-गोंडा में 12 नए हेलीपैड बनाए जाएंगे।
गोण्डा। सीएम योगी शुक्रवार दोपहर गोंडा पुलिस लाइन हेलीपैड पहुंचें। जहां सवा घंटे तक समीक्षा बैठक की। इसके बाद वह गोंडा सर्किट हाउस चले गए। वहां कुछ देर रुकने के बाद अयोध्या के लिए रवाना हो गए।
मुख्यमंत्री के आवागमन को लेकर जिले में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, जिसमें पुलिस लाइन हेलीपैड से कमिश्नर कार्यालय तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। लगातार सोशल मीडिया पर भी निगरानी की जा रही थी। एसपी लगातार सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते नजर आए।
कमिश्नर कार्यालय के महाराजा सुहेलदेव सभागार में देवीपाटन और बस्ती मंडल के विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक करीब डेढ़ घंटे चली। इसमें जिले में सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचों को बेहतर बनाने की योजना पर चर्चा हुई। बैठक में समाजवादी पार्टी और अन्य पार्टियों के कोई विधायक नहीं पहुंचे थे न ही उन्हें बुलाया गया था।
सीएम ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों की मनमानी पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के बाद स्टे लाकर काम करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से गोंडा देवीपाटन मंडल के मुख्य अभियंता और गोंडा पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता को लेकर गहरी नाराजगी जताई गई और उन्हें सख्त चेतावनी दी गई। इस दौरान योगी ने कहा जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर तत्काल संज्ञान लेकर सड़कों का निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए।
जनपद में 1009 काम कराए जाएंगे, इस पूरी योजना पर कुल 4,901.65 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसके तहत 1,009 काम किए जाएंगे। किसी भी जनप्रतिनिधियों और अधिकारी को अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं दी गई और सभी को कार्ड दिखाने पर ही एंट्री मिली।
पुलिस लाइन हेलीपैड पर पहुंचे सीएम योगी की गाड़ी की तरफ सभी एक साथ बढ़े। इस दौरान कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल, डीएम प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल अपने-अपने वाहनों की ओर तेजी से जाते हुए नजर आए।
अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया
वहीं, नगर कोतवाली में अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने और 70 साल से अधिक आयु के अधिवक्ताओं को पेंशन देने समेत कई मांगों को लेकर अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। वे गोंडा कमिश्नरी पहुंचे और 'मुख्यमंत्री जिंदाबाद' और 'अधिवक्ताओं की मांगें पूरी करो' के नारे लगाए।
अधिवक्ताओं ने डीएम वापस जाओ के नारे भी लगाए। इसके बाद बैठक स्थल से 100 मीटर की दूरी में एक-एक करके धरने पर बैठ गए। डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला अधिवक्ताओं को समझाने की कोशिश में लगे रहे।
डुमरियागंज से सांसद 10 मिनट लेट पहुंचे
सीएम योगी आदित्यनाथ की बैठक में डुमरियागंज से सांसद जगदंबिका पाल लगभग 10 मिनट की लेट से पहुंचे। उनके साथ किसी को अंदर नहीं जाने दिया गया। सभी लोगों के मोबाइल फोन बाहर ही रखवा लिए गए।
मुख्यमंत्री के समीक्षा बैठक दौरान गोंडा जिले में सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचों को बेहतर बनाने की योजना पर चर्चा हुई। इस पूरी योजना पर कुल 4,901.65 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सबसे ज्यादा 810 काम होंगे। इसमें करीब 1,472.83 करोड़ रुपये खर्च करके 1,602 किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़कें बनाई जाएंगी।
मुख्य और अन्य जिला मार्ग- 50 सड़कों को चौड़ा और मजबूत किया जाएगा।
धार्मिक रास्ते - धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले 13 रास्तों का विकास होगा।
स्टेट हाईवे- 2 राज्य राजमार्गों पर काम होगा।
औद्योगिक क्षेत्र- व्यापार और फैक्ट्रियों से जुड़े इलाकों के लिए 2 जरूरी सड़कें बनेंगी।
पुल और अन्य निर्माण
जिले में 81 छोटे पुल और 7 बड़े पुल बनाए जाएंगे। शहर में जाम से बचने के लिए बाईपास, फ्लाईओवर, नई सड़कें और सड़क सुरक्षा से जुड़े काम किए जाएंगे। जिले में 12 नए हेलीपैड भी बनाए जाएंगे।

