गोण्डा। शहर में चल रहे झूलेलाल महोत्सव में भजन कार्यक्रम के बाद प्रभु झूलेलाल को 56 भोग का प्रसाद चढ़ाया गया। सिंधी समाज के प्रवक्ता किशन राजपाल ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत भगवान झूलेलाल की आरती से हुई। उसके बाद लाल साईं का पंजड़ा गान का गायन हुआ। तत्पश्चात भजन कार्यक्रम शुरू किया गया। कार्यक्रम में सम्मिलित सभी प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक सुंदर भजन प्रस्तुत किये। सभी प्रतिभागियों के भजन सुनकर भक्तगण भावुक हो गए। श्रद्धालु गण भजनों की ध्वनि पर तालियां बजाकर साथ दे रहे थे। उसके बाद सिंधी पहाका (मुहावरा) का कार्यक्रम शुरू किया गया। कार्यक्रम में आयोजकों ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं एवं पुरुषों से सिंधी पहाको (मुहावरों) की शुरुआत की। आयोजकों द्वारा एक-एक करके सिंधी पहाके (मुहावरे) पूछे जा रहे थे। उपस्थित श्रद्धालु गण उनका उत्तर समझा रहे थे।
उसके बाद सब ने एक साथ मिलकर लाल साईं के समक्ष पल्लव पाया (अरदास की)। उसके बाद प्रभु झूलेलाल को चढ़ाए गए 56 भोग का प्रसाद वितरण किया । सभी भक्तों ने 56 भोग के प्रसाद का आनंद लिया फिर अंत में सबने मिलकर श्रद्धापूर्वक लंगर का प्रसाद ग्रहण किया।
मंच संचालन नमिता नेभानी एवं अनिल नेभानी (अन्ना) ने कुशलता पूर्वक किया।
पुरस्कृत झांकियां में ऑपरेशन सिंदूर -डायरेक्टर-आज्ञा वाधवानी को प्रथम पुरस्कार, सावन कृपाल रूहानी मिशन -डायरेक्टर -सोनू कालोनी-द्वितीय पुरस्कार, वी वांट जस्टिस-डायरेक्टर -हरिओम कमेटी-तृतीय पुरस्कार, पैसों आ पैसों -डायरेक्टर -हरिओम कमेटी- सांत्वना पुरस्कार, नारी शक्ति -डायरेक्टर रितेश नेभानी- सांत्वना पुरस्कार शामिल रहे। सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार में दृष्टि मनध्यान एवं सर्वश्रेष्ठ कलाकार में ऋषभ लधानी को पुरस्कृत किया गया।

