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निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) के कारण, लक्षण और घरेलू टिप्स

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शरीर के लिए पानी बेहद जरूरी है। इंसान बिना खाए कुछ दिनों तक जीवित रह सकता है, लेकिन पानी के बगैर नहीं। शरीर में पानी की कमी कई शारीरिक समस्याओं का कारण बन सकती है, जिसमें निर्जलीकरण यानी डिहाइड्रेशन को सबसे घातक माना गया है। यह गर्मियों में होने वाली सबसे आम समस्या है, जो शरीर में तरल की कमी का संकेत देती है। यह समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। अगर इसका इलाज सही समय पर नहीं किया जाए, तो यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। इस लेख में हमारे साथ जानिए निर्जलीकरण के उपाय, जो अच्छे परिणाम देने की क्षमता रखते हैं। साथ ही यह भी बताएंगे कि निर्जलीकरण किसे कहते हैं। इसके अलावा, डिहाइड्रेशन क्या है और डिहाइड्रेशन में क्या होता है, इसकी जानकारी भी देंगे।

निर्जलीकरण क्या है? – 
निर्जलीकरण तब होता है, जब शरीर में पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ की कमी होने लगती है। निर्जलीकरण की समस्या हल्का, मध्यम या गंभीर हो सकती है, जो इस बात पर निर्भर करती है कि आपके शरीर ने कितना तरल खोया है । निर्जलीकरण के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनकी चर्चा हम नीचे करेंगे। निर्जलीकरण क्या है, यह जानने के बाद आगे जानिए निर्जलीकरण के कारण।

निर्जलीकरण के कारण – 
डिहाइड्रेशन क्या है, यह जानने के बाद अब इसके कारण भी जान लेते हैं। शरीर में पानी और तरल की कमी के पीछे विभिन्न कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं -
  • अधिक पसीना निकलने के कारण
  • अत्यधिक व्यायाम करने से
  • बुखार
  • उल्टी
  • दस्त
  • बहुत ज्यादा पेशाब आना

निर्जलीकरण के लक्षण – 
निर्जलीकरण की पहचान करने के लिए आइए जानते हैं निर्जलीकरण के लक्षण ।
  • प्यास लगना
  • सूखा या चिपचिपा मुंह
  • ज्यादा पेशाब नहीं आना
  • गहरे पीले रंग का मूत्र निकलना
  • सूखी व ठंडी त्वचा
  • सिरदर्द
  • मांसपेशियों में ऐंठन

डिहाइड्रेशन के लक्षण कुछ ये भी हैं:
  • सूखी, सिकुड़ी हुई त्वचा
  • चिड़चिड़ापन
  • चक्कर आना
  • तेज धड़कन
  • तेजी से सांस लेना
  • धंसी हुई आंखें
  • बेहोशी

डिहाइड्रेशन के लक्षण यानी निर्जलीकरण के लक्षण जानने के बाद आगे जानिए सटीक निर्जलीकरण के उपाय।

निर्जलीकरण के घरेलू उपाय –
ऐसा नहीं है कि निर्जलीकरण का इलाज नहीं किया जा सकता है। नीचे जानिए निर्जलीकरण से निपटने के सबसे कारगर घरेलू उपायों के बारे में।

1. डिहाइड्रेशन से बचने के उपाय के लिए छाछ
सामग्री :
  • एक कप छाछ
  • आधा चम्मच सोंठ

बनाने की विधि :
  • एक कप छाछ में सोंठ मिलाएं।
  • इस ताजे पेय का सेवन करें।

कितनी बार करें :
निर्जलीकरण का उपाय करने के लिए आप दिन में कम से कम तीन से चार बार छाछ पिएं।

कैसे है लाभदायक :
छाछ एक प्राकृतिक प्रोबायोटिक है। यह पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे खनिजों से समृद्ध है। निर्जलीकरण से बचने के लिए इसका सेवन किया जा सकता है। यह डायरिया जैसी पेट की समस्या से छुटकारा दिलाने का काम करता है । गर्मियों में इसका महत्व ज्यादा है। यह शरीर में तरल की कमी को पूरा करता है और पेट को ठंडा रखता है। निर्जलीकरण के इलाज के लिए छाछ का उपाय कारगर रहेगा।

