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गोण्डा-विद्युत विभाग की लचर कार्य प्रणाली, व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में अनिश्चित कालीन धरना

 


धानेपुर-गोण्डा। विद्युत विभाग की लचर कार्य प्रणाली और व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर उपकेंद्र परिसर में मंगलवार से विभिन्न मांगों को लेकर धरने की शुरुवात की गई है।

         धरना देने वाले सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप कुमार शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में भीषण गर्मी के कारण विद्युत खपत बढ़ गई है। ऐसे में विद्युत लाइनों में फॉल्ट, ट्रांसफार्मर जलने, लो-वोल्टेज तथा अन्य तकनीकी समस्याओं की शिकायतें भी स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती हैं। आदर्श नगर पंचायत धानेपुर में स्थित विद्युत उपकेंद्र पर अवर अभियंता (जेई) एवं उपखंड अधिकारी (एसडीओ) की उपस्थिति का कोई निर्धारित समय अथवा स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। परिणामस्वरूप अपनी समस्याओं के समाधान हेतु उपकेंद्र पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को निराश होकर वापस लौटना पड़ता है।

      किसी आपदा अथवा आपूर्ति से संबंधित समस्या होने पर अवर अभियंता द्वारा उपभोक्ताओं का कॉल रिसीव नहीं किया जाता, लंबे समय से ये शिकायत सुनने को मिल रही है।

      अधिकारियों की अनुपस्थिति का लाभ उठाकर कुछ बिचौलिया कर्मचारी उपभोक्ताओं का आर्थिक एवं मानसिक शोषण करते हैं, जिससे आम जनता अत्यंत परेशान है। 

        उन्होंने कहा है जिस प्रकार विद्यालयों में शिक्षकों तथा अस्पतालों में चिकित्सकों की ड्यूटी निर्धारित रहती है, उसी प्रकार विद्युत उपकेंद्रों पर जेई एवं एसडीओ की उपस्थिति और जनसुनवाई का समय भी निर्धारित किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके।

      आदर्श नगर पंचायत धानेपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र अधिकारियों की उदासीनता एवं भ्रष्ट कार्यप्रणाली के कारण बदहाली का शिकार हो चुका है। 

     विभाग द्वारा प्रतिवर्ष उपकेंद्र के रखरखाव (मेंटेनेंस) हेतु बजट व्यय किया जाता है, किंतु उपकेंद्र की चारदीवारी (वॉल बाउंड्री), स्टोर रूम तथा कर्मचारी आवास जर्जर होकर ध्वस्त हो चुके हैं। वर्तमान में केवल फीडर हॉल एवं उपखंड अधिकारी का जर्जर कार्यालय ही शेष बचा है।

उपकेंद्र की सुरक्षा हेतु पूर्व में लगाए गए कंटीले तार एवं लोहे के एंगल भी धीरे-धीरे गायब हो चुके हैं। 

        करोड़ों रुपये मूल्य के विद्युत उपकरण, ट्रांसफार्मर, केबल, तार, इंसुलेटर तथा अन्य सामग्री खुले आसमान के नीचे पड़ी रहती है। चारदीवारी एवं स्टोर रूम के अभाव में इनकी सुरक्षा और संरक्षण की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है।

      तीन नई मशीनें विगत वर्ष से उपकेंद्र पर रखी हैं, उन्हें आज तक चालू नहीं कराया गया, संदेह है कि मशीनों के अंदरूनी पार्ट के साथ छेड़ छाड़ करके मशीनों को नुकसान पहुंचाया गया है, इसकी विस्तृत जांच कराने की मांग शामिल की गई है।

      नगर पंचायत में कितने घंटे बिजली की आपूर्ति दी जानी है, शेड्यूल निर्धारित करके निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए।

       धानेपुर में कई स्थानों पर खुले में ट्रांसफार्मर रखे हैं, जिनसे कभी भी जनहानि हो सकती है, जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, ट्रांसफार्मर को जाली में रखने की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित कराई जाए।

     बीते 4 मई को भीषण आंधी तूफान के बाद उपभोक्ताओं को एक माह तक बिजली नहीं मिली, उस दौरान का बिजली का बिल और सरचार्ज माफी सुनिश्चित की जाए।

      सोहिला पुल (आश्रम पद्धति विद्यालय) से नगर पंचायत धानेपुर के अंतिम छोर तक सड़क परिक्षेत्र में दर्जनों बिजली के खंभे सड़क हादसे की वजह बनते आ रहे है, उन सभी खम्भों को सड़क परिक्षेत्र से हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

        कई गांवों में बार बार ट्रांसफार्मर जलने की समस्या खड़ी होती, देखने को मिला है एक माह के भीतर आधा दर्जन से अधिक ट्रांसफार्मर जल चुके, ऐसे गांवों को चिन्हित करके ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि सुनिश्चित की जाए ताकि विभागीय नुकसान से अथवा उपभोक्ताओं को ट्रांसफार्मर जलने के दौरान होने वाली असुविधा से बचा जा सके।

       विद्युत उपकेंद्र की सुरक्षा एवं आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने हेतु उपरोक्त मांगो की पूर्ति की दिशा कार्यवाही करने की दिशा में मांग की जा रही है।

     धरने के पहले दिन धरने को अपना समर्थन देने पहुंचे सोनबरसा पोखरा के महंत संत छोटे बाबा ने कहा है कि जनहित माँगे जायज है, विभाग के अधिकारी पूरी तरह लापरवाह हैं, विद्युत उपकेंद्र दुर्दशा का शिकार है सुधार जरूरी है।

        प्रदर्शन में कामरेड दिलीप शुक्ला, प्रदीप कुमार तिवारी, रोहित दास, राम उदार, अनिल कुमार, जगदम्बा प्रसाद, संतोष श्रीवास्तव, अंश श्रीवास्तव, मुकेश मिश्रा, प्रशांत तिवारी, शुभम गुप्ता, पवन कुमार ( प्रधान ) राम बरन पांडेय, शामिल रहे।

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