गोण्डा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल द्वारा राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) गोंडा में 13 मई को किए गए 44 पुलिसकर्मियों के तबादले का आदेश हवा में लटक गया है। एक माह बीत जाने के बाद भी 25 पुलिसकर्मी अभी तक नई तैनाती पर नहीं पहुंचे हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक अब तक मात्र 19 पुलिसकर्मियों ने ही जीआरपी गोंडा में आमद दर्ज कराई है। बताया जाता है कि तबादला सूची में तीन उपनिरीक्षक, 35 मुख्य आरक्षी/आरक्षी और छह महिला आरक्षी शामिल हैं। एसपी विनीत जायसवाल ने 13 मई को ही सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल कार्यमुक्त कर जीआरपी गोंडा भेजने के निर्देश दिए थे, लेकिन आदेश का पूरी तरह पालन नहीं हुआ।
शिकायतों के चलते हुआ था तबादला
सूत्रों के मुताबिक जिन पुलिसकर्मियों का तबादला जीआरपी गोंडा किया गया है, उनके खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं या वे किसी न किसी विवाद से जुड़े थे। इसी वजह से उन्हें जीआरपी में भेजा गया था।
जीआरपी प्रभारी ने की पुष्टि
जीआरपी गोंडा प्रभारी ने बताया कि तबादले के एक माह बाद भी 44 में से केवल 19 पुलिसकर्मी ही आमद कर पाए हैं। शेष 25 पुलिसकर्मी अब तक अपने पुराने थानों से रिलीव होकर यहां नहीं पहुंचे हैं।
किनका हुआ था तबादला
तबादला सूची में उपनिरीक्षक राकेश कुमार, मोहम्मद सरफराज खान और नीरज कुमार सहित बड़ी संख्या में मुख्य आरक्षी, आरक्षी व महिला आरक्षी शामिल हैं।
एसपी ने फिर दिए कड़े निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी विनीत जायसवाल ने संबंधित अधिकारियों को दोबारा निर्देश दिए हैं कि तबादला किए गए सभी 25 पुलिसकर्मियों को तत्काल रिलीव कर जीआरपी गोंडा में कार्यभार ग्रहण कराना सुनिश्चित करें।
एसपी के आदेश के बावजूद तबादला नीति का पालन न होना विभागीय लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है।

