सैनिटरी नैपकिन खरीदने में सैकड़ों रुपये खर्च करने वाला समय अब धीरे-धीरे जा रहा है, जो न तो बहुत आरामदायक होते हैं और न ही पर्यावरण के अनुकूल होते हैं। आधुनिक समय में परेशानी मुक्त पीरियड्स का समाधान मासिक धर्म कप (Menstrual cups) हैं। ये मेडिकल ग्रेड सिलिकॉन से बने होते हैं और माहवारी के दौरान योनि के अंदर एक कप लगाया जाता है। महिलाओं के रक्त के प्रवाह के अनुसार, स्वच्छता के लिए कप को निकाल कर साफ किया जाता है। हालांकि मासिक धर्म कप की अवधारणा भारत में काफी नई है। स्त्री रोग विशेषज्ञ कपड़े, सैनिटरी पैड और टैम्पोन के बजाय इन्ही के उपयोग को बढ़ावा देती हैं। इनकी कीमत 285 रुपय से लेकर 500 रुपए तक होती है।
मेंस्ट्रुअल कप का उपयोग कैसे करें -
सबसे पहले कप को साबुन और पानी से धो लें फिर उसे गर्म पानी में 10-15 मिनट के लिए कीटाणुरहित (Sterilize) कर लें। फिर अपने हाथों को अच्छे से धो लें। फिर कप को बीच में दबाएं और सी-आकार में मोड़ लें और फिर योनि में डालें। इसको आसान बनाने के लिए आप वाटर बेस्ड लुब्रिकेंट का उपयोग भी कर सकती हैं। यह अंदर जाने के बाद अपने वास्तविक रूप में अपने आप आ जाता है और योनि की दीवारों से लग जाता है। कभी-कभी, यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह योनि के अंदर पूरी तरह से खुला है या नहीं, कप को थोड़ा सा घुमाना पड़ सकता है।
मेंस्ट्रुअल कप के फायदे -
मासिक धर्म कप के निम्नलिखित फायदे होते हैं -
- डॉ रागीनी अग्रवाल के मुताबिक, "मासिक धर्म कप बहुत बढ़िया हैं। उन्हें पुन: उपयोग और कीटाणुरहित (Sterilized) किया जा सकता है, और वे सैनिटरी नैपकिन की तुलना में उचित कीमत पर आते हैं। पर्यावरण के बढ़ते नुकसान को देखते हुए मासिक धर्म कप का उपयोग, सैनिटरी पैड की जगह करना आवश्यक हो गया है।
- एंजिला अनेजा, का भी यह मानना है कि मासिक धर्म कप, संक्रमण से रक्षा करते हैं। "मासिक धर्म कप टैम्पोन या सैनिटरी पैड की तरह रक्त को अवशोषित नहीं करते हैं, जिस कारण ये अधिक स्वच्छ माने जाते हैं और संक्रमण की संभावनाओं को कम करते हैं। इनका उपयोग 4-5 वर्षों के लिए किया जा सकता है और इसलिए ये काफी सुविधाजनक भी हैं। उन्होंने तो ये भी कहा कि "भारतीय महिलाओं के लिए सैनिटरी नैपकिन और टैम्पोन की तुलना में मासिक धर्म कप का उपयोग करना बेहतर होगा।"
- टैम्पोन की जगह मासिक धर्म कप का उपयोग करने का सबसे बड़ा लाभ ये है कि आपको टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम होने का जोखिम नहीं होता है जो एक दुर्लभ बैक्टीरियल और घातक बीमारी है जो एक ही टैम्पोन का लम्बे समय तक उपयोग करने की वजह से हो सकती है।
- कुछ महिलाएं मासिक धर्म कप इसलिए भी पसंद करती हैं क्योंकि ये 12 घंटे तक लगाए रखना सुरक्षित होता है अर्थात हर 6-8 घंटों में बदलने का झंझट नहीं होता।
मासिक धर्म कप के नुकसान -
मासिक धर्म कप के वैसे तो कोई गंभीर नुकसान नहीं होते हैं लेकिन जैसे किसी भी चीज़ में बुराई और अच्छाई दोनों होती हैं उसी प्रकार असहजता के अनुसार इसकी कमियां इस प्रकार हैं -
कुछ महिलाओं के लिए, मेंस्ट्रुअल कप को योनि में डालना और निकालना टैम्पोन से कठिन होता है। लेकिन इन कठिनाइयों को महिला के शरीर और उपयोग करने की तकनीक के बारे में शिक्षा द्वारा हल किया जा सकता है।
इसके अलावा, सर्वेक्षण में यह सामने आया है कि महिलाओं को सबसे बड़ी समस्या मेंस्ट्रुअल कप को साफ करने में आती है, जो आसानी से डिस्पोजेबल अर्थात फेंक कर दूसरे उपयोग करने लायक होते हैं।

