संभव है कि आपने पहले कभी कौंच के बीज के बारे में नहीं सुना होगा। यहां हम आपको बता दें कि कौंच को आयुर्वेदिक औषधि माना गया है। कौंच मस्तिष्क से संबंधित समस्या से लेकर पुरुष बांझपन तक की परेशानी से निजात दिला सकता है। अगर अभी तक आपने कौंच बीज के बारे में नहीं सुना, तो इस लेख के जरिए हम आपको इससे जुड़ी हर जानकारी देने की कोशिश करेंगे। हम कौंच के बीज के फायदे ही नहीं, बल्कि कौंच के बीज के नुकसान भी आपको बताएंगे।
कौंच के बीज के बारे में जानें कुछ बातें
कौंच के बीज का वैज्ञानिक नाम मुकुना प्रुरियंस है। इसके अलावा, कौंच के कपिकच्छु, किवांच, काउहैज, कोवंच, अलकुशी, कौंचा व कवच आदि नाम भी हैं। इतना ही नहीं कौंच को मखमली सेम यानी वेलवेट बीन्स के रूप में भी जाना जाता है। सालों से इसके पत्ते, बीज व जड़ का उपयोग आयुर्वेद में औषधि बनाने के लिए किया जा रहा हैं। आगे इस लेख में हम आपको कौंच बीज के फायदे बताएंगे।
कौंच के बीज के फायदे –
यहां हम बता रहे हैं कि कौंच को किन-किन समस्याओं में औषधि की तरह उपयोग किया जा सकता है।
1. अच्छी नींद के लिए कौंच के बीज
सभी के लिए पर्याप्त नींद लेना जरूरी है। अगर नींद पूरी नहीं होती है, तो न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक समस्याएं भी होने लगती है। ऐसे में अगर सफेद मूसली के साथ कौंच का सेवन किया जाए, तो अनिद्रा की समस्या से राहत मिल सकती है।
2. पार्किंसंस के लिए कौंच के बीज के फायदे
कौंच का बीज पर्किंसंस के लिए भी बहुत असरदार है। पर्किंसंस तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारी है, जिसमें मरीज को कंपकंपी, शरीर में दर्द व चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, यह बीमारी उम्र बढ़ने पर होती है, लेकिन कभी-कभी यह कम उम्र के व्यक्ति को भी हो सकती है। इस स्थिति में कौंच अच्छा विकल्प है। इसमें एंटी-पार्किंसंस गुण मौजूद हैं, क्योंकि इसमें एल-डोपा नामक एमिनो एसिड मौजूद होता है। इससे पार्किंसंस की समस्या पर काफी प्रभाव पड़ सकता है ।
3. शरीर या कमर में दर्द के लिए कौंच के बीज के फायदे
आजकल की जीवनशैली और व्यस्त दिनचर्या के कारण कई लोग शरीर में दर्द की शिकायत करते हैं। शरीर में या कमर में दर्द हो, तो रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो जाता है। वहीं, बार-बार दर्द निवारक दवाइयों का सेवन भी सही नहीं है। ऐसे में आयुर्वेदिक औषधियां और प्राकृतिक उपचार फायदेमंद साबित हो सकता है। कौंच भी ऐसी ही आयुर्वेदिक औषधि है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक यानी दर्दनाशक गुण दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।
4. एकाग्रता के लिए कौंच
आयुर्वेद में कौंच को पार्किंसंस जैसे तंत्रिका तंत्र से संबंधित समस्या का इलाज करने के लिए वर्षों से उपयोग किया जा रहा है। यह मनुष्य को दिमागी तौर पर मजबूत बनाता है और मस्तिष्क को तेज बनाता है। जब मनुष्य मानसिक तौर पर स्वस्थ होगा, तो उसकी एकाग्रता क्षमता में भी सुधार हो सकता है।
5. दमा के लिए कौंच
इन दिनों जिस तरह से धूल-मिट्टी और प्रदूषण बढ़ रहा है, उस कारण कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। दमा उन्हीं में से एक है, जो किसी को भी हो सकता है। अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह गंभीर रूप भी ले सकता है। ऐसे में कौंच का सेवन लाभकारी हो सकता है। यह एंटी-हिस्टामिनिक की तरह काम करता है और एलर्जी से बचाव कर सकता है। इसके अलावा, कौंच के बीज को आयुर्वेद में दमा के इलाज के तौर पर भी वर्षों से उपयोग किया जा रहा है।
