गोण्डा। जनपद में कई विद्यालय व मदरसे फर्जी तरीके से बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं लेकिन कार्यवाही नहीं हो रही है जिसके कारण उनके हौसले बुलंद होते जा रहे है। वही इंग्लिश मीडियम के नाम पर अभिभावकों को लूटा जा रहा है। किताबों के नाम पर, ड्रेस के नाम पर, एडमिशन के नाम पर सहित अन्य कार्यक्रमों के नाम पर इतनी लूट मची हुई है उसके बाद भी शिक्षा विभाग मौन है, जिसके कारण अभिभावक की जेब तो ढीली हो ही रही है और शिक्षा का स्तर भी गिरता जा रहा है। बच्चों को कौन सी शिक्षा दी जा रही है और क्या सिखाया जा रहा है, अधिकतर बच्चे संस्कार विहीन होते जा रहे हैं वह अपने माता-पिता अपने भाई-बहन रिश्तेदारों से ठीक तरीके से बात करना भी मुनासिब नहीं समझते। अब तो प्राइवेट विद्यालयो का एक ही उद्देश्य यह गया है केवल येन-केन-प्रकारेण पैसा कमाओ, जबकि अभिभावक अपनी गाढी कमाई बच्चों की शिक्षा पर खर्च कर रहा है। अभिभावकों का प्रशासन से और शासन से स्पष्ट रूप से मांग है कि शिक्षा पूरे भारत में एक जैसी होनी चाहिए शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का होना भी बहुत आवश्यक है। हमें कैसे व्यवहार करना है अपने माता-पिता के साथ अपने से बड़े बुजुर्गों के साथ, हमें कैसे रहना चाहिए इन सब बातों को भी शिक्षा प्रणाली में होना चाहिए। इस पर सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए।

