गोण्डा लाइव न्यूज एक प्रोफेशनल वेब मीडिया है। जो समाज में घटित किसी भी घटना-दुघर्टना "✿" समसामायिक घटना"✿" राजनैतिक घटनाक्रम "✿" भ्रष्ट्राचार "✿" सामाजिक समस्या "✿" खोजी खबरे "✿" संपादकीय "✿" ब्लाग "✿" सामाजिक "✿" हास्य "✿" व्यंग "✿" लेख "✿" खेल "✿" मनोरंजन "✿" स्वास्थ्य "✿" शिक्षा एंव किसान जागरूकता सम्बन्धित लेख आदि से सम्बन्धित खबरे ही निःशुल्क प्रकाशित करती है। एवं राजनैतिक , समाजसेवी , निजी खबरे आदि जैसी खबरो का एक निश्चित शुल्क भुगतान के उपरान्त ही खबरो का प्रकाशन किया जाता है। पोर्टल हिंदी क्षेत्र के साथ-साथ विदेशों में हिंदी भाषी क्षेत्रों के लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है और भारत में उत्तर प्रदेश गोण्डा जनपद में स्थित है। पोर्टल का फोकस राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को उठाना है और आम लोगों की आवाज बनना है जो अपने अधिकारों से वंचित हैं। यदि आप अपना नाम पत्रकारिता के क्षेत्र में देश-दुनिया में विश्व स्तर पर ख्याति स्थापित करना चाहते है। अपने अन्दर की छुपी हुई प्रतिभा को उजागर कर एक नई पहचान देना चाहते है। तो ऐसे में आप आज से ही नही बल्कि अभी से ही बनिये गोण्डा लाइव न्यूज के एक सशक्त सहयोगी। अपने आस-पास घटित होने वाले किसी भी प्रकार की घटनाक्रम पर रखे पैनी नजर। और उसे झट लिख भेजिए गोण्डा लाइव न्यूज के Email-gondalivenews@gmail.com पर या दूरभाष-8303799009 -पर सम्पर्क करें।

गोण्डा-दशकों पुराना मसकनवां बाजार उजड़ने की दहलीज पर: ओवरब्रिज निर्माण के बीच मानवता का सबसे कठिन दृश्य

 


-क्या विकास की कीमत किसी की आजीविका और आशियाना हो सकती है? लोकतंत्र में यह सवाल आज मसकनवां बाजार की गलियों से उठ रहा है।


गोण्डा। मसकनवां बाजार में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य के लिए वर्षों पुराने मकानों और दुकानों को हटाने की प्रक्रिया ने पूरे कस्बे को भावुक कर दिया है। सबसे मार्मिक दृश्य यह है कि जिन दीवारों को लोगों ने अपनी जीवनभर की कमाई से खड़ा किया था, आज उन्हीं पर उनके अपने हाथों से हथौड़े चल रहे हैं। यह केवल ईंट और पत्थर का ढहना नहीं, बल्कि यादों, संघर्षों और पीढ़ियों की मेहनत का बिखरना भी है।

       विकास किसी भी समाज की आवश्यकता है, लेकिन विकास की असली पहचान तभी होती है जब उसके साथ संवेदनशीलता, न्याय और मानवीय दृष्टिकोण भी जुड़ा हो। मसकनवां बाजार में उठता सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि क्या विकास का मार्ग कुछ परिवारों के विस्थापन और उनके वर्षों पुराने व्यापार के अंत से होकर ही गुजरना चाहिए? यदि ऐसा है, तो प्रभावित लोगों के पुनर्वास, उचित मुआवजे और सम्मानजनक विकल्पों पर भी उतनी ही गंभीरता से विचार होना चाहिए।

      स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने अपनी बात कई स्तरों पर रखने का प्रयास किया, लेकिन उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप समाधान नहीं मिल सका। बाजार के कई परिवार वर्षों से यहां व्यापार कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। अब जब उनकी दुकानें और मकान टूट रहे हैं, तो उनके सामने केवल भवन का नहीं, बल्कि भविष्य का भी संकट खड़ा हो गया है।

