नवाबगंज-गोण्डा। पर्वती और हरिहरपुर गांवों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सरहद विवाद तथा मत्स्य विभाग की भूमि को लेकर उत्पन्न असमंजस का गुरुवार को राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निस्तारण कर दिया। पैमाइश एवं सीमा चिन्हांकन के बाद दोनों पक्षों ने निर्णय पर सहमति जताई, जिससे क्षेत्र में विवाद समाप्त होने की उम्मीद जगी है।
जानकारी के अनुसार पर्वती और हरिहरपुर गांवों के बीच सीमा निर्धारण को लेकर काफी समय से विवाद बना हुआ था। इसके अलावा मत्स्य विभाग की भूमि की वास्तविक स्थिति को लेकर भी ग्रामीणों में भ्रम की स्थिति थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि का आकलन और पैमाइश कराई।
हल्का लेखपाल बलवंत गुप्ता ने बताया कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर दोनों गांवों की सरहद का निर्धारण करते हुए सीमा चिन्हांकन कराया गया। साथ ही मत्स्य विभाग की भूमि की भी नाप-जोख कर उसकी स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। पैमाइश के दौरान संबंधित भूमि की घोषणा कर ग्रामीणों को जानकारी दी गई।
कार्रवाई के दौरान दोनों गांवों के ग्रामीण मौजूद रहे और सीमा निर्धारण के बाद सहमति जताई। इससे लंबे समय से चले आ रहे विवाद का शांतिपूर्ण समाधान हो गया।
इस अवसर पर लेखपाल शैलेश शुक्ला, अंबरीश मिश्रा सहित पुलिस बल एवं राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो, इसके लिए सीमा संबंधी अभिलेखों को भी अद्यतन किया जाएगा।

