गोण्डा लाइव न्यूज एक प्रोफेशनल वेब मीडिया है। जो समाज में घटित किसी भी घटना-दुघर्टना "✿" समसामायिक घटना"✿" राजनैतिक घटनाक्रम "✿" भ्रष्ट्राचार "✿" सामाजिक समस्या "✿" खोजी खबरे "✿" संपादकीय "✿" ब्लाग "✿" सामाजिक "✿" हास्य "✿" व्यंग "✿" लेख "✿" खेल "✿" मनोरंजन "✿" स्वास्थ्य "✿" शिक्षा एंव किसान जागरूकता सम्बन्धित लेख आदि से सम्बन्धित खबरे ही निःशुल्क प्रकाशित करती है। एवं राजनैतिक , समाजसेवी , निजी खबरे आदि जैसी खबरो का एक निश्चित शुल्क भुगतान के उपरान्त ही खबरो का प्रकाशन किया जाता है। पोर्टल हिंदी क्षेत्र के साथ-साथ विदेशों में हिंदी भाषी क्षेत्रों के लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है और भारत में उत्तर प्रदेश गोण्डा जनपद में स्थित है। पोर्टल का फोकस राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को उठाना है और आम लोगों की आवाज बनना है जो अपने अधिकारों से वंचित हैं। यदि आप अपना नाम पत्रकारिता के क्षेत्र में देश-दुनिया में विश्व स्तर पर ख्याति स्थापित करना चाहते है। अपने अन्दर की छुपी हुई प्रतिभा को उजागर कर एक नई पहचान देना चाहते है। तो ऐसे में आप आज से ही नही बल्कि अभी से ही बनिये गोण्डा लाइव न्यूज के एक सशक्त सहयोगी। अपने आस-पास घटित होने वाले किसी भी प्रकार की घटनाक्रम पर रखे पैनी नजर। और उसे झट लिख भेजिए गोण्डा लाइव न्यूज के Email-gondalivenews@gmail.com पर या दूरभाष-8303799009 -पर सम्पर्क करें।

गोण्डा-पूर्व शाखा प्रबंधक पर 2.45 लाख रुपये हड़पने का आरोप

 


नवाबगंज-गोण्डा। नेशनल रिकवरी एजेंसी के रिकवरी एजेंट ने सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक पर कमीशन की राशि में हेराफेरी कर 2.45 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने जिलाधिकारी को प्रार्थना देकर कार्रवाई और बकाया धनराशि दिलाने की मांग की है।

       क्षेत्र के बैंक शाखा से जुड़े रिकवरी एजेंट संदीप पाण्डेय ने बताया कि उन्होंने देवीपाटन बैंक की नवाबगंज शाखा में करीब 80.71 लाख रुपये की रिकवरी जमा कराई थी, जिसके एवज में उन्हें कमीशन मिलना था। आरोप है कि 18 नवंबर 2025 को कमीशन का बिल बनने के बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक देवव्रत गुप्ता ने बैंकों के विलय का हवाला देकर भुगतान टाल दिया। उसके बाद में शाखा प्रबंधक ने बीसी (बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट) के माध्यम से भुगतान कराने का आश्वासन दिया। आरोप है कि 25 मई 2026 को बीसी के माध्यम से 2.75 लाख रुपये का भुगतान कराया गया, लेकिन तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने चेक से पूरी राशि निकलवाकर केवल 30 हजार रुपये ही दिए और शेष 2.45 लाख रुपये अपने पास रख लिए। रिकवरी एजेंट ने जिलाधिकारी सहित उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर पूर्व शाख प्रबंधक के खिलाफ जांच कर धनराशि वापस दिलाने तथा बैंक नियमों के तहत् कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

”go"