इटियाथोक-गोंण्डा। बेसिक शिक्षा व पंचायत राज विभाग पर शासन की निगाहें टेढ़ी हो गई हैं। अफसरों की लापरवाही पर सीधी नजर है और योजनाओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इटियाथोक के खंड शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश पाल व सहायक विकास अधिकारी पंचायती राज छपिया नंद कुमार निलंबित किए गए हैं। वहीं कई और लापरवाह अधिकारी व कर्मचारियों की जांच हो रही है। बेसिक शिक्षा की कई योजनाओं की जांच हो रही है। माना जा रहा है कि कुछ और पर जल्द ही कार्रवाई हो सकती है। इटियाथोक के खंड शिक्षा अधिकारी ओम प्रकाश पाल पर शिक्षक उत्पीड़न का आरोप लगा था। ब्लॉक के एक शिक्षक का चयन अंग्रेजी मीडियम स्कूल में हुआ था। शिक्षा क्षेत्र इटियाथोक के प्राथमिक विद्यालय अहिरौलिया के सहायक अध्यापक सुशील कुमार अग्रहरि की तैनाती अंग्रेजी मीडियम स्कूल में होने के बाद भी कार्यमुक्त नहीं किया गया। शिक्षक ने जिलाधिकारी से लेकर शासन स्तर पर शिकायत की। बीएसए ने मामले में सुनवाई भी की लेकिन कार्यमुक्त नहीं किया गया। शिक्षक का मामला बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी के सामने पेश हुआ और उन्होंने पूरे मामले को गंभीरता से लिया। मामले में जांच के आदेश हुए। गोरखपुर के सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा ने पूरे मामले की जांच की। उन्होंने मामले में शासन को रिपोर्ट भेजी और चयन होने के बाद भी शिक्षक को कार्यमुक्त न करने के मामले की पुष्टि की। जांच के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके अलावा बीईओ अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित भी नहीं हुए। जांच में सहयोग न करने पर अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) सरिता तिवारी ने खंड शिक्षा अधिकारी ओपी पाल को दोषी मानते हुए निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने बीईओ के निलंबन की पुष्टि की है।


