-छपिया क्षेत्र की हजारों आबादी प्रभावित, 26 बार गुहार के बाद भी निर्माण शुरू नहीं; आरएसएस कार्यकर्ता ने एक माह का अल्टीमेटम देकर आंदोलन की चेतावनी।
गोण्डा। विकास खंड छपिया में विकास के दावों के बीच डेढ़ दर्जन गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क वर्षों से बदहाल पड़ी है। बरसात के मौसम में यह सड़क कीचड़ और जलभराव से इस कदर प्रभावित हो जाती है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बात तो दूर, पैदल चलना भी जोखिम भरा हो जाता है। सड़क की जर्जर स्थिति के कारण हजारों ग्रामीणों, छात्रों, किसानों और व्यापारियों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मसकनवां-गौराचौकी मार्ग पर स्थित भोपतपुर बाजार से बनवारपुर, हथिनी, भरथीपुर, वीरापुर, भौंरहा, चाननपुर, दुलारजोत, नकई, बनकट, सुमेरपुर, ककरघटा, पल्टीपुर, दुर्गापुर, ऐलनपुर, लालपुर, बनरही समेत करीब डेढ़ दर्जन गांवों को जोड़ने वाली यह सड़क आज भी कच्ची बनी हुई है। बरसात में सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन लगभग बाधित हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। सड़क न बनने से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, बच्चों को स्कूल भेजने और किसानों को कृषि उपज बाजार तक ले जाने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
26 बार दिए आवेदन, फिर भी नहीं शुरू हुआ निर्माण
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ता श्याम बरन पाण्डेय ने दावा किया कि सड़क निर्माण के लिए वह अब तक 26 बार विभिन्न जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन को आवेदन दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष, गौरा विधायक प्रभात कुमार वर्मा, गोंडा सांसद एवं केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह, मुख्यमंत्री, सड़क परिवहन मंत्री तथा प्रधानमंत्री कार्यालय तक प्रार्थना पत्र भेजे गए, लेकिन सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इस सड़क का निर्माण कब होगा और वर्षों से लंबित इस मांग पर अब तक निर्णय क्यों नहीं लिया गया।
एक माह का अल्टीमेटम, फिर होगा शांतिपूर्ण आंदोलन
श्याम बरन पाण्डेय ने चेतावनी दी है कि यदि एक माह के भीतर सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया या कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो स्थानीय जनता के साथ भोपतपुर बाजार में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण शुरू होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
क्षेत्र में तेज हुई राजनीतिक चर्चा
आरएसएस कार्यकर्ता द्वारा आंदोलन की घोषणा के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब प्रदेश और केंद्र दोनों जगह एक ही दल की सरकार है और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं, तब वर्षों से लंबित इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण न होना गंभीर सवाल खड़े करता है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा स्थानीय राजनीति में भी अहम बनता दिखाई दे रहा है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
भोपतपुर-बनवारपुर मार्ग का तत्काल निर्माण कराया जाए,बरसात समाप्त होने का इंतजार किए बिना निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाए, सड़क के साथ जल निकासी की समुचित व्यवस्था भी बनाई जाए व निर्माण की समयसीमा सार्वजनिक कर ग्रामीणों को जानकारी दी जाए।

