-समानांतर प्रबंध समिति चलाने, संपत्तियों पर कब्जे के प्रयास और फर्जी मुकदमों का आरोप; निष्पक्ष जांच की मांग।
गोण्डा। जेम्स हार्वी मेमोरियल इंटरमीडिएट कॉलेज से जुड़ा प्रबंधन विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। कॉलेज के प्रबंधक एवं सीईओ साजी वर्गीस ने रविवार को क्षेत्राधिकारी (सीओ) तरबगंज से मुलाकात कर विस्तृत शिकायत पत्र सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
साजी वर्गीस ने बताया कि विद्यालय का संचालन वर्ष 1971 से शिक्षा निदेशक द्वारा अनुमोदित प्रशासन योजना के तहत मूल संस्था नॉर्थ इंडिया डिस्ट्रिक्ट काउंसिल ऑफ असेंबलीज ऑफ गॉड, लखनऊ के अधीन किया जा रहा है। उनके अनुसार वर्ष 2015 में तत्कालीन प्रबंधक केरल मैथ्यू लाल का चयन मूल संस्था द्वारा किया गया था, लेकिन संस्था में कथित अनियमितताओं तथा विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था में हस्तक्षेप के आरोपों के चलते उन्हें 17 जुलाई 2021 को सभी पदों से निष्कासित कर दिया गया।
प्रबंधक का आरोप है कि इसके बावजूद पूर्व प्रबंधक ने तत्कालीन प्रधानाचार्य संजीत विक्टर मसीह के साथ मिलकर समानांतर प्रबंध समिति संचालित करने और विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में वर्तमान प्रधानाचार्य को 16 फरवरी 2026 को निलंबित कर वरिष्ठ शिक्षक को कार्यभार सौंपा गया था। जांच समिति द्वारा वित्तीय अनियमितताओं और समानांतर प्रबंधन संचालन से जुड़े आरोपों की जांच पूरी की जा चुकी है।
साजी वर्गीस ने बताया कि इस पूरे प्रकरण में 28 अप्रैल 2026 को नवाबगंज थाने में पूर्व प्रबंधक केरल मैथ्यू लाल तथा कार्यवाहक प्रधानाचार्य संजीत विक्टर मसीह के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसकी विवेचना अभी जारी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी पक्ष संस्था की कृषि भूमि, हॉस्टल, चर्च तथा अन्य संपत्तियों पर कब्जा करने की मंशा से न्यायालय और कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर संस्था के पदाधिकारियों के विरुद्ध फर्जी मुकदमे दर्ज कराने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
उधर, इस प्रकरण को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले से संबंधित मुकदमे की विवेचना प्रचलित है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

