गोण्डा लाइव न्यूज एक प्रोफेशनल वेब मीडिया है। जो समाज में घटित किसी भी घटना-दुघर्टना "✿" समसामायिक घटना"✿" राजनैतिक घटनाक्रम "✿" भ्रष्ट्राचार "✿" सामाजिक समस्या "✿" खोजी खबरे "✿" संपादकीय "✿" ब्लाग "✿" सामाजिक "✿" हास्य "✿" व्यंग "✿" लेख "✿" खेल "✿" मनोरंजन "✿" स्वास्थ्य "✿" शिक्षा एंव किसान जागरूकता सम्बन्धित लेख आदि से सम्बन्धित खबरे ही निःशुल्क प्रकाशित करती है। एवं राजनैतिक , समाजसेवी , निजी खबरे आदि जैसी खबरो का एक निश्चित शुल्क भुगतान के उपरान्त ही खबरो का प्रकाशन किया जाता है। पोर्टल हिंदी क्षेत्र के साथ-साथ विदेशों में हिंदी भाषी क्षेत्रों के लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है और भारत में उत्तर प्रदेश गोण्डा जनपद में स्थित है। पोर्टल का फोकस राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को उठाना है और आम लोगों की आवाज बनना है जो अपने अधिकारों से वंचित हैं। यदि आप अपना नाम पत्रकारिता के क्षेत्र में देश-दुनिया में विश्व स्तर पर ख्याति स्थापित करना चाहते है। अपने अन्दर की छुपी हुई प्रतिभा को उजागर कर एक नई पहचान देना चाहते है। तो ऐसे में आप आज से ही नही बल्कि अभी से ही बनिये गोण्डा लाइव न्यूज के एक सशक्त सहयोगी। अपने आस-पास घटित होने वाले किसी भी प्रकार की घटनाक्रम पर रखे पैनी नजर। और उसे झट लिख भेजिए गोण्डा लाइव न्यूज के Email-gondalivenews@gmail.com पर या दूरभाष-8303799009 -पर सम्पर्क करें।

गोण्डा-कर्नलगंज: कोर्ट की डिग्री के बाद भी भूमि पर कब्जा, 61 वर्षीय विधवा ने लगाई एसडीएम से गुहार

 


-'अकेला बेटा मार देंगे तो जमीन मेरी होगी’-दबंगों की धमकी से सहमा परिवार, बेटा घर छोड़ने को मजबूर

-डिग्री के 37 साल बाद भी नहीं मिला कब्जा, विपक्षियों पर कई मुकदमे दर्ज

कर्नलगंज-गोण्डा। योगी सरकार के कानून का राज होने के दावे और सख्त निर्देशों के बावजूद कर्नलगंज तहसील के पाण्डेयचौरा (कालिका सिंह पुरवा) में एक 61 वर्षीय विधवा महिला न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। मुंसिफ कोर्ट तरबगंज से 18 जनवरी 1988 को डिग्री मिलने के बावजूद दबंगों ने उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। जान से मारने की धमकी से डरा-सहमा बेटा घर छोड़कर मजदूरी करने को मजबूर है। पीड़िता कमला देवी ने उपजिलाधिकारी कर्नलगंज को प्रार्थना पत्र देकर कब्जा हटवाने और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।  

37 साल पुरानी डिग्री, फिर भी कब्जा नहीं

कमला देवी पत्नी स्व. रामानुज सिंह निवासी कालिका सिंह पुरवा ने एसडीएम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि विवादित भूमि के मालिक उनके ससुर भवानी प्रसाद सिंह थे। मुंसिफ कोर्ट तरबगंज ने 18/01/1988 को भवानी प्रसाद के पक्ष में डिग्री पारित की थी। तभी से उनका परिवार उस जमीन पर काबिज-दाखिल चला आ रहा है। आरोप है कि गांव के ही सूबेदार सिंह व बेचन सिंह पुत्रगण देवी सिंह तथा राम सिंह, शिवम, बबलू पुत्रगण सूबेदार सिंह ने जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया है।  

बेटा मार देंगे तो जमीन मेरी’-खुली धमकी

पीड़िता का आरोप है कि जब उसने और उसके बेटे सुधीर सिंह ने कब्जे का विरोध किया तो विपक्षी लाठी-डंडे व हथियार लेकर मारने पर उतारू हो गए। गालियां दीं और धमकाया कि ‘तुम्हारा अकेला लड़का सुधीर है, अगर उसको और तुमको मार डाला तो सारी जमीन मेरी होगी’। विपक्षियों की धमकी से डरकर सुधीर घर नहीं आ रहा और मजदूरी कर रहा है। कमला देवी का कहना है कि विपक्षी किसी भी समय उनकी या बेटे की हत्या करा सकते हैं या फर्जी मुकदमे में फंसा सकते हैं।  

विपक्षी दबंग, कई मुकदमे दर्ज

प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि विपक्षीगण से विवादित भूमि का कोई वास्ता नहीं है और न ही वे सेजरा खानदान में आते हैं। उनके पास कब्जे का कोई कागज या सबूत नहीं है, जबकि पीड़िता के पास कोर्ट की डिग्री व आदेश की कॉपी मौजूद है। आरोप है कि विपक्षी अपराधिक किस्म के दबंग हैं और उन पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।  

एसडीएम से सुरक्षा और कब्जा हटाने की मांग

कमला देवी ने एसडीएम कर्नलगंज से मांग की है कि राजस्व व पुलिस टीम से जांच कराकर अवैध कब्जा हटवाया जाए, विपक्षियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई हो और उनके व परिवार के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। ऐसे में 37 साल पहले कोर्ट से डिग्री मिलने के बाद भी अगर एक विधवा को जमीन पर कब्जा न मिले और जान का खतरा उठाना पड़े तो यह सिस्टम पर बड़ा सवाल है। अब देखना होगा कि एसडीएम कर्नलगंज कब तक पीड़िता को न्याय दिलाते हैं और दबंगों पर कार्रवाई होती है।

”go"