के अलावा और कुछ नहीं खाना चाहिए। हालांकि, इस बारे में अभी कोई रिसर्च या वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है, लेकिन अगर डाइट का पालन करते हुए दिन में अधिक थकान या भूख लगे, तो आप नीचे बताए गए खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं। इनमें कैलोरी की मात्रा कम होती है, जिस कारण ये वजन को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं  :
  •     एक मध्यम आकार का सेब (सूखा या कटा हुआ)
  •     एक मध्यम आकार का केला
  •     एक चौथाई कप किशमिश
  •     एक गाजर
  •     एक चौथाई कप ड्राई फ्रूट्स
  •     एक कप नॉनफैट दही
  •     होल वीट मफिन
  •     पॉपकॉर्न (बिना नमक के)
  •     आधा कप कटे हुए टमाटर
उबले अंडे की डाइट में इन खाद्य पदार्थों को खाने से बचें –
उबले अंडे के डाइट प्लान के फायदे उठाने के लिए नीचे दिए गए खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें  :
  •     अधिक कैलोरी युक्त खाद्य पदार्थ
  •     फैट से समृद्ध खाद्य पदार्थ
  •     एक बार में अधिक न खाएं
  •     अधिक शक्कर युक्त खाद्य और पेय पदार्थ
  •     कैंडी, कुकीज, केक व सोडा आदि
  •     फास्ट फूड
उबले अंडे का डाइट प्लान के नुकसान – 

उबले हुए अंडे के लाभ के साथ कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जैसे :
  • अंडे में कोलेस्ट्रॉल व सेचुरैटेड फैट पाया जाता है। इस कारण अंडे का अधिक सेवन शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है। इसके कारण हृदय रोग की समस्या हो सकती है।
  • कुछ मामलों में अंडों के सेवन के कारण साल्मोनेला (Salmonella), सेरोवार्स एंटरिटिडिस (Serovars Enteritidis) और टाइफिम्यूरियम (Typhimurium) जैसे बैक्टीरिया से जुड़े संक्रमण हो सकते हैं। ये बैक्टीरिया आंत और डाइजेस्टिव ट्रैक्ट को प्रभावित करते हैं।
  • अनपॉश्चरीकृत अंडे का उपयोग करने से शरीर बैक्टीरियल संक्रमण के चपेट में आ सकता है।
  • अंडे के सफेद भाग में मौजूद प्रोटीन एग एलर्जी का कारण बन सकता है। इसके कारण शरीर पर चक्कते, रैशेज, डायरिया, अपच, उल्टी व मतली आदि समस्याएं हो सकती हैं (39)।
  • हर रोज अंडे खा-खा कर, बोरियत महसूस हो सकती है।
  • उबले अंडे के डाइट प्लान के नुकसान यह भी है कि यह सिर्फ दो हफ्ते का होता है। इस डाइट के खत्म होने के बाद, संतुलित आहार का सेवन और व्यायाम न करने से वजन फिर से बढ़ सकता है।
बले अंडे के डाइट प्लान के नुकसान और फायदे आपको अच्छी तरह समझ आ गए होंगे। अंत में यह कहा जा सकता है कि नियम और संतुलित आहार के साथ वजन घटाने में उबले अंडे के डाइट प्लान को इस्तेमाल करने से फायदा हो सकता है। साथ ही इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि दो हफ्ते की डाइट पूरी होने के बाद भी नियमित रूप से व्यायाम और संतुलित आहार का सेवन करते रहें। ऐसा न करने से वजन दोबारा बढ़ सकता है और उबले अंडे के डाइट के फायदे नहीं दिखेंगे। 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल-
क्या उबले हुए अंडे की डाइट सुरक्षित है?

संतुलित आहार के साथ, उबले अंडों की डाइट का पालन करना सुरक्षित है। फिर भी डाइट प्लान शुरू करने से पहले अपने डाइटीशियन से परामर्श जरूर करें।

उबले अंडे की डाइट की मदद से कितना वजन कम किया जा सकता है?
यह पूरी तरह से आपकी दिनचर्या, शरीर और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। साथ ही यह व्यक्ति-दर-व्यक्ति अलग-अलग हो सकता है। माना जाता है कि यह डाइट प्लान लगभग 9 से 11 किलो तक वजन कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

क्या मैं एक दिन में 6 अंडे खा सकता हूं?
एक दिन में 6 अंडे खाने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है, जिससे हृदय रोग जैसी अन्य समस्याएं हो सकती हैं ।

[ Read More ]»

