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गोण्डा-मृत बच्चे को जिंदा करने के झांसे में कब्र खोदकर निकाला शव

 



-नीम के पत्ते पिलाए, घंटों हलचल का इंतजार; असर न होने पर दोबारा दफनाया।

गोण्डा। छपिया थाना क्षेत्र के अगयामाफी गांव में अंधविश्वास का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पांच वर्षीय बच्चे की मौत के बाद उसे कथित तौर पर जिंदा करने के दावे में परिजनों ने कब्र खोदकर शव बाहर निकाल लिया। शव को नहलाने के बाद नीम के पत्ते पिलाने का प्रयास किया गया। काफी देर तक शरीर में कोई हलचल नहीं हुई तो शव को दोबारा दफना दिया गया। परिजनों के मुताबिक, यह सब खलीलाबाद के एक कथित तांत्रिक के कहने पर किया गया।
       अगयामाफी निवासी जयप्रकाश के पांच वर्षीय बेटे सत्यम की 14 अगस्त को अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। परिजन उसे दोपहर करीब एक बजे बेहोशी की हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपिया लेकर पहुंचे। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार के अनुसार, बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी। चिकित्सकों ने करीब 30 मिनट तक उपचार कर उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल की ओर से मेडिकल रिपोर्ट भी तैयार की गई।- 

नमक डालकर मखौड़ा में दफनाया था शव

बच्चे के चाचा नींबू लाल के अनुसार, 14 अगस्त की शाम करीब साढ़े पांच बजे शव को बस्ती जिले के मखौड़ा में दफनाया गया था। दफनाते समय कब्र में एक बोरी नमक भी डाला गया था।

15 अगस्त को मिला जिंदा होने का दावा

परिजनों के अनुसार, 15 अगस्त को किसी व्यक्ति ने बच्चे के पिता से कहा कि बच्चा अभी जिंदा है। इस दावे के बाद परिवार के लोग बच्चे को जिंदा देखने की उम्मीद में मखौड़ा पहुंचे और कब्र खोदकर शव बाहर निकाल लिया। बताया गया कि परिवार को खलीलाबाद के एक कथित तांत्रिक के बारे में जानकारी मिली थी, जिसने बच्चे को जिंदा करने का दावा किया था और नीम के पत्ते दिए थे।
       शव बाहर निकालने के बाद उसे नहलाया गया और नीम के पत्ते पिलाने का प्रयास किया गया। परिजन काफी देर तक शरीर में हलचल होने की प्रतीक्षा करते रहे, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। इसके बाद शव को दोबारा दफना दिया गया।

पुलिस को नहीं मिली जानकारी

कथित तांत्रिक की पहचान और नाम अभी स्पष्ट नहीं है। छपिया थानाध्यक्ष प्रबोध कुमार ने बताया कि उन्हें इस मामले की कोई सूचना नहीं मिली है। परिजनों की ओर से भी पुलिस को कोई प्रार्थनापत्र नहीं दिया गया है। घटना ने अंधविश्वास और झाड़-फूंक के नाम पर लोगों को भ्रमित किए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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