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कंधे के दर्द के कारण, लक्षण और घरेलू उपचार

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शरीर की असामान्य गतिविध, उठने-बैठने और काम करने के गलत तरीकों की वजह से कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्हीं में से एक है कंधे का दर्द। अक्सर हम कंधे में दर्द को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हमारी यही लापरवाही भविष्य में भारी पड़ सकती है। इसलिए, इस आर्टिकल में हम कंधे के दर्द के कारण और लक्षण के बारे में बता रहे हैं। साथ ही हम कंधे के दर्द के लिए घरेलू उपाय के बारे में बताएंगे। कंधे के दर्द के बारे में जानकारी देता यह आर्टिकल कई प्रकार के शोध के आधार पर लिखा गया है। हां, अगर कंधे का दर्द तेज है, तो बिना देरी किए डॉक्टर के पास जाना चाहिए, क्योंकि आर्टिकल में दिया हुआ कंधे के दर्द का घरेलू उपचार सिर्फ सामान्य दर्द को ठीक करने में मदद कर सकता है।

कंधे का दर्द क्या है? – 
जब कंधे की मांसपेशियां अकड़ जाती हैं या कमजोरी हो जाती हैं, तो कंधे में दर्द होने लगता है। ऐसा अनुमान है कि 16 से 26 प्रतिशत लोग कंधे में दर्द की समस्या से परेशान रहते हैं। वहीं, लगभग 1 प्रतिशत वयस्कों में सालाना कंधे के दर्द की नई समस्या शुरू हो जाती है। खासतौर से जो लोग निर्माण कार्य और हेयरड्रेसिंग का काम करते हैं, उनके कंधे में अक्सर दर्द रहता है। इसके अलावा, भारी वजन उठाने और शरीर में कंपन पैदा करने वाले काम कंधे के दर्द को प्रभावित कर सकते हैं। साथ ही माना जाता है कि मनोवैज्ञानिक कारक भी इस समस्या से जुड़े होते हैं। हाल ही के अध्ययनों से पता चलता है कि किसी काम को लंबे समय तक और बार-बार करने से भी कंधे का दर्द बढ़ सकता है 

कंधे के दर्द के कारण – 
कंधे के दर्द का कारण कई हो सकते हैं। उनमें से प्रमुख कारण इस प्रकार हैं :
रोटेटर कफ डिसऑर्डर कंधे के दर्द के सबसे सामान्य कारणों में से एक हैं। यह तब होता है, जब रोटेटर कफ की नसें कंधे में हड्डी के नीचे फंस जाती हैं। ऐसे में नसें या तो सूज जाती हैं या फिर क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इस अवस्था को मेडिकल भाषा में रोटेटर कफ टेंडिनिटिस या फिर बर्साइटिस कहा जाता है
  • इसके अलावा, कंधे में दर्द होने के निम्न कारण भी हो सकते हैं
  • कंधे के जॉइंट पर गठिया हो जाना
  • बोन स्पर्स यानी कंधे के क्षेत्र में हड्डी का उभर आना
  • बर्साइटिस यानी कंधे के आसपास के क्षेत्र में सूजन।
  • कंधे की टूटी हुई हड्डी।
  • कंधे की चोट।
  • कंधों के जॉइंट के बीच दूरी आ जाना।

फ्रोजन शोल्डर, यह तब होता है, जब कंधे के अंदर की मांसपेशियां और लिगामेंट्स कठोर हो जाते हैं, जिससे मूवमेंट में मुश्किल होने के साथ ही स्थिति दर्दनाक हो जाती है।

कंधे के दर्द के लिए घरेलू उपाय – 
यहां हम कुछ ऐसे घरेलू उपाय बता रहे हैं, जो कंधे में दर्द को कुछ हद तक कम कर सकते हैं। वहीं, दर्द के गंभीर होने पर डॉक्टर से चेकअप जरूर करवाएं। आइए, अब इन घरेलू उपचार के बारे में विस्तार से जानते हैं

