कर्नलगंज-गोण्डा। लगातार बारिश के चलते धान और मक्के की फसल की रोपाई व बुवाई सही समय पर होने की संभावना बढ़ गई है और किसानों ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। दूसरी तरफ इस बरसात में गन्ना के किसानों को अच्छा लाभ पहुंचाया है। गन्ने की फसल को बरसात से काफी फायदा हुआ है। जून के माह में धान का बेडन लगाने एवं मक्के की बुवाई का सही समय होता है। गेहूं की फसल काटने के बाद किसानों के खेतों में नमी कम हो गई थी। जिससे मक्के की बुवाई एवं धान की रोपाई के साथ बेडन लगाने का मन बना रहे किसानों के लिए मनमाफिक बरसात होने से उनके चेहरे खिले हुए हैं। जो धान का बेड़न लगाने की सोच रहे थे उन्होंने अपने खेतों में काम शुरू कर दिया है। किसानों में रमेश पांडेय, बद्री प्रसाद मिश्रा, सरदार अवतार सिंह, सुखदेव, राजित राम, रामचंदर, रामजियावन आदि का कहना है कि खेतों में नमी लाने के लिए या तो उन्हें पानी लगाना पड़ता या फिर मानसून का इंतजार करते। मगर इस मानसून के पहले की बरसात ने उनके खेतों को अच्छा लाभ पहुंचाया है। अब खेतों में नमी हो गई है और बेडन लगाने के साथ-साथ धान की रोपाई और मक्के की बुवाई हो जाएगी। जिससे अच्छा लाभ खेती में मिलने की संभावना है और सही समय पर बरसात हुई है। इसके साथ ही गन्ना किसानों का कहना है कि खेतों में तेज धूप के चलते नमी गायब हो रही थी और पानी की आवश्यकता थी। पानी लगाने के पहले ही बरसात होने से गन्ने की फसल को अच्छा खासा लाभ हुआ है। इस बरसात से खेतों में हरियाली तो बढ़ी ही है साथ में किसानों के चेहरे भी खिल गए हैं।