संतुलित आहार चार्ट और इसके लाभ एवं जरूरी तत्व

Image SEO Friendly

व्यायाम करना, सोना और आराम करने की तरह ही संतुलित आहार लेना भी जरूरी है। भोजन करने का मतलब यह नहीं होता कि कुछ भी खा लिया जाए। बेशक, थोड़ा खाएं, लेकिन स्वच्छ और पोषण तत्वों से भरपूर भोजन ही करें। इससे न सिर्फ हम बीमारियों से दूर रहते हैं, बल्कि शारीरिक विकास भी अच्छी तरह होता है। इस आर्टिकल में हम बता रहे हैं कि संतुलित आहार क्या होता है। साथ ही संतुलित आहार चार्ट भी आपके साथ शेयर कर रहे हैं।

इससे पहले कि हम आगे बढ़ें, यह जान लेना जरूरी है कि संतुलित आहार क्या है? सही और संतुलित आहार की बात करें, तो उसमें हरी सब्जियां, फल, वसा रहित या कम वसा वाले डेयरी उत्पाद, अनाज के साथ-साथ लीन मीट, पोल्ट्री, मछली, बीन्स, अंडे और नट्स शामिल हैं। इसके अलावा जिन चीजों का परहेज संतुलित आहार में किया जाना चाहिए वो हैं – सैचुरेटेड और ट्रांस फैट, सोडियम और अतिरिक्त शुगर। इसके साथ ही खाने की मात्रा को भी नियंत्रित करना होता है। जहां महिलाओं के लिए 1,200-1,500 कैलोरी पर्याप्त हो सकती है, वहीं पुरुषों के लिए 1,500-1,800 कैलोरी वाला आहार काफी हो सकता है। हालांकि, व्यक्ति की उम्र और शारीरिक स्थिति के अनुसार इसमें बदलाव हो सकते हैं। ऐसे में आप आहार विशेषज्ञ से भी इस बारे में जानकारी ले सकते हैं।

संतुलित आहार जरूरी क्यों है?
किसी भी व्यक्ति के लिए संतुलित आहार जरूरी होता है, क्योंकि अगर शरीर को सही और संतुलित पोषक तत्व न मिलें, तो शरीर न सिर्फ कमजोर हो सकता है, बल्कि बीमारियों का घर बन सकता है।

संतुलित आहार के फायदे – 
संतुलित आहार शरीर के लिए महत्वपूर्ण है और इसके कई फायदे भी हैं। नीचे हम संतुलित आहार के फायदे आपके साथ शेयर कर रहे हैं।

वजन को नियंत्रित रखता है – आजकल ज्यादा बाहरी और तैलीय खाना खाने के कारण लगभग हर किसी को वजन बढ़ने और मोटापे की परेशानी हो रही है। ऐसे में अगर व्यायाम के साथ-साथ संतुलित आहार का सेवन किया जाए, तो वजन नियंत्रित रहता है।

बीमारियों का खतरा कम होता है – सही आहार न लेने से और ज्यादा उल्टी-सीधी चीजे खाने से तरह-तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है। ऐसे में अगर सही और संतुलित आहार नियमित रूप से लिया जाए, तो मोटापे, दिल की बीमारी, डायबिटीज और कैंसर के साथ-साथ अन्य कई बीमारियों का खतरा कम हो सकता है ।

शरीर को ऊर्जा मिलती है – कई बार शरीर को सही पोषक तत्व न मिलने से शरीर कमजोर हो जाता है, जिससे कई तरह की बीमारियां होने लगती है। अगर भोजन में पूर्ण पोषक तत्वों वाले सही और संतुलित आहार शामिल हों, तो शरीर को ऊर्जा मिलती है और व्यक्ति खुद को फिट महसूस करता है।

मानसिक स्वास्थ्य और मिजाज सही रहता है – कई बार उम्र के साथ लोगों को भूलने की बीमारी और अन्य कई मानसिक परेशानियां होने लगती हैं। इसके अलावा, कई लोगों को तनाव की समस्या भी होती है। कुछ लोग बार-बार मूड स्विंग्स की परेशानी भी झेलते हैं और इसका कहीं न कहीं कारण असंतुलित आहार होता है। ऐसे में अगर संतुलित आहार लिया जाए, तो इन परेशानियों से कुछ हद राहत मिल सकती है, क्योंकि खाने का भी असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।

पर्याप्त नींद – कई बार गलत खान-पान की वजह से पेट की परेशानियां शुरू हो जाती है और इन्हीं कारणों से कई लोग रात में एसिडिटी और अन्य पेट की परेशानियों को झेलते हैं, जिस कारण नींद भी खराब हो जाती है। ऐसे में अगर सही और संतुलित आहार का सेवन किया जाए, तो पाचन तंत्र सही रहेगा और नींद भी अच्छी आएगी।

