अच्छी सेहत के लिए पौष्टिक भोजन के साथ-साथ भरपूर नींद सोना भी जरूरी है। इससे न सिर्फ शरीर तंदुरुस्त रहता है, बल्कि दिमाग को भी आराम मिलता है। वहीं, कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्हें चाहकर भी अच्छी नींद नहींं आती है। इससे उनके अगले दिन की कार्यप्रणाली बुरी तरह से प्रभावित होती है। इस आर्टिकल में हम दे रहे हैं अच्छी नींद आने के लिए टिप्स। यह जानकारी कई प्रकार के शोधों पर आधारित है। हां, अगर किसी को गंभीर बीमारी के कारण नींद न आने की समस्या है, तो फिर सिर्फ इन टिप्स से काम नहीं चलेगा। ऐसे लोगों को तुरंत डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए।
आर्टिकल में सबसे हम बता रहे हैं कि हमें प्रतिदिन कितना साेना चाहिए।
हमें कितनी नींद की आवश्यकता होती है? –
कई शोध में पाया गया कि अलग-अलग उम्र के हिसाब से नींद का समय भी अलग-अलग होता है। नेशनल स्लीप फाउंडेशन के अनुसार, सभी को नींद की पर्याप्त मात्रा लेनी चाहिए, जो इस प्रकार है
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अब हम बता रहे हैं कि पर्याप्त नींद न सोने के क्या परिणाम हो सकते हैं।
क्या होगा अगर आप ठीक से नींद नहीं लेंगे?
अच्छी नींद अच्छी सेहत का संकेत देती है। इस विषय पर अमेरिका की एक शोध संस्था ने रिसर्च की है। उसके अनुसार, अपर्याप्त नींद न्यूरोएंडोक्राइन यानी हार्मोन बनाने वाली कोशिकाओं और चयापचय पर बुरा प्रभाव डाल सकती हैं। इससे भूख में गड़बड़ी और मधुमेह की समस्याएं हो सकती हैं इसके अलावा, एक अन्य शोध में पाया गया है कि नींद की कमी से वजन बढ़ने का जोखिम हो सकता है । साथ ही नींद की खराब गुणवत्ता मस्तिष्क की खराब कार्यप्रणाली, शरीर में कम ऊर्जा का संचार और अनिद्रा की समस्या का कारण भी बन सकती है नींद न आने या कम आने की समस्या को मेडिकल भाषा में इंसोमनिया कहा जाता है
अच्छी नींद के लिए टिप्स –
अगर कोई नींद न आने की समस्या से परेशान हैं, तो कुछ आसान उपायों से इस समस्या को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि अच्छी नींद आने के लिए टिप्स क्या-क्या हैं।
1. योग
स्वस्थ जीवन के लिए योग जरूरी है। यह शरीर और मन को स्वास्थ रखने का आसान और कारगर उपाय है। नागपुर शहर में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों शोध किया गया, जिसे एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी) की वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है। शोध में पाया गया कि नियमित रूप से योगाभ्यास करने से अच्छी नींद आती है और जीवनशैली में भी सुधार होता है। योगाभ्यास से जोड़ों की कार्यप्रणाली बेहतर होती है और बुजुर्ग लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है ।
2. इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को स्विच ऑफ करें
रात को देर तक जागकर मोबाइल, टीवी, कंप्यूटर, लैपटॉप और वीडियो गेम पर समय बिताने से भी नींद प्रभावित होती है। इस संबंध में कई शोध संस्थाओं ने 8 से 17 वर्ष की आयु के 234 बच्चों पर शोध किया। इस शोध में पाया गया कि सोते समय और रात के मध्य में किसी भी प्रकार के उपकरणों का प्रयोग नींद की मात्रा और गुणवत्ता को कम कर सकता है। इसके अलावा, जो बच्चे सोते समय टेलीविजन देखते हैं, वो मोटापे से ग्रस्त हो सकते हैं। शोध में एक बात और सामने आई कि जो बच्चे सोते समय टेलीविजन देखते थे या वीडियो गेम खेलते थे, उन्हें लगभग 30 मिनट कम नींद आती थी। साथ ही जो बच्चे सोते समय अपने फोन या कंप्यूटर का उपयोग करते थे, उन्हें आम बच्चों की अपेक्षा लगभग 60 मिनट कम नींद आती थी। साथ ही ऐसे बच्चों का वजन भी जरूरत से ज्यादा बढ़ा पाया गया ।
3. तेल से मालिश