      इस पूरे घटनाक्रम ने सामाजिक एकजुटता पर भी सवाल खड़े किए हैं। ऐसे कठिन समय में समाज से अपेक्षा होती है कि वह प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा हो, लेकिन स्थानीय स्तर पर मतभेद और विभाजन की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। ऐसे समय में आवश्यकता आरोप-प्रत्यारोप की नहीं, बल्कि संवाद, सहानुभूति और सामूहिक समाधान की है।

       मसकनवां बाजार आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां एक ओर विकास की नई इबारत लिखी जा रही है, तो दूसरी ओर दशकों पुरानी पहचान धीरे-धीरे मिटती दिखाई दे रही है। लोकतंत्र की वास्तविक ताकत केवल बड़ी परियोजनाओं के निर्माण में नहीं, बल्कि उन लोगों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा में भी है, जिनके जीवन पर इन परियोजनाओं का सबसे गहरा प्रभाव पड़ता है।

       मसकनवां का यह दृश्य केवल एक कस्बे की कहानी नहीं, बल्कि यह याद दिलाता है कि विकास तभी सार्थक कहलाएगा, जब उसके साथ मानवता, न्याय और संवेदनशीलता भी समान गति से आगे बढ़ें।

[ Read More ]»

गोण्डा-ढेमवाघाट बना सरकारी घाट, 50 हजार ग्रामीणों को बड़ी राहत

 


-अब बरसात में सरकार चलाएगी मोटरबोट, बाकी समय बनेगा पीपा पुल; ₹230 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा

नवाबगंज-गोण्डा। सरयू नदी के तेज बहाव से ढेमवाघाट पुल का संपर्क मार्ग कट जाने के कारण वर्षों से आवागमन की परेशानी झेल रहे गोंडा और अयोध्या के 50 हजार से अधिक ग्रामीणों के लिए राहत भरी खबर है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने ढेमवाघाट का प्रांतीयकरण करते हुए इसे सरकारी घाट घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद अब बारिश के मौसम में तीन माह तक सरकार अपने खर्च पर नदी के दोनों किनारों पर दो-दो मोटरबोट संचालित कराएगी, जबकि शेष अवधि में हर वर्ष पीपा पुल का निर्माण कराया जाएगा।

      विभाग ने इस परियोजना को स्थायी स्वरूप देने के लिए 230 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। अब तक इस घाट पर हर साल अलग से अनुमति लेकर कार्य कराना पड़ता था, लेकिन सरकारी घाट घोषित होने के बाद व्यवस्थाएं नियमित और आसान हो जाएंगी।

2016 में बना पुल, 2022 की बाढ़ ने तोड़ा संपर्क

अयोध्या-लखनऊ हाईवे को नवाबगंज से जोड़ने के उद्देश्य से वर्ष 2016 में ढेमवाघाट पर सरयू नदी पर पुल का निर्माण कराया गया था। लेकिन वर्ष 2022 में सरयू के भीषण कटान और बाढ़ के चलते पुल तक पहुंचने वाला संपर्क मार्ग कई स्थानों से बह गया। इसके बाद नदी का रुख बदलने से सड़क का पुनर्निर्माण भी लगातार बाधित होता रहा।

आईआईटी विशेषज्ञों ने सुझाया स्थायी समाधान

कटान की समस्या के समाधान के लिए आईआईटी के विशेषज्ञों की राय ली गई। विशेषज्ञों ने नदी के दोनों किनारों पर दो-दो गाइड बंध बनाने की सलाह दी, ताकि भविष्य में कटान रोका जा सके और संपर्क मार्ग सुरक्षित रहे।

पीडब्ल्यूडी का दावा

लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता योगेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या को देखते हुए ढेमवाघाट का प्रांतीयकरण किया गया है। अब बरसात में मोटरबोट और अन्य समय में पीपा पुल की व्यवस्था से लोगों का आवागमन सुगम होगा। वहीं स्थायी समाधान के लिए ₹230 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।

