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गोरखपुर-जेल में तीन दिन पहले हुआ बच्‍चे का जन्‍म, नाम पड़ा कान्‍हा, जन्‍माष्‍टमी से ठीक पहले रिहाई

 


गोरखपुर मंडलीय कारगार में बंद एक महिला ने तीन दिन पहले एक बच्चे को जन्म दिया। जन्माष्टमी से एक दिन पहले वह जमानत पर अपने बेटे के साथ घर चली गई। हालांकि जेल में बच्चा पैदा होने पर जेल प्रशासन ने उसका नाम 'कान्हा' रख दिया है। महिला अपने बच्चे के साथ खुशी-खुशी घर रवाना हो गई है।

बांसगांव के डांड़ी रावत गांव निवासी हरिशंकर यादव की पत्नी रीना यादव को जनवरी महीने में गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार कर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया था जहां से वह जेल आई थी। रीना जब जेल आई तब वह गर्भवती थी। जेल प्रशासन को जब इसकी जानकारी हुई तो रीना की जेल में समुचित व्यवस्था की गई थी। इस दौरान उसके लिए पौस्टिक खाद्य पदार्थों के साथ सेव, केला, दूध, आयरन की गोलियां एवं अन्य जरूरत की वस्तुओं की जेल प्रशासन ने व्यवस्था कराई।

जेल प्रशासन की देख-रेख मे रीना का जेल में आठ महीने का गर्भकाल सकुशल बीता। तीन दिन पहले उसने एक बेटे को जन्म दिया। जेल में बच्चे के पैदा होने के बाद जेलर प्रेम सागर शुक्ला ने उसका नाम कान्हा रख दिया। बच्चे के जन्म की खुशी में महिला बैरक में मिठाई बांटी गई। नवजात शिशु को देखते हुए प्रशासनिक आधार पर रविवार सुबह रीना को रिहा कर दिया गया। वह अपने कान्हा के साथ घर चली गई।


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