लोग तेल की मालिश कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं और तनाव को दूर करने के लिए करवाते रहते हैं। इसके अलावा, यह नींद में सुधार करने में भी फायदेमंद हो सकती है। इसकी पुष्टि करने के लिए 24 से 55 वर्ष की 135 महिलाओं पर शोध किया गया। यह रिसर्च एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इस शोध में पाया गया कि विभिन्न प्रकार के तेल से की गई मालिश और अरोमाथेरेपी से नींद और जीवनशैली की गुणवत्ता में काफी अधिक सुधार हो सकता है ।
4. रिलैक्सिंग बाथ या शॉवर
ऐसा कहा जाता है कि सुबह ठंडे पानी से नहाने के बाद दिन भर मूड फ्रैश रहता है। वहीं, रात को गुनगुने पानी से नहाने से अच्छी नींद आती है। इस बारे में कई शोध संस्थाओं ने शोध किए हैं और इनके निष्कर्ष को एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित किया है। निष्कर्ष में पाया गया कि अगर सोने से पहले गर्म पानी से नहाया जाए, तो नींद में कुछ हद तक सुधार हो सकता है। फिलहाल, इस विषय पर और शोध की जरूरत है कि गर्म पानी से नहाने के बाद किस प्रकार नींद में सुधार होता है ।
5. शाम को देर से न खाएं
रात को देर से भाेजन करने पर मोटापा और मधुमेह जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसका सीधा असर नींद पड़ता है। एनसीबीआई की वेबसाइट के हवाले से यह पता चला है कि रात को भोजन करने तुरंत बाद सोने से स्वास्थ्य पर उल्टा प्रभाव पड़ सकता है। शोध के अनुसार, रात को कम से कम 7 से 9 घंटे की नींद जरूरी है, लेकिन रात को खाना खाते ही सो जाने से ठीक से नींद नहीं आती है। इसके अलावा, शोध में पाया गया कि जो व्यक्ति शाम को जल्दी खाना खा लेते हैं, उनका स्वास्थ्य ठीक रहता है और रात को नींद भी अच्छी आती है ।
6. अल्कोहल का सेवन न करें
अल्कोहल का सेवन कई बीमारियों को निमंत्रण देता है। इसमें नींद की गुणवत्ता कम होना भी शामिल है। कई शोध संस्थाओं के अनुसार, जो लोग अल्कोहल का सेवन करते हैं, वो अच्छी नींद न आने की समस्या से पीड़ित रहते हैं। 234 पुरुषों और 159 महिलाओं पर किए गए शोध में पाया गया कि जो लोग अल्कोहल की लत से प्रभावित थे, उन्हें नींद की गुणवत्ता और नींद की अवधि में कमी से ग्रसित पाया गया। साथ ही शराब पीने वाले स्लीप एपनिया का शिकार हो सकते हैं। स्लीप एपनिया नींद से जुड़ी बीमारी है, जिसमें मरीज सांस अचानक रुक जाती है और अचानक तेज हो जाती है ।
7. कैफीन का सेवन न करें
कॉफी में कैफीन की मात्रा पाई जाती है। शोध में पाया गया है कि कैफीन का सेवन सीधे मस्तिष्क प्रणाली पर असर डालता है, जिससे नींद की गुणवत्ता में कमी आ सकती है। इसके अलावा, एक अन्य शोध में पाया गया कि सोने से 3 घंटे पहले कैफीन का सेवन नींद में कमी का कारण बन सकता है ।
8. जड़ी बूटी की मदद लें
कई बार नींद की गुणवत्ता में कमी के पीछे चिंता, अवसाद और अनिद्रा भी कारण हो सकता है। यह देखा गया है कि जो लोग चिंता से ग्रस्त होते हैं उन्हें अक्सर स्लीप डिसऑर्डर की शिकायत होती है। इन सभी के कारण उन्हें मानसिक बीमारी और अनिद्रा की समस्या हो सकती है। इस विषय पर किए गए शोध में पाया गया कि कई औषधीय जड़ी-बूटियों का प्रयोग अनिद्रा के लिए किया जा सकता है। जड़ी-बूटियां सीधे मस्तिष्क की कार्य प्रणाली पर असर डालती हैं और चिंता, अवसाद व अनिद्रा की समस्या को दूर करने में फायदेमंद हो सकती है, जिससे रात को अच्छी नींद सोने में मदद मिल सकती है ।
आर्टिकल में आपने जाना कि रात को नींद अच्छी आए, उसके लिए क्या-क्या किया जा सकता है। इसलिए, अगर कोई नींद की समस्या से जूझ रहा है, तो ऊपर बताए गए अच्छी नींद के लिए टिप्स उसके लिए फायदेमंद हो सकते हैं। इसके अलावा, खराब जीवनशैली और बुरी आदतों को छोड़ना भी अच्छी नींद आने के लिए टिप्स में से एक हो सकता है।

