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गोण्डा-उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वामपंथी दलों, किसानों और ट्रेड यूनियन नेताओं पर अनुचित दबाव निंदनीय--माकपा



गोण्डा । भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जिला कमेटी गोण्डा-बलरामपुर के जिला सचिव कॉमरेड कौशलेंद्र पांडेय ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार द्वारा वामपंथी दलों, किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों से जुड़े नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की व्यक्तिगत एवं गोपनीय जानकारियां कथित रूप से एकत्र कराई जा रही हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिकों की निजता के प्रति गंभीर चिंता का विषय बताया है।

     कॉमरेड कौशलेंद्र पांडेय ने कहा कि यदि किसी नागरिक अथवा संगठन से संबंधित व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करने की कोई वैधानिक आवश्यकता है, तो उसका स्पष्ट कानूनी आधार, उद्देश्य और प्रक्रिया सार्वजनिक की जानी चाहिए। बिना किसी लिखित आदेश, नोटिस अथवा सूचना के पुलिस अथवा लोकल इंटेलिजेंस के माध्यम से पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते, मतदाता पहचान पत्र, जमीन-जायदाद एवं अन्य संवेदनशील दस्तावेजों की जानकारी मांगना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि ऐसी सूचनाओं के संग्रह और संभावित दुरुपयोग को लेकर गंभीर आशंकाएं पैदा होती हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों, किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर इस प्रकार की निगरानी का वातावरण बनाना लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने वाला कदम है।

      माकपा जिला सचिव ने प्रदेश सरकार से सवाल किया कि वह स्पष्ट करे कि इन संवेदनशील व्यक्तिगत सूचनाओं को किस उद्देश्य से, किस कानूनी अधिकार के तहत और किस प्रक्रिया के माध्यम से एकत्र किया जा रहा है। यदि सरकार के पास ऐसा करने का कोई वैधानिक एवं आवश्यक कारण है तो उसे सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाना चाहिए तथा संबंधित राजनीतिक एवं लोकतांत्रिक संगठनों को विश्वास में लिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि माकपा इस पूरी कार्रवाई का कड़े शब्दों में विरोध एवं निंदा करती है और प्रदेश सरकार से मांग करती है कि बिना स्पष्ट वैधानिक आधार एवं पारदर्शी प्रक्रिया के व्यक्तिगत एवं गोपनीय सूचनाएं एकत्र करने की कार्रवाई तत्काल बंद की जाए।

       माकपा ने चेतावनी दी कि लोकतांत्रिक अधिकारों, संगठन बनाने की स्वतंत्रता और नागरिकों की निजता के अधिकार के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा पार्टी इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी।

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