विशेषज्ञों का कहना है कि व्यक्ति सेक्स के बारे में धीरे धीरे सीखता है, यानी दो लोगों के बीच एक रात की शारीरिक क्रिया ही सेक्स नहीं है। बल्कि सेक्स इससे कहीं ज्यादा है, जिसे आदमी वक्त के साथ सीखता जाता है। सेक्स के बारे में ऐसी कई बातें हो सकती हैं जो बच्चों को जन्म दे चुके माता-पिता को भी मालूम ना हो। इसलिए सिर्फ संभोग करना और बच्चे पैदा करना ही सेक्स नहीं है।
सेक्स के बारे में बहुत सी भ्रांतियां है जिसके लिए उचित शिक्षा की जरूरत है। सेक्स को लेकर लोगों के बीच कई तरह की गलत फहमियां फैली हुई हैं। सच तो यह है कि इसके बारे में लोग जितना सच नहीं जानते, उससे ज्यादा वह भ्रम के शिकार हैं। आज सेक्स के बारे में लोगों के दिमाग में कई तरह की गलत जानकारियां और मिथक मौजूद है।
यहाँ इस विषय पर फैली हुई सभी गलतफहमियों को दूर किया गया है और इसके सही तथ्य बताये गए हैं -
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महिलाओं में सेक्स से जुड़े मिथक -
स्तनपान के दौरान आप प्रेग्नेंट नहीं हो सकती -
स्तनपान के दौरान बॉडी में बनने वाले हॉर्मोंस कुछ समय के लिए तो ओव्यूलेशन (अंडे बनने की प्रक्रिया) रोक सकते हैं, लेकिन कितना, यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता है। यही वजह है कि डिलीवरी के बाद भी सेक्स के दौरान सुरक्षात्मक उपायों के उपयोग की सलाह दी जाती है।
गर्भनिरोधक गोलियों को तुरंत न लेना -
अगर पिल (तुरंत ही जाने वाली गर्भनिरोधक गोलियां) का पूरा फायदा चाहती हैं, तो इसे सेक्स के तुरंत बाद लेना चाहिए। दरअसल, पहले 24 घंटों में इसका असर 95 प्रतिशत तक होता है, जबकि 72 घंटों में वह 60 प्रतिशत तक ही सफल देखी गई है।
दो कंडोम का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित -
यह मिथक भी महिलाओं में काफी प्रचलित हैं, लेकिन यह सही नहीं है। दरअसल, एक साथ दो कंडोम इस्तेमाल करने से एक-दूसरे में रगड़ खाकर उनके फटने की संभावनाएं ज्यादा रहती है।
जाहिर है कि इस तरह ये ज्यादा सुरक्षित नहीं कहे जा सकते हैं। वैसे, तमाम सावधानियों को जानते हुए कंडोम को इस्तेमाल करना 95 फीसदी तक सफल माना जाता है, जो दूसरे कई विकल्पों के 99 फीसदी के रेट से काफी कम है। हालांकि कंडोम सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (एसटीडी; यौन संचारित रोग) से पूरी सुरक्षा देते हैं। अगर आपने और आपके पार्टनर ने एसटीडीज का चेकअप नहीं कराया है, तो उस स्थिति में कंडोम का इस्तेमाल और भी जरूरी हो जाता है।
पीरियड्स में सेक्स करने से प्रेग्नेंट न होना -
आप सोचती है कि पीरियड्स के दौरान सेक्स करने से आप प्रेग्नेंट नहीं हो सकती तो आप बिल्कुल गलत हैं। यह सच है कि इस दौरान गर्भधारण की संभावनाएं कम होती हैं, लेकिन यह असंभव नहीं है। शुक्राणु काफी दिनों तक आपके शरीर में रह सकता है, खासतौर से तब जब आपका मासिक चक्र छोटा हो।