1. आईस और हीट कम्प्रेस
सामग्री :
  • इक आईस और हीट कम्प्रेस।
क्या करें?
  • सबसे पहले आइस पैक को कम से कम एक मिनट के लिए प्रभावित क्षेत्र पर रखें, इसके बाद क्षेत्र को तौलिये से पोंछ लें ।
  • इसके 5 मिनट बाद हाॅट पैड को प्रभावित क्षेत्र पर रखकर सिकाई करें।
  • हाॅट कंप्रेस को उपयोग करने के कुछ देर बाद वापस से कोल्ड कंप्रेस का उपयोग करें।
  • दर्द वाली जगह पर 1-1 मिनट के अंतराल से करीब 20 मिनट तक कोल्ड कंप्रेस को लगाएं।
  • इसी तरह हॉट कंप्रेस को भी 1-1 मिनट के अंतराल पर 20 मिनट तक लगाएं। इसे 20 मिनट से ज्यादा समय तक प्रभावित जगह पर नहीं रखना चाहिए।
  • बर्फ को प्रभावित क्षेत्र पर 5 मिनट से ज्यादा देर तक नहीं रखना चाहिए, वरना आइस बर्न जैसी समस्या हो सकती है। साथ ही हॉट कंप्रेस को खुले जख्म पर नहीं रखना चाहिए। इससे भी स्किन बर्न हो सकता है।

कितनी बार करना चाहिए :
  • लक्षणों में सुधार होने तक इसे रोजाना 2 से 3 बार तक कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :
एक शोध के अनुसार, कोल्ड थैरेपी का उपयोग प्रभावित क्षेत्र की सूजन को कम करने में फायदेमंद हो सकता है। इसमें पाया जाने वाला एनाल्जेसिक गुण दर्द से निजात दिलाने में फायदेमंद हो सकता है । इसके अलावा, हीट कंप्रेस दर्द से राहत दिलाने और रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। साथ ही मांसपेशियों की अकड़न काे दूर करने में फायदेमंद हो सकता है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि कोल्ड और हीट कंप्रस दर्द और इससे जुड़ी समस्या को दूर करने में लाभदायक हो सकते हैं ।

2. एप्सम सॉल्ट बाथ
सामग्री :
  • 1 कप एप्सम सॉल्ट
  • 1 टब पानी

क्या करें?
  • टब को पानी से भर दें और साथ ही इसमें एप्सम सॉल्ट मिला दें।
  • इसके बाद टब में कम से कम 15 से 20 मिनट के लिए बैठ जाएं।
  • कितनी बार करना चाहिए :
  • हफ्ते में किसी भी एक दिन इसे कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :
एप्सम सॉल्ट को मैग्नीशियम सल्फेट भी कहा जाता है। माना जाता है कि एप्सम सॉल्ट में सूजन और दर्द को दूर करने वाला एनाल्जेसिक गुण होता है। इसलिए, नमक का उपयोग कंधे के दर्द को दूर करने के लिए किया जा सकता है। यह पानी में आसानी से घुल जाता है और मांसपेशियों में दर्द से राहत दिलाने के साथ-साथ खुजली व सूजन को भी कुछ हद तक कम कर सकता है 

3. स्ट्रेचिंग
कंधे के दर्द का घरेलू उपचार में स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज और योग को भी शामिल किया जा सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में बताया गया है कि ऑफिस में काम करने वाले लोगों को अक्सर गर्दन और कंधे के दर्द की समस्या रहती है। कुछ ऐसे लोगों को शोध में शामिल किया गया और रोज गर्दन व कंधे की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने की सलाह दी गई। शोध के परिणामों में पाया गया कि चार हफ्तों तक नियमित रूप से स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज से गर्दन और कंधे के दर्द में कमी आ सकती है ।

4. मसाज थैरेपी
कंधे के दर्द को दूर करने के लिए मसाज थैरेपी भी एक फायदेमंद उपाय हो सकता है। इस विषय पर एक शोध किया गया, जिसे एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया। शोध के अनुसार, कई देशों में कंधे के दर्द के इलाज के लिए मसाज थैरेपी का उपयोग किया जाता है। कई लोगों पर किए गए शोध में भी माना गया है कि मालिश कंधे के दर्द को कम करने के लिए एक प्रभावी उपचार हो सकती है । फिलहाल, इस विषय पर और शोध किए जाने की जरूरत है।

