-परसपुर के पूरे अजब गांव का मामला, दो लोगों पर आरोप।
-थाने के जिम्मेदारों की निरंकुश कार्यशैली से जनता में आक्रोश।
गोण्डा । परसपुर थाना क्षेत्र में कानून का राज कमजोर पड़ता दिख रहा है। यहां दबंग अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्हें कानून और पुलिस का कोई भय नहीं रह गया है और बेखौफ होकर गंभीर अपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। लेकिन उन्हें रोकने में स्थानीय पुलिस नाकाम साबित हो रही है। इसका ताजा उदाहरण रविवार को पूरे अजब गांव में सामने आया है,जहां समूह का रुपया जमा करने गए एक युवक पर घात लगाये दबंगों द्वारा दिनदहाड़े प्राणघातक हमला कर दिया गया, उसके बाद हमलावर घटना के बाद खुलेआम धमकी देकर फरार हो गए। हमले में युवक बेहोश होकर गिर पड़ा। सूचना पर पहुंची डायल 112 ने उसे उपचार के लिए भेजा। पीड़ित पिता ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
पूरे अजब निवासी उमेश कुमार पुत्र मुन्ना ने बताया कि उनका पुत्र बृजेश चौहान रविवार 02 अगस्त को दोपहर करीब 2 बजे स्वयं सहायता समूह का रुपया जमा करने गांव के ही बृजेंद्र बहादुर पुत्र राधेश्याम सिंह के घर गया था। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे गांव के ही छोटू सिंह और रवि सिंह पुत्रगण विजय प्रताप सिंह ने बृजेश पर हमला कर दिया। हमले से वह गश खाकर गिर पड़ा और बेहोश हो गया। आरोपियों ने मां-बहन की भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी भी दी और मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। डायल 112 को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके का मुआयना कर घायल बृजेश को निजी वाहन से उपचार के लिए भिजवाया। पीड़ित पिता उमेश कुमार ने थाना परसपुर में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
थाने की कार्यशैली पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि थाने के जिम्मेदारों की निरंकुश कार्यशैली के कारण अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है। शिकायत के बाद भी समय से एफ आईआर दर्ज न होना और आरोपियों की गिरफ्तारी में लापरवाही से पुलिस की साख पर बट्टा लग रहा है। लगातार बढ़ रही घटनाओं से क्षेत्रवासियों में आक्रोश है।