2. एसेंशियल ऑयल 
  • क) नींबू का तेल 

सामग्री :
  • नींबू के तेल की एक से दो बूंदें
  • एक गिलास पानी

कैसे करें इस्तेमाल :
  • एक गिलास पानी में नींबू के तेल की कुछ बूंदे डालें।
  • अब इस मिश्रण को पिएं।

कितनी बार करें :
  • रोजाना एक बार नींबू के स्वाद वाला पेय पिएं।

कैसे है लाभदायक :
निर्जलीकरण के इलाज के लिए आप नींबू को प्रयोग में ला सकते हैं। नींबू का तेल एंटीऑक्सीडेंट गुणों से समृद्ध होता है, जो शरीर को हाइड्रेटेड और स्वस्थ रखने में एक अहम भूमिका निभा सकता है ।

ख) वाइल्ड ऑरेंज एसेंशियल ऑयल
  • सामग्री :
  • वाइल्ड ऑरेंज एसेंशियल ऑयल की एक से दो बूंदें

कैसे करें इस्तेमाल :
  • एक गिलास पानी में तेल की बूंदे मिलाएं।
  • अब इस पानी का सेवन करें।

कितनी बार करें :
  • इस पानी को रोजाना कम से कम एक बार पिएं।

कैसे है लाभदायक :
वाइल्ड ऑरेंज एसेंशियल ऑयल का पानी एक कारगर एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है (5)। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर करता है और शरीर को हाइड्रेट करने का काम करता है। निर्जलीकरण से निपटने के लिए यह अच्छा स्वादिष्ट तरीका है ।

ग) पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल 
सामग्री :
  • पेपरमिंट तेल की दो बूंदें
  • 1 गिलास पानी

कैसे करें इस्तेमाल :
  • एक गिलास पानी में पेपरमिंट एसेंशियल तेल की बूंदें मिलाएं और सेवन करें।

कितनी बार करें :
  • रोजाना एक से दो बार इस पानी का सेवन करें।

कैसे है लाभदायक :
पेपरमिंट ऑयल में भी एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो निर्जलीकरण से निजात दिलाने में आपकी मदद कर सकते हैं ।

3. नारियल पानी 
सामग्री :
  • 1 गिलास नारियल पानी

क्या करें :
  • दिनभर में तीन से चार गिलास नारियल पानी पिएं।

कैसे है लाभदायक :
नारियल पानी सोडियम और पोटैशियम जैसे पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है। डिहाइड्रेशन की अवस्था में शरीर में इन दोनों की मात्रा कम हो जाती है। नारियल पानी इन पोषक तत्वों की पूर्ति करने का काम करता है। डिहाइड्रेशन के इलाज का यह सबसे प्रभावी तरीका है ।

4. सूप 
निर्जलीकरण का उपाय करने के लिए आप सूप का सेवन कर सकते हैं। सूप पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है, जो निर्जलीकरण और इसके लक्षणों से लड़ने का काम कर सकता है। सूप में पोटैशियम जैसे कई खनिजों की मात्रा होती है, जिससे शरीर में इसकी पूर्ति हो सकती है। अच्छे परिणामों के लिए आप कसरत से पहले सूप का सेवन कर सकते हैं। आप हरी सब्जियों का सूप बना सकते हैं, इसके अलावा चिकन या मीट का सूप का सेवन भी कर सकते हैं ।

5. केला 
सामग्री :
  • एक से दो केले

क्या करें
  • व्यायाम या अन्य कठीन शारीरिक कार्य करने से पहले केला खाएं।

कितनी बार करें :
  • ऐसा रोजाना दो बार करें।

कैसे है लाभदायक :
निर्जलीकरण का एक कारण शरीर में पोटैशियम की कमी होना है। केले में पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है और शरीर में इसकी मात्रा को संतुलित करने व निर्जलीकरण के इलाज में केला मदद कर सकता है (9)।

6. डिहाइड्रेशन से बचने के उपाय के लिए ओआरएस 
सामग्री :
  • आधा चम्मच नमक
  • चीनी के 6 चम्मच
  • 4 कप पानी

बनाने की विधि :
  • पानी में नमक व चीनी को डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
  • इस घोल को तब तक पिएं, जब तक कि निर्जलीकरण के लक्षण खत्म न हो जाएं।

