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गोण्डा-निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे ने ली दो मासूमों की जान



-बारिश के पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबे दो किशोर, गांव में मातम, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल।

गोण्डा। इटियाथोक थाना क्षेत्र में रविवार को बारिश के पानी से भरे एक गहरे गड्ढे ने दो मासूमों की जिंदगी निगल ली। निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबने से दो किशोरों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है, जबकि बिना सुरक्षा व्यवस्था के खुले छोड़े गए गहरे गड्ढों को लेकर प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

        जानकारी के अनुसार, ग्राम बंजरिया बैजपुर निवासी राजन मौर्य (12) पुत्र राम बहादुर और शिवम मौर्य (15) पुत्र जंग बहादुर रविवार दोपहर अपने खेत में धान की नर्सरी लेकर गए थे। खेत के पास ही एक मैरिज हॉल के निर्माण के लिए गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिसमें लगातार बारिश के कारण काफी पानी भर गया था।

       प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों किशोर खेत से लौटते समय उसी गड्ढे के किनारे हाथ-पैर धोने लगे। इसी दौरान एक का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। दूसरे ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण वह भी डूब गया। देखते ही देखते दोनों किशोर पानी में समा गए।

      घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। इटियाथोक थाना प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ टीम और स्थानीय गोताखोरों की मदद से काफी मशक्कत के बाद दोनों किशोरों के शव गड्ढे से बाहर निकाले गए।

हादसे के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई और हर आंख नम दिखाई दी।

लापरवाही बनी जानलेवा

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे को न तो भरा गया था और न ही उसके चारों ओर किसी प्रकार की बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे। लगातार बारिश के कारण गड्ढा तालाब जैसा बन गया था, जिससे यह हादसा हो गया। ग्रामीणों ने ऐसे खुले और खतरनाक गड्ढों को तत्काल सुरक्षित कराने की मांग की है।

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