6. तनाव से बचाव के लिए कौंच के बीज
तनाव ऐसी समस्या बन चुकी है, जिससे लगभग हर कोई प्रभावित है। आज के वक्त में ऐसा कोई नहीं होगा, जिसे तनाव की समस्या नहीं होगी। काम की जिम्मेदारी और अन्य छोटी-मोटी परेशानियों के कारण तनाव हर किसी के जीवन का हिस्सा बन चुका है। तनाव की वजह से कई और समस्याएं जैसे – अनिद्रा, दिल की बीमारी और ऐसी ही कई अन्य शारीरिक व मानसिक समस्याएं हो सकती है। ऐसे में वक्त रहते इस पर ध्यान देना जरूरी है। तनाव की परेशानी से बचाव के लिए कौंच का सेवन किया जा सकता है। कौंच में एंटी-डिप्रेसेंट प्रभाव होता है, जो तनाव से बचाव कर सकता है।
7. मिर्गी के लिए कौंच के बीज
मिर्गी तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारी है, जिसमें मरीज को दौरे पड़ने लगते हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे – कुछ खास दवाइयों के सेवन की वजह से, सिर पर कभी चोट लगने से, दिमागी बुखार होने से आदि। ऐसे में कौंच का सेवन इस बीमारी में मददगार साबित हो सकता है, कौंच में एंटी-एपिलेप्टिक गुण मौजूद होते हैं, जिस कारण मिर्गी की समस्या या उसका असर कम हो सकता है । फिर इस समस्या में कौंच का इस्तेमाल करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।
8. साइटिका के लिए कौंच के बीज
साइटिका नर्व नितम्बों के नीचे से पैरों तक जाती है। जब इसमें सूजन या अन्य कोई परेशानी होती है, तो यह दर्द होता है। यह दर्द इतना तीव्र होता है कि व्यक्ति न ठीक से बैठ पाता है और न ही खड़ा हो पाता है। इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह दर्द वक्त के साथ-साथ बढ़ता चला जाता है। इससे छुटकारा पाने के लिए व्यायाम तो जरूरी है ही, लेकिन कुछ आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे भी काम आ सकते हैं। कौंच उन्हीं में से एक है, कौंच का एनाल्जेसिक यानी दर्दनाशक गुण साइटिका के दर्द को कम कर सकता है। हालांकि, इस संबंध में कोई वैज्ञानिक प्रमाण तो नहीं है, लेकिन वैज्ञानिक इस पर शोध कर रहे हैं।
9. मोटापा कम करने के लिए कौंच
वजन बढ़ने या मोटापे की समस्या से आजकल लगभग हर दूसरा व्यक्ति परेशान है। बिगड़ी जीवनशैली व गलत डाइट के कारण यह समस्या आम है। इस स्थिति में सही डाइट और व्यायाम तो जरूरी है ही, लेकिन अगर साथ में कौंच का सेवन किया जाए, तो यह लाभकारी हो सकता है। कौंच मोटापे को कम करने के लिए मददगार साबित हो सकता है, क्योंकि यह एंटी-ओबेसिटी प्रभाव डालता है।
10. पुरुष बांझपन के लिए कौंच बीज
कौंच बीज को पुरुष बांझपन के इलाज के लिए भी उपयोग किया जाता है। पुरुषों में इनफर्टिलिटी की समस्या के कई कारण हैं, जैसे – तनाव, बिगड़ी जीवनशैली व हार्मोन असंतुलन। इस स्थिति में कौंच के बीज से इसका उपचार किया जा सकता है। यह शुक्राणुओं को नुकसान होने से बचाता है और इंफर्टिलिटी की समस्या को दूर करता है ।
11. डायबिटीज के लिए कौंच के बीज
डायबिटीज या मधुमेह की समस्या आम हो चुकी है। डायबिटीज होने से मरीज को शरीर में दर्द व किडनी की समस्या जैसी कई परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए, इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। इस स्थिति में कौंच के बीज फायदेमंद साबित हो सकते हैं। शोध के अनुसार पहले के वक्त में कौंच बीज का उपयोग मधुमेह के उपचार में किया जाता था। इस कारण से यह एंटी-डायबिटिक दवा का अच्छा स्रोत है। इसका इस्तेमाल मधुमेह की दवा के रूप में किया जा सकता है।
12. एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कौंच बीज
शरीर को तंदुरुस्त रखने के लिए कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट की जरूरत होती है। यह बीमारियों से शरीर का बचाव करता है। इसलिए, जरूरी है कि ऐसे खाद्य पदार्थों का चुनाव करें, जिनमें एंटी-ऑक्सीडेंट गुण मौजूद हों। कौंच का बीज उन्हीं में से एक है। यह न सिर्फ एंटी-ऑक्सीडेंट, बल्कि एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भी भरपूर है। इसलिए, यह स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है।
कौंच के बीज के पौष्टिक तत्व –
कौंच बीज में कई तरह के पौष्टिक तत्व मौजूद हैं, जिनमें कैल्शियम, पोटैशियम, नियासिन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, जिंक व आयरन जैसे पौष्टिक तत्व प्रमुख हैं। इसमें सोडियम 43.1-150.1 मिलीग्राम, पोटैशियम 778.1-1846.0 मिलीग्राम, कैल्शियम 393.4-717.7 मिलीग्राम, मैग्नीशियम 174.9-387.6 मिलीग्राम, फास्फोरस 98.4-592.1 मिलीग्राम, आयरन 10.8-15.0 मिलीग्राम, कॉपर 0.9-2.2 मिलीग्राम, जिंक 5.0-10.9 मिलीग्राम और मैंगनीज 3.9-4.3 मिलीग्राम है। कौंच के बीज के ये सभी पोषक तत्व आपको स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।
कौंच बीज का उपयोग –
यहां जानिए कौंच बीज को इस्तेमाल करने के विभिन्न तरीके :
- कौंच बीज का काढ़ा बनाकर सेवन कर सकते हैं।
- कौंच के पत्तों को घिसकर लेप की तरह त्वचा पर लगा सकते हैं।
- ये बीज दवा के रूप में मेडिकल स्टोर में भी उपलब्ध होते हैं। आप इसे कैप्सूल या टैबलेट के रूप में भी सेवन कर सकते हैं।
- कौंच बीज का चूर्ण भी बाजार में उपलब्ध है, तो आप इसका सेवन दूध या पानी के साथ भी कर सकते हैं।
नोट: कौंच के बीज का सेवन कितनी मात्रा में करना है, इस बारे में आप एक बार अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।
कौंच के बीज के नुकसान –
कौंच के बीज के नुकसान कुछ इस प्रकार हैं :
- कौंच के बीज के ज्यादा सेवन से वजन बहुत कम हो सकता है। इस कारण कमजोरी की समस्या हो सकती है।
- कौंच बीज से दस्त की परेशानी हो सकती है।
- गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसके सेवन से बचें या फिर डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करें।
- अगर किसी को कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो वो लोग भी इसका सेवन डॉक्टर से पूछकर करें।
- इससे उल्टी, दिल की धड़कन में समस्या या भूख की कमी हो सकती है।
- बच्चों को यह खाने के लिए न दें।
- मधुमेह के मरीज इसका सेवन कर सकते हैं, लेकिन अगर आप डायबिटीज की दवा ले रहे हों, तो कौंच का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से बात कर लें।
- अगर आप किसी प्रकार की दवा खा रहे हैं, तो इसके सेवन से पहले डॉक्टर से परामर्श लें।
- कौंच के साथ क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, इस बारे में डॉक्टर से जरूर पूछें, क्योंकि कई बार इसके सेवन के दौरान मसालेदार खाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
कौंच के बीज के नुकसान से आपको तब तक डरने की जरूरत नहीं, जब तक कि आप इसका सही तरीके से सेवन कर रहे हैं। ऊपर दिए गए कौंच बीज के फायदे पर ध्यान देकर इसका उपयोग करें। अगर आप डॉक्टर और विशेषज्ञ की देखरेख में इसका इस्तेमाल करते हैं, तो कौंच बीज के फायदे जरूर होंंगे।