कितनी बार करें :
इस घोल को एक दिन में कम से कम 3 लीटर पिया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :
ओआरएस का मतलब ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन है। निर्जलीकरण के इलाज का यह कारगर विकल्प हो सकता है। ओआरएस डायरिया और उल्टी जैसी समस्याओं के दौरान शरीर द्वारा खोए तरल की पूर्ति करने का काम करता है। ओआरएस शरीर में सोडियम और पानी के स्तर को बढ़ाता है, जो निर्जलीकरण के कारण कम हो जाते हैं ।

7. जौ का पानी 
सामग्री :
  • 1 कप जौ
  • तीन से चार कप पानी
  • आधा नींबू
  • शहद (स्वादानुसार)

कैसे करें इस्तेमाल :
  • पानी में एक कप जौ डालें और सॉस पैन में 30-40 मिनट के लिए उबालें।
  • पानी को ठंडा होने दें और स्वाद के लिए नींबू का रस व शहद मिलाएं।
  • दिनभर में इसे थोड़ा-थोड़ा करके पिएं।

कितनी बार करें :
  • ऐसा दिन में 3 से 4 बार करें।

कैसे है लाभदायक :
निर्जलीकरण के उपाय के रूप में जौ का पानी स्वस्थ पेय है। यह कई एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और खनिजों से समृद्ध होता है, जो निर्जलीकरण द्वारा खोए हुए तरल पदार्थों को पूरा करने और शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है  ।

8. अचार का रस 
सामग्री :
  • एक तिहाई कप अचार का रस

कैसे करें इस्तेमाल :
  • कसरत से पहले या बाद में अचार का रस पिएं।

कितनी बार करें :
  • दिन में एक बार ऐसा करें।

कैसे है लाभदायक :
शरीर से अत्यधिक पसीना निकलने से अधिक मात्रा में पोटैशियम व सोडियम भी निकल जाता है, जो निर्जलीकरण का कारण बनता है। अचार का रस सोडियम और पोटैशियम से समृद्ध होता है। इस प्रकार, यह निर्जलीकरण के इलाज के लिए अच्छा विकल्प बन सकता है, क्योंकि यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाने में मदद करता है ।

9. नींबू पानी
सामग्री :
  • आधा नींबू
  • 1 गिलास पानी
  • शहद (स्वादानुसार)

कैसे करें इस्तेमाल :
  • एक गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़ें।
  • स्वाद के लिए शहद मिलाएं और पिएं।

कितनी बार करें :
  • दिन में दो से तीन बार नींबू पानी पिएं।

कैसे है लाभदायक :
नींबू का पानी न केवल आपको तरोताजा करता है, बल्कि शरीर में पोटैशियम, सोडियम और मैग्नीशियम के स्तर को बढ़ाकर निर्जलीकरण को दूर करने में मदद करता है ।

10. सेब का रस 
सामग्री : 
  • एक सेब
  • आधा गिलास पानी

कैसे करें इस्तेमाल :
  • आधे गिलास पानी के साथ एक सेब को ब्लेंड करें।
  • अब इस जूस का सेवन करें।

कितनी बार करें :
  • इस रस को रोजाना दो बार पिएं।

कैसे है लाभदायक :
सेब मैग्नीशियम का समृद्ध स्रोत हैं। इसमें पोटैशियम की मात्रा भी होती है, इसलिए यह शरीर में खोए हुए खनिजों और इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति कर निर्जलीकरण का इलाज कर सकता है।

एक अध्ययन के अनुसार, बच्चों में निर्जलीकरण के इलाज के लिए इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स की तुलना में सेब का पतला रस अधिक प्रभावी विकल्प हो सकता है ।

11. संतरे का रस 
सामग्री :
  • संतरे के रस के एक से दो गिलास

कैसे करें इस्तेमाल :
  • कसरत से पहले या बाद में संतरे का जूस पिएं।

कितनी बार करें :
  • दिन में एक या दो बार जरूर पिएं।

कैसे है लाभदायक :
संतरा विटामिन्स और खनिजों से भरपूर होता है। यह पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स और मैग्नीशियम से भी समृद्ध होता है। संतरे का रस शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बनाए रखने और निर्जलीकरण को दूर करने की क्षमता रखता है ।

