गोण्डा लाइव न्यूज एक प्रोफेशनल वेब मीडिया है। जो समाज में घटित किसी भी घटना-दुघर्टना "✿" समसामायिक घटना"✿" राजनैतिक घटनाक्रम "✿" भ्रष्ट्राचार "✿" सामाजिक समस्या "✿" खोजी खबरे "✿" संपादकीय "✿" ब्लाग "✿" सामाजिक "✿" हास्य "✿" व्यंग "✿" लेख "✿" खेल "✿" मनोरंजन "✿" स्वास्थ्य "✿" शिक्षा एंव किसान जागरूकता सम्बन्धित लेख आदि से सम्बन्धित खबरे ही निःशुल्क प्रकाशित करती है। एवं राजनैतिक , समाजसेवी , निजी खबरे आदि जैसी खबरो का एक निश्चित शुल्क भुगतान के उपरान्त ही खबरो का प्रकाशन किया जाता है। पोर्टल हिंदी क्षेत्र के साथ-साथ विदेशों में हिंदी भाषी क्षेत्रों के लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है और भारत में उत्तर प्रदेश गोण्डा जनपद में स्थित है। पोर्टल का फोकस राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को उठाना है और आम लोगों की आवाज बनना है जो अपने अधिकारों से वंचित हैं। यदि आप अपना नाम पत्रकारिता के क्षेत्र में देश-दुनिया में विश्व स्तर पर ख्याति स्थापित करना चाहते है। अपने अन्दर की छुपी हुई प्रतिभा को उजागर कर एक नई पहचान देना चाहते है। तो ऐसे में आप आज से ही नही बल्कि अभी से ही बनिये गोण्डा लाइव न्यूज के एक सशक्त सहयोगी। अपने आस-पास घटित होने वाले किसी भी प्रकार की घटनाक्रम पर रखे पैनी नजर। और उसे झट लिख भेजिए गोण्डा लाइव न्यूज के Email-gondalivenews@gmail.com पर या दूरभाष-8303799009 -पर सम्पर्क करें।

गोण्डा-खाद के लिए किसान काट रहे चक्कर, डीएपी खत्म का लगाया बोर्ड

 
deeepee-khatm-ka

गोण्डा। जनपद के परसपुर विकास खंण्ड क्षेत्र के ब्लाक क्षेत्र में गेंहू बुवाई में आवश्यक डीएपी उर्वरक पाने को लेकर किसान भटक रहे हैं। वितरण केन्द्र पर डीएपी खत्म का बोर्ड देखकर किसान बैरंग खाली हाथ वापस लौटने को मजबूर हैं। उर्वरक वितरण केन्द्र पर किसानों की अपार भीड़ उमड़ रही है। वहीं इसके जिम्मेदार विभागीय अधिकारी व प्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर मुंह मोड़ लिये हैं। जिससे किसानों की दुश्वारियां थमने का नाम नहीं ले रही है। किसानों का आरोप है कि डीएपी उर्वरक के लिए किसान तीन दिनों से इफको नामक वितरण केन्द्र का चक्कर काट रहे हैं। बेलसर मार्ग स्थित इफको नामक संचालित वितरण केन्द्र पर तीन दिनों से डीएपी खाद नदारद है। जिससे किसान अन्यत्र जगह पर महंगे दामों में डीएपी खरीदने को विवश हैं। धान की फसल सहेजने के बाद किसान अब गेहूं बुवाई को जुट गया है। उर्वरक के लिए किसान परेशान है। किसानों का आरोप है कि रसूखदार लोगों के अलावा सामान्य किसानों को डीएपी खाद के लिये दर दर भटकना पड़ रहा है। केंद्र पर डीएपी उर्वरक स्टाक खत्म होने का बोर्ड देखकर किसान निराश होकर वापस लौट आते हैं। जिसके कारण गेंहू बुवाई में जुटे किसानों की खेती प्रभावित हो रही है। एक तरफ सरकार किसान हितैषी होने का तमाम दावा कर रही है। वहीं डीएपी की किल्लत के चलते किसानों की दुश्वारियां थमने का नाम नहीं ले रही है।इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी जगदीश प्रसाद से बात करने पर उन्होंने कहा कि इफको में खाद की कोई कमी नहीं है। इफको के दुकानदार के यहां शादी थी इसलिए शायद उसने दुकान न खोला हो। इसके अतिरिक्त प्रायवेट दुकानों पर भी पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। इसके अलावा मै अभी इफको दुकानदार को फ़ोन करके देखता हूं।

”go"