उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पांच अक्टूबर तक धारा 144 लागू कर दी गई है। आने वाले दिनों में मनाए जाने वाले धार्मिक पर्व, कोरोना महामारी और किसान संगठनों की ओर से प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने ये फैसला लिया है। इस दौरान विधानभवन के एक किलोमीटर के दायरे में ट्रैक्टर-ट्रॉली, घोड़ागाड़ी या बैलगाड़ी लाने पर रोक रहेगी।
लखनऊ के संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) की ओर से बुधवार को आदेश जारी किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि सितंबर से अक्टूबर माह में होने वाले त्यौहार और तेजी से चल रहे किसान आंदोलनों के बीच लखनऊ में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 5 अक्टूबर तक धारा 144 लागू रहेगी।
राजधानी की शांति व्यवस्था भंग होने के डर से लिया गया फैसला
संयुक्त पुलिस आयुक्त के आदेश के मुताबिक, 10 सितंबर को गणेश चतुर्थी, 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती, 19 सितंबर को अनन्त चतुर्दशी, 28 सितंबर को चेहल्लुम, 2 अक्टूबर को गांधी जयंती, 14 अक्टूबर को दशहरा और 19 अक्टूबर को बारावफात/ईद-ए-मिलाद आदि त्यौहार आयोजित होंगे। इसके साथ ही राजधानी में विभिन्न प्रवेश प्रतियोगी परीक्षाएं होनी हैं। आदेश में कहा गया कि वर्तमान में भारतीय किसान यूनियन के विभिन्न संगठनों एवं विभिन्न प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन आदि से शांति व्यवस्था भंग होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। राजधानी की शांति व्यवस्था बिगड़ सकती है। इन सभी विषयों को ध्यान में रखते हुए लखनऊ में आगामी 5 अक्टूबर तक धारा 144 लागू की गई है। जारी हुए आदेश के मुताबिक, धारा 144 का उल्लंघन करने पर धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शहर में धारा 144 का पालन करते हुए अगले एक माह तक किसी भी प्रकार का जुलूस नहीं निकलेगा और न ही एक स्थान पर 5 या पांच से अधिक व्यक्ति इकट्ठा होंगे। कंटेनमेंट जोन को छोड़कर सरकार की ओर से छूट दिए गए सभी स्थानों पर निश्चित समय सीमा तक निर्धारित संख्या यानि 50 प्रतिशत लोग ही मौजूद रहेंगे। साथ ही किसी भी धार्मिक स्थल, सार्वजनिक स्थल, जुलूस या आयोजनों में रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। अपरिहार्य स्थिति में उपायुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त या पुलिस आयुक्त से इसकी अनुमति लेनी होगी।

