एचआईवी ह्यूमन इम्म्युनोडेफिसियेंसी वायरस द्वारा फैलने वाला रोग है जो आगे चलकर एड्स (AIDS) जैसे रोग का करें बनता है। हालांकि आज के समय में इससे बचने के लिए काफी हद तक दवाएं संभव है, परन्तु इस बीमारी के प्रति जागरूकता रख कर भी हम अपने आपको इस जानलेवा बीमारी से बच सकते हैं। अधिकाशतः देखा गया है इस बीमारी का कारण लोगो में इसके प्रति जानकारी का अभाव होना है। अधिकाशतः एचआईवी के फैलने का मुख्य कारण यौन सम्बन्ध बनाने में असावधानी बरता माना जाता है। अतः यदि आप यौन संबंधों द्वारा एचआइवी के शिकार होने से बचना चाहते हैं तो इन बातों का ध्यान रखना आवश्यक होगा:
यौन द्वारा संक्रमण से बचाव:
जब कोई सामान्य व्यक्ति एचआईवी से पीड़ित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाता है फिर चाहे वो यौनि, मुख या गुदा द्वारा ही यौन संबंध क्यों ना हो, तब उस व्यक्ति के एचआईवी पॉजिटिव होने के सम्भावना काफी बढ़ जाती है। इसके अतिरिक्त यदि व्यक्ति एचआईवी से पीड़ित व्यक्ति के साथ यौन संबंध नहीं भी बनाता परन्तु एचआईवी से ग्रषित व्यक्ति के संक्रमित यौन द्रव्यों के संपर्क में भी आता है उस अवस्था में भी एचआईवी ग्रषित होने की सम्भाना बढ़ जाती है। अतः ऐसी परिस्थितियों में पड़ने से बचना चाहिए।
- यदि व्यक्ति अविवाहित हैं या उसका कोई स्थाई और विश्वसनीय पार्टनर नहीं है तो कम से कम शारीरिक सम्बन्ध बनने का प्रयास करना चाहिए।
- शारीरिक सम्बन्ध एक ही साथी के साथ बनाये।
- यदि आपको अपने साथी के एचआइवी रहित होने का पता नहीं है तो शारीरिक सम्बन्ध स्थापित करते समय कंडोम का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें।
- हर बार यौन सम्बन्ध बनाते समय नया कंडोम का इस्तेमान करें।
- प्रत्येक बार शारीरिक सम्बन्ध बनाने के बाद अपने जननांगों को अच्छे से पानी से धोएं।
नोट : व्यक्ति में एड्स के लक्षण विकसित होने से काफी समय पहले से ही एचआईवी होने की सम्भावना हो सकती है और संक्रमित व्यक्ति इस वायरस को आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हो सकता है।

