-यथार्थ नहीं है यदुनाथ यथार्थ।
इटियाथोक-गोण्डा। विद्युत उपकेंद्र इटियाथोक का ट्रांसफार्मर बीस दिन बाद विभाग द्वारा गांव वालों से दो हजार रुपए चंदा इकट्ठा करके लगाया गया जो दो दिनों में ही फिर से जल गया। गांव वासी पुनः अंधेरे में रहने को विवश हो गये। बताते चलें कि गनवरिया और आसपास के गांव में ट्रांसफार्मर जलने के कारण गांववासी अंधेरे में गुजर बसर कर रहे थे। इस दौरान गांव की एक महिला को साप ने भी अंधेरे का फायदा उठाकर डस लिया। इसके बाद गांव वालों की लिखित शिकायत और समाचार-पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग नींद से जागा और गांव में ट्रांसफार्मर लगा दिया। विभाग द्वारा लगाया गया ट्रांसफार्मर दो दिन में ही गत सोमवार की सुबह पांच बजे पुनः जल गया। जिसके कारण गनवरिया और आसपास के गांव फिर से अंधेरे में डूब गए। इगनी भीषण गर्मी के चलते बिजली न होने से गांव के लोग काफी तनाव में हैं। गांव वासियों का कहना है कि काफी मुश्किल के बाद विभाग ने ट्रांसफार्मर लगवाया। जिसे चंदा लगाकर गांव लाया गया और दो दिन में ट्रांसफार्मर जल जाने से न जाने अब कब तक गांव में बिजली आयेगी। कितने लोग गर्मी से बीमार होगे। कितने को सांप अंधेरे का फायदा उठाकर काटेगा यही सोच कर गांव वाले स्त्री-पुरुष परेशान हैं। गांव के कुतुब अली ने बताया कि उन्होंने 1912 पर शिकायत दर्ज कराई है। प्रकरण पर जब मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने हमेशा की तरह फोन उठाना उचित नहीं समझा। मुख्य अभियंता द्वारा मीडिया का फोन कभी भी न उठाना ये दर्शाता है कि मुख्य अभियंता अपने नाम से बिल्कुल अलग है। नाम तो है यथार्थ परन्तु कार्य यथार्थ से हटकर। इसके बाद अधीक्षण अभियंता से बयान लेने पर उन्होंने कहा कि हमें सूचना नहीं है। सूचना मिलने ही ट्रांसफार्मर बदला जायेगा। जबकि सम्बंधित अवर अभियंता ने भी दो दिन से फोन नहीं उठाया।

