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गोण्डा-टैगिंग और ओवररेटिंग पर डीएम सख्त, नियम तोड़ने वाली कंपनियां होंगी ब्लैकलिस्ट

 


गोण्डा। जिले में किसानों को समय पर और निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में कृषि विभाग के अधिकारियों, थोक उर्वरक विक्रेताओं तथा उर्वरक आपूर्ति करने वाली 13 कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएम ने उर्वरकों की आपूर्ति में लापरवाही, निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली और डीएपी-यूरिया के साथ अन्य सामग्री की जबरन बिक्री पर कड़ी नाराजगी जताई।

       जिलाधिकारी ने निजी कंपनियों द्वारा समय पर उर्वरक आपूर्ति का विवरण उपलब्ध न कराने तथा टैगिंग की शिकायतों पर संबंधित कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए और किसी भी प्रकार की टैगिंग नहीं होनी चाहिए। यदि शिकायत मिली तो संबंधित कंपनियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

      बैठक में सहकारी समितियों पर उर्वरकों की कम उपलब्धता और आपूर्ति में लगे वाहनों की सूची उपलब्ध न कराने पर भी डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा शासन को रिपोर्ट भेजने की चेतावनी दी। मुजेहना ब्लॉक में उर्वरक की कमी को देखते हुए सहकारी समितियों और निजी व्यापारियों की विशेष निगरानी के निर्देश भी दिए।

        डीएम ने सभी कंपनियों को उर्वरक आपूर्ति में लगे वाहनों का पूरा विवरण 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही थोक उर्वरक विक्रेताओं को चेतावनी दी कि ओवररेटिंग या टैगिंग की शिकायत मिलने पर एस्मा के तहत कार्रवाई की जाएगी।

       बैठक में जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह, रविशंकर चौधरी एआर कोऑपरेटिव, पीसीएफ से ध्रुव कुमार, एडीओ सुधीर सिंह, इफको से अतर सिंह, कृभको से अजय सिंह सहित विभिन्न उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि एवं थोक विक्रेतागण उपस्थित रहे।

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