[ Read More ]»

गोण्डा-पहाड़ी नालों का पानी अब सरयू नदी का सैलाब बनता जा रहा

 


करनैलगंज-गोण्डा। पहाड़ी नालों का पानी अब सरयू नदी का सैलाब बनता जा रहा है। अभी बारिश शुरू नहीं हुई उसके पहले नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यदि चौतरफा जिलों में एक साथ बारिश शुरू हुई तो सरयू नदी के के मुहाने पर बसे गांवों में जुलाई के अंत तक बाढ़ का आना तय है। बीते 1जुलाई से जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हुई। नदी के खतरे का निशान 106.07 है। 3 जुलाई को 103.520 था जो शनिवार को 103.690 तथा रविवार को 104.140 पर पहुंच गया। यदि इसी तरह नदी का जलस्तर बिना बरसात के बढ़ता रहा तो मानसून की पहली बरसात शुरू होने के बाद नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच जाएगी। बाढ़ आने के पहले चरण में पानी मैदानी इलाकों में फैलता है उसके बाद जब नदी बांध से टकरा कर बहने लगती है तब खतरा बढ़ जाता है। हालांकि जलस्तर का बढ़ना जारी है। बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता जय सिंह का कहना है कि अभी जलस्तर बहुत मध्यम गति से बढ़ रहा है। पूरा मैदानी इलाका सूखा पड़ा है जहां जलभराव हो जाने के बाद नदी बांध तक पहुंचेगी। सभी बचाव कार्य

[ Read More ]»

गोण्डा-एमडब्ल्यू खां के तबादले के बाद डॉ. आफताब आलम बने मेडिकल कॉलेज के नए सीएमएस

 


-सोमवार को संभाला कार्यभार बोले - मरीजों को बेहतर सुविधा देना प्राथमिकता।

गोण्डा। जिला प्रशासन में फेरबदल के तहत गोंडा मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पद पर नई नियुक्ति हुई है। लंबे समय से सीएमएस की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉक्टर एमडब्ल्यू खां के तबादले के बाद अब डॉक्टर आफताब आलम को यह अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

      सोमवार को डॉ. आफताब आलम ने औपचारिक रूप से सीएमएस का कार्यभार ग्रहण कर लिया। डॉ. आलम मेडिकल कॉलेज में सर्जरी विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और उन्हें प्रशासनिक अनुभव भी प्राप्त है। कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ. आलम ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता होगी। अस्पताल में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और डॉक्टरों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने नए सीएमएस को बधाई दी और सहयोग का भरोसा दिलाया।

[ Read More ]»

गोण्डा-तरबगंज तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस में आयुक्त व डीआईजी ने सुनीं जनसमस्याएं

 


- 40 से अधिक फरियादियों की शिकायतें सुनकर अधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश।

गोण्डा । आयुक्त देवीपाटन मंडल दुर्गा शक्ति नागपाल ने पुलिस महानिरीक्षक अशोक कुमार शुक्ला के साथ संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर जनपद गोण्डा की तहसील तरबगंज में आयोजित जनसुनवाई में नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।

संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान आयुक्त ने 40 से अधिक फरियादियों की शिकायतें सुनीं। इनमें मुख्य रूप से राजस्व विवाद, चकमार्ग खुलवाने, आयुष्मान कार्ड बनवाने सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें शामिल थीं। आयुक्त ने सभी प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए तथा कहा कि प्रत्येक शिकायत का समाधान शासन की मंशा के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। आयुक्त ने कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का मौके पर सत्यापन कराते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका प्रभावी निस्तारण कराया जाए तथा शिकायतकर्ता को भी की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए।

      जनसुनवाई के दौरान आयुक्त ने विशेष रूप से राजस्व विभाग के अधिकारियों को चकमार्गों की पैमाइश एवं पटाई के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बनाए रखने के लिए चकमार्गों को अतिक्रमणमुक्त कर उनकी पटाई का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए, जिससे किसानों एवं ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध ढंग से पहुंचे तथा जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त सभी शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

