-लाइसेंस से खाद उठान तक रेट तय होने का दावा, वर्षों से एक ही पटल पर जमे बाबू को लेकर उठ रहे सवाल।
गोण्डा । जिला कृषि अधिकारी कार्यालय परिसर इन दिनों अव्यवस्थाओं से जूझता नजर आ रहा है। परिसर के आसपास गंदगी, पॉलिथीन और कूड़े का अंबार लगा है। बरसात होते ही यहां जलभराव की स्थिति बन जाती है। ऐसे में स्वच्छ भारत मिशन की तस्वीर भी सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है।कृषि विभाग से जुड़े लोगों का आरोप है कि कार्यालय के कुछ पटल पर बिना सुविधा के काम आगे बढ़ना मुश्किल होता है। लाइसेंस बनवाने से लेकर खाद के उठान तक अलग-अलग काम के लिए निर्धारित रेट होने की चर्चाएं हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
विभाग में लंबे समय से एक ही पटल पर तैनात एक कर्मचारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि वर्षों से एक ही पटल पर जमे रहने के कारण संबंधित कर्मचारी की विभागीय कामकाज में मजबूत पकड़ बन गई है। आरोप है कि महत्वपूर्ण योजनाओं और किसानों से जुड़ी सुविधाओं के क्रियान्वयन में भी मनमानी की शिकायतें सामने आती रहती हैं।स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि कृषि विभाग किसानों से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। खाद, बीज, कृषि योजनाओं और लाइसेंस संबंधी कार्यों के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान कार्यालय पहुंचते हैं। ऐसे में कार्यालय परिसर की बदहाल सफाई व्यवस्था और कथित अव्यवस्थाएं विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं।
बारिश में तालाब बन जाता है परिसर
कार्यालय परिसर में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण थोड़ी सी बारिश में ही पानी जमा हो जाता है। आसपास फैली गंदगी और पॉलिथीन के कारण स्थिति और खराब हो जाती है। लोगों का कहना है कि परिसर की नियमित सफाई होती तो हालात इस तरह नहीं बिगड़ते।
जिला कृषि अधिकारी का नहीं उठा रहे फोन
मामले में जिला कृषि अधिकारी का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया। फोन की घंटी लगातार बजती रही, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इस कारण विभाग का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। विभाग का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

