-जमीनी विवाद में पुलिस की जजगीरी
गोण्डा। मुख्यमंत्री योगी व जिले के एसपी का कोई भी आदेश निर्देश जिले के परसपुर थानेदार पर लागू नहीं होता । आये दिन यह बेअंदाज थानेदार नियमों व कानूनों की धज्जियां उड़ा रहा है बावजूद इसके पुलिस को पीड़ितों का हमदर्द बताने वाले जिले के आला पुलिस हाकिम सोते हुये नजर आ रहे हैं। ताजा मामले में आबादी की भूमि को लेकर हुये विवाद में पीड़ित पक्ष द्वारा पुलिस को सूचना देना भारी पड़ गया।जिसे पहले तो बेल्ट से पीटा फिर दोनो पक्षों के बजाय पीड़ित को 151 में चालान कर उसे जेल भिजवा दिया। बहरहाल जैसे-तैसे छूटकर बाहर आये पीड़ित ने परिजनों समेत आकर एस पी की गैर मौजूदगी में एएसपी से गुहार लगाई है। जिसपर इस प्रकरण की जांच उन्होंने सीओ करनैलगंज को सौंप दी है।
थाना क्षेत्र के पल्टूपुरवा ,डेहरास निवासी पीड़ित संजीव पुरी पुत्र भवानीपुरी ने अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज को दिये अपनी तहरीर में बताया कि,उसका व उसके पट्टीदार मेवालाल मेवालाल आबादी की भूमि पर 1/2 के कब्जेदारी है । जिसके अपने हिस्से पर मेवालाल द्वारा निर्माण किया हुआ है तथा उसके नींव भरे हुये हिस्से को जबरन तोड़ कर उधर रास्ता निकालना चाहता है। बीते 29 जून को जब सुबह 8:30 बजे वह अपने खेत की मेड़ बंदी कर रहा था तभी विपक्षी मेवालाल पुत्र जगन्नाथ व पवन,अरविंद पुत्रगण मेवालाल लाठी डंडे के साथ आये तो उसने डायल 112 को फोन कर दिया । जिसपर मौके पर पहुँची पुलिस टीम उसे थाने ले आई। पीड़ित के मुताबिक यहाँ विपक्षियों से रूपये लेकर थानेदार की शह पर दीवान व बगैर वर्दी के सिपाही ने उसकी पट्टे व लात घूसों से बुरी तरह पिटाई कर उसे सीएचसी परसपुर के बजाय करनैलगंज में डाक्टरी करा 151 में एक पक्षीय कार्रवाई कर जेल भेज दिया।वहीं जब वह किसी तरह जेल से बाहर आया तो विपक्षी उसे व उसके परिजनों को जान से मार डालने की धमकी देते हुये जमीन छोड़ने का दबाव डाल रहे हैं।
अपनी गुण्डागर्दी से चर्चित है थानेदार
परसपुर का थानेदार सुधीर सिंह अपनी गुण्डागर्दी से पूरे जनपद में मशहूर है।चाहे वह पीड़ित को खंभे से बांधकर पीड़ित को पट्टे से निर्दयता से पीटने का मामला हो या फिर बगैर किसी अपराध व मुकदमे के पीड़ित को कई -कई दिनो तक हवालात में बंदकर पीटने का मामले के साथ कई अन्य मामले। थानेदार की गुण्डागर्दी से सब त्रस्त नजर ग आ रहे हैं। बहरहाल अब देखना यह है कि,पीड़ित की जांच सीओ साहब निष्पक्ष कर पायेंगे?क्या उसे न्याय मिल पायेगा?क्या दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध एसपी कोई कार्यवाही कर पायें गे यह भविष्य के गर्भ में है।

