कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी का दौर जारी है। आलम यह है कि दिल्ली में कई दिनों से संक्रमण की दर 25 फीसदी बनी हुई है। तो वहीं इसके बाद भी प्रतिदिन जांच के लिए केंद्रों पर भीड़ उमड़ रही हैं। ऐसे में लोगों को जांच व रिपोर्ट के लिए कई तरह की परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इसकी दूसरी तस्वीर यह भी है कि कोरोना जांच में लगाए प्रयोगशाला तकनीशियनों को भी कोरोना संक्रमित कर रहा है और अभी तक 40 फीसदी से अधिक तकनीशियन संक्रमित हुए हैं।
पीपीई किट और डबल मॉस्क के बाद भी संक्रमित हो रहे
इंडियन मेडिकल लैबारेट्री टैक्नोलॉजिस्ट फेडरेशन की चैयरमैन पूजा सैनी के मुताबिक मौजूदा समय में पीपीई किट और डबल मॉस्क पहने के बाद भी तकनीशियन संक्रमित हो रहे हैं। इस वजह से जांच कराने वाले और करने वालों की परेशानियां बढ़ रही हैं। असल में डिस्पेंशनरी और अस्पतालों में पीपीई किट पहनने और उतारने के लिए एक ही जगह निर्धारित हैं। जो क्रर्मियों को संक्रमित कर रहा है। उन्होंने बताया कि आलम यह है कि इस वजह से दिल्ली की सभी डिस्पेंशनरी और जीटीबी, अंबेडकर, डीडीयू , महावीर, बाबू जगजीवन राम अस्पताल के 45 फीसदी तक तकनीशियन संक्रमित हो रहे हैं।
फेडरेशन के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने बताया कि दिल्ली में 24 घंंटे कोरोना के सैंपल लिए जा रहे हैं, लेकिन कर्मियों की संख्या कम है। ऐसे में एक बार किसी तकनीशियन के संक्रमण हो जाने से दूसरे कर्मियों के काम के घंटे बढ़ जा रहे हैं। आलम यह है तकनीशियन लंबे समय से अपनी पाली में बदलाव तक नहींं कर पाए हैं। वहीं तकनीशियन कैरियर बने हुए हैं। पहले 14 दिन काम और 14 दिन पृथक रहने का नियम बना था। जो इस बार लागू नहीं हैं। ऐसे में सभी लगातार काम रहे हैं। जिससे परिवारों में संक्रमण जा रहा है।
डिस्पेंशनरी में एक तकनीशियन प्रतिदिन 600 सैंपल ले रहा
फेडरेशन के महासचिव उदित के मुताबिक डिस्पेंशनरी एक तकनीशियन प्रतिदिन 600 सैंपल कर रहा। जिसमें 70 फीसदी आरटीपीसीआर जांच आवश्यक हैं। यह नया नियम हैं। जबकि एक डिस्पेंशनरी में एक तकनीशियन की तैनाती की गई है। प्रतिदिन सैंपल इतने अधिक आ रहे हैं, जो जांच मशीन की क्षमता से अधिक है। एक जांच मशीन 7 घंटे में रिपोर्ट देती है। जिसके बाद सैंपलों का दूसरा लॉट लगाया जा सकता है। ऐसे में जीटीबी से भी सैंपल नोएडा भेजे जा रहे हैं।
4000 से अधिक तकनीशियनों की जांच के लिए तैनाती
फेडरेशन की चैयरमैन पूजा सैनी ने बताया कि जांच के लिए 4 हजार से अधिक तकनीशियानों की तैनाती की गई हैं। जिसमें नियमित और संविदा कर्मी शामिल हैं। पूरी दिल्ली में 90 से अधिक सैंपलिंग तकनीशियन कर रहे हैं। इसमें से 45 फीसदी तकनीशयन अभी तक संक्रमित हो गए हैं।