अगले पीरियड आने से पहले महिलाओं के शरीर में 10वें से लेकर 16वें दिन के बीच अण्डा बनता है। अगर आपके पीरियड्स रेग्युलर हैं तो भी स्ट्रेस, एजिंग, वेट चेंज, दवाइयों वगैरह की वजह से हॉर्मोंस का बैलेंस बिगड़ सकता है और इसका असर ओव्यूलेशन पर पड़ता है। इसके अलावा महिलाओं के शरीर में स्पर्म्स (शुक्राणू) सात दिन तक रह सकते हैं। यानी अगर ओव्यूलेशन से कुछ दिन पहले आपने सेक्स किया है, तो भी आपके प्रेग्नेंट होने की संभावनाएं रहती हैं।
कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स (गर्भनिरोधक गोलियां) मोटापा बढ़ाती हैं
रिसर्च बताती है कि यह दवाइयां लेने वाली महिलाओं में जिस तरह वजन बढ़ाता है, उसी तरह उनका वजन कम भी हो जाता है। वैसे इसमें ज्यादा असर लाइफस्टाइल का रहता है। अगर आपको मासिक धर्म के पूर्व डिस्चार्ज की समस्या रहती हैं तो इन दवाइयों की वजह से यह स्थिति बिगड़ भी सकती है। ऐसे में आप इन दवाइयों के लेने और इसे बदलने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
सेक्स को लेकर पुरूषों में गलत धारणाएं -
सुरक्षित यौन संबंध को लेकर भारतीय पुरुषों में कई गलत धारणाएं बरकरार हैं। वे सुरक्षा की अनदेखी कर वेश्याओं के पास जाते है और उन पर अप्राकृतिक यौन संबंध के लिए दबाव डालते है, जिसके संबंध में उनका मानना है कि इससे उन्हें एचआईवी एड्स या अन्य एसटीडी नहीं होगा।
एक गैर सरकारी संगठन द्वारा पूरे देश में कराए गए सर्वेक्षण में भारतीय मर्दों के बारे में यह बात सामने आई कि वह सेक्स वर्कस को अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के लिए कहते हैं। अधिकांश मर्दों का मानना है कि ऐसा करना सुरक्षित है और वे इससे एचआईवी एड्स से पीड़ित नहीं होंगे, लेकिन वे नहीं जानते कि यह 10 गुना ज्यादा खतरनाक होता है।
अधिकांश मामले में पुरूष कंडोम का इस्तेमाल नहीं करना चाहते। अगर उनके पास कंडोम नहीं है तो वे दुसरे तरीकों से सेक्स करना सुरक्षित समझते हैं। लेकिन यह असुरक्षित सेक्स दोनों के लिए खतरनाक है। यह सर्वेक्षण वाराणसी, इलाहबाद, जौनपुर, कानपुर, गाजियाबाद, आगरा, हुबली, बीजापुर, बेल्लारी, नलगोंडा और हरदोई जैसे शहरों में कराया गया था। इसमें बताता गया कि अधिकांश भारतीय पुरुष सुरक्षित यौन संबंध को लेकर सजग नहीं हैं। जहां पर यह सर्वेक्षण कराए गए वहां यौन शिक्षा नदारद थी। सर्वेक्षण से जुड़े अधिकारियों के अनुसार लोगों को महिलाओं और पुरुषों के प्रजनन अंगों के बारे में बेहद कम जानकारी मालूम है।
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सेक्स से जुड़े कुछ सच -
- शारीरिक संबंध मानसिक सुख भी प्रदान करता है। इसके लिए मानसिक रूप से भी जुड़ाव होना जरूरी है।
- यह सच है कि समय से पहले यौन संबंध बनाने से शारीरिक और मानसिक विकास पर बहुत प्रभाव पड़ता है।
- शादी से पहले सेक्स का वैवाहिक जीवन पर कोई असर नहीं पड़ता। लोगो का यह मानना कि शादी से पहले सेक्स करने से वैवाहिक जीवन की खुशी छिनने का खतरा रहता है, एकदम गलत है।
- यह सही है कि यौन-संबंध एक व्यक्तिगत अधिकार है और इसमें किसी एक के लिए प्रतिबद्धता होना जरूरी है, लेकिन वर्तमान में इस बात का महत्व कम रह गया है।
रिश्तों में सेक्स ही प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव के साथ-साथ आत्मीय संबंध होना भी जरूरी है तभी आप सेक्स के महत्व को समझ सकते हैं ।

