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गोण्डा- मजदूर-किसानों की हुंकार, जनविरोधी नीतियां बंद करो, अधिकारों की गारंटी दो

 


-राष्ट्रपति के नाम 20 सूत्रीय मांग-पत्र जिलाधिकारी को सौंपा।

-सैकड़ों मजदूर-किसान और कर्मचारी जेल भरो आंदोलन व धरने में शामिल

गोण्डा, । श्रमिकों, किसानों, खेत मजदूरों, कर्मचारियों, योजना कर्मियों,  युवाओं एवं आम जनता की ज्वलंत समस्याओं को लेकर केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों कर्मचारियों स्वतंत्र फेडरेशनों की आयोजन समिति देवीपाटन मंडल गोण्डा द्वारा अखिल भारतीय ट्रेड यूनियनों व संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज जिला पंचायत टीन शेड कचहरी, गोण्डा में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रपति महोदया के नाम 20 सूत्रीय मांग-पत्र उप जिलाधिकारी  पंकज वर्मा के माध्यम से भेजा गया।

धरने को सीटू राज्य उपाध्यक्ष कौशलेंद्र पांडेय, एटक के कॉमरेड सत्यनारायण त्रिपाठी, पूर्वांचल चीनी मिल कर्मचारी यूनियन के ईश्वर शरण, किसान सभा संयोजक अमित शुक्ला, खेत मजदूर यूनियन के खगेंद्र जनवादी एवं मोहर्रम अली, स्कीम वर्कर्स समन्वय समिति के दिलीप शुक्ला, आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन की रानी देवी पाल एवं मीनाक्षी खरे, आशा कर्मचारी यूनियन की मुन्नी सिंह, संतोषी देवी एवं पूजा पाण्डेय, यूपीएमएसआरए अध्यक्ष संतोष शुक्ला, राहुल मिश्र एवं संजीव शुक्ला, एक्टू के राजीव कुमार एवं जमाल खान, बिजली कर्मचारी यूनियन के रामकृपाल, अधिवक्ता संघ के आशीष सिंह एवं योगेन्द्र वर्मा तथा नौजवान सभा के जानह्वेंद्र भास्कर आदि ने संबोधित किया।

        वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों-किसानों के अधिकारों पर हमला और सार्वजनिक संपत्तियों की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार को श्रम संहिताएं वापस लेने, ₹42,000 न्यूनतम मजदूरी लागू करने, किसानों को C2+50% MSP की कानूनी गारंटी देने, मनरेगा में 200 दिन काम और ₹700 दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने, OPS बहाल करने तथा निजीकरण पर रोक लगाने जैसे सवालों पर तत्काल निर्णय लेना होगा।

     वक्ताओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने, युवाओं को रोजगार देने तथा असंगठित एवं योजना श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की।

धरने में सैकड़ों मजदूर, किसान, कर्मचारी, महिला कर्मी, युवा एवं विभिन्न यूनियनों के सदस्य शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।

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