संतुलित आहार के जरूरी तत्व – 
अब जब संतुलित आहार के बारे में इतनी चर्चा हो गई है, तो अब यह जानना भी जरूरी है कि संतुलित आहार में क्या-क्या चीजें आती हैं।

प्रोटीन – जरूरी पोषक तत्वों में प्रोटीन शरीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। यह व्यक्ति के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। इससे मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और इम्यून पावर पर भी सकरात्मक प्रभाव पड़ता है। हालांकि, प्रोटीन की मात्रा कितनी लेनी चाहिए, यह हर व्यक्ति की उम्र पर निर्भर करता है। साथ ही वो कितना शारीरिक श्रम कर रहे हैं, इस पर निर्भर करता है। प्रोटीन के लिए पनीर, अंडा, दूध व मटर जैसे खाद्य पदार्थ का सेवन कर सकते हैं।

कार्बोहाइड्रेट – कार्बोहाइड्रेट से शरीर को ऊर्जा मिलती है और अगर इसे सही मात्रा में लिया जाए, तो यह कई बीमारियों को रोकने में फायदेमंद हो सकता है। कार्बोहाइड्रेट दो तरह का होता है अच्छा और बुरा। अगर सही कार्बोहाइड्रेट लिया जाए, तो यह सेहत के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। आप अच्छे कार्बोहाइड्रेट के लिए ब्राउन राइस, कम फैट वाला दूध, आलू व केले का सेवन कर सकते हैं। वहीं, तैलीय पदार्थ जैसे फ्रेंच फ्राइज, मीठे खाद्य पदार्थ जैसे – चॉकलेट, आइसक्रीम, कुकीज या सफेद ब्रेड में हानिकारक कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं। इसलिए, इनसे दूरी बनाकर रखें।

मिनरल – आयोडीन, आयरन, कैल्शियम व पोटैशियम महत्वपूर्ण मिनरल्स होते हैं। इनसे शरीर में खून की कमी दूर होती है, दांत अच्छे होते हैं, हड्डियां मजबूत होती है। इसके अलावा, यह शरीर की मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र को भी सही रखता है। साथ ही यह हार्मोन को भी संतुलित रख सकता है।

फैट और चीनी – कई लोग सोचते हैं कि फैट और चीनी हमारे लिए सही नहीं है, लेकिन यह पूरी तरह से सही नहीं है। किसी भी चीज का जरूरत से ज्यादा सेवन शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए, सही मात्रा में फैट व चीनी को अपने भोजन में शामिल करें और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से दूर रहें।

विटामिन – संतुलित आहार में विटामिन भी मुख्य भूमिका निभाता है। विटामिन कई तरह के होते हैं और हर विटामिन का शरीर के लिए अपना अलग फायदा है। कोई त्वचा के लिए, कोई हड्डियों के लिए, कोई रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए, कोई खून के लिए, तो कोई मांसपेशियों के लिए महत्वपूर्ण होता है। आपको अखरोट, मछली, पालक और कई अन्य चीजों में पर्याप्त मात्रा में विटामिन मिलेगा।

हरी सब्जियां – आप पोषक तत्वों के लिए सब्जियों का सेवन करें। संतुलित आहार को अपने हर दिन के खाने में शामिल करने का यह एक आसान तरीका है। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे – पालक, धनिया और अन्य साग। इसके अलावा, गाजर, खीरा, बीन्स और अन्य सब्जियों को अपने खाने में शामिल कर खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। अगर आपको ऐसे सब्जियां पसंद नहीं हैं, तो आप इनका सूप बनाकर भी पी सकते हैं।

फल – सब्जियों की तरह फल को भी अपने भोजन में शामिल करना चाहिए। इनमें न सिर्फ जरूरी पोषक तत्व होते हैं, बल्कि ये जल्दी पच भी जाते हैं। साथ ही अगर आपको कुछ खाने का मन किया, तो आप अपने छोटी भूख को शांत करने के लिए फलों को स्नैक्स की तरह खा सकते हैं। अगर आपको फल खाना पसंद नहीं, तो आप इन्हें जूस के तौर पर भी ले सकते हैं।

पानी – खाने के साथ-साथ उचित मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है। कम पानी पीने से भी शरीर बीमारियों का घर बन जाता है। इसलिए, खुद को हाइड्रेट रखने के लिए और बीमारियों से खुद को दूर रखने के लिए उचित मात्रा में पानी पिएं। हर रोज कम से कम आठ से दस गिलास पानी पिएं।