12. क्रैनबेरी जूस
सामग्री :
  • क्रैनबेरी रस के दो कप

कैसे करें इस्तेमाल :
  • रोजाना कम से कम दो गिलास बिना पके क्रैनबेरी का जूस पिएं।

कितनी बार करें :
  • इस रस को रोजाना दो बार पिएं।

कैसे है लाभदायक :
क्रैनबेरी फल पोटैशियम और सोडियम से समृद्ध होता है, जो इलेक्ट्रोलाइट के महत्पूर्ण तत्व माने जाते हैं। इलेक्ट्रोलाइट शरीर में पानी के संतुलन को बनाने में मदद करता है। प्राकृतिक रूप से निर्जलीकरण का उपचार करने के लिए आप क्रैनबेरी के जूस का सेवन कर सकते हैं ।

13. नमक
निर्जलीकरण की वजह से शरीर मैग्नीशियम, पोटैशियम और सोडियम जैसे कई महत्वपूर्ण खनिज और इलेक्ट्रोलाइट्स को खोने लगता है। ऐसी स्थिति में नमक सोडियम का बड़ा स्रोत है, जो सोडियम की पूर्ति कर सकता है। शरीर को सोडियम व पानी की मात्रा संतुलित करने के लिए आप नमक का सेवन कर सकते हैं ।

14. दही 
सामग्री :
  • 1 कप दही
  • एक चुटकी नमक

कैसे करें इस्तेमाल :
  • एक कप दही में एक चुटकी नमक डालें और अच्छी तरह मिलाएं।
  • इसका रोजाना सेवन करें।

कितनी बार करें :
  • ऐसा रोजाना एक से दो बार।

कैसे है लाभदायक :
दही इलेक्ट्रोलाइट्स का समृद्ध स्रोत है। इसलिए, यह आपके शरीर में खोए हुए इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति कर निर्जलीकरण का मुकाबला कर सकता है।

15. एप्सम सॉल्ट बाथ
सामग्री :
  • 1 कप एप्सम नमक
  • 1 बाल्टी पानी

कैसे करें इस्तेमाल :
  • अपने नहाने के पानी में एक कप एप्सम सॉल्ट मिलाएं।
  • लगभग 15 से 20 मिनट तक इस पानी में नहाएं।

कितनी बार करें :
  • इस उपाय को हफ्ते में दो से तीन बार करें।

कैसे है लाभदायक :
निर्जलीकरण के उपाय के रूप में आप एप्सम सॉल्ट यानी सेंधा नमक का सहारा ले सकते हैं। एप्सम सॉल्ट में मौजूद मैग्नीशियम निर्जलीकरण और इसके लक्षणों से निपटने में मदद कर सकता है ।

निर्जलीकरण से बचाव – 
निर्जलीकरण से निपटने के घरेलू उपायों के बाद आगे जानिए इससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण टिप्स।
  • अपने आहार में अधिक पानी वाले फल जैसे तरबूज और स्ट्रॉबेरी का भरपूर सेवन करें।
  • अगर आप एक घंटे से अधिक समय तक कसरत करते हैं, तो इलेक्ट्रोलाइट स्पोर्ट्स ड्रिंक का सेवन जरूर करें।
  • शराब के सेवन से बचें, क्योंकि यह निर्जलीकरण को बढ़ाता है।
  • धूम्रपान छोड़ें, क्योंकि यह निर्जलीकरण का कारण बन सकता है।
  • अगर आप बाहर व्यायाम कर रहे हैं, तो हल्के कपड़े पहनें।

डिहाइड्रेशन में क्या होता है, यह तो आप इस आर्टिकल में जान ही चुके हैं। निर्जलीकरण से बचने के ये सभी घरेलू उपाय प्राकृतिक हैं और जल्द अच्छे परिणाम देने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, निर्जलीकरण के गंभीर मामलों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इस बात का जरूर ध्यान रखें कि शरीर में पानी की कमी न होने दें। आशा है कि आपको यह लेख अच्छा लगा होगा। आप निर्जलीकरण से जुड़े अपने अनुभव हमारे साथ कमेंट बॉक्स में साझा कर सकते हैं। डिहाइड्रेशन से संबंधित अन्य जानकारी के लिए आप हमसे सवाल भी पूछ सकते हैं।

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