-0.324 हेक्टेयर तालाब की भूमि कब्जामुक्त, दो अन्य कब्जेदारों को नोटिस; कार्रवाई पर उठे सवाल।
गोण्डा। लखनऊ हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में सोमवार को शाहपुर गांव स्थित तालाब की सरकारी भूमि पर कब्जेदार खालिक ने बने मकान को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद राजस्व विभाग ने देर रात पैमाइश कर 0.324 हेक्टेयर तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर अपने कब्जे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में रविवार पूरे दिन हलचल का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार, शाहपुर निवासी मोहम्मद रफीक ने तालाब की भूमि पर हुए अतिक्रमण को लेकर लखनऊ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को अतिक्रमण हटाकर तालाब की भूमि को कब्जामुक्त कराने का निर्देश दिया था।
न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने कब्जेदार मो खालिक के मकान पर नोटिस चस्पा कर स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। निर्धारित अवधि बीतने के बाद मो खालिक ने रविवार से जेसीबी के माध्यम से स्वयं मकान गिराने का कार्य शुरू कराया, जो सोमवार दोपहर तक पूरा हो गया।
कार्रवाई के बाद हल्का लेखपाल विनीत कुमार ने बताया कि कुल 0.324 हेक्टेयर तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर राजस्व अभिलेख के अनुसार सुरक्षित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि गांव में पप्पू अंसारी और सईद अहमद द्वारा भी तालाब की भूमि पर अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आया है। दोनों के मकानों पर सोमवार को नोटिस चस्पा कर पांच दिन के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर प्रशासन नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।
वहीं, पप्पू अंसारी ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि गांव में लगभग 25 मकान तालाब की भूमि पर बने हैं, लेकिन केवल दो मकानों पर ही कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई बदले की भावना से की जा रही है। उनका कहना है कि वे न्यायालय में अपना पक्ष रखकर न्याय की मांग करेंगे।

