-एसी फाइनेंस कर खुद घर ले गया आरोपी, रिकवरी एजेंट के दरवाजे पर पहुंचते ही खुला ठगी का खेल, एसपी से एफआईआर की गुहार।
गोण्डा । पढ़ा-लिखा न होना कटरा बाजार के किसान मिथिलानन्द के लिए अभिशाप बन गया। बालपुर बाजार के उदय सोनी ने पशुपालन/डेयरी लोन दिलाने का सपना दिखाकर न सिर्फ 1 लाख 10 हजार रुपये नकद ऐंठ लिए, बल्कि घर की महिलाओं के जेवर भी गिरवी रखवा दिए। हद तो तब हो गई जब आरोपी ने पीड़ित के नाम पर एसी फाइनेंस कराकर उसे अपने घर लगा लिया। ठगी का खुलासा तब हुआ जब रिकवरी एजेंट किस्त वसूलने किसान के दरवाजे पहुंचा।
अनपढ़ होने का उठाया फायदा, एक-एक कर लूटा
कटरा बाजार थाना क्षेत्र के टेढ़ी (गोसांईपुरवा) निवासी मिथिलानन्द पुत्र मिश्रीलाल ने 1 जुलाई 2026 को एसपी गोण्डा को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उदय सोनी पुत्र अशोक सोनी ने उसके अनपढ़ होने का फायदा उठाकर पशुपालन/डेयरी लोन पास कराने का झांसा दिया। कई किश्तों में 1,10,000 रुपये नकद ले लिए। रकम कम पड़ने पर आरोपी ने दो जोड़ी चांदी की पायल, चार जोड़ी सोने की मुंदरी और एक जोड़ी सोने की झुमकी तक गिरवी रखवा दी। महीनों बीत गए, न लोन मिला न जेवर वापस मिले।
धोखे की परतें ऐसे खुलीं-
आरोपी की चालाकी यहीं नहीं रुकी। उसने मिथिलानन्द के नाम पर एसी फाइनेंस करवा लिया और नई एसी अपने घर ले जाकर लगा ली। पीड़ित को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब फाइनेंस कंपनी का रिकवरी एजेंट किस्त मांगने टेढ़ी गांव पहुंचा, तब मिथिलानन्द के पैरों तले जमीन खिसक गई। अनपढ़ किसान को समझ आया कि लोन के नाम पर उसके साथ बड़ा खेल हो गया है।
"साहब, मैं बर्बाद हो गया"- पीड़ित की आपबीती
प्रार्थना पत्र में मिथिलानन्द ने लिखा,- "मैं सीधा-साधा अनपढ़ आदमी हूं। मेरे साथ षड्यंत्र करके जालसाजी की गई है। मैं काफी हैरान व परेशान हूं। साहब, मेरा पैसा और घर का जेवर वापस दिला दीजिए।"_ पीड़ित ने उदय सोनी के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और जालसाजी की एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