5. काइनेसियोलॉजी टेप
काइनेसियोलॉजी टेप (केटी) का उपयोग आमतौर पर मस्कुलोस्केलेटल (मांसपेशियों व हड्डियों से जुड़े विकार) के लक्षणों को सुधारने के लिए किया जाता है। साथ ही इसका उपयोग कंधे के दर्द के लिए घरेलू उपाय के रूप में भी किया जा सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित कई शोध संस्थाओं के शोध पत्र के अनुसार, काइनेसियोलॉजी टेप किसी भी तरह की गतिविधि होने पर और रात में होने वाले कंधे के दर्द की तीव्रता में तत्काल सुधार कर सकता है । हालांकि, इसका उपयोग किसी जानकार की देखरेख में या फिर किसी चिकित्सक के द्वारा किया जाना चाहिए। इसके गलत उपयोग से यह फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है।

कंधे के दर्द का इलाज -
कंधे के दर्द का इलाज कई प्रकार से किया जा सकता है, जो इस प्रकार है 
  • रोटेटर कफ डिसऑर्डर से बचाव के लिए कुछ डॉक्टर दर्द को दूर करने के लिए दर्द निवारक दवाओं का उपयोग करने की सलाह देते हैं। इन दवाओं को रोटेटर कफ डिसऑर्डर की अलग-अलग समस्या को दूर करने के लिए अलग-अलग समय पर दिया जाता है। डॉक्टर स्टेरॉयड इंजेक्शन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • फ्रोजन शोल्डर की अवस्था में कंधे में दर्द का इलाज करने के लिए इंट्रा-आर्टिकुलर कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन और फिजियोथेरेपी का उपयोग किया जा सकता है। इसमें इंजेक्शन लेने के एक सप्ताह बाद फिजियोथेरेपी शुरू की जाती है। डॉक्टर दर्द को दूर करने के लिए गैर-स्टेरॉयडल एंटीइंफ्लेमेटरी ड्रग्स का उपयोग भी कर सकते हैं।
कंधे के दर्द से बचाव – 
माना जाता है कि जानकारी ही बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। इसलिए, कंधे के दर्द से बचने के लिए हम यहां कुछ काम के टिप्स दे रहे हैं:
  • किसी भी अवस्था में अपने शरीर का ध्यान रखना जरूरी होता है। अगर किसी गतिविधि के बाद कंधे में दर्द होता है, तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए, यह समस्या को और गंभीर बना सकता है। इसलिए, दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
  • नियमित व्यायाम और स्वस्थ आहार शरीर को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है।
  • सही तरीके से व्यायाम करना भी कंधे के दर्द से बचाने में मदद कर सकता है। इसके लिए वर्कआउट करने से पहले वार्मअप जरूर करें। किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि को झटके के साथ नहीं, बल्कि आराम से करें। साथ ही सही तरीके से वजन उठाएं, जिससे कंधे में मोच या दर्द न हो।
  • सही पोश्चर में बैठने, झुकने व चलने से भी कंधे में दर्द व चोट से बचा जा सकता है। इसके अलावा, ज्यादा देर तक लगातार एक ही मुद्रा में बैठकर काम करने से भी बचना चाहिए।
  • ऊंचे स्थान पर रखी वस्तु को उठाने के लिए स्टूल का सहारा लेने से कंधे के दर्द के साथ अन्य समस्याओं से बचा सकता है।
  • काम करते समय बीच में थोड़ी देर ब्रेक लेने से भी कंधे में दर्द से बचा जा सकता है।

कंधे में दर्द किसी को भी हो सकता है, लेकिन इसको समय पर ठीक नहीं किया गया, तो यह गंभीर रूप ले सकता है। कोशिश करें कि ऐसा कोई भी काम न करें, जो दर्द का कारण बने। वहीं, अगर कंधे का दर्द शुरू हो गया है, तो उसके गंभीर रूप लेने के पहले ही कंधे के दर्द का ट्रीटमेंट करवा लेना चाहिए। आप आर्टिकल में दी गई जानकारी और टिप्स को फॉलो करके कंधे के दर्द से बच सकते हैं।


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