गोण्डा। इंडियन बैंक की मुख्य शाखा में वर्ष 1997 में 2020 के बीच हुए करीब ₹3,60,16,000ये के बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। इस संबध में इंडियन बैंक के सचिव रविंद्र कुमार श्रीवास्तव इंडियन बैंक इम्पलाइज क्रेडिट कार्पोरेटिव सोसाइटी ने बैंक के 69 अधिकारियों और कर्मचारियों ग्राहकों के खिलाफ गोंडा के नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
इन 69 आरोपियों ने 23 वर्षों की इस अवधि के दौरान गोंडा इंडियन बैंक की मुख्य शाखा में तैनात रहे बैंक मैनेजर कैशियर सहित विभिन्न अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। सचिव ने आरोप लगाया है कि इन लोगों ने अपने पद और कर्तव्यों का दुरुपयोग करते हुए मनमाने ढंग से तीन करोड़ 60 लाख 16 हजार रुपये का गबन किया था। इससे पहले, विभागीय कार्रवाई के दौरान इन सभी आरोपियों ने गबन की गई राशि को ब्याज सहित वापस जमा करने का लिखित अनुबंध दिया था। हालांकि उन्होंने इस अनुबंध का उल्लंघन करते हुए टालमटोल की और घोटाले की रकम जमा नहीं की। सचिव ने बताया कि घोटाले की यह रकम अब बढ़कर चार करोड़ 90 लाख 8373 रुपये हो गई है। यह गंभीर वित्तीय अनियमितता और अपराध से संबंधित मामला है। नगर कोतवाली पुलिस ने सचिव रविंद्र कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर सभी 69 नामजद इंडियन बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक सोनू कुमार को सौंपी गई है। गोंडा नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने जानकारी दी कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी गई है।साक्ष्य संकलन की कार्रवाई पूरी होने के बाद इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ गोंडा नगर कोतवाली पुलिस और विवेचक सोनू कुमार द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।यह धनराशि पहले तीन करोड़ 60 लाख रुपए थी लेकिन अभी चार करोड़ 90 लाख रुपए हो गई है ।सचिव रविंद्र कुमार श्रीवास्तव से इस पूरे घोटाले को लेकर के साक्ष्य मांगा गया है।

