-चार मीटर की पगडंडी पर मोड़े जा रहे भारी वाहन, चेक पोस्ट पर रोक-टोक और अवैध वसूली के आरोप।
गोण्डा। मसकनवां कस्बे के रेलवे समपार संख्या 237 ए पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर आम जनता के लिए राहत से अधिक मुसीबत बनता जा रहा है। आरोप है कि उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने वैकल्पिक सर्विस लेन तैयार किए बिना ही मुख्य मार्ग बंद कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। परिणामस्वरूप भारी वाहनों को जबरन संकरी कच्ची पगडंडी से गुजारा जा रहा है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। गुरुवार को गलत रूट डायवर्जन के कारण एक टाली पलट गई, जिससे निर्माण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चौरी सिकंदर व अयोध्या की ओर से आने वाले वाहनों को प्रेमघन इंटर कॉलेज के पहले ही रोककर करीब चार मीटर चौड़ी कच्ची सड़क पर मोड़ दिया जाता है। यह रास्ता भारी वाहनों के लिए सुरक्षित नहीं है। कई वाहन फंस चुके हैं और पलटने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
चेक पोस्ट या जनता का उत्पीड़न?
बभनान रोड स्थित हरिजन कॉलोनी के पास सेतु निगम द्वारा बड़े-बड़े चेक पोस्ट लगाए गए हैं। आरोप है कि यहां तैनात निजी सुरक्षा गार्ड रात के समय वाहनों को मुख्य मार्ग से आगे नहीं जाने देते और गौराचौकी, डुमरियागंज तथा गोंडा जाने वाले वाहनों को जबरन उबड़-खाबड़ रास्तों पर मोड़ देते हैं। स्थानीय लोगों ने गार्डों पर मनमानी, अभद्र व्यवहार और अवैध वसूली के भी आरोप लगाए हैं। यदि ये आरोप सही हैं, तो यह कानून व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
तीन साल तक झेलेगा कस्बा, पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं
बताया जा रहा है कि फ्लाईओवर निर्माण में लगभग तीन वर्ष का समय लग सकता है। ऐसे में बिना सर्विस लेन के पूरा मसकनवां बाजार और आसपास का क्षेत्र लंबे समय तक प्रभावित रहेगा। व्यापार, आवागमन और आपातकालीन सेवाओं पर भी इसका सीधा असर पड़ने की आशंका है।
जनता का सवाल-मानकों की अनदेखी क्यों?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब निर्माण कार्य वर्षों तक चलना है, तो पहले वैधानिक मानकों के अनुरूप सुरक्षित सर्विस लेन तैयार की जानी चाहिए थी। बिना वैकल्पिक मार्ग के मुख्य सड़क बंद करना आम लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था नहीं की गई तो वे विधिक कार्रवाई और जनआंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
जनता की प्रमुख मांगें
फ्लाईओवर निर्माण के दौरान तत्काल सुरक्षित सर्विस लेन का निर्माण, खतरनाक और कच्चे डायवर्जन को तत्काल बंद किया जाए, निजी सुरक्षा गार्डों की मनमानी और कथित अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच हो, यातायात संचालन भारतीय सड़क सुरक्षा मानकों के अनुरूप कराया जाए व प्रशासन और सेतु निगम संयुक्त रूप से सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करें।

