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गोण्डा-एलआईसी पेंशन संशोधन में 31 वर्षों की देरी पर पेंशनर्स में रोष, सरकार से शीघ्र निर्णय की मांग

 


गोण्डा । स्वामी नारायण छपिया धाम के धर्मदासपुर  में शनिवार को नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंश्योरेंस पेंशनर्स (एनओआईपी), भारतीय मजदूर संघ की लखनऊ एवं अयोध्या इकाइयों की संयुक्त बैठक  संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता लखनऊ इकाई के अध्यक्ष वी. एन. पांडेय ने की।

      बैठक में लखनऊ इकाई से सचिव डी.पी.एस. राठौर, उपाध्यक्ष के.पी. शुक्ला, आर.एन. पांडेय, केंद्रीय समिति सदस्य गुरुशरण लाल श्रीवास्तव, आर.के. तिवारी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं अयोध्या इकाई से अध्यक्ष अरविंद भूषण तिवारी, एस.पी. गुप्ता एवं अन्य सदस्य भी बैठक में शामिल हुए।

      बैठक में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के पेंशनर्स की लंबे समय से लंबित पेंशन रिवीजन की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1995 के बाद से अब तक पेंशन संशोधन नहीं किया गया है, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा इस विषय पर वर्षों से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिसके कारण पेंशनर्स में गहरा असंतोष व्याप्त है।

       बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के लखनऊ अध्यक्ष वी.एन. पांडेय ने कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम प्रतिवर्ष देश के विकास एवं सरकारी राजस्व में हजारों करोड़ रुपये का योगदान देता है, लेकिन इसके सेवानिवृत्त कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में 15 वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हुए कार्यकारी निदेशक स्तर के अधिकारी को आज के कई अधीनस्थ श्रेणी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों से भी कम पेंशन मिल रही है, जो गंभीर वेतन एवं पेंशन विसंगति का उदाहरण है।

      बैठक में केंद्र सरकार से एलआईसी पेंशनर्स की लंबित पेंशन रिवीजन की मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने तथा वर्षों से चली आ रही विसंगतियों को दूर करने की अपील की गई। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो पेंशनर्स व्यापक स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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