[ Read More ]»

गोण्डा-तहसील में सपाइयों का प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

 


करनैलगंज-गोण्डा। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे के विरुद्ध दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग को लेकर तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। अधिवक्ता अरविन्द शुक्ला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम नेहा मिश्रा को सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि पूर्व विधायक पर राजनीतिक दबाव में मुकदमा दर्ज कराया गया है। राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं का विरोध करने पर उन्हें निशाना बनाया गया। निष्पक्ष जांच कर मुकदमा वापस लेने की मांग की गई।

सपा नेता राम अवध गोस्वामी ने चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू होगा। भगवती प्रसाद मिश्र ने जेल भरो आंदोलन की बात कही, जबकि अधिवक्ता त्रिलोकीनाथ तिवारी ने प्रशासन को आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। ज्ञापन में कटरा बाजार विधानसभा समेत जिले में सपा कार्यकर्ताओं और ब्राह्मण समाज के कथित उत्पीड़न पर रोक लगाने तथा प्रशासनिक एवं न्यायिक कार्यवाहियों को निष्पक्ष बनाने की मांग भी की गई। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भेजी गई।

      प्रदर्शन में त्रिलोकीनाथ तिवारी, राम कुमार शुक्ल, राम अवध गोस्वामी, भगवती प्रसाद मिश्र, अमरेश कुमार चतुर्वेदी, विद्या प्रसाद मिश्र, नंद किशोर ओझा, पंकज गोस्वामी, अर्जुन गोस्वामी, चंद्रदीप सिंह, विनय पाण्डेय, कुलदीप श्रीवास्तव, रूप नारायण चवन्नी, लेखराज यादव, शिवनरेश पाण्डेय, अजय मिश्र, बाबादीन मिश्र सहित बड़ी संख्या में सपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

[ Read More ]»

गोण्डा-आधी रात एसपी का बड़ा प्रशासनिक 'सर्जिकल स्ट्राइक', एक निरीक्षक समेत 15 उपनिरीक्षकों के तबादले

 


-'जीरो टॉलरेंस' का सख्त संदेश, फरियादियों की सुनवाई में लापरवाही पर नहीं मिलेगी ढील।

गोण्डा। जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने शनिवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए एक निरीक्षक समेत 15 उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव कर दिया। रात 12:25 बजे जारी तबादला सूची को पुलिस महकमे में सख्त प्रशासनिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

       तबादलों के तहत निरीक्षक राजकुमार यादव को अपराध शाखा से हटाकर प्रभारी न्यायालय सुरक्षा बनाया गया है। वहीं, कटरा बाजार थाना क्षेत्र की हलधरमऊ चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक शिवम गुप्ता को धानेपुर थाना भेजा गया है। उनकी जगह तरबगंज थाने में तैनात उपनिरीक्षक सौरभ कुमार सिंह को हलधरमऊ चौकी का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।

       इसके अलावा उपनिरीक्षक असगर अली को उमरी बेगमगंज, प्रमोद कुमार सिंह को इटियाथोक, सौरभ वर्मा को खोड़ारे, कमलेश सिंह को मनकापुर, वीरेंद्र यादव को छपिया, रवि प्रकाश यादव को कौड़िया, जय राम सिंह को वजीरगंज, उमा शंकर यादव को न्यायालय सुरक्षा, शंकर कुमार को छपिया, आशीष यादव को कर्नलगंज तथा महेंद्र प्रताप को छपिया थाना तैनात किया गया है।

          पुलिस अधीक्षक ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण कर कार्यालय को अनुपालन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।

         एसपी ने स्पष्ट किया है कि जिले में 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत पुलिसिंग होगी। थाने और चौकी पर आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायत गंभीरता से सुनी जाए, दोनों पक्षों को बुलाकर निष्पक्ष सुनवाई की जाए तथा पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी पक्ष को अनावश्यक आरोप लगाने का अवसर न मिले।

     आधी रात हुए इस प्रशासनिक फेरबदल को पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने और कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

[ Read More ]»
”go"