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गोण्डा-हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर: टीजीटी कला में प्राविधिक कला को मान्यता की मांग, मुख्यमंत्री से गुहार

 



गोण्डा। टीजीटी कला परीक्षा में प्राविधिक कला विषय को मान्यता देने की मांगने जोर पकड़ लिया है। गोण्डा के छात्रों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रजिस्टर्ड पत्र भेजकर प्राविधिक कला के अभ्यर्थियों को कम से कम एक अवसर देने की गुहार लगाई है। छात्रों का कहना है कि मान्यता न मिलने से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है।


'इसी उम्मीद में पढ़ाई की, अब बाहर किया जा रहा'


छात्र राजदीप, अमरदीप, दिव्या दिव्यदर्शनी, शिवा प्रियदर्शनी और पूजा मनमोहिनी ने पत्र में लिखा है कि पिछले कई वर्षों से हजारों विद्यार्थी टीजीटी कला में अवसर मिलने की उम्मीद से प्राविधिक कला विषय की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने इसी आशा में अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी नहीं की। लेकिन अब अचानक नियमों का हवाला देकर उन्हें परीक्षा में शामिल होने से वंचित किया जा रहा है। 


'रिक्तियां कम, ऊपर से मौका भी छीना'


छात्रों का तर्क है कि गत वर्षों में टीजीटी कला विषय में रिक्तियों की संख्या बेहद कम रही है। इसकी वजह से पहले ही बहुत से अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिल सका। अब अगर प्राविधिक कला को मान्यता नहीं दी गई तो उनका सालों का परिश्रम बेकार चला जाएगा। उन्होंने मांग की कि सरकार मानवीय आधार पर प्राविधिक कला के अभ्यर्थियों को एक अतिरिक्त अवसर दे, ताकि वे टीजीटी कला परीक्षा में सम्मिलित हो सकें।


'हजारों छात्रों को मिलेगी राहत'


पत्र में कहा गया है कि एक अवसर मिलने से प्रदेश के हजारों छात्रों को राहत मिलेगी और उनके साथ न्याय हो सकेगा। छात्र संगठनों ने भी इस मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि जब कोर्स यूजीसी से मान्यता प्राप्त है तो टीजीटी में मौका न देना छात्रों के साथ अन्याय है।


शासन से आस


छात्रों ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उम्मीद है कि हजारों छात्रों का भविष्य बचाने के लिए प्राविधिक कला को टीजीटी से कला में मान्यता दी जाएगी।

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