फाइबर – संतुलित आहार की बात करें, तो इसमें फाइबर का होना जरूरी है। फाइबर युक्त आहार का सेवन पाचन तंत्र के लिए आवश्यक होता है। हार्ट फाउंडेशन की सलाह के अनुसार, वयस्कों को रोजाना लगभग 25-30 ग्राम फाइबर लेना चाहिए। 4 से 8 साल की उम्र के बच्चों को हर दिन 18 ग्राम फाइबर का सेवन करना चाहिए। 9 से 13 की आयु की लड़कियों को 20 ग्राम और 14 से 18 वर्ष की आयु की लड़कियों को 22 ग्राम फाइबर की आवश्यकता होती है। वहीं, लड़कों की बात करें, तो 9 से 13 वर्ष की आयु के लड़कों को 24 ग्राम और 14 से 18 की आयु के लड़कों को प्रतिदिन 28 ग्राम फाइबर की आवश्यकता होती है। फाइबर के सेवन से कई तरह की शारीरिक समस्याएं जैसे – पेट की परेशानी, सूजन, कब्ज, हृदय रोग का जोखिम आदि कम हो सकता है 

संतुलित आहार चार्ट – 
संतुलित आहार का महत्व हर किसी के जीवन में बहुत अधिक है। यहां हम आपके साथ संतुलित आहार चार्ट शेयर कर रहे हैं।

नोट : आप इस आहार चार्ट में अपने स्वाद व इच्छानुसार अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ को शामिल कर सकते हैं।

संतुलित आहार के लिए कुछ और टिप्स – 
संतुलित आहार तालिका या संतुलित आहार चार्ट के अलावा कुछ और बातों का भी ध्यान रखना जरूरी है, जो आपको स्वस्थ रखने में मददगार साबित हो सकती हैं।
भोजनक्या खाएं
नाश्ताआप ब्रेड-आमलेट या फिर ब्रेड और उबला अंडा खा सकते हैं। अगर आप शाकाहारी हैं, तो दलिया और अंकुरित सलाद खा सकते हैं। आप कम तेल वाले पराठे या इडली-डोसा का भी नाश्ता कर सकते हैं। साथ ही दूध या दही भी ले सकते हैं। इससे प्रोटीन के साथ-साथ कैल्शियम भी मिलता है।
ब्रंचड्राई फ्रूट खा सकते हैं या कोई एक या दो फल भी खा सकते हैं।
दोपहर का खानाआप दाल-चावल और चिकन या मछली की करी खा सकते हैं और अगर शाकाहारी खाना है, तो बीन्स की सब्जी, रोटी, दाल या चावल खा सकते हैं। बीन्स की सब्जी की जगह अपनी पसंद की कोई अन्य सब्जी भी खा सकते हैं और साथ में सलाद जरूर लें।
शाम का नाश्ताआप फल या ड्राई फ्रूट का सेवन कर सकते हैं।
रात का खानाआप रोटी और चिकन या मछली की करी खा सकते हैं या चिकन सूप पी सकते हैं। शाकाहारी हैं, तो मिक्स वेज और रोटी या मिक्स वेज सूप या रोटी और पनीर की सब्जी भी खा सकते हैं। सोने से पहले आप दूध भी पी सकते हैं और स्वाद के लिए इसमें इलायची भी डाल सकते हैं।
  • अपने भोजन में ड्राई फ्रूट्स व फल को जरूर शामिल करें।
  • कभी भी खाना मिस न करें। सही वक्त पर नाश्ता, दोपहर का खाना और रात का खाना खाएं। अगर आप किसी भी एक वक्त का खाना छोड़ते हैं, तो हो सकता है कि आपको एक बार में ज्यादा भूख लगे और आपकी खाने की इच्छा बढ़ जाए, जिस कारण आप एक बार में ज्यादा खा लें। इससे आपको पेट संबंधी बीमारियां, वजन बढ़ने की समस्या के साथ-साथ कई और परेशानियां भी हो जाएं।
  • जरूरत से ज्यादा नमक या चीनी का सेवन न करें।
  • तैलीय और जंक फूड खाने से बचें।

पोषण से भरपूर संतुलित आहार के साथ-साथ नियमित रूप से व्यायाम भी करें। अगर आप जिम नहीं जा सकते हैं, तो आप सुबह और शाम सैर जरूर करें। संतुलित आहार का महत्व तो हमारे जीवन में है ही, लेकिन इसी के साथ अपनी दिनचर्या में बदलाव लाना भी जरूरी है। इसलिए सही वक्त पर उठें, सही वक्त पर सोएं, पूरी नींद लें और तनाव से दूर रहने की कोशिश करें।


[ Read More ]»
”go"