नवाबगंज-गोण्डा। थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र के कई गांवों में दिन-रात मशीनों के माध्यम से मिट्टी की खुदाई कर ट्रैक्टर-ट्रालियों से उसका परिवहन किया जा रहा है। लगातार शिकायतों और कार्रवाई के दावों के बावजूद खनन गतिविधियां जारी रहने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, कल्याणपुर, दुल्लापुर सहित थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन किया जा रहा है। आरोप है कि बिना वैध अनुमति के मिट्टी निकालकर उसकी बिक्री की जा रही है, जिससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई, लेकिन धरातल पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब दिनदहाड़े भी खुलेआम मिट्टी का अवैध खनन और परिवहन किया जा रहा है। इसके कारण न केवल सरकारी राजस्व प्रभावित हो रहा है, बल्कि अनियंत्रित खुदाई से कृषि भूमि और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है।
वहीं, कोल्हमपुर चौकी क्षेत्र में बिना रॉयल्टी बालू के परिवहन और बिक्री की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभागों को जानकारी होने के बावजूद अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
मामले में एसडीएम तरबगंज प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि अवैध खनन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, तहसील प्रशासन का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक क्षेत्र में कई स्थानों पर अवैध खनन जारी रहने की सूचनाएं मिलती रहीं। जिला खनन विभाग के अधिकारियों से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी से पूरे नवाबगंज थाना क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर अवैध मिट्टी खनन की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा राजस्व को हो रहे नुकसान को रोकने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो अवैध खनन का यह कारोबार और तेजी से फैल सकता है।

