-मेडिकल कॉलेज में बिजली-पानी ठप, जनरेटर में डीजल तक नहीं; प्रिंसिपल ने नहीं उठाया फोन, सिटी मजिस्ट्रेट ने संभाला मोर्चा
गोण्डा । स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, गोण्डा में मंगलवार देर रात हालात बेकाबू हो गए। हॉस्टल में 48 घंटे से बिजली-पानी गुल रहने से गुस्साए एमबीबीएस छात्र-छात्राएं आधी रात को कॉलेज के मेन गेट पर धरने पर बैठ गए। भीषण गर्मी और उमस में बेहाल छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
'न नहाने को पानी, न पढ़ने को लाइट'
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का दर्द छलक पड़ा। उनका कहना था,-"2 दिन से न नहाने को पानी है, न पढ़ने को लाइट। शिकायत करो तो कोई सुनता ही नहीं। जनरेटर तक में डीजल नहीं डलवाया जाता।"_ छात्रों ने आरोप लगाया कि कई बार कहने के बाद भी कॉलेज प्रशासन ने सुध नहीं ली।
प्रिंसिपल 'लापता', फोन भी नहीं उठाया
छात्रों का सबसे बड़ा आरोप प्रिंसिपल डॉ. बीना पर है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कई बार उन्हें फोन मिलाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। छात्रों का कहना है कि प्रिंसिपल कभी उनकी समस्याएं सुनती ही नहीं हैं। कॉलेज में प्रिंसिपल की गैरमौजूदगी ने आग में घी का काम किया।
सिटी मजिस्ट्रेट बने संकटमोचक
हंगामे की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। छात्रों से बात कर उन्होंने तुरंत बंद पड़े जनरेटर में डीजल डलवाया। रात करीब 9:40 बजे बिजली बहाल होते ही छात्रों ने धरना खत्म किया। मजिस्ट्रेट ने पानी की सप्लाई भी जल्द ठीक कराने का भरोसा दिया।
डिप्टी सीएम ने लिया संज्ञान, एसीएस को दिए सख्त निर्देश
मामला तूल पकड़ते ही डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने एक्स पर पोस्ट कर सख्त रुख दिखाया। उन्होंने लिखा कि अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को तत्काल बिजली-पानी बहाल कराने और छात्रों की समस्याओं का स्थायी समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी नौबत न आए।

