( वर्तिका श्रीवास्तव )
आज हम आपके लिए अनरसा रेसिपी लाए हैं। चावल का अनरसा उत्तर भारत की पारम्परिक मिठाई है, जो बनाने में आसान है। कुछ जगहों पर इसे अधिरासम और कुछ जगहों पर गुड पीठा भी कहते हैं। चावल के अनरसे खाने में बेहद कुरकुरे और सोंधे होते हैं और बच्चों को भी बहुत पसंद आते हैं। इसे बनाने में भले ही थोड़ा समय लगता है पर इसे कई दिनों तक रख कर इस्तेमाल कर सकते हैं। आप भी एक बार चावल के अनरसे बनाने की विधि ट्राई करके देखें। हमें यकीन है कि अनरसा रेसिपी आपको जरूर पसंद आएगी।
अनरसे के लिए आवश्यक सामग्री-
| क्रम संख्या | नाम आवश्यक सामग्री | सामग्री मात्रा |
|---|---|---|
| 01 | चावल | 1 -1/2 कप (नये चावल, छोटे साइज के) |
| 02 | शक्कर | 1/2 कप (पिसी हुई) |
| 03 | दही | 1/3 कप |
| 04 | देशी घी | 02 बड़े चम्मच |
| 05 | तिल | 02 बड़े चम्मच |
| 06 | घी | तलने के लिए |
अनरसे बनाने की विधि -
- अनरसा बनाने के लिए सबसे पहले चावल को साफ करके धो लें और फिर उन्हें 3 दिनाें के लिए भिगो दें। लेकिन चावलों को भिगोने के समय इस बात का ध्यान रखें कि हर 24 घंटे के बाद उनका पानी बदलते रहें।
- 3 दिन बाद चावलों को एक बार और धो लें और फिर उनका पानी निकाल कर उन्हें किसी छायादार स्थान पर सूती कपड़े के ऊपर फैला दें। जब चावलों का पानी सूख जाए लेकिन वे नम बने रहें, उन्हें मिक्सर में मोटा-मोटा पीस लें।
- अब चावल का आटा, शक्कर का पाउडर, दही, घी को आपस में मिला लें और थोड़ा कड़े आटा की तरह गूथ लें। अगर ज़रूरी लगे, तो तो इसमें थोड़ा पानी भी मिला सकते हैं। आटा को अच्छी तरह से गूथने के बाद इसे गीले कपड़े से ढ़क कर 12 घंटे के लिए रख दें।
- अब आटे में तिल डालकर इसे एक बार और गूथ लें। इसके बाद आटे की एक छोटी-छोटी लोई बनालें और उन्हें मनचाहे शेप में ढाल लें।
- अब एक कढ़ाई में घी गरम करें। घी गरम होने पर आंच मीडियम कर दें और उसमें अनरसे की गालियों को डाल कर उलट-पुलट कर लाल होने तक तल लें।
- लीजिए चावल के अनरसे बनाने की विधि कम्प्लीट हुई। अब आपके चावल का अनरसा तैयार हैं। चाहें तो आप इन्हें गरम-गरम खाएं और चाहें तो एयर टाइट बर्तन में रख कर 5 दिनों तक इस्तेमाल करें।
आवश्यक सुझाव-
यदि आप अनरसे बनाने के लिए दिए गये तकनीकों को सीखते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी करें, या दूसरों की मदद करने के लिए इस लेख को साझा करें।

