गोण्डा। एसीएमओ नोडल अधिकारी की मिलीभगत से जनपद में जगह-जगह स्थित अवैध क्लीनिक व डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें जांच व ईलाज कराने वाले मरीजों का भरपूर शोषण हो रहा है। ऐसा नहीं है कि ये सारा धंन्धा नोडल अधिकारी से चोरी छिपे चल रहा हो बल्कि समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित कर बार - बार सीएमओ और एसीएमओ को संज्ञान में लाया गया है, परन्तु न जाने किस लगाव अथवा दबाव के चलते बार बार खबर प्रकाशित होने पर भी इन अवैध सेंण्टरों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। ये कोई आश्चर्य की बात नहीं है पूर्व में भी सीएमओ और डीएम के निर्देश के बावजूद भी नोडल डाक्टर टीपी जैसवाल ने अपने जांच के दौरान उन निर्देशित अवैध पैथालॉजी सेंटरों को छुआ तक नहीं था।विदित हो विकासखण्ड मुंजेहना अंतर्गत बाबागंज बाजार से इटियाथोक जाने वाली मार्ग पर स्थित वन्दना डायग्नोस्टिक सेंटर व बाबागंज बाजार में यूनिटी डायग्नोस्टिक सेंटर व रामनगर बाजार में मॉडर्न पैथालॉजी अवैध रूप से संचालित हो रहा है। जबकि बग्गीरोड बाजार से कर्मडीह जाने वाली मार्ग पर स्थित डॉ. रोजअली क्लीनिक के सामने स्थित एक मकान के कक्ष में मानक विहीन अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित होने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जाता है कि करीब 25 दिन पहले एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा द्वारा दलबल सहित वंदना डायग्नोस्टिक सेंटर सहित अन्य स्थानों पर जांच करने पर अवैध पाया गया परन्तु न जाने किस लगाव अथवा दबाववश कार्यवाही नही की गई। जिससे स्पष्ट होता है कि इन अवैध क्लीनिक व डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालकों को स्वास्थ्य विभाग का पूर्ण संरक्षण प्राप्त है। इस संबंध में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आदित्य वर्मा से जानकारी लेने की कोशिश करते हुए दो बार फोन किया। जिसमें पहली बार आफिस में आइए कहकर फोन काट दिया और दूसरी बार रविवार का हवाला देकर कुछ बताने से इन्कार कर दिया। जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रश्मि वर्मा ने कहा कि सोमवार को बताईए सभी अवैध क्लिनिक और अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर कार्रवाई की जायेगी। एसीएमओ डा आदित्य वर्मा की बात से तो ऐसा प्रतीत होता है कि छुट्टी के दिन कोई भी अवैध क्लिनिक अल्ट्रासाउंड सेंटर और पैथालॉजी संचालित करता रहे । उस पर जांच या कार्यवाही नहीं होगी। क्योंकि रविवार को जब फोन पर जानकारी नहीं दी जा सकती तो कार्यवाही कैसे होगी।

