गोण्डा। पुलिस के "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप वर्ष 2015 के चर्चित हत्या कांड में न्यायालय ने चार अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 70,500 रुपये का अर्थदंड लगाया है।
मामला थाना नवाबगंज क्षेत्र के चौखड़िया गांव का है। अभियोजन के अनुसार ग्राम प्रधान पद के चुनाव के दौरान वोट मांगने गए लोगों पर पुरानी रंजिश को लेकर विपक्षी पक्ष ने पिस्तौल, कट्टा, लाठी और भाले से हमला कर दिया था। हमले में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। घटना के संबंध में वर्ष 2015 में थाना नवाबगंज में हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने चौखड़िया डिहवा निवासी दिलीप सिंह, धर्मेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ गब्बू सिंह, दशा सुमेर सिंह तथा मान सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश तथा पुलिस अधीक्षक गोंडा के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे "ऑपरेशन कन्विक्शन" के तहत इस मुकदमे की लगातार प्रभावी पैरवी की गई। लोक अभियोजक दिग्विजय सिंह, थाना नवाबगंज के पैरोकार कांस्टेबल अरुण कुमार तथा कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी आदित्य वर्मा द्वारा न्यायालय में मजबूत पक्ष रखने के बाद अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय, नवीन गोंडा के न्यायाधीश श्री विकास ने चारों अभियुक्तों को दोषी करार दिया।
न्यायालय ने चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 70,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पुलिस अधिकारियों ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत बड़ी सफलता बताया है।

